छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज बहाल:बिलासपुर जोन में 52 ट्रेनों को मिली ठहराव की सुविधा, 4 साल बाद छोटे स्टेशनों पर रुकेंगी ट्रेनें
बिलासपुर,एजेंसी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन में यात्रियों को बड़ी सुविधा मिली है। जोन में कुल 52 ट्रेनों को ठहराव की अनुमति दी गई है। इनमें छत्तीसगढ़ के 33 स्टेशनों पर ट्रेनें रुकेंगी। बिलासपुर जिले में 22 ट्रेनों का स्टॉपेज छोटे स्टेशनों को मिला है।
दरअसल, कोरोना काल के दौरान छोटे स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया था। अब 4 साल बाद यह सुविधा फिर शुरू की जा रही है। रेलवे प्रशासन ने स्टॉपेज की विस्तृत जानकारी जारी की है।
इसके अनुसार, इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस और टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस 1 सितंबर से ब्रजराजनगर में रुकेगी। अमृतसर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस 1 सितंबर से और विशाखापत्तनम-अमृतसर एक्सप्रेस 2 सितंबर से बेलपहाड़ में रुकेगी।
चेन्नई सेंट्रल-बिलासपुर एक्सप्रेस 2 सितंबर से और बिलासपुर-चेन्नई सेंट्रल एक्सप्रेस 31 अगस्त से मुल मारोरा में रुकेगी। चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस और रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस 1 सितंबर से धुरवासिन और बैहाटोला में रुकेगी।
ट्रेन नंबर और नाम, स्थान, समय और लागू होने की तिथि इस प्रकार है
18029 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस देवबलौदा चरौदा, 19.09 19.11, 1 सितंबर से
8204 कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस उमरिया, 03.58 04.00, 2 सितंबर से
18203 दुर्ग-कानपुर एक्सप्रेस उमरिया, 03.02 03.04, 1 सितंबर से
18756 अम्बिकापुर-शहडोल एक्सप्रेस अमलाई, 12.38 12.40, 1 सितंबर से
18755 शहडोल-अम्बिकापुर एक्सप्रेस अमलाई, 14.57 14.59, 1 सितंबर से
18204 कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस बीरसिंहपुर, 04.26 04.28, 2 सितंबर से
18203 दुर्ग-कानपुर एक्सप्रेस बीरसिंहपुर, 02.37 02.39, 1 सितंबर से
15160 दुर्ग-छपरा एक्सप्रेस चंदिया रोड, 04.12 04.16 ,1 सितंबर से
15159 छपरा-दुर्ग एक्सप्रेस चंदिया रोड, 21.54 21.56, 1 सितंबर से
18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस बेलगहना, 23.16 23.18, 1 सितंबर से
18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस करगीरोड, 23.00 23.02, 1 सितंबर से
18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस करगीरोड, 01.58 02.00, 1 सितंबर से
18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस बेलगहना, 01.43 01.45, 1 सितंबर से
15160 दुर्ग-छपरा एक्सप्रेस बेलगहना, 00.06 00.08, 1 सितंबर से
15159 छपरा-दुर्ग एक्सप्रेस बेलगहना, 01.53 01.55, 1 सितंबर से
18478 योगनगरी ऋषिकेश-पुरी एक्सप्रेस बेलगहना, 07.45 07.47, 1 सितंबर से
18477 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस बेलगहना, 15.12 15.14, 1 सितंबर से
18238अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस हथबंध, 09.18 09.20, 1 सितंबर से
18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस हथबंध, 15.16 15.18, 1 सितंबर से
18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस खोंगसरा, 23.32 23.34, 1 सितंबर से
18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस खोंगसरा, 01.25 01.27, 1 सितंबर से
8258 चिरमिरी-बिलासपुर एक्सप्रेस खोंगसरा, 02.13 02.15, 1 सितंबर से
18257 बिलासपुर-चिरमिरी एक्सप्रेस खोंगसरा, 01.10 01.12, 1 सितंबर से
18258 चिरमिरी-बिलासपुर एक्सप्रेस पेंड्रा रोड, 01.33 01.35, 1 सितंबर से
18257 बिलासपुर-चिरमिरी एक्सप्रेस पेंड्रा रोड, 01.57 01.59, 1 सितंबर से
18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस गतौरा, 18.58 19.00, 1 सितंबर से
18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस गतौरा, 05.53 05.55, 1 सितंबर से
18030 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस बिल्हा, 04.53 04.55, 1 सितंबर से
18029 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस बिल्हा, 21.16 21.18, 1 सितंबर से
12855 इतवारी-बिलासपुर एक्सप्रेस बिल्हा, 15.38 15.40, 1 सितंबर से
12856 बिलासपुर- इतवारी एक्सप्रेस बिल्हा, 13.43 13.45, 1 सितंबर से
18240 इतवारी-कोरबा शिवनाथ एक्सप्रेस बिल्हा, 06.30 06.32, 1 सितंबर से
18239 गेवरा रोड-इतवारी शिवनाथ एक्सप्रेस बिल्हा, 21.08 21.10, 1 सितंबर से
15160 दुर्ग-छपरा एक्सप्रेस बिल्हा, 22.33 22.35, 1 सितंबर से
15159 छपरा-दुर्ग एक्सप्रेस बिल्हा, 04.02 04.04, 1 सितंबर से
18110 इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस किरोडीमलनगर, 10.54 10.56, 1 सितंबर से
18109 टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस किरोडीमलनगर ,16.21 16.23, 1 सितंबर से
18756 अम्बिकापुर-शहडोल एक्सप्रेस करंजी, 09.31 09.33, 1 सितंबर से
18755 शहडोल-अम्बिकापुर एक्सप्रेस करंजी, 18.28 18.30, 1 सितंबर से
11752 चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस पाराडोल, 19.17 19.19, 1 सितंबर से
11751 रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस पाराडोल, 03.54 03.56, 1 सितंबर से
18030 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस देवबलौदा चरौदा, 06.53 06.55, 1 सितंबर से

कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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