कोरबा
दशलक्षण धर्म का चौथा धर्म- उत्तम शौच धर्म
मन ,वचन, काय की पवित्रता का नाम ही उत्तम शौच धर्म है
कोरबा। पर्यूषण पर्व का चौथा दिन उत्तम शौच धर्म का है ।जिस प्रकार क्षमा, मार्धव धर्म के समान उत्तम आर्जव भी आत्मा का स्वभाव है और पवित्रता का नाम शौच धर्म है। आर्जव स्वभावी आत्मा के आश्रय से आत्मा में छलकपट ,मायाचार के अभाव रूप ,शांतिस्वरूप जो पर्याय प्रकट होती है ,उसे ही आर्जव धर्म कहते हैं ।वहीं उनकी पवित्रता का नाम ही शौच धर्म है। शौच धर्म से तन- मन- धन एवं मन- वचन काय की पवित्रता से यदि व्यक्ति संतोषमय जीवन व्यतीत करें तो लोभ कषाय का समापन हो जाएगा और व्यक्ति सत्य मार्ग को स्वीकार कर लेगा।
उक्त विचार दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे पर्यूषण पर्व के चौथे दिन धर्म के 10 लक्षणों को परिभाषित करने हेतु संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज, आचार्य श्री 108 समय सागर महाराज एवं आर्यिका रत्न श्री 105 आदर्श मति माता जी के मंगल आशीर्वाद से आर्यिका रत्न श्री 105 अखंडमति माताजी एवं आर्यिका रत्न श्री 105 अभेद मति माताजी जो दो माह से जैन मंदिर विराजमान है उन्होंने अपने प्रवचन के दौरान हमें बताया कि आज सभी को चार कषायों क्रोध, मान ,माया ,लोभ को छोड़कर चार धर्मों का पालन क्षमा, मार्दव, आर्जवधर्म की गहराइयों को समझ कर आज लोभ कषाय के अभाव में प्रकट होने वाली जीवन की पवित्रता शुचिता की बात समझनी चाहिए। 10 लक्षण पर्व में उत्तम शौच धर्म का अर्थ मन की पवित्रता से है ।धर्म मन में बसता है।
जैन मिलन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी दिनेश जैन ने शौच धर्म के बारे में बताया कि जहां सत्य मार्ग ,संयम की ओर इंगित करता है ।तो तप और त्याग के माध्यम से वह मोक्ष मार्ग में अपने आप को तत्पर समझने लगता है ।पवित्र स्वभाव को छूकर जो पर्याय स्वयं पवित्र हो जाए उस पर्याय का नाम शौच धर्म है। आत्मस्वभाव के स्पर्श के बिना अर्थात आत्मा के अनुभव के बिना शौचधर्म का पालन नहीं होता है। शौचधर्म का ही क्या सभी धर्मो का आरंभ आत्मा अनुभूति से ही संभव है ।आत्मा नुभूति उत्तम क्षमादि सभी धर्मो की जननी है ।शौचधर्म को और अधिक परिभाषित करते हुए दिनेश जैन बताया कि जिस तरह शरीर के सौंदर्य को निखारने के लिए नाक में नथुनी ,कानों में कुंडल, आंखों में काजल, गले में हार ,हाथ में ब्रेसलेट और उंगलियों में अंगूठी पहनी जाती है। उसी तरह से मन को सुंदर बनाने के लिए धर्म को धारण किया जाता है। मन की पवित्रता का नाम ही शौचधर्म है ।उत्तम शौच को जीवन में शामिल कर मन को पवित्र बनाना चाहिए।
इस प्रकार से समस्त जैन धर्मावलंबियों ने उत्तम शौचधर्म को बड़े ही अच्छे ढंग से समझा। प्रातः काल में समस्त जैन समाज के लोगों ने श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन किया।रात्रि कालीन बेला में लोगों ने श्रीजी की आरती ,भजन ,प्रवचन का आनंद उठाया। तत्पश्चात् रात्रि में कौन बनेगा ज्ञानवान आदि प्रतियोगिता संपन्न हुई। जिसमें समस्त जैन समाज की महिलाएं पुरुषों एवं बच्चों ने प्रतियोगिता में भाग लिया ।उक्त आशय की संपूर्ण जानकारी जैन मिलन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी दिनेश जैन ने दी।




कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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