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छत्तीसगढ़

828 नए प्राचार्यों की पोस्टिंग के लिए काउंसलिंग शुरू:पहले दिन 280 शिक्षक होंगे शामिल, जो छूटेंगे उन्हें 23 अगस्त को मिलेगा दूसरा मौका

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से प्राचार्य (टी-संवर्ग) के पदोन्नति आदेश 14 अगस्त को जारी कर दिए गए हैं। व्याख्याता, प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला से प्राचार्य बनने वालों की पोस्टिंग के लिए ओपन काउंसिलिंग आज सुबह 10 बजे से शुरू हो चुकी है।

दो पाली में आज 280 शिक्षकों की ओपन काउंसलिंग होनी है। वहीं जो शिक्षक काउंसलिंग में भाग नहीं ले पाएंगे। उन्हें 23 अगस्त को एक बार फिर काउंसलिंग में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, पहले 20 से 23 अगस्त तक शासकीय शिक्षा महाविद्यालय परिसर शंकर नगर में 844 शिक्षकों को ओपन काउंसलिंग में शामिल होने के लिए बुलाया गया था।

लेकिन विभाग मंगलवार को एक संशोधित सूची जारी की गई। जिसमें 828 शिक्षकों को ही काउंसलिंग के लिए बुलावा भेजा गया है। यानी नई लिस्ट से लगभग 16 शिक्षकों के नाम हटा दिए गए हैं। हालांकि, विभाग की ओर से इस संदर्भ कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

ये अधिसूचना 14 अगस्त को जारी की गई थी।

ये अधिसूचना 14 अगस्त को जारी की गई थी।

ये अधिसूचना 19 अगस्त, मंगलवार को जारी की गई है।

ये अधिसूचना 19 अगस्त, मंगलवार को जारी की गई है।

पहली पाली में 150 और दूसरी पाली में 150 अभ्यर्थियों का काउंसलिंग

काउंसलिंग का समय सुबह 10:00 बजे से निर्धारित है। हर दिन पहली पाली में 150 और दूसरी पाली में 150 अभ्यर्थियों को काउंसलिंग में शामिल किया जाएगा। काउंसलिंग प्रक्रिया में प्राथमिकता का निर्धारण सीनियारिटी और नियमों के अनुसार किया जाएगा।

व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी, प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक शाला के पदोन्नति आदेश के लिए काउंसलिंग के लिए प्राथमिकता निर्धारण (प्रथम चार का क्रम निर्धारण) व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.), प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक शाला की वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति आदेश के सरल क्रमांक के अनुसार एक अनुपातिक सूची (व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.) प्रधान पाठक (माध्यमिक शाला) 2:1:1 में तैयार की गई है।

उपरोक्त अनुपात भर्ती और पदोन्नति नियम के अनुसार व्याख्याता 65 प्रतिशत (व्याख्याता 70 प्रतिशत और व्याख्याता एल. बी. का कोटा 30 प्रतिशत है), जबकि प्रधान पाठक (मा.शाला) 25 प्रतिशत के आधार पर निर्धारित है। काउंसलिंग में गैरमौजूद रहने वाले प्राचार्यों को अंतिम दिन 23 अगस्त को अवसर दिया जाएगा।

काउंसलिंग पूरी होने के बाद पदस्थापना आदेश शासन की ओर से जारी किया जाएगा। आदेश जारी होने के 7 दिन के भीतर नवीन पदस्थापना स्थल पर पदग्रहण करना अनिवार्य होगा।

14 अगस्त को जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति।

14 अगस्त को जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति।

1 हजार से अधिक व्याख्याताओं की पदोन्नति की गई थी

इससे पहले राज्य सरकार 1227 व्याख्याताओं (टी संवर्ग) को पदोन्नति देने के आदेश जारी किया था। पदोन्नति पाने वाले में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान, राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और वाणिज्य जैसे मुख्य विषयों के व्याख्याता शामिल हैं।

एक साल में 7000 पदोन्नतियां, 2621 नई नियुक्तियां

स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक, पिछले एक साल में करीब 7000 शिक्षकों को जिला और संभाग स्तर पर पदोन्नत किया गया है। इसके साथ ही, 2621 सहायक शिक्षक (विज्ञान लैब) की सीधी भर्ती भी की गई, जिससे प्रयोगात्मक शिक्षा को और मजबूत किया जा सके।

30 अप्रैल को 2900 प्राचार्यों को भी मिली थी पदोन्नति

इससे पहले 30 अप्रैल 2025 को करीब 2900 प्राचार्यों के पदोन्नति आदेश जारी किए गए थे। जल्द ही टी संवर्ग के पदोन्नत प्राचार्यों की पदस्थापना भी काउंसलिंग के जरिए की जाएगी। इससे स्थान की आवश्यकता और पारदर्शिता दोनों को सुनिश्चित किया जा सकेगा।

E संवर्ग के प्राचार्य पद का मामला कोर्ट में लंबित

ई संवर्ग (E संवर्ग) के प्राचार्यों से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के निर्णय के बाद समयबद्ध रूप से कार्रवाई की जाएगी।

अब अलग-अलग संवर्ग को समझिए

छत्तीसगढ़ और कई अन्य राज्यों में स्कूल शिक्षा विभाग शिक्षकों को अलग-अलग “संवर्ग” यानी कैडर या कैटेगरी में बांटा गया है। जो उनके पद, जिम्मेदारी और सेवा क्षेत्र के अनुसार होते हैं। मोटे तौर पर तीन प्रमुख संवर्ग होते हैं।

T संवर्ग (टीचर कैडर)

  • इसमें माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के व्याख्याता, शिक्षक आदि शामिल होते हैं।
  • यह संवर्ग आमतौर पर 9वीं से 12वीं तक के शिक्षकों को कवर करता है।
  • उदाहरण: व्याख्याता (हिन्दी, अंग्रेजी, गणित आदि विषयों के) जो 11वीं–12वीं के बच्चों को पढ़ाते हैं। अभी जिन 1227 व्याख्याताओं को प्रमोशन मिला है वो इसी कैटेगरी के हैं।

E संवर्ग (एलीमेंट्री कैडर)

  • इसमें प्राथमिक (1-5वीं) और माध्यमिक स्तर (6-8वीं) तक पढ़ाने वाले शिक्षक आते हैं।
  • जैसे: सहायक शिक्षक, प्रधानपाठक, माध्यमिक शिक्षक।

LR संवर्ग (लेक्चरर रिक्रूटमेंट संवर्ग – विशेष तौर पर उच्च पदों के लिए)

यह उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लिए व्याख्याताओं की सीधी भर्ती या विशेष प्रमोशन कैटेगरी हो सकती है।

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कोरबा

प्रेसवार्ता: द इंटरनेशनल एसोसिएशन आफ लायंस क्लब्स डिस्ट्रिक्ट 3233सी एवं रीजन में लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल का शिक्षा प्रकल्प मॉडल

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कोरबा। लायंस क्लब बालको के आयोजकत्व में कोरबा टीपी नगर स्थित ब्लू डायमंड होटल के कांफ्रेंस हाल में रीजन कांफ्रेंस के पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पीएमजेएफ लायन विजय अग्रवाल एवं रीजन चेयरमेन पीएमजेएफ लायन कैलाशनाथ गुप्ता, क्लब अध्यक्ष विक्रम अग्रवाल, पीडिजी एमजेएफ लायन एमडी माखीजा ने प्रेसवार्ता ली, जिसमें डिस्ट्रिक्ट एवं रीजन में लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल का स्थायी प्रोजेक्ट शिक्षा प्रकल्प नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा को मॉडल बताया और कहा कि लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम विद्यालय है, जिसे 7स्टार रेटिंग हासिल है, जहां पर कुछ बच्चों को पूर्णत: नि:शुल्क एवं ग्रामीण तथा निर्धन बच्चों को काफी कम फीस लेकर उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान की जा रही है, जो लायनवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
लायन विजय अग्रवाल ने कहा कि उनके डिस्ट्रिक्ट गवर्नर कार्यकाल में पूरा छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का आधा हिस्सा डिस्ट्रिक्ट 3233 सी के अंतर्गत आता है और डिस्ट्रिक्ट के अंदर संचालित क्लबों द्वारा शिक्षा, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई स्थायी प्रोजेक्ट सहित सामाजिक सरोकार से जुड़े रचनात्मक कार्य किए जा रहे हैं।

सारागांव में भी लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा की तर्ज पर खुलेगा विद्यालय
रीजन चेयरपर्सन पीएमजेएफ लायन कैलाशनाथ गुप्ता ने बताया कि रीजन कांफ्रेंस में नया क्लब, लायंस क्लब सारागांव का गठन किया गया है, जिसका शपथग्रहण रीजन कांफ्रेंस में किया गया। लायन गुप्ता ने बताया कि सारागांव में भी लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा की तर्ज पर विद्यालय खोला जाएगा, इसके लिए लायन सदस्य दीपक अग्रवाल ने 03 एकड़ जमीन दान में दी है।
जल संरक्षण, भूख उन्मुलन, स्कूल डेव्हलपमेंट एवं स्वास्थ्य में विशेष काम
डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पीएमजेएफ लायन विजय अग्रवाल ने कहा कि द इंटरनेशनल एसोसिएशन आफ लायंस क्लब्स 8 क्षेत्रों में काम कर रहा है जिसमें दृष्टि, भूख उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण, बचपन का केंसर, मधुमेह नियंत्रण, मानवीय प्रयास एवं आपदा राहत। डिस्ट्रिक्ट में भी इन क्षेत्र में काम किया जा रहा है, लेकिन डिस्ट्रिक्ट में मुख्य रूप से शिक्षा, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर विजन लेकर कार्य किया जा रहा है, जिसमें स्कील डेव्हलपमेंट को भी प्राथमिक्ता से रखा गया है।
लायन कैलाशनाथ गुप्ता ने कहा कि रीजन कांफ्रेंस का नाम रखा गया है-काव्या। काव्या हमें संवेदना, मानवता सिखाती है और कविता से एकता एवं सद्भाव का संचार होता है। रीजन कांफ्रेंस का भी यही मुख्य ध्येय है। इस अवसर पर अन्य क्लब, जोन के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

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रायपुर/जांजगीर-चांपा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को सुश्री अमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है।

उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी।

मुख्यमंत्री ने सुश्री अमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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छत्तीसगढ़

अमित जोगी की सजा पर सिंहदेव का बयान:कहा- तकनीकी आधार पर सुप्रीम कोर्ट में अपील, 20 अप्रैल को होगी सुनवाई

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मुंगेली,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड मामले में जेसीसीजे प्रमुख अमित जोगी को बिलासपुर हाईकोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद अब इस पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का बयान सामने आया है। मुंगेली के लोरमी में एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे सिंहदेव ने कहा कि अमित जोगी ने बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।

सिंहदेव ने बताया कि उन्होंने सुना है कि यह अपील किसी तकनीकी आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस बात को स्वीकार कर राहत देगा या नहीं, यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ही पता चलेगा।

गौरतलब है कि रामावतार जग्गी हत्याकांड में बिलासपुर हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि जब सभी आरोपियों पर एक ही अपराध में शामिल होने का आरोप हो, तो किसी एक आरोपी के साथ जानबूझकर अलग व्यवहार नहीं किया जा सकता।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि जब सभी आरोपियों के खिलाफ एक जैसे सबूत हों, तो किसी एक को बरी कर देना और बाकी को उन्हीं सबूतों के आधार पर दोषी ठहराना सही नहीं है, जब तक कि उसे छोड़ने का कोई ठोस और अलग कारण साबित न हो। यह फैसला चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की स्पेशल डिविजनल बेंच ने सुनाया था।

अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1000 रुपए जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना न देने पर उन्हें 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट से अमित जोगी को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है और इसकी अगली सुनवाई 20 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

जोगी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दो आदेशों को चुनौती दी गई है। पहला, वह आदेश जिसमें सीबीआई को अपील करने की अनुमति दी गई थी, और दूसरा, हाईकोर्ट का वह फैसला जिसमें उन्हें हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

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