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तीन टीवी सीरियल जितना ‘श्रीमद रामायण’ का बजट

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कपड़े-ज्वेलरी पर चार गुना ज्यादा खर्च

अयोध्या और लंका के लिए अलग-अलग सेट बने

उमरगांव, एजेंसी। रील टु रियल के नए एपिसोड में हम मुंबई से दूर गुजरात बॉर्डर पर एक जगह उमरगांव पहुंचे। वहां बड़े- बड़े सेट लगे थे। वहां टीवी सीरियल श्रीमद रामायण की लॉन्चिंग चल रही थी। पत्थरों और फर्नीचर के सेट देख आंखें चौंधिया रही थीं। वहां अलग-अलग चार सेट लगे थे। श्रीराम के जन्म स्थान अयोध्या का सेट देखकर शांति का अनुभव हो रहा था। वहीं जब हम लंका के सेट पर गए तो ऐसा लगा कि आसुरी शक्तियां आस-पास डेरा जमाए बैठी हैं। आर्ट डायरेक्टर उमंग कुमार ने कहा कि उन्होंने सेट बनाने के लिए किसी भी आर्टिफिशियल चीज का इस्तेमाल नहीं किया है। बाहर से पत्थर मंगवाकर सेट पर नक्काशी की गई है। सोनी इंटरटेनमेंट शो के बिजनेस हेड ने बताया कि इस पौराणिक सीरियल को बनाने में तीन डेली सोप की मेकिंग जितना खर्च आया है। लकडिय़ों से बनाया मिथिला का सेट, आर्टिफिशियल चीजों का कम इस्तेमाल किया गया सीरियल का सेट डिजाइन करने वाले आर्ट डायरेक्टर उमंग कुमार ने कहा, ‘हम इस सेट पर पूरी तरह प्राचीन भारत का फील देना चाहते थे। हमने आर्टिफिशियल चीजों का कम से कम इस्तेमाल किया है। बाहर से पत्थर मंगवाकर सेट पर लगाए गए हैं। मिथिला का सेट बनाते वक्त हमने लकडिय़ों का बहुत इस्तेमाल किया है। मतलब प्राचीन अयोध्या से लेकर लंका, मिथिला और किष्किंधा को हम बिल्कुल वैसा ही दिखाना चाहते हैं जैसे वो उस समय रहे होंगे। इसके लिए काफी रिसर्च भी किया गया है।’

सोने की लंका बनाने के लिए खास इंतजाम करने पड़े

उमंग कुमार ने बहुत सारे सेट्स बनाए हैं। फिर श्रीमद रामायण के सेट में नयापन कैसे ला पाए। उन्होंने समझाते हुए कहा, ‘यह सही बात है कि मैंने बहुत सारे सेट्स डिजाइन किए हैं। हालांकि इस सेट को बनाने के लिए मुझे खुद को उस जोन में भेजना पड़ा। मान लीजिए कि मैं प्राचीन भारत का एक आर्किटेक्ट हूं। राजा मुझे अपने राजमहल को डिजाइन करने का टास्क देता है। अब मुझे राजा को खुश भी करना है, इसलिए मैं उस वक्त के संसाधनों का प्रयोग करके एक सुंदर और भव्य राजमहल बनाने की कोशिश करूंगा। मैंने अपने आप को उसी जोन में डालकर यह सेट डिजाइन किया है। अगर मुझे सोने की लंका बनानी है, तो ऐसे धातुओं की खोज करता हूं जिसमें सोने की परत लगी हो और जो बिल्कुल सोने की तरह ही लगे।’

बिना मिर्च-मसाला लगाए सीरियल को बनाया गया, तथ्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं हुई

इस साल रामायण पर बनी फिल्म आदिपुरुष पर काफी विवाद हुए थे। ऐसे में मेकर्स के सामने कोई चुनौती थी सोनी एंटरटेनमेंट चैनल के बिजनेस हेड नीरज व्यास ने कहा, सीरियल बनाते वक्त हमने कोशिश की है कि हम इसमें अपनी सोच न दिखाएं। जो रामायण में लिखा गया है या जो लोगों ने पढ़ा हुआ है, बिल्कुल उसी को बिना मिर्च मसाला लगाए दिखाया जाए। इसके लिए कई महीनों तक हम कहानी ही लिखते रहे। हमने स्टोरी की ड्राफ्टिंग कई बार की। फरवरी 2023 में पहली बार हमने इस सीरियल की मेकिंग के लिए मीटिंग रखी। हजारों लोगों के ऑडिशन हुए। बड़े लेवल पर प्रमोशन हुआ। परिणामस्वरूप आज हम शो लॉन्च कर रहे हैं।’

तीन डेली सोप बनने जितना पैसा श्रीमद रामायण को बनाने में लगा

नीरज ने आगे कहा, ‘टेक्निकली आज हम बहुत एडवांस हो चुके हैं। हमारे पास पहले वो टूल्स नहीं थे जो आज हैं। आज के वक्त में हमारे पास अच्छे साउंड, बढिय़ा एडिटिंग, महंगे कैमरे और बेहतरीन व्हीएफ एक्स हैं। इसकी मदद से हमने शो को ग्रैंड बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।’ नीरज ने शो का एक्जेक्ट बजट तो नहीं बताया, लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि जितने में तीन डेली सोप बनते हैं, उतना इसका अकेला बजट है।

राम मंदिर के उद्घाटन वाले वक्त शो शुरू करना एक संयोग

22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन है। क्या इसे ध्यान में रखकर ही शो की शुरुआत 1 जनवरी से की जा रही है जवाब में नीरज ने कहा, ‘राम मंदिर के उद्घाटन वाली डेट से पहले ही हमने शो की अनाउंसमेंट कर दी थी। इसलिए उस डेट से हमारे शो का कोई संबंध नहीं है, लेकिन यह एक अच्छा संयोग है। हमें खुशी है कि हमारा शो तब आ रहा है जब अयोध्या में राम लला अपने सही जगह पर विराजमान होने जा रहे हैं।’

हाथ में बनवाया महादेव का टैटू, 10 दिन बाद रावण का रोल ऑफर हुआ

इस सीरियल में रावण का किरदार निभा रहे एक्टर निकितिन धीर ने अपने रोल के बारे में बात की। उन्होंने कहा, ‘मुझे बहुत सालों से महादेव का टैटू बनवाने का मन कर रहा था। सावन के आखिरी सोमवार को मैंने अपने हाथ में महादेव का टैटू गुदवा लिया। इसके 10-15 दिन बाद मेरी मुलाकात सीरियल के डायरेक्टर सिद्धार्थ से हुई। उन्होंने मुझे रावण का रोल ऑफर किया। मुझे लगा कि यह महादेव की तरफ से मेरे लिए एक आशीर्वाद है। मैंने इसके लिए तुरंत हां बोल दिया।’ निकितिन ने आगे कहा, ‘मुझे शुरुआत में थोड़ा डर लग रहा था। अरविंद त्रिवेदी ने रावण का जो रोल किया था, उसे लोग आज भी याद रखते हैं। मुझे शक था कि क्या मैं उनके जैसा किरदार निभा पाऊंगा। हालांकि, अरविंद जी ने जब यह किरदार निभाया तो वो थोड़े उम्रदराज हो गए थे। उस सीरियल में रावण के बाद के जीवन की कहानी ज्यादा दिखाई गई है। यहां आपको रावण के यंग एज से जुड़ी बहुत अनकही बातें जानने को मिलेंगी।’ निकितिन यहां रामानंद सागर वाली रामायण में रावण का किरदार निभाने वाले दिवंगत एक्टर अरविंद त्रिवेदी की बात कर रहे हैं। सीरियल में अयोध्या, किष्किंधा, लंका और मिथिला के वासियों के लिए अलग कपड़े और ज्वेलरी डिजाइन किए गए कॉस्ट्यूम डिजाइनर शिबाप्रिया सेन ने कहा कि उन्होंने सीरियल के हर कैरेक्टर के लुक्स पर तकरीबन तीन महीने रिसर्च किया है। सबके लिए अलग-अलग पैटर्न के कपड़े और ज्वेलरी बनाई गई है। उन्होंने कहा, ‘सीरियल में अयोध्या, किष्किंधा, लंका और मिथिला सहित चार साम्राज्य दिखाए जाएंगे। सभी साम्राज्यों में रहने वाले लोगों के लिए अलग-अलग तरह के कपड़े तैयार किए गए हैं। ऐसा इसलिए किया गया है कि ताकि हर कैरेक्टर दूसरे से अलग दिखाई दे। रेगुलर सीरियल में आप देखते होंगे कि सारे कैरेक्टर्स एक ही पैटर्न के लुक्स में दिखाई देते हैं। इसके लिए बजट भी काफी ज्यादा लगा। हमें मेकर्स की तरफ से पहले ही कहा गया था कि बजट की चिंता नहीं करनी है।’

किरदारों के कपड़ों का खर्च चार टीवी शोज के कॉस्ट्यूम बजट से ज्यादा

रावण का किरदार निभा रहे एक्टर निकितिन धीर इस शो में 20 किलो से ज्यादा वजन वाली ज्वेलरी पहने नजर आएंगे। उनकी सारे ज्वेलरी को कॉपर से बनाया गया है। उसके ऊपर गोल्डन पेंट किया गया है, ताकि वो असली सोना लगे। कॉस्ट्यूम डिजाइनर शिबाप्रिया सेन ने बताया कि चार टीवी शो के कॉस्ट्यूम पर जितना खर्चा आता है, उतना इस शो का अकेले आया है।

हनुमान का रोल करने के बाद शराब और नॉनवेज से बनाई दूरी

एक्टर निर्भय वाधवा इस शो में हनुमानजी का रोल निभा रहे हैं। यह किरदार निभाने के बाद उनके जीवन में काफी बदलाव आया है। निर्भय ने कहा, ‘हनुमान का रोल करने के बाद मैंने सिगरेट, शराब और नॉनवेज से दूरी बना ली है। अगर आपने एक महीने भी ऐसे कैरेक्टर को निभा लिया तो आप ऑटोमेटिक इन सब चीजों से दूर हो जाएंगे। मुझे अब सिगरेट और शराब के नाम पर उल्टी आती है। पहले मैं पंजाबी और अंग्रेजी सॉन्ग सुनता था। अब भजन लगाकर सुनता हूं।’ निर्भय ने आगे कहा, ‘पहले मैं बहुत गुस्से वाला था। मेरी गाड़ी अगर किसी ने ठोक दी तो सड़क पर उससे झगडऩे लगता था। हालांकि हनुमान जी का रोल करने के बाद यह गुस्सा शांत हो गया है। अब गाड़ी पर कोई स्क्रैच भी मार देता है तो मैं मुस्कुरा कर उसे आगे बढऩे के लिए बोल देता हूं।’

सेट देख कर लगेगा कि आप अयोध्या में हैं- डायरेक्टर सिद्धार्थ तिवारी

शो के डायरेक्टर और पौराणिक कथाओं पर कई टीवी शोज बना चुके स्वास्तिक प्रोडक्शन के फाउंडर सिद्धार्थ कुमार तिवारी ने कहा, ‘हम इस सीरियल के जरिए भारत की संस्कृति को दिखाना चाहते थे। हजारों साल पहले हमारा भारतवर्ष कैसा दिखता था, इसकी कल्पना हम इस सेट को देखकर कर सकते हैं। अयोध्या नगरी अभेद्य थी। इसे कोई भेद नहीं सकता था। हमने कुछ ऐसी ही अयोध्या दिखाने की कोशिश की है। अयोध्या की तरह यहां भी सरयू नदी का तट बनाया गया है। सेट देखकर आप यही कहेंगे कि मैं अयोध्या में हूं।’

रामायण के बहुत सारे चैप्टर को अभी दिखाना बाकी

सिद्धार्थ ने कहा कि रामायण तो सबने देखी हुई है, लेकिन अभी भी कुछ कहानियां ऐसी हैं, जिनके बारे में हमें पता नहीं है। उन्होंने कहा, ‘रामायण की स्टोरी के बहुत सारे चैप्टर अभी दिखाए ही नहीं गए हैं। आपको पता नहीं होगा कि राजा दशरथ का नाम दशरथ कैसे पड़ा? उनका नाम महाराजा निमि था। उन्होंने राक्षस संभासुर के साथ एक युद्ध में 10 दिशाओं में रथ घुमाकर शौर्य का परिचय दिया था। तब से उनका नाम दशरथ पड़ गया। ऐसी ही बहुत सारी कहानियों को हम इस सीरियल के जरिए दिखाएंगे।’ सिद्धार्थ तिवारी पौराणिक कथाओं को छोटे पर्दे पर तकरीबन 10 साल से भी ज्यादा समय से दिखाते आ रहे हैं। उन्हें इसकी मास्टरी कैसे हासिल हुई। जवाब में उन्होंने कहा, ‘मैं किताबें बहुत पढ़ता हूं। अपने इतिहास के बारे में जानने की बहुत इच्छा रखता हूं। मैंने रामायण-महाभारत के बारे में पढऩा शुरू किया। मुझे इन्हें पढऩा अच्छा लगने लगा और मैं दिन-प्रतिदिन इसमें घुसता चला गया। इसके बाद मैंने इन पौराणिक कहानियों को दिखाना शुरू किया।’ राम और सीता की कास्टिंग पर बात करते हुए डायरेक्टर सिद्धार्थ तिवारी ने कहा, ‘हमें राम के किरदार के लिए एक ऐसे शख्स की जरूरत थी, जिसके चेहरे पर एक ठहराव दिखे। जिसको देखकर लगे कि यह बंदा रिएक्ट नहीं बल्कि रिस्पॉन्ड करेगा। सीता का रोल करने वाली के अंदर एक मासूमियत होनी चाहिए। सौभाग्य से हमें सुजॉय रिऊ और प्राची बंसल के रूप में ऐसे एक्टर्स मिल गए। अंत में ये कलाकर ही होते हैं जो कैरेक्टर्स को स्क्रीन पर जिंदा करते हैं।’

कैकेयी के जीवन का अलग पहलू भी देखने को मिलेगा

सीरियल में दशरथ का किरदार निभाने वाले एक्टर आरव चौधरी ने कैकेयी के किरदार के बारे में बात की। उन्होंने कहा, कैकेयी के बारे में सबके अंदर एक गलत धारणा है। इस सीरियल में आपको कैकेयी का एक पॉजिटिव अवतार भी देखने को मिलेगा। श्री राम को वनवास भेजने से पहले भी उनकी एक अलग लाइफ थी। उनके शौर्य के बारे में तो कभी चर्चा ही नहीं होती है। उन्होंने दशरथ की जान बचाई थी। उनके पराक्रम से खुश होकर दशरथ ने उन्हें दो वरदान दिए थे।

फेमस टीवी एक्ट्रेस शिल्पा सकलानी ने शो में कैकेयी का रोल निभाया है।

सीरियल का नाम श्रीमद रामायण कैसे पड़ा?

श्रीमद रामायण टाइटल रखने के पीछे क्या सोच रही होगी। इसका जवाब देते हुए सीरियल के राइटर विनोद शर्मा ने कहा, ‘हम अपने आस-पास के व्यक्तियों को श्री कह कर सम्मान देते हैं। महिलाओं को श्रीमती और कुंवारी लड़कियों को सुश्री कहते हैं। फिर रामायण जैसे महान ग्रंथ के आगे श्री क्यों नहीं लगा सकते? जहां तक बात श्रीमद की है…भगवान के मुख से निकलने वाली बात को श्रीमद कहते हैं। सभी को पता है कि भगवान शिव ने सबसे पहले पार्वती जी को रामायण की कहानी सुनाई थी। यही सोचकर और समझकर हमने सीरियल का नाम श्रीमद रामायण रखा।’

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महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम

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नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए

पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026

दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026

सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।

12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।

बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया

  • राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
  • प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
  • शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
  • एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।

संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की

सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।

पीएम की 3 अपील

  • 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
  • 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
  • 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी

17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

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‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला

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नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

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थरुर ने अपने भाषण में कहा

शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”

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थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

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छत्तीसगढ़ ब्लास्ट हादसा: धमाके में 20 श्रमिकों की मौत के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन, कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज

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सक्ती,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सक्ती जिले में वेदांता के विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत की घटना के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया, ”डाभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धमाका 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दाब वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए। ठाकुर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यदि जांच के दौरान और लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम भी प्राथमिकी में जोड़ा जाएगा।

उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट सहित कई रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धमाके के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ”सभी रिपोर्ट मिलने के बाद, अगर जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी में और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।” इस घटना के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी। 

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