Connect with us

देश

तीन टीवी सीरियल जितना ‘श्रीमद रामायण’ का बजट

Published

on

कपड़े-ज्वेलरी पर चार गुना ज्यादा खर्च

अयोध्या और लंका के लिए अलग-अलग सेट बने

उमरगांव, एजेंसी। रील टु रियल के नए एपिसोड में हम मुंबई से दूर गुजरात बॉर्डर पर एक जगह उमरगांव पहुंचे। वहां बड़े- बड़े सेट लगे थे। वहां टीवी सीरियल श्रीमद रामायण की लॉन्चिंग चल रही थी। पत्थरों और फर्नीचर के सेट देख आंखें चौंधिया रही थीं। वहां अलग-अलग चार सेट लगे थे। श्रीराम के जन्म स्थान अयोध्या का सेट देखकर शांति का अनुभव हो रहा था। वहीं जब हम लंका के सेट पर गए तो ऐसा लगा कि आसुरी शक्तियां आस-पास डेरा जमाए बैठी हैं। आर्ट डायरेक्टर उमंग कुमार ने कहा कि उन्होंने सेट बनाने के लिए किसी भी आर्टिफिशियल चीज का इस्तेमाल नहीं किया है। बाहर से पत्थर मंगवाकर सेट पर नक्काशी की गई है। सोनी इंटरटेनमेंट शो के बिजनेस हेड ने बताया कि इस पौराणिक सीरियल को बनाने में तीन डेली सोप की मेकिंग जितना खर्च आया है। लकडिय़ों से बनाया मिथिला का सेट, आर्टिफिशियल चीजों का कम इस्तेमाल किया गया सीरियल का सेट डिजाइन करने वाले आर्ट डायरेक्टर उमंग कुमार ने कहा, ‘हम इस सेट पर पूरी तरह प्राचीन भारत का फील देना चाहते थे। हमने आर्टिफिशियल चीजों का कम से कम इस्तेमाल किया है। बाहर से पत्थर मंगवाकर सेट पर लगाए गए हैं। मिथिला का सेट बनाते वक्त हमने लकडिय़ों का बहुत इस्तेमाल किया है। मतलब प्राचीन अयोध्या से लेकर लंका, मिथिला और किष्किंधा को हम बिल्कुल वैसा ही दिखाना चाहते हैं जैसे वो उस समय रहे होंगे। इसके लिए काफी रिसर्च भी किया गया है।’

सोने की लंका बनाने के लिए खास इंतजाम करने पड़े

उमंग कुमार ने बहुत सारे सेट्स बनाए हैं। फिर श्रीमद रामायण के सेट में नयापन कैसे ला पाए। उन्होंने समझाते हुए कहा, ‘यह सही बात है कि मैंने बहुत सारे सेट्स डिजाइन किए हैं। हालांकि इस सेट को बनाने के लिए मुझे खुद को उस जोन में भेजना पड़ा। मान लीजिए कि मैं प्राचीन भारत का एक आर्किटेक्ट हूं। राजा मुझे अपने राजमहल को डिजाइन करने का टास्क देता है। अब मुझे राजा को खुश भी करना है, इसलिए मैं उस वक्त के संसाधनों का प्रयोग करके एक सुंदर और भव्य राजमहल बनाने की कोशिश करूंगा। मैंने अपने आप को उसी जोन में डालकर यह सेट डिजाइन किया है। अगर मुझे सोने की लंका बनानी है, तो ऐसे धातुओं की खोज करता हूं जिसमें सोने की परत लगी हो और जो बिल्कुल सोने की तरह ही लगे।’

बिना मिर्च-मसाला लगाए सीरियल को बनाया गया, तथ्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं हुई

इस साल रामायण पर बनी फिल्म आदिपुरुष पर काफी विवाद हुए थे। ऐसे में मेकर्स के सामने कोई चुनौती थी सोनी एंटरटेनमेंट चैनल के बिजनेस हेड नीरज व्यास ने कहा, सीरियल बनाते वक्त हमने कोशिश की है कि हम इसमें अपनी सोच न दिखाएं। जो रामायण में लिखा गया है या जो लोगों ने पढ़ा हुआ है, बिल्कुल उसी को बिना मिर्च मसाला लगाए दिखाया जाए। इसके लिए कई महीनों तक हम कहानी ही लिखते रहे। हमने स्टोरी की ड्राफ्टिंग कई बार की। फरवरी 2023 में पहली बार हमने इस सीरियल की मेकिंग के लिए मीटिंग रखी। हजारों लोगों के ऑडिशन हुए। बड़े लेवल पर प्रमोशन हुआ। परिणामस्वरूप आज हम शो लॉन्च कर रहे हैं।’

तीन डेली सोप बनने जितना पैसा श्रीमद रामायण को बनाने में लगा

नीरज ने आगे कहा, ‘टेक्निकली आज हम बहुत एडवांस हो चुके हैं। हमारे पास पहले वो टूल्स नहीं थे जो आज हैं। आज के वक्त में हमारे पास अच्छे साउंड, बढिय़ा एडिटिंग, महंगे कैमरे और बेहतरीन व्हीएफ एक्स हैं। इसकी मदद से हमने शो को ग्रैंड बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।’ नीरज ने शो का एक्जेक्ट बजट तो नहीं बताया, लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि जितने में तीन डेली सोप बनते हैं, उतना इसका अकेला बजट है।

राम मंदिर के उद्घाटन वाले वक्त शो शुरू करना एक संयोग

22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन है। क्या इसे ध्यान में रखकर ही शो की शुरुआत 1 जनवरी से की जा रही है जवाब में नीरज ने कहा, ‘राम मंदिर के उद्घाटन वाली डेट से पहले ही हमने शो की अनाउंसमेंट कर दी थी। इसलिए उस डेट से हमारे शो का कोई संबंध नहीं है, लेकिन यह एक अच्छा संयोग है। हमें खुशी है कि हमारा शो तब आ रहा है जब अयोध्या में राम लला अपने सही जगह पर विराजमान होने जा रहे हैं।’

हाथ में बनवाया महादेव का टैटू, 10 दिन बाद रावण का रोल ऑफर हुआ

इस सीरियल में रावण का किरदार निभा रहे एक्टर निकितिन धीर ने अपने रोल के बारे में बात की। उन्होंने कहा, ‘मुझे बहुत सालों से महादेव का टैटू बनवाने का मन कर रहा था। सावन के आखिरी सोमवार को मैंने अपने हाथ में महादेव का टैटू गुदवा लिया। इसके 10-15 दिन बाद मेरी मुलाकात सीरियल के डायरेक्टर सिद्धार्थ से हुई। उन्होंने मुझे रावण का रोल ऑफर किया। मुझे लगा कि यह महादेव की तरफ से मेरे लिए एक आशीर्वाद है। मैंने इसके लिए तुरंत हां बोल दिया।’ निकितिन ने आगे कहा, ‘मुझे शुरुआत में थोड़ा डर लग रहा था। अरविंद त्रिवेदी ने रावण का जो रोल किया था, उसे लोग आज भी याद रखते हैं। मुझे शक था कि क्या मैं उनके जैसा किरदार निभा पाऊंगा। हालांकि, अरविंद जी ने जब यह किरदार निभाया तो वो थोड़े उम्रदराज हो गए थे। उस सीरियल में रावण के बाद के जीवन की कहानी ज्यादा दिखाई गई है। यहां आपको रावण के यंग एज से जुड़ी बहुत अनकही बातें जानने को मिलेंगी।’ निकितिन यहां रामानंद सागर वाली रामायण में रावण का किरदार निभाने वाले दिवंगत एक्टर अरविंद त्रिवेदी की बात कर रहे हैं। सीरियल में अयोध्या, किष्किंधा, लंका और मिथिला के वासियों के लिए अलग कपड़े और ज्वेलरी डिजाइन किए गए कॉस्ट्यूम डिजाइनर शिबाप्रिया सेन ने कहा कि उन्होंने सीरियल के हर कैरेक्टर के लुक्स पर तकरीबन तीन महीने रिसर्च किया है। सबके लिए अलग-अलग पैटर्न के कपड़े और ज्वेलरी बनाई गई है। उन्होंने कहा, ‘सीरियल में अयोध्या, किष्किंधा, लंका और मिथिला सहित चार साम्राज्य दिखाए जाएंगे। सभी साम्राज्यों में रहने वाले लोगों के लिए अलग-अलग तरह के कपड़े तैयार किए गए हैं। ऐसा इसलिए किया गया है कि ताकि हर कैरेक्टर दूसरे से अलग दिखाई दे। रेगुलर सीरियल में आप देखते होंगे कि सारे कैरेक्टर्स एक ही पैटर्न के लुक्स में दिखाई देते हैं। इसके लिए बजट भी काफी ज्यादा लगा। हमें मेकर्स की तरफ से पहले ही कहा गया था कि बजट की चिंता नहीं करनी है।’

किरदारों के कपड़ों का खर्च चार टीवी शोज के कॉस्ट्यूम बजट से ज्यादा

रावण का किरदार निभा रहे एक्टर निकितिन धीर इस शो में 20 किलो से ज्यादा वजन वाली ज्वेलरी पहने नजर आएंगे। उनकी सारे ज्वेलरी को कॉपर से बनाया गया है। उसके ऊपर गोल्डन पेंट किया गया है, ताकि वो असली सोना लगे। कॉस्ट्यूम डिजाइनर शिबाप्रिया सेन ने बताया कि चार टीवी शो के कॉस्ट्यूम पर जितना खर्चा आता है, उतना इस शो का अकेले आया है।

हनुमान का रोल करने के बाद शराब और नॉनवेज से बनाई दूरी

एक्टर निर्भय वाधवा इस शो में हनुमानजी का रोल निभा रहे हैं। यह किरदार निभाने के बाद उनके जीवन में काफी बदलाव आया है। निर्भय ने कहा, ‘हनुमान का रोल करने के बाद मैंने सिगरेट, शराब और नॉनवेज से दूरी बना ली है। अगर आपने एक महीने भी ऐसे कैरेक्टर को निभा लिया तो आप ऑटोमेटिक इन सब चीजों से दूर हो जाएंगे। मुझे अब सिगरेट और शराब के नाम पर उल्टी आती है। पहले मैं पंजाबी और अंग्रेजी सॉन्ग सुनता था। अब भजन लगाकर सुनता हूं।’ निर्भय ने आगे कहा, ‘पहले मैं बहुत गुस्से वाला था। मेरी गाड़ी अगर किसी ने ठोक दी तो सड़क पर उससे झगडऩे लगता था। हालांकि हनुमान जी का रोल करने के बाद यह गुस्सा शांत हो गया है। अब गाड़ी पर कोई स्क्रैच भी मार देता है तो मैं मुस्कुरा कर उसे आगे बढऩे के लिए बोल देता हूं।’

सेट देख कर लगेगा कि आप अयोध्या में हैं- डायरेक्टर सिद्धार्थ तिवारी

शो के डायरेक्टर और पौराणिक कथाओं पर कई टीवी शोज बना चुके स्वास्तिक प्रोडक्शन के फाउंडर सिद्धार्थ कुमार तिवारी ने कहा, ‘हम इस सीरियल के जरिए भारत की संस्कृति को दिखाना चाहते थे। हजारों साल पहले हमारा भारतवर्ष कैसा दिखता था, इसकी कल्पना हम इस सेट को देखकर कर सकते हैं। अयोध्या नगरी अभेद्य थी। इसे कोई भेद नहीं सकता था। हमने कुछ ऐसी ही अयोध्या दिखाने की कोशिश की है। अयोध्या की तरह यहां भी सरयू नदी का तट बनाया गया है। सेट देखकर आप यही कहेंगे कि मैं अयोध्या में हूं।’

रामायण के बहुत सारे चैप्टर को अभी दिखाना बाकी

सिद्धार्थ ने कहा कि रामायण तो सबने देखी हुई है, लेकिन अभी भी कुछ कहानियां ऐसी हैं, जिनके बारे में हमें पता नहीं है। उन्होंने कहा, ‘रामायण की स्टोरी के बहुत सारे चैप्टर अभी दिखाए ही नहीं गए हैं। आपको पता नहीं होगा कि राजा दशरथ का नाम दशरथ कैसे पड़ा? उनका नाम महाराजा निमि था। उन्होंने राक्षस संभासुर के साथ एक युद्ध में 10 दिशाओं में रथ घुमाकर शौर्य का परिचय दिया था। तब से उनका नाम दशरथ पड़ गया। ऐसी ही बहुत सारी कहानियों को हम इस सीरियल के जरिए दिखाएंगे।’ सिद्धार्थ तिवारी पौराणिक कथाओं को छोटे पर्दे पर तकरीबन 10 साल से भी ज्यादा समय से दिखाते आ रहे हैं। उन्हें इसकी मास्टरी कैसे हासिल हुई। जवाब में उन्होंने कहा, ‘मैं किताबें बहुत पढ़ता हूं। अपने इतिहास के बारे में जानने की बहुत इच्छा रखता हूं। मैंने रामायण-महाभारत के बारे में पढऩा शुरू किया। मुझे इन्हें पढऩा अच्छा लगने लगा और मैं दिन-प्रतिदिन इसमें घुसता चला गया। इसके बाद मैंने इन पौराणिक कहानियों को दिखाना शुरू किया।’ राम और सीता की कास्टिंग पर बात करते हुए डायरेक्टर सिद्धार्थ तिवारी ने कहा, ‘हमें राम के किरदार के लिए एक ऐसे शख्स की जरूरत थी, जिसके चेहरे पर एक ठहराव दिखे। जिसको देखकर लगे कि यह बंदा रिएक्ट नहीं बल्कि रिस्पॉन्ड करेगा। सीता का रोल करने वाली के अंदर एक मासूमियत होनी चाहिए। सौभाग्य से हमें सुजॉय रिऊ और प्राची बंसल के रूप में ऐसे एक्टर्स मिल गए। अंत में ये कलाकर ही होते हैं जो कैरेक्टर्स को स्क्रीन पर जिंदा करते हैं।’

कैकेयी के जीवन का अलग पहलू भी देखने को मिलेगा

सीरियल में दशरथ का किरदार निभाने वाले एक्टर आरव चौधरी ने कैकेयी के किरदार के बारे में बात की। उन्होंने कहा, कैकेयी के बारे में सबके अंदर एक गलत धारणा है। इस सीरियल में आपको कैकेयी का एक पॉजिटिव अवतार भी देखने को मिलेगा। श्री राम को वनवास भेजने से पहले भी उनकी एक अलग लाइफ थी। उनके शौर्य के बारे में तो कभी चर्चा ही नहीं होती है। उन्होंने दशरथ की जान बचाई थी। उनके पराक्रम से खुश होकर दशरथ ने उन्हें दो वरदान दिए थे।

फेमस टीवी एक्ट्रेस शिल्पा सकलानी ने शो में कैकेयी का रोल निभाया है।

सीरियल का नाम श्रीमद रामायण कैसे पड़ा?

श्रीमद रामायण टाइटल रखने के पीछे क्या सोच रही होगी। इसका जवाब देते हुए सीरियल के राइटर विनोद शर्मा ने कहा, ‘हम अपने आस-पास के व्यक्तियों को श्री कह कर सम्मान देते हैं। महिलाओं को श्रीमती और कुंवारी लड़कियों को सुश्री कहते हैं। फिर रामायण जैसे महान ग्रंथ के आगे श्री क्यों नहीं लगा सकते? जहां तक बात श्रीमद की है…भगवान के मुख से निकलने वाली बात को श्रीमद कहते हैं। सभी को पता है कि भगवान शिव ने सबसे पहले पार्वती जी को रामायण की कहानी सुनाई थी। यही सोचकर और समझकर हमने सीरियल का नाम श्रीमद रामायण रखा।’

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर पर

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। देश की विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गई। सोमवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई। घरेलू मांग में मजबूत सुधार के कारण यह बढ़ोतरी हुई, हालांकि नए निर्यात ऑर्डर की वृद्धि में कमी देखी गई। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जनवरी के 55.4 से बढ़कर फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गया। पीएमआई की भाषा में 50 से ऊपर का अंक विस्तार जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन दर्शाता है। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ”फरवरी महीने में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में पहले से ज्यादा तेजी देखने को मिली। मजबूत घरेलू ऑर्डर की वजह से उत्पादन लगातार दूसरे महीने भी तेज गति से बढ़ा।” 

सर्वेक्षण में कहा गया, “समिति के सदस्यों के अनुसार, काम करने की दक्षता में सुधार, बाजार में मजबूत मांग, नए ऑर्डर में बढ़ोतरी और तकनीक में निवेश की वजह से उत्पादन में कुल मिलाकर अच्छी बढ़त दर्ज की गई।” एक क्षेत्र जहां वृद्धि में कुछ कमी आई, वह नए निर्यात ऑर्डर रहे। हालांकि, जिन कंपनियों की विदेशों में बिक्री बढ़ी, उन्होंने एशिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका से ऑर्डर मिलने की बात कही। भंडारी ने कहा, “नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि ने 2025 के मध्य में शुरू हुई धीमी गति को जारी रखा, जिससे विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन कुछ हद तक सीमित हो गया।” 

कुल नए ऑर्डर में लगातार तेज बढ़ोतरी होने के कारण भारत के विनिर्माताओं ने उत्पादन बढ़ाने और भंडारण करने के लिए अतिरिक्त कच्चे माल की खरीद की। काम का दबाव बढ़ने पर कंपनियों ने कच्चे माल की खरीद तेज की, अपना भंडार बढ़ाया और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी की। आने वाले एक वर्ष के लिए उत्पादन को लेकर कंपनियों का रुख सकारात्मक बना हुआ है। लगभग 16 प्रतिशत कंपनियों ने उत्पादन बढ़ने का अनुमान जताया है, जबकि एक प्रतिशत से भी कम कंपनियों को गिरावट की आशंका है।  

Continue Reading

देश

Gold Bangle Cost: 18 कैरेट vs 14 कैरेट: 2 तोले के सोने के कड़े बनवाने में कितना आएगा खर्चा

Published

on

मुंबई, एजेंसी। अगर आप अपनी कलाई की शोभा बढ़ाने के लिए सोने के कड़े (Bangles) बनवाने की सोच रहे हैं, तो केवल डिजाइन देखना काफी नहीं है, बल्कि सोने के ‘गणित’ को समझना भी बेहद जरूरी है। भारतीय बाजार में सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच 14 कैरेट और 18 कैरेट के विकल्पों ने ग्राहकों को उलझन में डाल दिया है। एक तरफ जहाँ शुद्धता का मोह है, वहीं दूसरी तरफ मजबूती और बजट की बात है। अगर आप दो तोले यानी लगभग 20 ग्राम वजन के कड़े बनवाने का मन बना चुके हैं, तो खरीदारी से पहले यह जान लें कि आपकी जेब पर कितना असर पड़ने वाला है और कौन सा विकल्प आपके लिए सबसे सटीक साबित होगा।

18 कैरेट सोने का लग्जरी और प्रीमियम अनुभव
18 कैरेट सोना उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो शुद्धता और चमक से समझौता नहीं करना चाहते। इसमें 75% शुद्ध सोना होता है, जो इसे एक प्रीमियम लुक और बेहतरीन रीसेल वैल्यू देता है। वर्तमान मार्केट रेट के हिसाब से देखें तो 18 कैरेट सोने की कीमत ₹12,981 प्रति ग्राम के करीब है। इस आधार पर यदि आप दो तोले के कड़े बनवाते हैं, तो मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी को मिलाकर इसकी कुल लागत ₹3,50,000 से ₹3,70,000 के बीच बैठने वाली है। हालांकि यह 14 कैरेट के मुकाबले थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इसकी प्राकृतिक पीली चमक और लंबे समय तक बनी रहने वाली वैल्यू इसे निवेश के लिहाज से भी खास बनाती है।

14 कैरेट सोना: मजबूती और बजट का बेजोड़ संगम
जो लोग रोजाना पहनने के लिए मजबूत गहने चाहते हैं, उनके लिए 14 कैरेट सोना एक स्मार्ट चॉइस है। इसमें शुद्ध सोने की मात्रा 58.3% होती है, जिसकी वजह से यह काफी कठोर और टिकाऊ होता है। रोजमर्रा के काम के दौरान इसमें खरोंच आने या इसके मुड़ने का डर बहुत कम रहता है। कीमत के मोर्चे पर भी यह काफी राहत भरा है क्योंकि फिलहाल इसका रेट ₹9,843 प्रति ग्राम चल रहा है। दो तोले के कड़ों के लिए आपको लगभग ₹2,60,000 से ₹2,80,000 तक खर्च करने होंगे। कम कीमत में शानदार ज्वेलरी का शौक पूरा करने वालों के लिए यह एक किफायती और व्यावहारिक रास्ता है।

मेकिंग चार्ज और अन्य खर्चों का बारीकी से हिसाब
सोने के गहनों की अंतिम कीमत केवल सोने के भाव पर तय नहीं होती, बल्कि इसमें मेकिंग चार्ज और टैक्स का बड़ा हाथ होता है। ज्वेलर्स आमतौर पर डिजाइन की जटिलता के आधार पर सोने की मूल कीमत का 8% से 25% तक मेकिंग चार्ज वसूलते हैं। अगर आंकड़ों में बात करें तो 18 कैरेट के लिए यह ₹600 से ₹900 प्रति ग्राम और 14 कैरेट के लिए ₹500 से ₹800 प्रति ग्राम तक जा सकता है। दो तोले के कड़ों पर केवल मेकिंग चार्ज ही ₹14,000 से ₹21,000 तक जुड़ सकता है। इसके अलावा, पूरे बिल पर सरकार को 3% जीएसटी देना अनिवार्य है। साथ ही कुछ ज्वेलर्स मैन्युफैक्चरिंग के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 1% से 3% तक वेस्टेज चार्ज भी जोड़ते हैं, इसलिए खरीदारी से पहले इन सभी छिपे हुए खर्चों पर ज्वेलर से खुलकर बात करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

Continue Reading

देश

Gold Market में अचानक सन्नाटा, रुक गई सोने-चांदी की सप्लाई? अटके शिपमेंट

Published

on

मुंबई, एजेंसी। वैश्विक गोल्ड मार्केट में 2 मार्च 2026 की सुबह अचानक हलचल मच गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान-अमेरिका/इजराइल टकराव की खबरों ने सप्लाई चेन को झटका दिया। कुछ ही घंटों में दुबई से लेकर एशियाई रिटेल बाजारों तक सोने और चांदी की आवाजाही प्रभावित होने लगी, जिससे बुलियन बाजार में बेचैनी बढ़ गई। एयरस्पेस प्रतिबंध और अटकी फिजिकल शिपमेंट के कारण ट्रेडर्स और आयातक अनिश्चितता में हैं, जबकि कीमतों में तेजी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

गोल्ड शिपमेंट अटकी

दुनिया के प्रमुख गोल्ड ट्रेडिंग हब्स में गिने जाने वाले Dubai में कई फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण फिजिकल गोल्ड शिपमेंट अटक गई। रोजाना हजारों किलो सोने की आवाजाही देखने वाला यह शहर अचानक सुस्त पड़ गया। भारत के लिए यह स्थिति खास तौर पर अहम है, क्योंकि देश में आयात होने वाले सोने का लगभग 50-60% हिस्सा दुबई रूट से आता है। लंबा व्यवधान बाजार में सप्लाई टाइट कर सकता है।

इस बीच ध्यान Strait of Hormuz पर टिक गया, जो वैश्विक व्यापार का अहम समुद्री मार्ग है। बढ़ते तनाव के कारण शिपिंग मूवमेंट धीमा पड़ा और कुछ कार्गो जहाजों को रोकना पड़ा। तेल के साथ-साथ सोने जैसी कीमती धातुओं की लॉजिस्टिक्स भी दबाव में आ गईं। सप्लाई चेन के बाधित होने की आशंका से बाजार में बेचैनी बढ़ी।

खाड़ी क्षेत्र के देशों—United Arab Emirates, Saudi Arabia, Kuwait और Bahrain—में सुरक्षा अलर्ट के चलते एयरस्पेस बंद होने की खबरों ने हालात और जटिल कर दिए। गोल्ड और रफ डायमंड्स के कई कार्गो अटक गए, जिससे अंतरराष्ट्रीय ट्रेड चैनल अस्थायी रूप से ठहर गए।

कई गोल्ड शॉप्स में रोकी बिक्री

भारत में इसका असर तेजी से दिखा। पुणे समेत कई सर्राफा बाजारों में बुलियन डीलर्स ने सीमित बिक्री शुरू कर दी या अस्थायी रूप से सौदे रोक दिए। स्टॉक घटने लगा और नई खेप कब पहुंचेगी, इस पर स्पष्टता नहीं थी। खरीदार बढ़ती कीमतों से चौंक गए, जबकि व्यापारी सप्लाई की अनिश्चितता से चिंतित दिखे। इसी तरह Buriram (थाईलैंड) में भी कई गोल्ड शॉप्स ने एहतियातन बिक्री रोक दी और डिस्प्ले खाली कर दिए।

कुल मिलाकर, क्षेत्रीय तनाव का असर अब सीधे वैश्विक गोल्ड सप्लाई नेटवर्क पर दिखने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों और उपलब्धता—दोनों पर दबाव बना रह सकता है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677