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ट्रंप का भारत विरोधी चेहरा बेनकाब ! ‘मोस्ट वांटेड आतंकी’ पन्नू को दिया धन्यवाद, जमकर वायरल हो रहा पत्र
वाशिंगठन/नई दिल्ली,एजेंसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप द्वारा भारत में प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के अटॉर्नी जनरल गुरपतवंत सिंह पन्नू को लिखी चिट्ठी ने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते से कुछ दिन पहले, कथित तौर पर ट्रंप द्वारा पन्नू को लिखा गया एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह चिट्ठी व्हाइट हाउस के आधिकारिक लेटरहेड पर 24 जुलाई 2025 को जारी हुई । हालांकि अभी इस पत्र की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों के अनुसार इसे अमेरिका की भारत के खिलाफ नई साजिश के तौर पर देखा जा रहा है जिससे ट्रंप का भारत विरोधी चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो गया है। और दूसरी तरफ यह पत्र अमेरिका-भारत संबंधों को नुकसान पहुँचाने के लिए एक रणनीतिक रूप से रची गई दुष्प्रचार चाल बताया जा रहा है।

खबरों के मुताबिक, इस फेक चिट्ठी में ट्रंप ने पन्नू के भेजे विचारों के लिए उसे धन्यवाद दिया है। ट्रंप ने लिखा कि अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के पहले ही दिन उन्होंने विदेश सहायता और विदेश मंत्रालय के खर्चों की समीक्षा का आदेश दिया था। इसके पीछे उनका मकसद अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिकों की रक्षा और देशहित को प्राथमिकता देना था। ट्रंप ने चिट्ठी में कहा कि अगर अमेरिका मजबूत होगा तो दुनिया भी सुरक्षित और समृद्ध होगी। पत्र में बताया गया है कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल के शुरुआती आदेशों में 90 दिनों के लिए विदेशी मदद पर रोक लगाकर टैक्स पेयर का पैसा सही दिशा में खर्च करने की योजना बनाई थी। इसके साथ ही सेना को मजबूत करने, मिसाइल सिस्टम अपग्रेड करने और उत्पादन को अमेरिका में बढ़ावा देने की बात भी कही गई है।

गौरतलब है कि भारत ने पन्नू को ‘मोस्ट वांटेड आतंकी’ और SFJ को प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन घोषित कर रखा है। पन्नू पर देशद्रोह और आतंकवाद फैलाने के गंभीर आरोप हैं। ऐसे में ट्रंप की ओर से पन्नू को मिला जवाब भारत के लिए चिंताजनक माना जा रहा है। भारत सरकार कई बार अमेरिका से पन्नू को भारत को सौंपने की मांग कर चुकी है। अब यह मामला इसलिए भी संवेदनशील हो गया है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच रिश्ते पहले मजबूत माने जाते थे। वहीं, विदेशों में बैठे कुछ सिख संगठन इस चिट्ठी को “अंतरराष्ट्रीय मान्यता” की तरह पेश कर रहे हैं। पन्नू का कहना है कि ट्रंप ने न केवल अमेरिका की, बल्कि सिखों की आवाज भी सुनी है। पन्नू ने कहा कि 17 अगस्त को सिख वोट डालेंगे और यह वोट ‘बैलेट बनाम गोली’ की जंग है हमने गोली नहीं, वोट चुना है।इस चिट्ठी ने भारत में सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे पन्नू को ‘वैधता’ देने की कोशिश मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे अमेरिका की नीति में बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं।
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Citroen Cars Discount : कार खरीदने का शानदार मौका! Citroen ने इन गाड़ियों पर किया डिस्काउंट का ऐलान
मुंबई, एजेंसी। Citroen ने अपने ग्राहकों के लिए चुनिंगा गाड़ियों पर डिस्काउंट का ऐलान किया है। ये डिस्काउंट मॉडल के आधार पर दिए जाएंगे और ग्राहक इसका फायदा 30 जून तक उठा सकते हैं। डिटेल में जानते हैं इन डिस्काउंट के बारे में-

Citroen Basalt
Basalt कूप-SUV पर इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। इसमें 82hp, 115Nm वाला 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड (NA) पेट्रोल इंजन या 110hp, 190Nm वाला 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलता है। NA इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलता है, जबकि टर्बो-पेट्रोल इंजन 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ, टर्बो-पेट्रोल इंजन 205Nm का ज़्यादा टॉर्क देता है। मार्केट में इसकी कीमत 8.55 लाख रुपये से 13.75 लाख रुपये की के बीच है।

Citroen Aircross
Citroen Aircross पर कंपनी इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। अपने सेगमेंट में यह एकमात्र 7 सीटर एसयूवी है। इसकी कीमत 8.89 लाख रुपये से 13.99 लाख रुपये तक जाती है।
Citroen C3
Citroen C3 की खरीदी करने पर आप 1.1 लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं। इसकी कीमत 4.99 लाख रुपये से 9.60 लाख रुपये के बीच की है।
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Tata के iPhone प्लांट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, बंद हो सकती है फैक्ट्री
मुंबई, एजेंसी। भारत में iPhone निर्माण से जुड़े एक प्रमुख संयंत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। तमिलनाडु के होसुर स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट पर आसपास की कृषि भूमि और भूजल को प्रदूषित करने के आरोप लगे हैं। मामले की जांच के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी से जवाब मांगा है और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर फैक्ट्री बंद करने तक की चेतावनी दी है।
यह प्लांट Apple के iPhone के लिए बैक पैनल और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों का निर्माण करता है। पिछले कई महीनों से प्लांट के आसपास के किसानों ने शिकायत की थी कि फैक्ट्री से निकलने वाला अपशिष्ट जल के कारण उनकी खेती और जल स्रोत को प्रभावित कर रहा है। किसानों की शिकायत के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू की और अब मामला गंभीर रूप ले चुका है।

जांच के दौरान बोर्ड ने नोटिस में कहा कि फैक्ट्री परिसर के एक तालाब से निकला पानी आसपास के कृषि क्षेत्रों तक पहुंचा, जिससे भूजल प्रदूषण की आशंका पैदा हुई। बोर्ड ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में जारी निर्देशों के बावजूद कंपनी ने जरूरी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। इसी वजह से मई में जारी नोटिस में पूछा गया कि आखिर क्यों न यूनिट की बिजली आपूर्ति काट दी जाए और संचालन बंद कर दिया जाए। यह चेतावनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।
टाटा ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसने एक मान्यता प्राप्त स्वतंत्र प्रयोगशाला द्वारा कराई गई जांच में संयंत्र को सभी पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप पाया गया है। कंपनी ने दावा किया है कि वह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को अपना जवाब सौंप चुकी है।
पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक तरफ भारत वैश्विक कंपनियों के लिए उत्पादन केंद्र बनने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय समुदायों और किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
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स्मार्टफोन की बिक्री में 35% की बड़ी गिरावट, कीमत बढ़ने से मांग पर दबाव
नई दिल्ली, एजेंसी। देश में स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों का असर अब बिक्री पर साफ दिखाई देने लगा है। रिटेलरों का कहना है कि मई में मोबाइल की बिक्री में सालाना आधार पर रिकॉर्ड 30-35 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी वजह यह है कि मेमरी चिप की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कंपनियां नवंबर 2025 से लगातार कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। अभी कुल बिक्री में से 60 प्रतिशत हिस्सा ऑफलाइन का है, जबकि 40 प्रतिशत बिक्री ऑफलाइन के जरिए होती है। कुल मिलाकर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की बिक्री में भारी गिरावट आएगी।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार मई में शिपमेंट में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जून में भी इसी तरह की कमजोरी बने रहने की संभावना जताई गई है। साल 2026 की पहली तिमाही में मोबाइल शिपमेंट में गिरावट 3 प्रतिशत रही थी लेकिन दूसरी तिमाही में यह गिरावट 15 प्रतिशत से ज्यादा रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी और मई के बीच स्मार्टफोन की औसत कीमत में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी पिछले साल हुई कीमतों में वृद्धि के अलावा है। रिटेलरों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बाद से कुछ मामलों में कुल असर 40-45 प्रतिशत तक रहा है।
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