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भाजपा सांसदों की वर्कशॉप में सबसे पीछे बैठे मोदी:बोले-ये साथियों से सीखने के लिए अहम, पार्टी ने GST स्लैब में बदलाव पर धन्यवाद दिया

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नई दिल्ली,एजेंसी। भाजपा सांसदों की दो दिन की वर्कशॉप रविवार को शुरू हुई। पीएम मोदी भी इसमें शामिल हुए। इस दौरान वे हॉल में सबसे पीछे की पंक्ति में बैठे। पीएम ने फोटो शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,

संसद कार्यशाला में देशभर के सांसद साथियों और वरिष्ठ नेताओं से विचार साझा हुए। ऐसे मंच एक-दूसरे से सीखने और जनता की बेहतर सेवा के लिए बेहद अहम हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान सांसदों ने जीएसटी स्लैब में बदलाव के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। वहीं, वर्कशॉप में कुल 4 सत्र होंगे, जिनमें पार्टी के इतिहास, विकास और सांसदों की कार्यकुशलता बढ़ाने पर चर्चा होगी। इसका मकसद उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले सांसदों को सही दिशा और 100% वोटिंग के लिए ट्रेनिंग देना है।

उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा। इससे पहले 8 सितंबर को एनडीए सांसदों के लिए पीएम मोदी डिनर होस्ट करने वाले थे, लेकिन पंजाब सहित कई राज्यों में आई बाढ़ को देखते हुए इसे रद्द कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी बाढ़ प्रभावित राज्यों का दौरा करेंगे और हालात की समीक्षा बैठक लेंगे। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और गुजरात में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है।

वर्कशॉप के दौरान PM मोदी की तस्वीरें…

भाजपा सांसदों की दो दिन की वर्कशॉप रविवार को शुरू हुई। पीएम मोदी भी इसमें शामिल हुए।

भाजपा सांसदों की दो दिन की वर्कशॉप रविवार को शुरू हुई। पीएम मोदी भी इसमें शामिल हुए।

सांसद कार्यशाला के दौरान पीएम ने रजिस्ट्रेशन काउंटर पर जाकर अपनी किट खुद ली।

सांसद कार्यशाला के दौरान पीएम ने रजिस्ट्रेशन काउंटर पर जाकर अपनी किट खुद ली।

वर्कशॉप के दौरान पीएम मोदी हॉल में सबसे पीछे की पंक्ति में बैठे।

वर्कशॉप के दौरान पीएम मोदी हॉल में सबसे पीछे की पंक्ति में बैठे।

भाजपा सांसदों के साथ बैठे PM ने कार्यक्रम के बाद X पर लिखा कि संसद कार्यशाला में देशभर के सांसद साथियों और वरिष्ठ नेताओं से विचार साझा हुए।

भाजपा सांसदों के साथ बैठे PM ने कार्यक्रम के बाद X पर लिखा कि संसद कार्यशाला में देशभर के सांसद साथियों और वरिष्ठ नेताओं से विचार साझा हुए।

PM मोदी ने भाजपा सांसदों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच एक-दूसरे से सीखने और जनता की बेहतर सेवा के लिए बेहद अहम हैं।

PM मोदी ने भाजपा सांसदों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच एक-दूसरे से सीखने और जनता की बेहतर सेवा के लिए बेहद अहम हैं।

PM मोदी ने वर्कशॉप के दौरान भाजपा के वरिष्ठ सांसदों की मीटिंग भी ली।

PM मोदी ने वर्कशॉप के दौरान भाजपा के वरिष्ठ सांसदों की मीटिंग भी ली।

भाजपा सांसदों ने भी फोटो शेयर की

वर्कशॉप के दौरान जब पीएम मोदी सबसे पीछे की पंक्ति में बैठे, तो उनकी फोटो गोरखपुर सांसद रविकिशन और राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने X पर पोस्ट की।

सांसद रवि किशन ने X अकाउंट पर बैठक की तस्वीर शेयर की है। इसमें पीएम मोदी सबसे पीछे बैठे नजर आ रहे हैं।

सांसद रवि किशन ने X अकाउंट पर बैठक की तस्वीर शेयर की है। इसमें पीएम मोदी सबसे पीछे बैठे नजर आ रहे हैं।

राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने पीएम मोदी के साथ X पर तस्वीर शेयर की।

राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने पीएम मोदी के साथ X पर तस्वीर शेयर की।

2 दिन के ट्रेनिंग सेशन में क्या…

ट्रेनिंग सेशन में सांसदों को बैलट पेपर पर सही निशान लगाने, चुनाव अधिकारी की ओर से दिया गया पेन का इस्तेमाल करने और बैलट पेपर को सही तरीके से मोड़कर बॉक्स के अंदर डालने की जानकारी दी जाएगी, ताकि वोट अमान्य न हों।

दरअसल, गुप्त मतदान में पार्टी व्हिप लागू नहीं होता है। ऐसे में NDA का फोकस क्रॉस वोटिंग रोकने और अवैध वोटों को कम करने पर है।

उपराष्ट्रपति चुनाव की काउंटिंग भी 9 सितंबर को होगी। NDA ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया है।

उनका मुकाबला I.N.D.I.A कैंडिडेट और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी से होगा। रिटायर्ड जस्टिस रेड्डी आंध्रप्रदेश से, जबकि सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से हैं।

दरअसल, उपराष्ट्रपति का चुनाव जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई की रात अचानक इस्तीफा देने की वजह से हो रहा है। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।

NDA को 11 अतिरिक्त सांसदों का समर्थन मिला

उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले NDA दूसरी पार्टियों के सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिश में लगी है। गठबंधन को आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 11 सांसदों का समर्थन मिल चुका है।

अब NDA ओडिशा की बीजेडी और तेलंगाना की बीआरएस को भी साथ लाने की कोशिश में जुटी है। बीजेडी ने अभी तक उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना रुख साफ नहीं किया है, जबकि बीआरएस को NDA और I.N.D.I.A दोनों ही अपने पाले में करने की कोशिश कर रहे हैं। I.N.D.I.A इसे क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के आधार पर समर्थन देने की अपील कर रहा है।

लोकसभा में कुल सांसदों की संख्या 542 है। एक सीट खाली है। एनडीए के 293 सांसद हैं। वहीं, राज्यसभा में 245 सांसद हैं। 5 सीट खाली हैं। एनडीए के पास 129 सांसद हैं। यह मानते हुए कि उपराष्ट्रपति के लिए नामांकित सदस्य भी एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे।

इस तरह, सत्तारूढ़ गठबंधन को कुल 422 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। बहुमत के लिए 391 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। अगस्त 2022 में एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले थे। वहीं विपक्षी उम्मीदवार मार्गेट अल्वा को सिर्फ 182 वोट मिले थे। तब 56 सांसदों ने वोट नहीं डाला था।

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Central Railway का 1 अक्टूबर से सख्त नियम, Train Ticket के साथ Original ID Card अनिवार्य

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नई दिल्ली, एजेंसी। फेस्टिव सीजन चल रहा है। इस दौरान लोग अपने घर जाने की तैयारियां करते हैं। अपने घर जाने के लिए लोग ट्रेन से जाते हैं। यदि आप अक्टूबर के महीने में ट्रेन का सफर करने वाले हैं, तो थोड़ा सावधान हो जाए। असल में सेंट्रल रेलवे 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक, खास ‘टिकट चेकिंग अभियान’ चलाने जा रहा है।

आइए आपको बताते हैं रेलवे के ये नए नियम क्या हैं और आपको ट्रैवल करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है।

कम से कम एक ओरिजिनल ID होना है जरूरी 

इस अभियान के चलते सबसे बड़ा नियम है ‘वन टिकट, वन ओरिजिनल आईडी’। रेलवे के अधिकारियों ने साफ कहा है कि अब सफर के समय सिर्फ टिकट होना ही काफी नहीं है, बल्कि आपके पास अपना ओरिजिनल पहचान पत्र होना जरुरी है।

उदाहरण के तौर पर, यदि आप अपने परिवार के चार लोगों के लिए एक ही टिकट बुक किया है, तो उन चारों में से कम से कम किसी एक व्यक्ति के पास उसका ओरिजिनल आईडी कार्ड होना बहुत जरुरी है। यदि चेकिंग के दौरान असली आईडी नहीं दिखा पाए, तो टीटीई उस पर यात्रा करने वाले सभी लोगों को बिना टिकट मान सकता है और आप पर जुर्माना लग सकता है।

कोटा और ई-पास वालों के लिए नियम सख्त

रेलवे के मुताबिक, अगर आप किसी खास कोटे या कंसेशन पर सफर कर रहे हैं? यदि हां, तो आपको अपनी पात्रता को साबित करने के लिए सभी दास्तावेज ओरिजिनल ही साथ रखें। इतना ही नहीं, जो लोग रेलवे के ई-पास या पीटीओ का इस्तेमाल करके यात्रा करने पर, आपको असली पहचान पत्र दिखाना होगा। उनकों इस बात का ध्यान देना होगा कि ट्रेन में बैठने से पहले उनका ई-पास संबंधित अथॉरिटी  से सही तरीके से एक्सचेंज करा लिया गया हो।

जनरल टिकट वालों की भी होगी हाई-टेक चेकिंग 

दरअसल, यह चेकिंग अभियान सिर्फ स्लीपर या एसी कोच तक ही नहीं, बल्कि आप जनरल डिब्बे में सफर कर रहे हैं, तो आप वहां भी चेकिंग स्टाफ टिकटों की असलियत जांचेगा। वहीं,  जरुरत पड़ने पर रेलवे अधिकारी टीटीई ऐप की मदद से किसी भी टिकट को तुरंत वेरिफाई कर सकते हैं।

भारतीय रेलवे क्यों कर रहा है इतनी सख्ती

सेंट्रल रेलवे ने बताया है कि, इसके पीछे मकसद है सिस्टम में होने वाली धोखाधड़ी को खत्म करना है, जाने इसके मुख्य कारण है-

– भारतीय रेलवे में होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकना।

– वहीं, रिजर्वेशन की सुविधाओं का जो लोग गलत फायदा उठाते हैं, उन लोगों को पकड़ना।

– इसके अलावा, पास और कंसेशन के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगाना।

– सही यात्रियों की पहचान करना और टिकटों की वैधता जांचना।

चेकिंग में कौन-कौन से पहचान पत्र चलेंगे? 

इस बीच, रेलवे ने उन दास्तावेजों की एक लिस्ट भी दी है, जिन्हे आप सफर के दौरान अपनी पहचान साबित करने के लिए दिखा सकते हैं ये ओरिजनल आईडी-

-आधार कार्ड
-वोटर आईडी कार्ड
-पासपोर्ट या पैन कार्ड
-ड्राइविंग लाइसेंस
– केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले फोटो और सीरियल नंबर वाला कार्ड
– मान्यता प्राप्त स्कूल/कॉलेज का फोटो वाला स्टूडेंट आईडी कार्ड
– किसी राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक, जिस पर आपकी फोटो लगी हो।
– बैंक का क्रेडिट कार्ड जिस पर आपकी लैमिनेटेड फोटो हो।

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लगातार 3 दिन बंद रहेगा शेयर बाजार, BSE-NSE पर ट्रेडिंग बंद

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नई दिल्ली, एजेंसी। आमतौर पर शेयर बाजार सोमवार से शुक्रवार तक खुले रहते हैं। मार्केट में शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है। कई बार किसी खास मौके, पर्व और त्योहार पर भी बाजार बंद होता है। कल से लगातार तीन दिन शेयर बाजार में कारोबार नहीं होगा। शुक्रवार (02 अक्टूबर) को गांधी जयंती है, ऐसे में BSE और NSE बंद रहेंगे। इसके बाद शनिवार और रविवार की नियमित छुट्टी के कारण बाजार अब सीधे सोमवार, 5 अक्टूबर को खुलेगा।

2 अक्टूबर को क्यों बंद रहेगा बाजार?

महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को देशभर में राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाई जाती है। इसी के चलते भारतीय शेयर बाजार में भी इस दिन ट्रेडिंग नहीं होगी। निवेशकों को शुक्रवार को इक्विटी, डेरिवेटिव्स समेत बाजार से जुड़े कारोबार के लिए बाजार बंद मिलेगा।

2026 में शेयर बाजार की प्रमुख छुट्टियां

अवसरतारीखदिन
दशहरा20 अक्टूबरमंगलवार  
दिवाली बलिप्रतिपदा10 नवंबरमंगलवार
गुरु नानक देव जी का प्रकाश गुरुपर्व24 नवंबरमंगलवार
क्रिसमस25 दिसंबरशुक्रवार 

आज बाजार में रही गिरावट

आज (1 अक्टूबर) शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 0.79 फीसदी यानी कि 570.59 अंक गिरकर लाल निशान में 71,909.70 पर बंद हुआ। इस दौरान इसके 30 शेयरों में से केवल 6 में बढ़त दिखी, जबकि 24 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें इन्फोसिस में सबसे अधिक 4.02 फीसदी की तेजी और मारुति में सबसे ज्यादा गिरावट 4.59 फीसदी नजर आई।

वहीं, 50 शेयरों वाला निफ्टी 0.88 फीसदी यानी 198.50 अंक लुढ़ककर 22,421.95 पर बंद हुआ। इसके 50 शेयरों में से 13 में तेजी और 37 में गिरावट दर्ज की गई।

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त्योहारों से पहले सरकार ने चीनी डीलर के लिए स्टॉक सीमा घटाकर 1,000 क्विंटल की

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नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार ने त्योहारों के मौसम में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति और उचित कीमत सुनिश्चित करने के लिए डीलर के पास चीनी रखने की सीमा घटाकर 1,000 क्विंटल कर दी। यह सीमा 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगी और डीलर अधिकतम 15 दिन तक का स्टॉक रख सकेंगे। इसके साथ ही, खाद्य मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र तथा असम में क्षेत्र विशेष की जरूरतों को देखते हुए स्टॉक सीमा 2,000 क्विंटल होगी। 

मंत्रालय ने बयान में कहा कि एक अक्टूबर से नए चीनी सत्र की शुरुआत के साथ त्योहारी अवधि में ग्राहकों को उचित कीमत पर चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार कदम उठा रही है। मंत्रालय ने कहा, ”चीनी की मात्रा और उसे रखने की अवधि सीमित करके सरकार का उद्देश्य आपूर्ति शृंखला में चीनी की व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के लिए इसकी लगातार उपलब्धता बनाए रखना है।” 

कोलकाता और असम के लिए अलग सीमा

कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र तथा असम के लिए अलग स्टॉक सीमा उस क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर तय की गई है। मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता… उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से चीनी खरीदता है और पूर्वी भारत के साथ पूर्वोत्तर राज्यों को भी इसकी आपूर्ति करता है। 

मंत्रालय ने कहा कि असम के लिए सीमा तय करते समय भौगोलिक परिस्थितियों, परिवहन सुविधाओं और पूर्वोत्तर के उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखा गया है। उसने कहा कि संशोधित नियमों का उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला में चीनी के अनावश्यक भंडारण को रोकना और मिलों से डीलर के जरिये अंतिम उपभोक्ता तक इसकी सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करना है। 

भंडारण और जमाखोरी पर रोक का उद्देश्य

यह कदम जमाखोरी, सट्टेबाजी और डीलर द्वारा स्टॉक जमा करने पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है। इससे पहले अगस्त में सरकार ने डीलर के लिए देशभर में 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा तय की थी। यह सीमा एक अगस्त से 30 नवंबर तक लागू की गई थी। इसके तहत चीनी मिलने की तारीख से अधिकतम 30 दिन तक स्टॉक रखने की अनुमति थी। बाद में 15 सितंबर से यह सीमा घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी गई। 

चीनी के खुदरा दाम में 15% गिरावट

मंत्रालय के मुताबिक, चीनी का औसत खुदरा मूल्य अगस्त के उच्चतम स्तर से अब 15 प्रतिशत घट चुका है और आपूर्ति शृंखला में कम कीमतों का लाभ मिलने के साथ इसमें आगे भी गिरावट आने की उम्मीद है। मिलों की कीमतों में करीब 28 प्रतिशत की गिरावट आई है और वे पिछले तीन सप्ताह से स्थिर हैं। 

सरकार ने कहा कि चीनी मिलों, डीलर, थोक विक्रेताओं और अन्य बाजार प्रतिभागियों को चीनी की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करनी चाहिए और जमाखोरी एवं सट्टेबाजी रोकनी चाहिए। थोक और खुदरा विक्रेताओं से मिलों की कीमतों में आई तेज गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं तक ‘तत्काल’ पहुंचाने को कहा गया है। 

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