छत्तीसगढ़
1st रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने का समय बदला:ट्रेन छूटने के 8 घंटे पहले जारी होगा, इमरजेंसी कोटा में 1 दिन पहले देना होगा आवेदन
रायपुर,एजेंसी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने ट्रेनों के फर्स्ट रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने के समय में बदलाव किया है। अब ट्रेन छूटने के 8 घंटे पहले रिजर्वेशन चार्ट तैयार किया जाएगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल (SECR) ने आपातकालीन कोटा (Emergency Quota – EQ) के लिए आवेदन करने की समय सीमा भी बदल दी है।
EQ के लिए अब यात्रियों को पहले से आवेदन देना अनिवार्य होगा। अब यात्रियों को EQ में टिकट बुक कराने औसतन 16 से 17 घंटे यानी ट्रेन छूटने के एक दिन पहले ही रिक्वेस्ट डालनी होगी। रेल प्रशासन ने बताया कि 14 जुलाई 2025 से नया नियम लागू हो जाएगा।
अब समझिए फर्स्ट रिजर्वेशन लिस्ट क्या होता है
रेल यात्रा में जब आप टिकट बुक करते हैं तो शुरुआत में कई बार आपको ‘RAC’, ‘WL’ (Waiting List) या ‘CNF’ जैसी स्थिति दिखती है। लेकिन ट्रेन चलने से कुछ समय पहले रेलवे एक ‘चार्ट’ बनाता है, जिसमें यह तय होता है कि किस यात्री को कौन-सी सीट मिली है।
इसी को पहला आरक्षण चार्ट कहा जाता है। ये वो लिस्ट होती है जो ट्रेन के चलने से पहले तैयार की जाती है, जिसमें यह लिखा होता है कि कौन-से यात्री को कौन-सी सीट या कोच में जगह मिली है।
पहले चार्ट में क्या होता है?
- यात्री का नाम या टिकट नंबर
- उम्र और जेंडर
- यात्रा करने की तारीख और ट्रेन नंबर
- कोच और सीट नंबर
- टिकट की स्थिति (Confirm/RAC/Waiting)
कब बनता है पहला चार्ट?
- पहले चार्ट को ट्रेन के चलने से 4 घंटे पहले तैयार किया जाता था।
- अब नए नियमों के तहत (14 जुलाई 2025 से) यह चार्ट 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा।
इसका मतलब क्या होता है यात्रियों के लिए?
- यह तय हो जाता है कि आपको सीट मिली है या नहीं।
- अगर आपका टिकट वेटिंग था और आपको सीट मिल गई, तो वह चार्ट में दिखेगा।
- अगर सीट नहीं मिली, तो आपका टिकट रद्द (Cancelled) हो सकता है और पैसा वापस मिल सकता है।
क्यों जरूरी है पहला चार्ट?
- क्लियर जानकारी मिलती है कि कौन यात्रा कर रहा है।
- आपातकालीन कोटा (EQ), VIP या स्पेशल कोटा के फैसले इसी से पहले किए जाते हैं।
- इसके बाद खाली सीटों पर ‘Current Booking’ की सुविधा शुरू होती है।
दूसरा आरक्षण चार्ट क्या होता है ये भी समझिए
दूसरा चार्ट ट्रेन के प्रस्थान से ठीक पहले बनता है। ये वो अंतिम सूची होती है, जिसे ट्रेन छूटने से लगभग 30 मिनट से 1 घंटे पहले तैयार किया जाता है। इसमें वो यात्री भी शामिल होते हैं। जिनकी टिकट पहले वेटिंग में थी लेकिन अब कन्फर्म हो गई। या जिन लोगों ने अंतिम समय (Current Booking) पर टिकट बुक किया हो।
दूसरा चार्ट कब बनता है?
- ट्रेन छूटने से लगभग 30 मिनट पहले
- यह चार्ट पूरी तरह फाइनल होता है, इसके बाद कोई बदलाव नहीं होता
दूसरा चार्ट क्यों जरूरी है?
- अंतिम समय पर जो सीटें खाली हो जाती हैं (Due to Cancellation), उन्हें Allot करने के लिए
- करंट टिकट बुक करने वालों को शामिल करने के लिए
- TTE को ट्रेन में चढ़ने से पहले पूरी अपडेट लिस्ट देने के लिए
कोरबा
रामनवमी की शुभकामनाएं दी पीएमजेएफ लायन राजकुमार अग्रवाल ने
कोरबा। कोरबा के लब्ध प्रतिष्ठित समाज सेवी, लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के संचालक, नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा के डायरेक्टर, द इंटरनेशनल एसोसिएशन आफ लायंस क्लब्स एमडि 3233 के पूर्व वाईस चेयरमेन एवं पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने कोरबा सहित पूरे प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं प्रेषित की है।

लायन अग्रवाल ने रामनवमी पर शुभता का संदेश देते हुए कहा है कि रामनवमी वह एतिहासिक दिन है, जब समाज में आदर्श स्थापना एवं जनता के प्रति राजा के कर्त्तव्यों का संदेश देने के लिए भगवान बिष्णु ने सातवें अवतार के रूप में भगवान राम के रूप में इस धरा पर अवतरित हुए और किस तरह भगवान राम ने अपने माता-पिता के वचनों को पूरा करने के लिए सत्ता त्याग कर 14 वर्ष वनवास काटा। राम त्याग, परोपकार और मानव कल्याण के प्रतीक थे। भगवान राम का सम्पूर्ण जीवन मानव कल्याण के लिए था और वे भारत की संस्कृति थे। भगवान राम का जन्म ही समस्त चर-अचर और विश्व कल्याण के लिए था। रामनवमी उस महापर्व का नाम है, जब हम भगवान राम के आदर्शों का कुछ अंश अपने जीवन में उतारें और क्षमता एवं सामर्थ्य के अनुसार समाज निर्माण में अपना योगदान दें। इसी में ही रामनवमी की सार्थकता है।
छत्तीसगढ़
LIC को आयकर विभाग का बड़ा झटका, ₹7,000 करोड़ से ज्यादा की डिमांड
मुंबई, एजेंसी। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को आयकर विभाग की ओर से वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बड़ा डिमांड ऑर्डर मिला है। इसमें टैक्स और ब्याज शामिल है। इस आदेश के तहत कंपनी से रू.6,146.71 करोड़ आयकर और रू.953.25 करोड़ ब्याज सहित कुल रू.7,099 करोड़ से अधिक की मांग की गई है।

किन कारणों से बनी इतनी बड़ी डिमांड?
कंपनी के अनुसार, आयकर विभाग की असेसमेंट यूनिट ने आकलन के दौरान कुछ मदों को आय में शामिल किया और कई दावों को अस्वीकार कर दिया, जिससे टैक्स देनदारी बढ़ गई। इसमें अंतरिम बोनस को आय में जोड़ना, ‘जीवन सुरक्षा फंड’ से हुए नुकसान को शामिल करना, निगेटिव रिजर्व को आय मानना, धारा 80M के तहत क्लेम किए गए डिडक्शन को खारिज करना और TDS देरी से जमा करने पर ब्याज को अस्वीकार करना जैसे कारण शामिल हैं।

आदेश को चुनौती दे सकती है LIC
LIC ने संकेत दिया है कि वह इस डिमांड ऑर्डर को आयकर आयुक्त (अपील) के समक्ष चुनौती दे सकती है। कंपनी का कहना है कि इस आदेश का असर केवल बताई गई टैक्स और ब्याज राशि तक सीमित है और इसके नियमित कारोबार पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
शेयर पर रहेगी नजर
बाजार की नजर अब कंपनी के शेयर पर बनी हुई है, जो 25 मार्च को बीएसई पर रू.780.60 पर बंद हुआ था, जबकि 26 मार्च को रामनवमी के कारण बाजार बंद रहा।

कोरबा
दिव्यांग महोत्सव: प्रतिभा, सम्मान और समावेशन का उत्सव 9 एवं 10 मई को बिलासपुर में
कोरबा/बिलासपुर। बिलासपुर में आगामी 9 और 10 मई को दिव्यांग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव समाज में समावेशन और संवेदनशीलता का एक सशक्त उदाहरण बनने जा रहा है। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य दिव्यांगजनों की प्रतिभा, क्षमता और उनके बहुमूल्य योगदान को पहचानना तथा उन्हें सम्मानित करना है।

दिव्यांग विमर्श के संयोजक डॉ. गजेंद्र तिवारी ने बताया कि यह कार्यक्रम दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक ऐसा मंच प्रदान करेगा, जहां वे अपनी विविध प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर सकेंगे। इसमें संगीत, नृत्य, खेल, कला सहित कई विधाओं में प्रतिभागी हिस्सा लेंगे और अपनी क्षमताओं का परिचय देंगे। यह महोत्सव न केवल दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास को बढ़ाने का कार्य करेगा, बल्कि समाज के अन्य वर्गों को भी उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह है कि दिव्यांगजनों को समाज में एक गरिमामय स्थान मिले और उनकी क्षमताओं को सही पहचान मिल सके। समाज के सभी वर्गों से इस महोत्सव में भाग लेने और दिव्यांगजनों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। उनका मानना है कि ऐसे आयोजनों से समाज में समावेशी सोच को बढ़ावा मिलता है और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलता है।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ विनय कुमार पाठक ने कहा कि परिषद् का लक्ष्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में लाना है। दिव्यांग महोत्सव के माध्यम से हम उनकी प्रतिभा, आत्मविश्वास और क्षमता को पूरे देश के सामने लाएंगे। यह आयोजन एक नई सोच और नई ऊर्जा का प्रतीक बनेगा।
राष्ट्रीय महामंत्री मदनमोहन अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि सेवा कार्यों को अब और व्यापक स्तर पर ले जाने का समय आ गया है। परिषद् हर उस दिव्यांग तक पहुंचेगी, जिसे सहयोग और मंच की आवश्यकता है।
दिव्यांग विमर्श के संयोजक डॉ गजेंद्र तिवारी ने बताया कि दिव्यांग महोत्सव एक ऐसा आयोजन है, जो दिव्यांग व्यक्तियों की प्रतिभा, क्षमता और योगदान को पहचानता है और उनका सम्मान करता है। इस महोत्सव में दिव्यांगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, जैसे कि संगीत- नृत्य, खेल, कला और अलग-अलग विधाओं में भाग ले सकते हैं।
यह महोत्सव दिव्यांगों को अपने आप को व्यक्त करने और अपनी प्रतिभा को दिखाने का एक मंच प्रदान करता है। यह आयोजन न केवल दिव्यांगों के लिए है, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों के लोगों को एक साथ लाने और दिव्यांगों की प्रतिभा को पहचानने का एक अवसर भी है। यह महोत्सव निश्चित रूप से प्रतिभा, सम्मान और समानता का एक प्रेरणादायक संगम साबित होगा।
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