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छत्तीसगढ़

गृहमंत्री बोले-2047 तक होगी साइबर-एक्सपर्ट की भर्ती:सुनील सोनी ने कहा-16,000 केस,लोग सुसाइड कर रहे, बिजली-बिल पर स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार्य, नेता प्रतिपक्ष ने कहा-धन्यवाद

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में गहमा-गहमी देखने को मिला। इस दौरान प्रदेश में बढ़ते साइबर क्राइम पर बीजेपी 5 विधायकों ने सरकार को जमकर घेरा। इस दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब सब खत्म हो जाएगा तो 2047 तक साइबर क्राइम रोकने एक्सपर्ट की भर्ती कर लेंगे, कोई टेंशन नहीं है।

सदन में विधायक सुनील सोनी ने कहा कि प्रदेश में लगातार साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। हजारों लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं, लेकिन अब तक साइबर एक्सपर्ट्स की नियुक्ति नहीं हुई। लोग सुसाइड कर रहे हैं। स्थिति भयावह है।

इसके अलावा सदन में छत्तीसगढ़ में बिजली बिल में बढ़ोतरी के खिलाफ विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाया था, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने अस्वीकार्य किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने आभार जताया। सत्तापक्ष ने मेज थपथपाई। स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार्य होने के बाद भी विपक्ष ने नहीं किया हंगामा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में साइबर क्राइम पर बीजेपी विधायक और गृहमंत्री में जमकर बहस हुई।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में साइबर क्राइम पर बीजेपी विधायक और गृहमंत्री में जमकर बहस हुई।

AI पर ज्यादा विश्वास नहीं करें। हम सही आंकड़े दे रहे

जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि साइबर अपराध के 1301 आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं। AI पर ज्यादा विश्वास नहीं करें। हम सही आंकड़े दे रहे हैं। साइबर थाने की बात नहीं, बल्कि साइबर सेल की बात हर जिले में हुई थी। एनसीआरबी का डेटा 2022 के बाद आया ही नहीं, फिर नई जानकारी कैसी आएगी?

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गृहमंत्री विजय शर्मा के विभागों से जुड़े सवाल पूछे गए। इस दौरान पीएम आवास योजना, मनरेगा, बंद पड़ी जांच मशीनें और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को लेकर भी सवाल-जवाब हुए।

एआई पर ज्यादा विश्वास नहीं करें। हम सही आंकड़े दे रहे

सुनील सोनी के सवाल पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि साइबर अपराध के 1301 आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं। एआई पर ज्यादा विश्वास नहीं करें। हम सही आंकड़े दे रहे हैं। साइबर थाने की बात नहीं, बल्कि साइबर सेल की बात हर जिले में हुई थी। एनसीआरबी का डेटा 2022 के बाद आया ही नहीं, फिर नई जानकारी कैसी आएगी?

सुनील सोनी ने उठाया नया सवाल

सवाल: जनवरी 2024 से जून 2025 तक कितने ठगी के आरोपियों को जेल भेजा गया?

गृहमंत्री का जवाब: बैंक संबंधित ठगी में तीन प्रकरण दर्ज हुए हैं, जिनमें सात आरोपियों को जेल भेजा गया है।

इस पर गृहमंत्री का जवाब- पैसे की वापसी कोर्ट की प्रक्रिया से होकर गुजरती है। IG स्तर के अधिकारी की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है।

  • बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने गृहमंत्री विजय शर्मा से पूछा कि साइबर क्राइम रोकने कितने कमांडो तैयार किए गए हैं? नियुक्ति कितने की हुई? विशेषज्ञों की भर्ती कब होगी?
  • इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जब सब खत्म हो जाएगा तो 2027 तक भर्ती कर लेंगे, कोई टेंशन नहीं।

शेषराज हरवंश ने पूछा मेकाहारा में बंद पड़ी मशीनों पर सवाल

इस दौरान कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने मेकाहारा में बंद पड़ी जांच की मशीनों की मरम्मत का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से पूछा कि मशीनों में से कई मशीन एक संख्या में थे, जो वर्षों से ऐसी ही पड़ी है। मशीनों की खरीदी क्यों नहीं हो रही और खरीदी की प्रक्रिया क्या है?

  • इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 161 मशीन स्थापित हैं, 50 मशीनें बंद हैं। अभी 70 करोड़ की खरीदी कर रहे हैं। 11 मशीनों का सुधार कार्य चल रहा है।
  • कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने पूछा कि कैंसर की जांच करने वाले मशीन क्यों नहीं है ?
  • इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वो जांच मशीन की श्रेणी में नहीं इलाज की श्रेणी में आता है। यह मशीन विदेश से आता है, लेकिन हम उस मशीन को चालू भी करेंगे।
  • विधायक शेषराज ने पूछा कि यह मशीन पिछले 9 साल पहले आपके ही कार्यकाल में खरीदी गई थी। 9 साल पहले खरीदी गई मशीन अभी तक चालू क्यों नहीं कर पाए हैं ?
  • स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में एक अच्छे सोच के साथ मशीन की खरीदी की गई थी, कुछ कारणों की वजह से अगर चालू नहीं कर पाए तो अभी करवा रहे हैं, लेकिन 5 साल आपकी भी सरकार थी।
  • वहीं बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मैंने पिछले 5 साल में भी यह कहा है और बार-बार की वह मशीन अगर चालू होगी तो उससे कई लोगों का इलाज किया जा सकता है। कोई अनियमितता होगी तो उसकी भी जांच करा सकते हैं।

वहीं मेकाहारा अस्पताल में बाउंसर वसीम बाबू ने मारपीट की थी इस पर कार्रवाई को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी ने आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ऐसी स्थितियों का कोई स्थान नहीं है। ऐसा कोई मामला है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों पर विभागीय कार्रवाई और पुलिस कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस विधायकों ने लाया ध्यानाकर्षण प्रस्ताव

किसानों को कृषि यंत्र वितरण में लागू चौम्प्स व्यवस्था में अनियमितता पर कांग्रेस विधायक इंद्र साव, द्वारिकाधीश यादव और चातुरी नंद ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया।

इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जबाव में कहा कि मामले की शिकायत पर 4 सदस्यीय जांच कमेटी जांच कर रही है। विभागीय जांच रिपोर्ट के बाद तकनीकी पहलुओं की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान विपक्ष ने विभागीय प्राथमिक जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग की। इस पर मंत्री ने जबाव में बताया कि तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

अब जानिए 15 जुलाई को क्या-क्या हुआ ?

15 जुलाई को छत्तीसगढ़ विधानसभा जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान जल जीवन मिशन की प्रगति पर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई। जल जीवन मिशन के सवाल पर जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।

विपक्ष ने सरकार पर गलत आंकड़े पेश करने और योजना में गड़बड़ी के आरोप लगाए। वहीं सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के सवाल पर डिप्टी सीएम और विभागीय मंत्री अरुण साव ने बताया कि 7 महीने में 10 लाख नल कनेक्शन दिए गए।

इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में सिर्फ 3 हजार 500 करोड़ जल जीवन मिशन योजना पर खर्च हुए। सिर्फ 57 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल हुआ है। इसके जवाब में डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि आपने समय पर काम किया होता तो ये हालात नहीं बनते, आपकी सरकार ने बगैर पानी के नल टोटी लगाए।

मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन का मुद्दा उठाया।

मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन का मुद्दा उठाया।

सबसे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक किरण सिंहदेव ने प्रश्नकाल में बस्तर संभाग में उद्योगों से मिले सीएसआर मद की राशि का मामला उठाया। विस्तार से पढ़िए प्रश्नकाल में क्या-क्या हुआ…

किरण सिंहदेव- सीएसआर मद से 21 करोड़ की राशि की जानकारी आई है। इसमें 7 करोड़ 44 करोड़ की राशि किस मद में खर्च हुई? किन-किन कामों में खर्च हुई है?

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन- विस्तृत उत्तर दिया गया है कि किन-किन मदों में खर्च हुआ है।

किरण सिंहदेव- पिछले दो सालों में कोई राशि नहीं दी गई है, इस मद से कलेक्टर की ओर से बस्तर जिले में। मेरी ओर से अनुमोदित विकास कार्यों पर भी सहमति नहीं दी गई है। प्रावधानित राशि में भी कटौती की गई है।

उद्योग मंत्री- सदस्य का एक प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है, 17 काम स्वीकृत होना बाकी है, आगे और काम स्वीकृत करेंगे।

नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत- सीएसआर मद का कितना प्रतिशत देना जरूरी है?

उद्योग मंत्री- तीन साल के अनुपात में 2 प्रतिशत की राशि आय का सीएसआर मद में खर्च किया जाता है।

डॉ चरणदास महंत- अभी सीएसआर मद में कितना दिया जा रहा है और भूपेश बघेल सरकार में कितना दिया जाता था, इसकी जांच करवा लें।

प्रश्नकाल में इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन का मामला उठाया।

अरुण साव ने बताया कि- 31 लाख 16 हजार 398 घरों में नल से पानी दिया जा रहा है।

अरुण साव ने बताया कि- 31 लाख 16 हजार 398 घरों में नल से पानी दिया जा रहा है।

भूपेश बघेल- साल 2022-23, 23-24 और 24-25 में कितनी राशि खर्च हुई? लक्ष्य के विरुद्ध कितने घरों में पानी पहुंच पाया? कई जिलों में कम राशि खर्च की गई। वहीं कई जिलों में दूसरे जिलों के मुकाबले बहुत कम घरों में पानी पहुंचा है।

विभागीय मंत्री अरुण साव- अब तक साल 2022-23 से 15 हजार 45 करोड़ मतलब 57 प्रतिशत राशि खर्च हुई है। 31 लाख 16 हजार 398 घरों में नल से पानी दे रहे हैं। 3 हजार 836 गांवों में पूरी तरह नल से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। राशि का भुगतान काम के प्रोग्रेस के मुताबिक किया जाता है। इसलिए अलग-अलग जिलों में अलग-अलग स्थिति है। 49 लाख से ज्यादा घरों में नल कनेक्शन के जरिए पानी पहुंचाना है। देरी से काम शुरू हुआ।

भूपेश बघेल- डबल इंजन की सरकार में सिर्फ 3 हजार 500 करोड़ रुपए योजना पर खर्च हुए। सिर्फ 57 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल हुआ है।

अरुण साव- साल 2023 के आखिर तक 36 लाख परिवारों तक नल का कनेक्शन दिखाया गया, सिर्फ आंकड़े दिखाने के लिए ये किया गया। हमने जो वेरिफिकेशन किया तो पता चला कि सिर्फ 21 लाख घरों में पानी जा रहा था, बाकी 15 लाख में सिर्फ नल लगाया गया था। आपने समय पर काम किया होता तो ये हालात नहीं बनते, आपकी सरकार ने बगैर पानी के नल टोटी लगाए।

भूपेश बघेल- 21 लाख घरों में हमने पानी दिया, अब तक 31 लाख घरों में पानी पहुंच रहा कह रहे हैं, मतलब करीब 2 साल में डबल इंजन की सरकार ने सिर्फ 10 लाख घरों में नल से पानी दिया। ये भी सही है या आंकड़ेबाजी है?

सरकार पर गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने हंगामा कर दिया।

सरकार पर गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने हंगामा कर दिया।

नल से पानी नहीं मिलने के मसले पर सदन में विपक्ष ने हंगामा कर दिया। पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। विपक्षी विधायकों ने आंकड़े को झूठा बताया। विधायकों ने कहा कि कई जिलों में पानी नहीं मिल रहा है।

नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत- 20 महीने की सरकार में सिर्फ 7 प्रतिशत काम हुआ है, जबकि हमने अपनी सरकार के दौरान करीब 74 प्रतिशत काम किया है। फिर ज्यादा काम किसने किया?

अरुण साव- हमने 10 लाख नल कनेक्शन पानी के साथ दिया।

भूपेश बघेल- 7 महीने में कितने नल कनेक्शन दिए और कितनी राशि खर्च की।

अरुण साव- 10 लाख नल कनेक्शन दिया।

विपक्ष के विधायकों ने गलत जानकारी देने की बात कही। इस दौरान विपक्ष और मंत्रियों के बीच बहस होने लगी। प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान हंगामे पर स्पीकर डॉ रमन ने पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को टोका।

हंगामे के दौरान स्पीकर डॉ रमन सिंह पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को शांत कराते हुए।

हंगामे के दौरान स्पीकर डॉ रमन सिंह पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को शांत कराते हुए।

विपक्ष के विधायकों का सदन से वॉकआउट

उन्होंने कहा कि आसंदी की मर्यादा का ध्यान रखें। प्रश्नकाल में हंगामा करना उचित नहीं है। पूरा देश छत्तीसगढ़ की कार्यवाही को देखता है। सदन की मर्यादाओं का पालन हम सभी को करना होगा। इसके बाद जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के विधायकों ने सदन से वॉक आउट कर दिया।

18 जुलाई तक चलेगा चलेगा मानसून सत्र

यह मानसून सत्र 18 जुलाई तक चलेगा। मानसून सत्र के पहले ही दिन 14 जुलाई को सत्ता पक्ष के विधायक के सवाल पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा घिर गए थे। मामला पटवारी से राजस्व निरीक्षक की विभागीय परीक्षा में अनियमितता से जुड़ा था।

भाजपा के विधायक राजेश मूणत ने सवाल पूछा कि अब तक इस मामले में एफआईआर क्यों नहीं कराई गई? इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब दिया कि अभी ईओडब्ल्यू जांच कर रही है।

सत्र के पहले दिन की कार्रवाई में राजस्व विभाग से जुड़ा मुद्दा सदन में उठा था।

सत्र के पहले दिन की कार्रवाई में राजस्व विभाग से जुड़ा मुद्दा सदन में उठा था।

पहले दिन भी विपक्ष का वॉकआउट

इसी बीच विपक्ष ने भी वर्तमान सरकार का मुद्दा बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग कर दी। तब मंत्री ने कहा कि ईओडब्ल्यू जांच कर रही है। अगले सत्र से पहले कार्रवाई हो जाएगी।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष सदन से वॉकआउट कर गया। इधर, भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में भर्ती में रोस्टर का पालन नहीं करने का मुद्दा उठाया।

इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि 10 विभागों में से 8 विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं। अभी जांच चल रही है।

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छत्तीसगढ़

तकनीकी नवाचार की उड़ान “लॉन्चपैड प्रोग्राम 2.0” का सफल आयोजन

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एचडी शेफर मेमोरियल फाउंडेशन एवं कोडक्राफ्ट के संयुक्त तत्त्वावधान में प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

AI, पायथन और वेब डिज़ाइन का क्रियाशील प्रशिक्षण; 13 से 68 वर्ष तक के प्रतिभागियों ने सीखी आधुनिक तकनीक की बारीकियाँ

सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर।
एच० डी० शेफर मेमोरियल फाउंडेशन एवं कोडक्राफ्ट सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय “लॉन्चपैड प्रोग्राम 2.0” का आज विधिवत एवं सफलतापूर्वक समापन हुआ। सीओसीएमआई कैम्पस, ककुदंड, बिलासपुर में 11 मई से 27 मई 2026 तक आयोजित इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालयी छात्र-छात्राओं से लेकर कार्यरत पेशेवरों एवं सेवानिवृत्त व्यक्तियों तक — 13 वर्ष से 68 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI टूल्स, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, पायथन प्रोग्रामिंग, वेबसाइट डिज़ाइनिंग, उद्यमिता कौशल, एक्सेल तथा व्यक्तित्व विकास का व्यावहारिक एवं हस्तप्रयोगात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विशेष बात यह रही कि प्रशिक्षण हेतु किसी पूर्व तकनीकी ज्ञान की अनिवार्यता नहीं रखी गई, जिससे तकनीक के क्षेत्र में नए प्रतिभागियों को भी सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिला।
प्रतिभागियों ने तैयार किए नवाचारपूर्ण प्रोजेक्ट
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपनी व्यक्तिगत पोर्टफोलियो वेबसाइट्स, AI आधारित प्रोफेशनल हेडशॉट्स, पोस्टर एवं निमंत्रण-पत्र डिज़ाइन, पायथन आधारित BMI कैलकुलेटर तथा विभिन्न मिनी प्रोजेक्ट्स तैयार किए।
विशेष रूप से 15 वर्षीय बेनहुर एवं 17 वर्षीय एंजेल लहरे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से दो संपूर्ण कम्प्यूटर गेम्स विकसित कर अपनी तकनीकी प्रतिभा का प्रभावशाली परिचय दिया।
“तकनीक साधन है, साध्य नहीं” — संजय विल्सन
समापन समारोह की अध्यक्षता एच० डी० शेफर मेमोरियल फाउंडेशन के निदेशक संजय विल्सन ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तभी सार्थक है जब उसे मानवीय विवेक, नैतिकता और कौशल के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने प्रतिभागियों को तकनीक का उपयोग समाजहित एवं आत्मविकास के लिए करने की प्रेरणा दी।
समारोह में आकांक्षा नाथानियल, एंजेल लहरे, बेनहुर, डेफनी, मेर्लिन, राजेश मकबूल एवं विस्मय सहित सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर आलोक विल्सन, विनय जेम्स एवं के० एम० के० पॉल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रशिक्षकों एवं आयोजकों का सराहनीय योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशिक्षकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। सॉफ्टवेयर इंजीनियर अप्रतिम सैमुएल एवं डेटा साइंटिस्ट कपिल वर्मा ने प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकी अवधारणाओं एवं व्यावहारिक प्रयोगों से परिचित कराया।
इस सम्पूर्ण आयोजन के सफल संयोजन का श्रेय रेव० निखिल पॉल को जाता है, जिनके समर्पण, कुशल प्रबंधन एवं सतत प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
तकनीकी शिक्षा को जनसामान्य तक पहुँचाने की पहल
“लॉन्चपैड प्रोग्राम 2.0” इस तथ्य का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया कि तकनीकी शिक्षा केवल इंजीनियरिंग अथवा विज्ञान के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज का प्रत्येक वर्ग एवं प्रत्येक आयु का व्यक्ति आधुनिक तकनीक सीखकर आत्मनिर्भरता एवं नवाचार की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

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कोरबा

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण रोकना है – सीईओ

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जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर हुई कार्यशाला

कोरबा। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 27 जनवरी 2026 को अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, वर्ष 2016 के पुराने नियमों का स्थान लेंगे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण को रोकना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उक्त बातें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 संबंधी कार्यशाला में कही।

सीईओ श्री नाग ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह नियम 01 अप्रैल 2026 से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे देश में लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निपटान हो सके। इसके लिए ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण शुल्क, शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान भी सुनिश्चित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ग्राम एवं जनपद स्तर पर उत्पन्न होने वाले कचरे की रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिवस में तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी। राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु जून माह तक जिले की 25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को वैज्ञानिक तरीके से कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री नाग ने कहा कि स्वच्छता अभियान की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी अपने घरों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन अपनाएं तथा कचरे के पृथक्करण के लिए नीले, हरे, लाल एवं पीले रंग के डस्टबिन का उपयोग करें, ताकि विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक-पृथक निपटान किया जा सके।

कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन के श्री दीप सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के उद्देश्य, महत्वपूर्ण विशेषताओं एवं मुख्य प्रावधानों की जानकारी पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी गई।

कार्यक्रम में लेखा अधिकारी श्री राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती इंदिरा भगत, श्रीमती अमिता साहू, जनपद पंचायतों के सीईओ, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अधिकारी-कर्मचारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।

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कोरबा

अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु अशोक मोदी सहित 13 पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इंदौर रवाना

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कोरबा। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मिलित होने हेतु छत्तीसगढ़ संगठन के प्रांतीय चेयरमैन अशोक मोदी, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, जयदेव सिंघल, महेन्द्र सक्सेरिया, आशीष सक्सेरिया एवं डाॅ. अनिता मोहनलाल सहित अन्य पदाधिकारी आज इंदौर के लिए रवाना हो गए।

विदित हो कि अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 30 एवं 31 मई 2026 को इंदौर में आयोजित है। इस अधिवेशन में संगठन के देशभर के प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारीगण एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सम्मिलित होंगे।
अधिवेशन में उपस्थित पदाधिकारीगणों के द्वारा राष्ट्रहित एवं समाजहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की जायेगी। साथ ही समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक समरसता एवं राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे एवं संगठन की सदस्यता को बढ़ाने एवं इसको 1 करोड तक पहुॅचाने का लक्ष्य रखा जायेगा जिस पर कार्य करने पर भी विचार किया जायेगा।
उक्त कार्यक्रम राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल के सानिध्य में तथा नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न होगा।
अशोक मोदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के कार्यक्रम सराहनीय रहे हैं तथा सामाजिक सेवा, धार्मिक सेवा, व्यापार एवं उद्योग में छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज की बड़ी भूमिका रही है और राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जो ठोस निर्णय लिए जाएंगे, उसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा।

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