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मंधाना फास्टेस्ट वनडे सेंचुरी लगाने वाली भारतीय बनीं:50 गेंद पर शतक पूरा, ऑस्ट्रेलिया ने 413 रन का टारगेट दिया, मूनी ने 138 बनाए

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नई दिल्ली,एजेंसी। स्मृति मंधाना ने वनडे क्रिकेट इतिहास में भारत से सबसे तेज सेंचुरी लगा दी है। नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शनिवार को उन्होंने महज 50 गेंद पर शतक लगाया। विमेंस वनडे में उन्होंने खुद के ही 70 बॉल पर सेंचुरी के रिकॉर्ड को सुधारा। यह विमेंस वनडे में ओवरऑल दूसरा सबसे तेज शतक रहा। ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग 45 गेंद पर सेंचुरी लगा चुकी हैं।

इंडिया विमेंस फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के सामने 413 रन के टारगेट का पीछा कर रही है। टीम ने 20 ओवर के बाद 2 विकेट खोकर 206 रन बना लिए हैं। प्रतिका रावल और हरलीन देओल के विकेट के बाद हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना ने भारत को संभाल लिया।

ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग करते हुए 47.5 ओवर में 412 रन बना दिए। बेथ मूनी ने नहज 57 गेंद पर शतक लगाया। वहीं जॉर्जिया वोल ने 81 और एलिस पेरी ने 68 रन की पारी खेली। भारत से अरुंधत्ति रेड्डी ने 3 विकेट लिए। रेणुका ठाकुर और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लिए।

मंधाना ने विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा

वनडे क्रिकेट में मेंस और विमेंस दोनों वर्ग में स्मृति मंधाना ने भारत से फास्टेस्ट सेंचुरी का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने मेंस टीम के विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही 2013 में 52 गेंद पर शतक लगाया था।

स्मृति मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में लगातार दूसरी सेंचुरी लगाई।

स्मृति मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में लगातार दूसरी सेंचुरी लगाई।

भारत के खिलाफ पहली बार 400 रन बने

विमेंस क्रिकेट में भारत के खिलाफ पहली बार ही किसी टीम ने वनडे में 400 रन बनाए। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने ही भारत के खिलाफ 371 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपने बेस्ट स्कोर की बराबरी भी की, टीम ने 1997 के वर्ल्ड कप में डेनमार्क के खिलाफ भी 412 रन ही बनाए थे।

वोल ने 81, पेरी ने 68 रन बनाए

दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया विमेंस ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी। कप्तान एलिसा हीली ने महज 18 गेंद पर 30 रन बना दिए। वे 5वें ओवर में आउट हुईं। उनके बाद जॉर्जिया वोल और एलिस पेरी ने सेंचुरी पार्टनरशिप की और टीम को 150 तक पहुंचा दिया।

वोल 68 बॉल पर 81 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने अपनी पारी में 14 चौके लगाए। पेरी ने फिर नंबर-4 पर उतरीं बेथ मूनी के साथ पारी संभाली। दोनों के बीच भी सेंचुरी पार्टनरशिप हुईं, पेरी 68 रन बनाकर आउट हुईं। पेरी ने 7 चौके और 2 छक्के लगाए।

जॉर्जिया वोल ने 14 चौके लगाकर 81 रन बनाए।

जॉर्जिया वोल ने 14 चौके लगाकर 81 रन बनाए।

मूनी ने 57 गेंद पर शतक लगाया

मूनी ने तेजी से बैटिंग की और महज 57 गेंद पर शतक लगा दिया। यह विमेंस वनडे में तीसरी सबसे तेज सेंचुरी की बराबरी रही। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया की ही कैरेन रोल्टन ने 2000 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी 57 गेंद पर ही शतक लगाया था। फास्टेस्ट सेंचुरी का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की ही पूर्व कप्तान मेग लैनिंग के नाम है। जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ महज 45 गेंद पर शतक लगा दिया था। मंधाना ने इसी मुकाबले में सेकेंड फास्टेस्ट सेंचुरी का रिकॉर्ड बनाया।

बेथ मूनी ने विमेंस वनडे में दूसरा सबसे तेज शतक लगाया।

बेथ मूनी ने विमेंस वनडे में दूसरा सबसे तेज शतक लगाया।

आखिर में बिखर गई ऑस्ट्रेलिया विमेंस

मूनी ने एश्ले गार्डनर के साथ फिफ्टी पार्टनरशिप की और टीम को 300 के पार पहुंचाया। गार्डनर ने 24 गेंद पर 39 रन बनाए। उनके बाद ताहलिया मैक्ग्रा 14 ही रन बना सकीं। मूनी भी 75 गेंद पर 138 रन बनाकर आउट हुईं। वे 45वें ओवर में छठे विकेट के रूप में पवेलियन लौटीं। उनके बाद टीम ने 33 रन बनाने में ही आखिरी 4 विकेट गंवा दिए।

ऑस्ट्रेलिया विमेंस ने 47.5 ओवर में 412 रन बनाकर 10 विकेट भी गंवा दिए। भारत के लिए अरुंधत्ति रेड्डी ने 86 रन देकर 3 विकेट लिए। दीप्ति शर्मा और रेणुका ठाकुर को 2-2 विकेट मिले। क्रांति गौड़ और स्नेह राणा के हाथ 1-1 सफलता लगी। राधा यादव ने 4 ओवर में 48 रन दिए, लेकिन वे कोई विकेट नहीं ले सकीं।

इंडिया विमेंस ने 13 गेंद पहले ही ऑस्ट्रेलिया को ऑलआउट कर दिया।

इंडिया विमेंस ने 13 गेंद पहले ही ऑस्ट्रेलिया को ऑलआउट कर दिया।

ऑस्ट्रेलिया ने अपने बेस्ट स्कोर की बराबरी की

ऑस्ट्रेलिया विमेंस ने वनडे में दूसरी बार ही 400 रन का आंकड़ा पार किया। टीम 1997 में डेनमार्क के खिलाफ भी 412 रन ही बना चुकी हैं। विमेंस क्रिकेट में न्यूजीलैंड ने 4 और भारत ने 1 बार 400 से ज्यादा रन बनाए हैं। टॉप-3 स्कोर न्यूजीलैंड के नाम हैं। टीम ने 2018 में आयरलैंड के खिलाफ 491 रन बनाए थे, यह हाईएस्ट स्कोर है।

इंडिया विमेंस का बेस्ट स्कोर 435 रन है, भारत ने भी आयरलैंड के खिलाफ ही यह स्कोर बनाया था। आयरलैंड के खिलाफ विमेंस वनडे में सबसे ज्यादा 4 बार 400 से ज्यादा रन बने हैं। पाकिस्तान, भारत और डेनमार्क के खिलाफ 1-1 बार यह रिकॉर्ड बना।

ऑस्ट्रेलिया विमेंस ने दूसरी बार ही विमेंस वनडे में 400 रन का आंकड़ा पार किया।

ऑस्ट्रेलिया विमेंस ने दूसरी बार ही विमेंस वनडे में 400 रन का आंकड़ा पार किया।

मंधाना ने भारत के लिए फास्टेस्ट वनडे फिफ्टी लगाई

413 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी इंडिया विमेंस को स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने 3.3 ओवर में 32 रन की पार्टरनशिप कर ली। प्रतिका 10 रन बनाकर आउट हुईं। मंधाना ने फिर हरलीन देओल के साथ फिफ्टी पार्टनरशिप कर स्कोर 80 के पार पहुंचा दिया। हरलीन 11 रन बनाकर आउट हुईं।

मंधाना ने तेजी से खेलना जारी रखा और महज 23 गेंद पर फिफ्टी लगा दी। यह भारत के लिए वनडे में सबसे कम गेंदों पर अर्धशतक का रिकॉर्ड है। मंधाना ने ऋचा घोष का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2021 में 26 गेंद पर फिफ्टी लगा दी थी। इंटरनेशनल में यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज की डिएंड्रा डॉटिन के नाम है। जिन्होंने महज 20 गेंद पर श्रीलंका के खिलाफ फिफ्टी लगा रखी है।

शुरुआती 10 ओवर में भारत ने 2 विकेट खोकर 96 रन बनाए। यह पहले पावरप्ले में इंडिया विमेंस का हाईएस्ट स्कोर है। इससे पहले इसी साल टीम ने आयरलैंड के खिलाफ पावरप्ले-1 में 90 रन बनाए थे। मंधाना ने कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ पारी को संभाला।

कैंसर अवेयरनेस के लिए पिंक जर्सी पहनकर उतरी इंडिया विमेंस

इंडिया विमेंस टीम ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस के लिए आज पिंक कलर की जर्सी पहनकर खेलने उतरी। भारतीय क्रिकेट में पहली बार ही किसी भी वर्ग की टीम ने कैंसर अवेयरनेस के लिए इंटरनेशनल लेवल पर अलग जर्सी पहनी।

ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस के लिए इंडिया विमेंस टीम पिंक जर्सी पहनकर खेलने उतरी।

ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस के लिए इंडिया विमेंस टीम पिंक जर्सी पहनकर खेलने उतरी।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फिलहाल वनडे सीरीज 1-1 से बराबर है। ऑस्ट्रेलिया विमेंस ने अब तीसरे मैच में 412 रन बनाकर भारत के सामने वर्ल्ड कप से पहले बड़ा टारगेट रख दिया।

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खेल

वर्ल्ड टेबल टेनिस डे समारोह में वरिष्ठ खिलाड़ियों का सम्मान

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रायपुर। वर्ल्ड टेबल टेनिस डे (23 अप्रैल) के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ एवं राजधानी टेबल टेनिस संघ, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में कल दिनांक 20 अप्रैल को सप्रे शाला टेबल टेनिस हॉल, रायपुर में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर टेबल टेनिस के साथ-साथ अन्य खेलों में भी उत्कृष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।

        समारोह के मुख्य अतिथि रायपुर के प्रथम पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला (आईपीएस) थे।  कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने किया तथा विशेष अतिथि छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष किशोर जादवानी एवं पूर्व संरक्षक डॉ. भरत अग्रवाल थे। संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाडे भी मंच पर मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन रायपुर महानगर टेबल टेनिस संघ के सचिव शकील साजिद ने किया।
       इस अवसर पर खिलाड़यों को निम्नानुसार सम्मानित किया गया:-

वरिष्ठ खिलाड़ियों का सम्मान (टेबल टेनिस):         

टेबल टेनिस के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वरिष्ठ खिलाड़ियों सुरेश दुबे, शैलेश गोलछा, राजपाल बघेल, डॉ. अनिल एस. कोटस्थाने, राजीव काले और डॉ. स्वाति बांठिया को सम्मान-पत्र, श्रीफल एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।

प्रथम बार अन्य खेलों के खिलाड़ियों का उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मान:       

प्रथम बार इस वर्ष से अन्य तीन खेलों में भी उत्कृष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ खिलाड़ियों को सम्मानित करने की शुरुआत की गई। इसमें श्रीमती नीता डुमरे (हॉकी), श्रीमती कविता दीक्षित (बैडमिंटन) एवं राजेश सोमवंशी (वालीबाल) को भी सम्मान-पत्र, श्रीफल एवं शॉल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
         समारोह के दौरान, मुख्य अतिथि संजीव शुक्ला (आईपीएस) ने स्वयं रोबो मशीन पर खेलकर उपस्थित सभी को प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में, संघ की ओर से मुख्य अतिथि को ससम्मान स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
          समारोह में रायपुर जिला बैडमिंटन संघ के सचिव अनुराग दीक्षित, कराते की अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सुश्री हर्षा साहू,  छत्तीसगढ़ वेटरंस टेबल टेनिस समिति के सचिव प्रेमराज जाचक, तकनीकी समिति के चेयरमैन अरविंद कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष प्रदीप जोशी, विमल नायर, गिरिराज बागड़ी, प्रणय मजुमदार, सुश्री ईरा पंत, सुश्री गीता पंडित, सुश्री रेणुका सुब्बा, डा. मोहन सावंत, डा. आलोक शर्मा, डा. विजय खंडेलवाल, सुश्री प्रमिला ठाकुर, सुश्री दिव्या आमदे, अरुण बावरिया, हरीश पांडे, राकेश यादव, तरुण राठोड, प्रवीण निरापुरे, कु. प्रिया चावड़ा, मो शफाक, एस वत्स, सुश्री प्रमिला देवांगन, चिरंजीत राय सहित संघ के अनेक पदाधिकारीगण, खिलाड़ीगण एवं अभिभावकगण उपस्थित थे। उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाड़े ने दी।

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खेल

87वीं इंटर स्टेट जुनियर एवं  यूथ नेशनल प्रतियोगिता हेतु छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस टीम घोषित

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रायपुर। भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के तत्वावधान में उत्तराखंड  टेबल टेनिस संघ द्वारा देहरादून (उत्तराखंड) में दिनांक 15 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक “UTT 87वीं इंटर स्टेट जुनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस  प्रतियोगिता 2025” आयोजित की जा रही है जिसमें दिनांक 15/04/2026 से 18/04/2026 तक जुनियर बालिका (एकल/युगल) एवं यूथ बालिका (टीम/एकल/युगल) वर्ग तथा दिनांक 20/04/2026 से 23/04/2026 तक जुनियर बालक (एकल/युगल) एवं यूथ बालक (टीम/एकल/युगल) वर्ग की प्रतियोगिता होगी । 

               उक्त प्रतियोगिता हेतु छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के जुनियर एवं यूथ (बालक एवं बालिका) टीम की घोषणा की गयी। इस अवसर पर विशेष अतिथि महामाया स्टील इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश अग्रवाल, पदाधिकारी विनय बैसवाड़े, प्रदीप जोशी, प्रवीण निरापुरे सहित सभी पदाधिकारियो ने टीम को शुभकामनाए दी एवं अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जतायी। 

               प्रतियोगिता हेतु छत्तीसगढ़ टीम के स्पोर्ट्स किट के प्रायोजक स्टेग ग्लोबल (STAG  GLOBAL) है। प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य कि जुनियर एवं यूथ बालिका टीम आज दिनाक 13 अप्रैल 2026 को रवाना हुयी है तथा जुनियर एवं यूथ बालक टीम दिनाक 17 अप्रैल  2026 को रवाना होगी। 

              टीम के कोच पी.एस. हरीश (दुर्ग) हैं एवं मेनेजर श्रीमती गीतांजली पाठक (दुर्ग) है। छत्तीसगढ़ से प्रतियोगिता में अंपायरिंग के लिए  तर्राष्ट्रीय अंपायर अजीत बेनर्जी (रायपुर) को चुना गया है । 

टीम इस प्रकार है:-

यूथ बालक (UNDER-19) :-  अर्जुन मल्होत्रा (रायपुर), एंड्र्यू टी विलियम्स (रायपुर), यशवंत डेकाटे (रायपुर), दीक्षांत कुमार जांगड़े (बिलासपुर)।     

यूथ बालिका (UNDER-19) :-  समाया पांडे (रायपुर), प्रज्ञा पाठक (दुर्ग), लावण्या पांडे (रायपुर), सिया मेघानी (बिलासपुर)  ।  

जुनियर बालक (UNDER-17) :- अर्जुन मल्होत्रा (रायपुर), आर्यन कुमार सिंह (रायपुर), दीक्षांत कुमार जांगड़े (बिलासपुर), रेयांश पाहवा (बिलासपुर)।   

जुनियर बालिका (UNDER-17):- समाया पांडे (रायपुर), वेदी कछवाहा (रायपुर), लावण्या पांडे (रायपुर), सिया मेघानी (बिलासपुर) ।      

उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाड़े ने दी।

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कोरबा

बचपन की टिकट:अशोक वाटिका में 10,000 से अधिक महिलाएं बचपन की यादों में खोईं

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भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय की अनुपम और अनोखी पहल से खेलों के माध्यम से महिलाओं को गुदगुदाया, घंटों तक रोमांच की दुनिया का कराया सफर
सरोज पाण्डेय ने कहा-धन्यवाद कोरबा, अपेक्षा से अधिक कार्यक्रम को बनाया सफल

कोरबा। 12 अप्रैल का दिन कोरबा के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। भाजपा के दो धु्रवों के बीच एक तरह से शक्ति प्रदर्शन था। एक तरफ मंत्री लखनलाल देवांगन के जन्मदिन पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित था, तो दूसरी ओर कोरबा लोकसभा की भाजपा प्रत्याशी, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय का अशोक वाटिका में बपचन की टिकट का अद्भूत कार्यक्रम आयोजित था।

बचपन की टिकट कोरबा की महिलाओं के लिए एक अद्भूत अनुभव साबित हुआ। कोरबा के लिए ऐसा प्रथम बार कार्यक्रम महिलाओं के लिए आयोजित था, जिसमें 10,000 से अधिक महिलाओं ने अपनी भागीदारी निभाई।
सबसे अद्भूत और रोमांच का दृश्य उस समय देखने को मिला जब कोरबा की महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत और उनकी टीम वर्सेस बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी और उनकी टीम के बीच कबड्डी खेली गई। रोमांच चरम पर था और तालियों की गड़गड़ाहट और हौसला के बीच कोरबा महापौर बिलासपुर की टीम को समेटने के लिए मैदान में उतरीं और कबड्डी…कबड्डी बोलते-बोलते बिलासपुर टीम के पाले में गई, लेकिन खुद पटकनी खा गईं।
बिलासपुर महापौर जब मैदान में कुदीं तो वे बैरंग लौट गईं। महिला पार्षदों ने दमखम दिखाया और दोनों टीम अपनी खेल प्रतिभा से एक-दूसरे पर भारी दिख रहे थे, लेकिन बाद में जजों ने दोनों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया, लेकिन बिलासपुर महापौर और उनकी टीम ने रोमांचक हंगामा किया और कहा-जीत हमारी हुई।
उपविजेता के रूप में नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा की टीम रही।

छत्तीसगढ़ी खेलों ने गुदगुदाया:बचपन की यादों में खोईं महिलाएं

सुश्री सरोज पाण्डेय की इस अद्भूत पहल से संध्या 5.00 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक अशोक वाटिका महिलाओं की भीड़ से आबाद रहा। ऐसा दृश्य कोरबा में पहली बार देखने को मिला। अलग-अलग खेलों के लिए जोन में बांटा गया था, जहां कबड्डी, खो-खो, जलेबी दौड़, फूगड़ी, बोरा दौड़, हौजी, सुआ नृत्य, रस्सी खींच, कुर्सी दौड़, गोटा, बिल्लस सहित कई रोमांचित छत्तीसगढ़ी खेलों में महिलाएं व्यस्त रहीं और अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर रही थीं। चारों तरफ उल्लास और उमंग का माहौल था। घर की जिम्मेदारियां, महिलाओं की व्यस्तता के बीच तीन घंटे सुकून के पल अशोक वाटिका में महिलाओं सहित युवतियां खेलों के माध्यम से बिताया और महिलाओं ने इसे रोमांच का अद्भूत उदाहरण बताया और सुश्री सरोज पाण्डेय को इस तरह के आयोजन के लिए हृदय से धन्यवाद दिया।

कई हस्तियां पहुंची थीं

कोरबा के लिए इस ऐतिहासिक और अनोखा कार्यक्रम -बपचन की टिकट को अनुभव करने, खेलने छत्तीसगढ़ की कई प्रतिभाएं यहां मौजूद थीं। सुश्री सरोज पाण्डेय के अलावा कोरबा महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, बिलासपुर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पाण्डेय सहित कई महिला प्रतिभाएं यहां रोमांच का अनुभव लिया और खुद बचपन में खो गईं।

पूजा विधानी ने कहा-महिलाओं के लिए सराहनीय कार्यक्रम

बिलासपुर महापौर ने कबड्डी में अपनी और टीम की प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरोज दीदी की सोच काफी प्रशंसनीय रहती है। बचपन की टिकट-कार्यक्रम का अनुभव वाकई में रोमांच पैदा कर गया। ऐसा आयोजन महिलाओं के लिए होते रहना चाहिए।

महिलाओं के बीच महिलाओं का प्रदर्शन नया अनुभव दे गया- कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत

कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत ने कबड्डी में टीम के साथ अपनी प्रतिभाएं दिखाईं। उन्होंने पत्रकारों से रू ब रू होकर कहा कि महिलाओं के बीच महिलाओं का खेल प्रदर्शन अद्भूत और अनोखा अनुभव दे गया। हमारी भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज दीदी का यह कार्यक्रम कोरबा के लिए ऐतिहासिक अनुभव दे गया। महिलाओं की अपार भीड़ के बीच खेलों ने हमें गुदगुदाया और सुकून दे गया। ऐसा कार्यक्रम महिलाओं के लिए होते रहना चाहिए। यह अनुभव महिलाओं के लिए खास रहा और घंटों तक हमारी महिलाएं जीवन की आपाधापी से दूर कुछ पल अपनों के साथ बीताया, बचपन की यादों में खोई रहीं।

अपेक्षा से कहीं अधिक सफल रहा कार्यक्रम, धन्यवाद कोरबा-सुश्री सरोज पाण्डेय

कार्यक्रम की संयोजिका सुश्री सरोज पाण्डेय ने बचपन की टिकट-कार्यक्रम में महिलाओं की इतनी बड़ी भागीदारी से काफी रोमांचित हुईं और मंच पर कहा- धन्यवाद कोरबा! इस कार्यक्रम को आपकी उपस्थिति ने अपेक्षा से अधिक सफल बनाया, हम कृतार्थ हैं।

बचपन की टिकट-एक कार्यक्रम ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, छत्तीसगढ़ी खेलों के प्रति पुनर्जागरण का संदेश था, महिलाओं के जीवन में आपाधापी के बीच सुकून के पल बिताने का अवसर था।
घर से निकलकर अपने लिए महिलाओं को जीने का सुअवसर प्रदान करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था, जिसमें हम सफल हुए। कोरबा ने बता दिया कि हम इस तरह के कार्यक्रम को और आगे बढ़ाते रहें। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सहयोगियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। सखी-सहेली महिला समूह छत्तीसगढ़ के बैनर तले सरोज पाण्डेय के इस कार्यक्रम को सभी ने सराहा…।

टीम के सदस्यों से रू ब रू होते सरोज पाण्डेय

टीम के सदस्यों से रू ब रू होते भाजपा नेता

मशाल जलाकर प्रतियोगिता का शुभारंभ

खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ मशाल जलाकर किया गया और मशाल रैली में मंत्री लखनलाल देवांगन, सुश्री सरोज पाण्डेय, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, व्यापारी प्रकोष्ठ के पूर्व जिला संयोजक विकास अग्रवाल, कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत, बिलासपुर महापौर पूजा विधानी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार सहित कई हस्तियां शामिल हुईं।

पुरूस्कारों से विजेता टीमों के खिले चेहरे

इस अनुपम और अनोखी खेल प्रतियोगिता के समापन के बाद अतिथियों ने सभी विजेता टीम, खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। विजेताओं के चेहरों पर मुस्कान बिखर रही थी। एक ओर बचपन की यादें और दूसरी ओर जीत की खुशी चेहरों पर झलक रही थीं।

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