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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के 5 लोगों की मौत…2 को पिकअप ने कुचला:MP में कोरबा के ट्रांसपोर्टर मां-बेटे की गई जान, बालोद में भी एक की मौत

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राजनांदगांव,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में 3 अलग-अलग सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। राजनांदगांव जिले में एक पिकअप ने बाइक सवार 2 दोस्तों को कुचल दिया। दोनों की मौके पर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों दोस्त मां बम्लेश्वरी के दर्शन कर घर लौट रहे थे, तभी हादसे का शिकार हो गए।

वहीं, कोरबा जिले के गेवरा-दीपका क्षेत्र में एक ट्रांसपोर्टर और उनकी मां की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा मध्य प्रदेश के चित्रकूट के पास हुआ। कार डिवाइडर से टकरा गई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

ट्रांसपोर्टर अपनी मां और मौसा के साथ पंजाब अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने जा रहे थे। इसी तरह, बालोद जिले में एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है।

पिकअप मालवाहक और बाइक आमने-सामने टक्कर में दो की मौत

पिकअप मालवाहक और बाइक आमने-सामने टक्कर में दो की मौत

पहला हादसा: डोंगरगढ़ में दो युवकों की मौत

राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में सड़क हादसे में 2 युवकों की मौत हो गई। 27 सितंबर सुबह 10 बजे की घटना है। मुंदगांव में एक पिकअप ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार 2 युवकों की जान चली गई। मामला डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र का है।

बताया जा रहा है कि दोनों युवक मां बम्लेश्वरी के दर्शन कर घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पिकअप और बाइक फुल स्पीड में थी। हादसे के बाद पिकअप ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भाग गया।

मां बम्लेश्वरी के दर्शन कर घर लौट रहे युवकों की सड़क हादसे में मौत हो गई।

मां बम्लेश्वरी के दर्शन कर घर लौट रहे युवकों की सड़क हादसे में मौत हो गई।

भिलाई के रहने वाले थे दोनों मृतक

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल डोंगरगढ़ पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मृतकों की पहचान अमित साहनी (कृष्णा नगर) और सचिन यादव (कुरूद, भिलाई) के रूप में हुई है। दोनों मृतक भिलाई के रहने वाले थे।

डोंगरगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि फरार ड्राइवर को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।

डोंगरगढ़ में टक्कर के बाद पिकअप वाहन पलट गया।

डोंगरगढ़ में टक्कर के बाद पिकअप वाहन पलट गया।

दूसरा हादसा: कोरबा के ट्रांसपोर्टर और मां की मध्यप्रदेश में सड़क हादसे में मौत

कोरबा जिले के ट्रांसपोर्टर अमन बाजवा उर्फ तलविंदर सिंह (34) और उनकी मां की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा मध्य प्रदेश के चित्रकूट के पास बुंदेलखंड नेशनल हाईवे पर हुआ। अमन अपनी मां और मौसा के साथ स्कॉर्पियो कार में अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने पंजाब जा रहे थे।

इसी दौरान चित्रकूट के पास, बुंदेलखंड नेशनल हाईवे पर सामने से आ रहे वाहन से बचते हुए उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई। इस भीषण हादसे में अमन और उनकी मां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके मौसा गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।

मप्र में कोरबा के ट्रांसपोर्टर और उनकी मां की सड़क हादसे में मौत

मप्र में कोरबा के ट्रांसपोर्टर और उनकी मां की सड़क हादसे में मौत

अमन बाजवा की 100 से अधिक गाड़ियां चलती हैं

अमन बाजवा दीपका थाना क्षेत्र के झाबर गांव के रहने वाले थे और कोयला ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करते थे। उनकी 100 से अधिक गाड़ियां चलती हैं। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे।

तीसरा हादसा: बालोद में बाइक सवारों को कार ने मारी टक्कर, एक की मौत

बालोद जिले में एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि सिर, चेहरे, पैर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें और अधिक खून बहने से मौत हुई है। मामला पुरूर थाना क्षेत्र के ग्राम चिटौद का है।

जानकारी के अनुसार, चंदनबिरही निवासी किशुन साहू (62) की मौत हुई है, जबकि साथी भैय्या राम सोरी (60) घायल है। दोनों साथी बाइक से चिटौद बाजार जा रहे थे। चंदनबिरही मोड़ स्थित पुट्टू ढाबा के पास पुरूर की ओर से आ रही कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

दोनों को गंभीर हालत में धमतरी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान किशुन साहू की मौत हो गई। भैय्या राम सोरी का इलाज जारी है।

बालोद में चिटौद के पास कार-बाइक की टक्कर, एक की मौत, दूसरा घायल

बालोद में चिटौद के पास कार-बाइक की टक्कर, एक की मौत, दूसरा घायल

पुलिस बोली-कार ड्राइवर के खिलाफ FIR

पुरुर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार कंवर ने बताया कि कार ड्राइवर के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 और बीएनएस की धारा 125(ए) और 281 के तहत मामला दर्ज किया गया है। किशुन साहू की इलाज के दौरान मौत हो गई, इसलिए अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जाएंगी।

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कोरबा

महिला सुरक्षा और लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक

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राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक ने ली रेंज की साप्ताहिक समीक्षा बैठक,एक माह में पुराने प्रकरण शून्य करने का दिया लक्ष्य
ITSSO*के तहत महिला संबंधी अपराधों में 60 दिवस के भीतर निराकरण के सख्त निर्देश

कोरबा। दिनांक 13.05.2026 को ’राम गोपाल गर्ग’ पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा जिले के वरि. पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई। समीक्षा मीटिंग का आयोजन रेंज स्तरीय पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में किया गया। समीक्षा मीटिंग में रजनेश सिंह उमनि. एवं वरि. पुलिस अधीक्षक, जिला बिलासपुर, शशि मोहन सिंह, उमनि. एवं वरि. पुलिस अधीक्षक, जिला रायगढ़, भोजराम पटेल, वरि. पुलिस अधीक्षक मुंगेली, सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक, जिला कोरबा, मनोज खिलारी, पुलिस अधीक्षक, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, प्रफुल्ल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक, जिला सक्ती, सुश्री निवेदिता पॉल, पुलिस अधीक्षक, जिला जॉजगीर-चाम्पा, श्रीमती निमीषा पाण्डेय, अति. पुलिस अधीक्षक, जिला सारंगढ़, उप पुलिस अधीक्षक, मंजूलता केरकेट्टा पु.म.नि. कार्या. बिलासपुर उपस्थित रहें।
राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज द्वारा रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई इस बैठक में माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों अनुपालन में चर्चा की गई एवं लंबित आपराधिक प्रकरणों को विशेष अभियान चला कर निकाल करने हेतु निर्देशित किया गया।

न्यायालयीन निर्देशों का पालन और लंबित प्रकरणों की समीक्षाः-

बैठक का मुख्य केंद्र उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ द्वारा प्रकरण क्रमांक Cr.M.P.No.-3112/2024 में जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन रहा। आईजी श्री गर्ग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक वर्ष से अधिक पुराने लंबित प्रकरणों का विशेष अभियान चलाकर निराकरण किया जाए।
बैठक के प्रमुख बिंदुः-
पुराने प्रकरणों का लक्ष्यः- पुलिस महानिरीक्षक ने पुराने लंबित प्रकरणों को आगामी 01 माह के भीतर शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अपराधों का वर्गीकरणः- लंबित गंभीर अपराधों जैसे लूट, डकैती, धोखाधड़ी, अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों की राजपत्रित अधिकारियों के माध्यम से प्रकरणवार समीक्षा कर अविलंब चालान मान0 न्यायालय में पेश करें।
फरार आरोपियों की धरपकड़ फरार आरोपियों की समीक्षा कर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी कर चालान माननीय न्यायालय में पेश करने निर्देश दिए गए ।
ITSSO महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वाेच्च प्राथमिकता
महिला संबंधी अपराधों के त्वरित न्याय के लिए संचालित (Investigation Tracking System for Sexual Offence) की समीक्षा करते हुए आईजी श्री गर्ग ने निम्नलिखित निर्देश दिए-
60 दिवस की समय-सीमा जो प्रकरण 60 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, उनका शीघ्र निराकरण किया जाए ।
त्वरित विवेचना जो मामले अभी 60 दिनों की अवधि के भीतर हैं, उनमें निरंतर साक्ष्य संकलन कर समय-सीमा के अंदर ही जांच पूर्ण की जाए ।

         बैठक के अंत में आईजी श्री गर्ग ने सभी अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए गए।
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कोरबा

अस्पताल परिसर में बन रहा शेड, बारिश-धूप से बचेंगे मरीज

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कोरबा। मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल में जल्द ही पुराने भवन से लेकर ट्रामा सेंटर और निर्माणाधीन ओपीडी रजिस्ट्रेशन रूम तक शेड बनकर तैयार हो जाएगा।

इसके बाद इलाज, जांच, ऑपरेशन समेत अन्य काम से पुराने भवन से ट्रामा सेंटर के बीच मरीजों की आवाजाही के दौरान बारिश व धूप से उन्हें परेशानी नहीं होगी। मरीजों के साथ अटेंडर को भी एक भवन से दूसरे भवन आते-जाते समय मौसम की मार नहीं झेलनी पड़ेगी। अस्पताल प्रबंधन के प्रस्ताव पर डीएमएफ से मिली स्वीकृति के बाद नगर निगम की ओर से शेड बनाया जा रहा है। मजबूती और टिकाऊपन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। शेड के लिए लोहे के भारी पिलर खड़े किए जा चुके हैं, जिस पर जल्द ही रूफिंग की जाएगी। वर्तमान में पुराने भवन से ट्रामा सेंटर आवाजाही के लिए मरीजों व उनके परिजन को खुले आसमान के नीचे से होकर गुजरना पड़ता है।

बारिश के मौसम से पहले ही काम हो जाएगा पूरा ^मेडिकल कॉलेज अस्पताल के संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. गोपाल कंवर के मुताबिक अस्पताल को सुव्यवस्थित करने और मरीजों को बेहतर सुविधा देने लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत मरीजों व उनके परिजन को मौसम की मार से बचाने के लिए परिसर में नए रजिस्ट्रेशन कक्ष से लेकर अन्य भवन के बीच शेड निर्माण किया जा रहा है। आगामी बारिश से पहले इसे पूर्ण कर लिया जाए।

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कोरबा

रील बनाने नदी में कूदा युवक, डूबकर मौत:3 मिनट तक पानी में हाथ-पैर मारता रहा, कोरबा में दोस्त शूट करते रहे वीडियो

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का शौक एक युवक की मौत का कारण बन गया। अहिरन नदी में छलांग लगाने के बाद युवक करीब 3 मिनट तक पानी में हाथ-पैर मारता रहा, लेकिन किनारे खड़े दोस्त उसे डूबता देख बचाने के बजाय मस्ती समझकर वीडियो शूट करते रहे। इस दर्दनाक हादसे का लाइव वीडियो भी सामने आया है।

मंगलवार से लापता निखिल सिंह (25) का शव 48 घंटे बाद बुधवार देर शाम नदी से बरामद किया गया। यह घटना कुसमुंडा थाना क्षेत्र की है।

तैरते-तैरते युवक डूब रहा था, दोस्त वीडियो बना रहे थे।

तैरते-तैरते युवक डूब रहा था, दोस्त वीडियो बना रहे थे।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, SECL कुसमुंडा में पदस्थ डंपर ऑपरेटर का बेटा निखिल सिंह (25) मंगलवार दोपहर अपने तीन दोस्तों के साथ अहिरन नदी में नहाने गया था। नहाते समय उसने रील बनाने के लिए नदी में ऊंचाई से छलांग लगाई। उसके दोस्तों ने मोबाइल से इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया।

सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि, छलांग लगाने के बाद निखिल करीब 3 मिनट तक पानी में हाथ-पैर मारता रहा। उसके दोस्तों को लगा कि वह तैर रहा है और मस्ती कर रहा है, इसलिए किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। जब निखिल पानी में पूरी तरह डूब गया, तब दोस्तों को सच्चाई का पता चला।

SECL कुसमुंडा से गुजरती है अहिरन नदी।

SECL कुसमुंडा से गुजरती है अहिरन नदी।

दो दिनों तक चला सर्च ऑपरेशन

हादसे के बाद घबराए दोस्तों ने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस और गोताखोरों की टीम ने मंगलवार दोपहर से ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

बुधवार को खराब मौसम के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा, लेकिन कुछ ही देर बाद निखिल का शव पानी की सतह पर आ गया। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई के बाद गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया।

बिलासपुर से आई एनडीआरएफ (NDRF) टीम को बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

बिलासपुर से आई एनडीआरएफ (NDRF) टीम को बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

संसाधनों की कमी से जूझती रही रेस्क्यू टीम

बचाव कार्य के दौरान बिलासपुर से आई एनडीआरएफ (NDRF) की टीम को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टीम के पास ऑक्सीजन सिलेंडर और वॉटरप्रूफ कैमरे जैसे जरूरी उपकरणों की कमी थी, जिसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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