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इजराइल ने गाजा में पहली बार मदद पहुंचाई:हवाई जहाज से आटा, चीनी और रेडीमेड फूड के पैकेट गिराए, गाजा में भूख से अब तक 124 मौतें

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गाजा,एजेंसी। इजराइल ने हमास के खिलाफ जंग के बाद रविवार को पहली बार गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाई है। इजराइली सेना IDF ने आटा, चीनी, दवाई और डिब्बाबंद खाना गाजा में हवाई मार्ग से पहुंचाया। यह कदम अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर उठाया गया।

वहीं, इजराइल ने गाजा के कुछ हिस्सों में सीजफायर और संयुक्त राष्ट्र (UN) के लिए सुरक्षित रास्ते बनाने का भी ऐलान किया ताकि वहां की जनता को मदद पहुंचाया जा सके। मार्च से मई तक इजराइल ने गाजा में बाहरी सहायता पर रोक लगा दी थी।

अब इजराइल का कहना है कि वह UN की सहायता वितरण में रुकावट नहीं डाल रहा। गाजा में इजराइल-हमास जंग को शुरू हुए 22 महीने हो चुके हैं। अब तक इस लड़ाई की वजह से 124 लोग भूख से मारे गए हैं, जिनमें से 81 बच्चे हैं। जुलाई महीने में ही भूख से 40 लोगों की मौत हुई, जिनमें 16 बच्चे हैं।

26 जुलाई, 2025 को इजराइली वायु सेना के विमान में मानवीय सहायता के बक्से लादे गए।

26 जुलाई, 2025 को इजराइली वायु सेना के विमान में मानवीय सहायता के बक्से लादे गए।

गाजा को एयर रूट से मदद मिलाना शुरू

इजराइली सेना ने पुष्टि की कि उन्होंने गाजा में एयर रूट से मदद भेजना शुरू कर दिया है। इससे पहले एक इजराइली सुरक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को CNN को बताया था कि गाजा में भुखमरी के संकट पर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बीच इजराइल विदेशी देशों को गाजा में एयर रूट से मदद भेजने की इजाजत देगा।

अमेरिका में इजराइल के राजदूत येचील लेइटर ने शनिवार को बताया कि इजराइली सेना रविवार से गाजा के लिए ‘ह्यूमेटेरियन कॉरिडोर’ खोलेगी। इनका मकसद गाजा की आबादी के लिए मानवीय सहायता बढ़ाना है।

लगातार बढ़ रही कुपोषण से मरने वालों की संख्या

गाजा में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों ने बताया कि वहां 50 ग्राम के बिस्किट के पैकेट की कीमत 750 रुपए है। नकद पैसे निकालने के लिए 45% तक कमीशन देना पड़ता है।

हालात इतने खराब हैं कि लोग नमक खाकर और पानी पीकर काम चला रहे हैं। एक पत्रकार ने बताया कि 21 महीने में मेरा वजन 30 किलो घट गया है। थकान बनी रहती है और चक्कर आते रहते हैं।

दक्षिणी गाजा के नासिर अस्पताल में काम करने वाले एक हेल्थ अधिकारी का कहना है कि गाजा में सभी भुखमरी के संकट से जूझ रहे हैं। कुपोषण से मरने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

उनका कहना है कि गाजा में जब युद्ध शुरू हुआ तो अस्पताल से सबसे ज्यादा संख्या हवाई हमलों में घायल होने वाले लोगों की होती थी, लेकिन अब उनकी जगह कुपोषण के शिकार बच्चों ने ले ली है। वहीं, UN का कहना है कि गाजा में एक तिहाई आबादी को कई दिनों में एक बार भोजन नसीब हो रहा है।

गाजा में भुखमरी की तस्वीरें…

गाजा की एक महिला हिदाया के 18 महीने छोटे बेटे मोहम्मद जकारिया की कुपोषण के चलते रीढ़ की हड्डी उभर आई है।

गाजा की एक महिला हिदाया के 18 महीने छोटे बेटे मोहम्मद जकारिया की कुपोषण के चलते रीढ़ की हड्डी उभर आई है।

7 साल का मोहम्मद और 10 साल की जीना भुखमरी के संकट से जूझ रहे हैं, उनका परिवार पानी पीकर अपनी भूख मिटा रहा है।

7 साल का मोहम्मद और 10 साल की जीना भुखमरी के संकट से जूझ रहे हैं, उनका परिवार पानी पीकर अपनी भूख मिटा रहा है।

UN का कहना है कि गाजा में एक तिहाई आबादी को कई दिनों तक खाना नहीं मिल रहा है।

UN का कहना है कि गाजा में एक तिहाई आबादी को कई दिनों तक खाना नहीं मिल रहा है।

अलग-अलग मानवीय संगठनों के मुताबिक गाजा की 20 लाख से ज्यादा आबादी पूरी तरह बाहरी मदद पर निर्भर है।

अलग-अलग मानवीय संगठनों के मुताबिक गाजा की 20 लाख से ज्यादा आबादी पूरी तरह बाहरी मदद पर निर्भर है।

युद्ध की वजह से गाजा में भुखमरी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, क्योंकि सटीक आंकड़े नहीं मिल पाए हैं।

युद्ध की वजह से गाजा में भुखमरी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, क्योंकि सटीक आंकड़े नहीं मिल पाए हैं।

ब्रिटेन-फ्रांस-जर्मनी बोले- अब गाजा युद्ध खत्म करने का वक्त

गाजा में भुखमरी को देखते हुए ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने एक संयुक्त बयान जारी किया है। उन्होंने कहा- ‘बंधकों की रिहाई से पहले तत्काल युद्धविराम करना चाहिए।

गाजा के नागरिकों को बिना किसी देरी के भोजन और पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इजराइल को अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता कानून के तहत अपने दायित्वों को निभाना चाहिए।’

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि हमास शांति नहीं चाहता, बल्कि ‘मरना चाहता है।’ उन्होंने इजराइल से गाजा में ‘मकसद पूरा करने’ और सैन्य अभियान तेज करने को कहा है।

ट्रम्प ने कहा, ‘अब वक्त आ गया है कि इजराइल हमास का सफाया करे। उन्हें इसे साफ करना होगा।’ यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका मध्यस्थता से अलग हो गया है।

इजराइल पर फिलिस्तीनियों को ड्रग्स देने का भी आरोप

गाजा के सरकारी मीडिया ऑफिस (GMO) ने पिछले महीने इजराइली आर्मी पर फिलिस्तीनियों को ड्रग्स देने का आरोप लगाया था। GMO का कहना था कि गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) ने फिलिस्तीनी लोगों को जो आटे की बोरियां दी हैं, उनमें ऑक्सीकोडोन नाम की नशीली गोलियां मिली हैं।

GHF को इजराइली सेना चलाती है और इसे अमेरिका से सपोर्ट मिलाता है। GMO ने कहा था कि यह लोगों को नशे की लत लगाने की साजिश है। इजराइल नशीली दवाओं को हथियार के तौर में इस्तेमाल कर रहा है।

गाजा में 70% बिल्डिंग्स तबाह

गाजा के मीडिया कार्यालय (GMO) ने इजराइल पर आरोप लगाया कि वह गाजा पट्टी से फिलिस्तीनी आबादी खाली करने की साजिश रच रहा है। ऑफिस ने कहा कि इजराइली सेना जबरन बेदखली, बमबारी और सहायता रोककर गाजा को तबाह कर रही है। यह नरसंहार और नस्लीय सफाई है।

GMO ने दावा किया था कि गाजा का 70% से ज्यादा बिल्डिंग्स तबाह हो चुकी हैं और 19 लाख लोग (85% आबादी) अपने घरों से बेघर हो गए हैं।

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विदेश

शाही महल में डिनर, फोन पर बात और जंग खत्म:दिन में ईरान को धमकाने वाले ट्रम्प रात को चिल्लाकर बोले- डील साइन

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वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने के समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात फ्रांस के वर्साय पैलेस में दस्तखत कर दिए। दिलचस्प बात यह रही कि कुछ घंटे पहले तक वही ट्रम्प ईरान को धमका रहे थे। G7 समिट के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर 60 दिन में अंतिम समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से ईरान पर बम बरसाएगा।

लेकिन शाम ढलते-ढलते तस्वीर बदल गई। G7 समिट के समापन के बाद ट्रम्प फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विशेष निमंत्रण पर वर्साय पैलेस पहुंचे। वहां डिनर से पहले दोनों नेताओं को फोन पर किसी से बातचीत करते देखा गया। इसके कुछ देर बाद ट्रम्प ने ईरान के साथ शांति समझौते (MoU) पर दस्तखत कर दिए।

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विदेश

यूक्रेन ने रूस पर सबसे बड़ा ड्रोन अटैक किया:1000 से ज्यादा ड्रोन, क्रूज मिसाइलें भी दागीं, जेलेंस्की बोले- यूक्रेन जलेगा तो रूस भी जलेगा

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मॉस्को/कीव, एजेंसी। यूक्रेन ने गुरुवार को रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया। रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रातभर में करीब 1,000 ड्रोन और चार क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया। इनमें करीब 200 ड्रोन राजधानी मॉस्को की तरफ बढ़ रहे थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा, “हम यह युद्ध नहीं चाहते थे, लेकिन अगर यूक्रेन जलेगा तो मॉस्को भी जलेगा।”

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक हमले में दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र का एक ऑयल डिपो धमाके से तबाह हो गया। यहां मौजूद एक व्यक्ति की मौत हो गई। मॉस्को की कपोतन्या ऑयल रिफाइनरी पर भी हमला हुआ। विस्फोट के बाद ऑयल डिपो टैंक का ढक्कन कई मीटर ऊपर उछल गया और आसमान में काले धुएं के गुबार छा गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पास के एक शॉपिंग सेंटर में भी आग लग गई। ड्रोन का मलबा गिरने से कुछ रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को नुकसान पहुंचा। कई ऊंची इमारतों को खाली कराया गया। हमले के बाद मॉस्को के हवाई अड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ानों पर रोक लगाई गई।

जेलेंस्की बोले- हमने रूस के हमले का जवाब दिया

जेलेंस्की ने मॉस्को पर हमले को पिछले हफ्ते कीव पर रूस की कार्रवाई का जवाब बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया, जो रूस के युद्ध अभियान को सहारा दे रहे हैं।

जेलेंस्की ने कहा कि अब समय आ गया है कि रूस युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाए। उन्होंने यूक्रेन की विभिन्न सैन्य और खुफिया एजेंसियों की कार्रवाई की तारीफ भी की।

हमले के समय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन कजान में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नेताओं के साथ शिखर बैठक में मौजूद थे। उन्होंने यूक्रेन के इस हमले पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

जेलेंस्की ने X पर पोस्ट कर मॉस्को पर हमले की जिम्मेदारी ली।

जेलेंस्की ने X पर पोस्ट कर मॉस्को पर हमले की जिम्मेदारी ली।

2023 से रूसी राजधानी पर ड्रोन हमले बढ़े

2022 में युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन के ड्रोन हमले सीमित थे। 2023 में पहली बार उसके ड्रोन मॉस्को तक पहुंचे, लेकिन तब हमलों में कुछ ही ड्रोन इस्तेमाल किए जाते थे।

अब यूक्रेन लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम हो गया है, जबकि रूस ने भी राजधानी के चारों ओर मजबूत एयर डिफेंस तैनात कर रखा है।

इस वजह से युद्ध अब सिर्फ फ्रंटलाइन तक सीमित नहीं रहा। दोनों देश तेल डिपो, रिफाइनरी और दूसरे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।

G7 देशों ने यूक्रेन को मदद देने का ऐलान किया

मॉस्को पर बड़े हमले के बीच G7 देशों ने यूक्रेन के लिए सैन्य मदद बढ़ाने का ऐलान किया है। संगठन ने कहा कि यूक्रेन को ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम, इंटरसेप्टर और लंबी दूरी के हथियार दिए जाएंगे।

इसके अलावा रूस के तेल और गैस कारोबार पर प्रतिबंध और सख्त किए जाएंगे। G7 देशों ने सर्दियों से पहले यूक्रेन की बिजली और ऊर्जा जरूरतों के लिए भी अतिरिक्त मदद देने का भरोसा दिया है।

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्हें लगा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराना आसान होगा, लेकिन दोनों देशों के बीच गहरी दुश्मनी ने बातचीत को मुश्किल बना दिया है।

उन्होंने कहा कि उनकी वोलोदिमिर जेलेंस्की और व्लादिमिर पुतिन दोनों से अच्छी बातचीत हुई है और वह इस युद्ध का अंत देखना चाहते हैं।

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बिज़नस

वो Luxury Villa जिसे देखने दुनिया भर से आते हैं रईस, 32 कमरे और आलीशान Pool, जानें कौन है इसका मालिक और क्या है कीमत?

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बीजिंग, एजेंसी। खूबसूरत वादियों, शांत समंदर या किसी खूबसूरत आइलैंड (द्वीप) पर अपना एक आलीशान घर होना हर किसी का सपना होता है। जरा सोचिए, एक ऐसा घर जो चारों तरफ से नीले पानी और पहाड़ों से घिरा हो, जिसमें तैरने के लिए एक शानदार इनफिनिटी पूल हो और अंदर कदम रखते ही सात सितारा होटल जैसी लक्जरी का अहसास हो। चीन के सूझोउ (Suzhou) शहर में स्थित एक ऐसा ही आलीशान महलनुमा घर इस समय पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह चीन का अब तक का सबसे महंगा घर है जिसकी भव्यता और कीमत सुनकर अच्छे-अच्छों के होश उड़ जाते हैं।

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क्या है इस महल का नाम और कहां है स्थित?

इस आलीशान विला को ‘ताओहुआयुआन’ (Taohuayuan) नाम दिया गया है। चीनी भाषा में इसका मतलब होता है ‘यूटोपिया’ (Utopia)—यानी एक ऐसी आदर्श और शांत दुनिया जहां सिर्फ सुख और शांति हो। यह घर चीन की मशहूर ‘दुशु झील’ (Dushu Lake) के ठीक बीच में बने एक बेहद खूबसूरत प्राइवेट आइलैंड (निजी द्वीप) पर स्थित है।

कौन है इसका रहस्यमयी मालिक? 

इस घर की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसका असली मालिक कौन है यह आज तक कोई नहीं जानता। इस आलीशान प्रॉपर्टी का मालिकाना हक पूरी तरह से गुप्त (गुमनाम) रखा गया है जो इसे और ज्यादा रहस्यमयी बनाता है।

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जानिए इसकी खासियतें

रिपोर्ट के मुताबिक इस घर को तैयार करने में दुनिया भर के बेहतरीन आर्किटेक्ट्स को लगाया गया था। यह प्रॉपर्टी करीब 72,400 वर्ग फुट के विशाल एरिया में फैली हुई है। इसे पूरी तरह से बनकर तैयार होने में 3 साल से भी ज्यादा का समय लगा था। इस घर के अंदर कुल 32 आलीशान बेडरूम और 32 हाई-टेक बाथरूम बनाए गए हैं।

घर का नक्शा इस तरह तैयार किया गया है कि इसके हर एक कमरे में सूरज की प्राकृतिक रोशनी (Natural Light) सीधी पहुंचती है। इस पूरे विला का डिजाइन यूनेस्को की विश्व धरोहरों से प्रेरित है। इसे फेंगशुई के सभी नियमों को ध्यान में रखकर बनाया गया है और इसे तराशने के लिए खास पारंपरिक कारीगरों की मदद ली गई थी।

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कितनी है इस Luxury Villa की कीमत?

चीन के बाजार में इसकी कीमत 1 अरब युआन है। डॉलर में आंका जाए तो यह संपत्ति लगभग 150 मिलियन डॉलर की है। भारतीय मुद्रा के हिसाब से इस एक अकेले घर की कीमत करीब 1200 करोड़ रुपये बैठती है। खूबसूरत बगीचों, पारंपरिक चीनी नक्काशी और आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस इस द्वीप-महल को देखने और इसकी एक झलक पाने के लिए दुनिया भर से रईस और टूरिस्ट चीन पहुंचते हैं।

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