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नेपाल में होटल इंडस्ट्री को ₹1600 करोड़ का नुकसान:हिंसा में 51 लोगों की मौत, इनमें एक भारतीय, सुशीला कार्की का PM बनना लगभग तय

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काठमांडू,एजेंसी। नेपाल हिंसा में 6 दिन से जारी हिंसा में अब तक होटल इंडस्ट्री को 25 अरब नेपाली रुपए (16 अरब भारतीय रुपए) का नुकसान हुआ है। आंदोलनकारियों ने काठमांडू के फेमस हिल्टन होटल समेत कई होटल्स में आगजनी की है।

हिंसा में अब तक मरने वालों का आंकड़ा 51 पहुंच गया है, जबकि 1500 से ज्यादा लोग घायल हैं। विरोध प्रदर्शन के 5वें दिन 17 मौतों की पुष्टि हुई। इनमें गाजियाबाद की रहने वाली एक भारतीय महिला भी शामिल है।

वहीं, केपी शर्मा ओली के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे को 48 घंटे हो गए हैं, लेकिन अभी तक अंतरिम प्रधानमंत्री तय नहीं हो सका है। इसपर बातचीत आज सुबह 9 बजे फिर से शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि सुशीला कार्की का अंतरिम पीएम बनना लगभग तय है।

इससे पहले कल दिनभर चली चर्चा किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भले ही सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाने पर लगभग सहमति बन गई है, लेकिन मौजूदा संसद को भंग करने या न करने पर चर्चा रुकी हुई है।

बातचीत में भाग लेने वाले एक अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति पौडेल संसद भंग करने को तैयार नहीं है। हालांकि कार्की ने तर्क दिया है कि पहले संसद को भंग किया जाना चाहिए क्योंकि संविधान के अनुसार संसद कायम रहते हुए किसी गैर-सांसद (जो संसद का सदस्य न हो) को प्रधानमंत्री नहीं बनाया जा सकता।

नेपाल से जुड़े शुक्रवार के 10 बड़े अपडेट्स

  1. सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाने पर बातचीत अंतिम चरण में है; उन्हें मेयर बालेन शाह का समर्थन भी मिला है।
  2. गुरुवार की बैठक में सहमति नहीं बन पाई, क्योंकि एक गुट ने कुलमन घीसिंग का नाम प्रस्तावित किया।
  3. आज सेना और Gen-Z के बीच बैठक का दूसरा दौर जारी, जिसमें अंतरिम सरकार और संसद भंग करने पर चर्चा होगी।
  4. काठमांडू में हालात सामान्य होने लगे हैं। सेना गश्त कर रही है, दुकानें खुलीं और मलबा साफ किया जा रहा है।
  5. भारत ने विशेष उड़ानों से नागरिकों को निकालना शुरू किया; आंध्र प्रदेश के 140 लोग सुरक्षित लौटे।
  6. कई भारतीय सोनौली और पानीटंकी जैसे बॉर्डर से भी वापस आ रहे हैं।
  7. दिल्ली-काठमांडू बस नेपाल में फंसी है, वहीं अयोध्या के 8 यात्री हिलसा में अटके हैं।
  8. भारतीय वॉलीबॉल टीम को भारतीय दूतावास ने बचाया; मेंबर उपासना गिल की वीडियो अपील वायरल हुई थी।
  9. एसएसबी ने नेपाल की जेल से भागे 67 कैदियों को भारत में घुसने से पकड़ा।
  10. गाजियाबाद की राजेश गोला की होटल आगजनी में मौत, होटल कारोबार 50% गिरा, जरूरी सामान महंगे हुए।

सिंह दरबार में नया पीएम ऑफिस तैयार

नेपाल के सिंह दरबार में नया पीएम ऑफिस तैयार कर दिया गया है। यह ऑफिस होम मिनिस्ट्री के लिए बनाई गई बिल्डिंग में तैयार किया गया। दो दिन पहले प्रदर्शनकारियों ने सिंह दरबार कॉम्पलेक्स की मुख्य बिल्डिंग में आग लगा दी थी, इस वजह से नया ऑफिस होम मिनिस्ट्री की बिल्डिंग में बनाया गया।

नेपाल में होटल इंडस्ट्री को 16 अरब रुपए का नुकसान

नेपाल में हिंसक आंदोलन की वजह से होटल इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में करीब 20-25 होटलों को तोड़ा गया, लूटा गया या आग लगा दी गई। इससे होटल इंडस्ट्री को 25 अरब नेपाली रुपए (16 अरब भारतीय रुपए) से ज्यादा का नुकसान हुआ।

खासकर काठमांडू के हिल्टन जैसे बड़े होटल को निशाना बनाया गया, जो हाल ही में खुला था। नेपाल की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर बहुत निर्भर है। इन प्रदर्शनों में 51 लोग मारे गए और 1500 से ज्यादा घायल हुए हैं।

भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही शुरू

नेपाल के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू में ढील मिलने के बाद भारत-नेपाल की खुली सीमा के कई चेक पॉइंट्स से लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है।

अधिकारियों ने बताया कि सीमा पर सतर्कता बढ़ाई गई है और संकटग्रस्त लोगों की मदद के लिए सशस्त्र सीमा बल ने हेल्प डेस्क भी शुरू किया है।

51 मृतकों में से 30 की मौत गोली लगने से हुई

नेपाल स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि अब तक मारे गए 51 लोगों में से 30 की जान गोली लगने से गई है।

बाकी 21 की मौत जलने, घाव और अन्य चोटों से हुई। मरने वालों में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

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जेलेंस्की का बड़ा ऐलान: भारत देगा यूक्रेन का साथ, डिफेंस डील फाइनल स्टेज में!

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कीव,एजेंसी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि भारत (India) के साथ सुरक्षा सहयोग को लेकर एक समझौता तय हो चुका है। इस समझौते से जुड़े जरूरी दस्तावेज अभी तैयार किए जा रहे हैं। जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन अपनी सुरक्षा को मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि एयर डिफेंस, सेना को समर्थन और देश की रक्षा क्षमता बढ़ाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और इसी दिशा में भारत के साथ यह सहयोग अहम माना जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन के रक्षा मंत्री Rustem Umierov अन्य देशों के साथ भी ऐसे ही सुरक्षा समझौतों पर काम कर रहे हैं, ताकि यूक्रेन को ज्यादा सैन्य और रणनीतिक मदद मिल सके। साथ ही, यूक्रेन अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ भी बातचीत कर रहा है, ताकि पहले से स्वीकृत सहायता पैकेज को जल्द लागू किया जा सके, जो अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है।  कुल मिलाकर, भारत और यूक्रेन के बीच यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करेगा और यूक्रेन की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है।

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मिडल ईस्ट जंग में ट्रंप को सबसे बड़ा झटका, UAE ने दिखा दिया ठेंगा ! बोला-‘हमें अमेरिका की जरूरत नहीं’

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दुबई,एजेंसी। मिडिल ईस्ट  जंग के बीच संयुक्त अरब अमीरात  (UAE) और संयुक्त राज्य अमेरिका(USA) के बीच संबंधों को दरार बहुत गहरी हो  गई है। यह खुलासा तब  प्रमुख एमिराती विश्लेषक अब्दुल खालिक अब्दुल्ला के बयान से हुआ है। उन्होंने कहा कि UAE को अब अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, देश में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सुरक्षा के बजाय एक “बोझ” बन सकते हैं।

हालांकि यह उनका व्यक्तिगत मत है और UAE सरकार की आधिकारिक नीति नहीं मानी जा रही है। विश्लेषक का तर्क है कि हाल के हमलों और खतरों के बीच UAE ने अपनी रक्षा क्षमता मजबूत की है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की ओर से आए ड्रोन और मिसाइल खतरों को रोककर UAE ने दिखाया है कि वह अपनी सुरक्षा खुद संभाल सकता है। इसी कारण कुछ लोग अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर पुनर्विचार की बात कर रहे हैं। आर्थिक मोर्चे पर भी एक बड़ा मुद्दा सामने आया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर युद्ध या संकट की वजह से डॉलर की उपलब्धता प्रभावित होती है, तो UAE तेल व्यापार के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। इसमें चीन की मुद्रा युआन का नाम सामने आया है।  दशकों से खाड़ी देशों और अमेरिका के बीच एक समझ बनी हुई थी, जिसमें अमेरिका सुरक्षा देता था और बदले में तेल का व्यापार डॉलर में होता था। अब अगर इस व्यवस्था में बदलाव आता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों पर पड़ सकता है। इस पूरे घटनाक्रम में  चीन का नाम भी सामने आ रहा है। अगर भविष्य में युआन में तेल व्यापार बढ़ता है, तो इससे चीन की वैश्विक भूमिका और मजबूत हो सकती है।  

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होर्मुज में फायरिंग पर भड़के ट्रंपः बोले- “No More Mr Nice Guy, अब ईरान ने बात न मानी तो…”

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वाशिंगठन, एजेंसी। जलमार्ग होर्मुज में हुई कथित गोलीबारी ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान (Iran) ने इस क्षेत्र में फायरिंग की, जिसमें एक फ्रांसीसी जहाज और एक ब्रिटेन का मालवाहक जहाज निशाने पर आए। इस घटना को युद्धविराम समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है।इस मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अमेरिका का प्रस्तावित समझौता नहीं माना, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बना सकता है। ट्रंप ने साफ कहा कि अब अमेरिका सख्ती से कार्रवाई करेगा और पीछे नहीं हटेगा।  ट्रंप ने ईरान को “आखिरी मौका” देते हुए कहा है कि वह समझौता स्वीकार करे, वरना कड़ी कार्रवाई होगी। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पाकिस्तान जाकर वार्ता करेंगे। 

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 हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अगर यहां तनाव बढ़ता है या रास्ता बंद होता है, तो इसका सीधा असर तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ईरान को भी इससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी बीच अमेरिका ने अपनी टीम को Islamabad भेजने का फैसला किया है, जहां अगले दौर की बातचीत होगी। ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका के विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner सोमवार को Islamabad पहुंचेंगे। वहां वे ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) को लेकर अहम बातचीत करेंगे। ट्रंप के अनुसार, यह कूटनीति का “आखिरी प्रयास” है।उन्होंने कहा कि इस डील के अधिकांश बिंदु पहले ही तय हो चुके हैं और ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने होंगे। अब केवल औपचारिक सहमति बाकी है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलना होगा, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले हफ्ते भी J. D. Vance के नेतृत्व में इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अब एक बार फिर से कोशिश की जा रही है कि 22 अप्रैल को खत्म हो रहे सीज़फायर से पहले कोई समझौता हो जाए। हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से इन नई वार्ताओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। अगर यह बातचीत भी असफल रही, तो अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

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