Connect with us

कोरबा

हाथी ने गांव में घुसकर दो मकान तोड़े:10 साल से स्ट्रीट लाइट बंद, ग्रामीण अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर

Published

on

कोरबा। कोरबा के कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज में पिछले एक सप्ताह से 54 हाथियों का झुंड घूम रहा है। इन हाथियों ने गौरेला डांड़ बस्ती में दो मकानों को तोड़ दिया है। गांव में 10 साल से स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है, जिससे रात में अंधेरा रहता है और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हाथियों के झुंड ने मकानों को तोड़ने के साथ-साथ राशन, बर्तन और अन्य घरेलू सामानों को भी नुकसान पहुंचाया है। दौरे पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य विद्वान सिंह मरकाम को ग्रामीणों ने समस्या की जानकारी दी।

रात गुजारने में हो रही दिक्कत

ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के आने पर उन्हें सुरक्षित जगह ढूंढनी पड़ती है। सामुदायिक भवन अधूरा होने के कारण उन्हें रात गुजारने में दिक्कत होती है। बस्ती में आठ खंभों पर स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, लेकिन वे पिछले 10 साल से बंद पड़ी हैं। स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए नींव खोदकर छोड़ दी गई थी और बिजली के तार काट दिए गए थे, जिससे गांव में पूरी तरह अंधेरा छाया रहता है।

फसल को रौंदकर चौपट किया

इसी बीच वन मंडल कोरबा के कुदमुरा रेंज में भी हाथियों का दल पहुंच गया। सोमवार रात धरमजयगढ़ वन मंडल पहुंचने के बाद हाथियों ने दो किसानों की फसल को रौंदकर चौपट कर दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग से टॉर्च उपलब्ध कराने की मांग की है, जिस पर वन परिक्षेत्र अधिकारी मनीष सिंह ने जल्द ही टॉर्च देने का आश्वासन दिया।

नुकसान का मुआवजा अभी तक नहीं मिला-ग्रामीण

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्हें हाथियों से हुए नुकसान का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। रेंजर मनीष सिंह ने बताया कि मुआवजा प्रकरण तैयार किया जा रहा है। बैठक में किसानों की क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कर आगे की कार्रवाई पर चर्चा की गई। वन विभाग की टीम ने गांव में मुनादी कराकर लोगों को हाथियों से दूर रहने और जंगल की तरफ न जाने की अपील की।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

कोरबा में पेड़ पर लटका मिला पति का शव:पत्नी से विवाद के बाद किराए के घर से निकला था, जांच में जुटी पुलिस

Published

on

कोरबा/कुसमुंडा। कोरबा में सोमवार सुबह एक व्यक्ति का शव पेड़ से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामला कुसमुंडा थाना क्षेत्र के गेवरा बस्ती, बरपाली गांव का है।

मृतक की पहचान रामपुर, करतला थाना क्षेत्र निवासी नरेश चौहान (30) के रूप में हुई। नरेश बरपाली में मनीराम खरे के मकान में किराए पर रहता था और मजदूरी करता था।

बताया गया कि नरेश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ किराए के मकान में रहता था। रविवार को वह काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। उसकी पत्नी लगातार उसकी तलाश करती रही।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद नरेश घर से निकला और फिर नहीं लौटा। कुसमुंडा थाना पुलिस ने नरेश की पत्नी का बयान दर्ज किया है। बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।

Continue Reading

कोरबा

7 अप्रैल को ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस के साथ मनाया जाएगा आवास दिवस

Published

on

मोर-गांव-मोर-पानी “नवा तरिया – आय के जरिया” अभियान के तहत नवा तरिया निर्माण हेतु बनेगी कार्ययोजना

कोरबा। शासन के निर्देशों के अनुपालन में आगामी 07 अप्रैल 2026 को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव के साथ-साथ “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी विभिन्न जनहितकारी गतिविधियों को गति देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग ने सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है कि आयोजन के पूर्व ग्राम पंचायत, विकासखंड स्तर पर लंबित समस्याओं एवं विषयों का निराकरण सुनिश्चित करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

आवास योजनाओं पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) सहित अन्य आवास योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत शत-प्रतिशत आवासों को अधिकतम 90 दिनों में पूर्ण कराने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। हितग्राहियों को अब तक प्राप्त राशि की जानकारी दी जाएगी तथा उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा।

स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को निर्माण सामग्री आपूर्ति एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, हितग्राहियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा।

मनरेगा एवं जल संरक्षण पर जोर
महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा मांग आधारित नए कार्य प्रारंभ करने पर चर्चा की जाएगी। “मोर-गांव-मोर-पानी” के तहत संचालित “नवा तरिया – आय के जरिया” अभियान में सभी सीएलएफ के लिए नवा तरिया निर्माण हेतु उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन कर दो माह के भीतर कार्य पूर्ण करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी।

कार्य प्रारंभ एवं प्रगति के दौरान जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी तथा स्लोगन, नारे एवं जिंगल के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

आजीविका संवर्धन एवं तकनीकी नवाचार
आजीविका डबरी के माध्यम से आयवर्धन गतिविधियों पर चर्चा कर योजनाएं बनाई जाएंगी। नागरिक सूचना पटल पर स्व-सहायता समूह से जुड़े परिवार की महिला सदस्य का नाम अंकित किया जाएगा।

महात्मा गांधी नरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के कार्यों के प्रचार-प्रसार के लिए QR कोड का उपयोग किया जाएगा। अमृत सरोवरों के सूचना पटल या निकटस्थ स्थानों पर भी QR कोड के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

युवाओं की भागीदारी से होगा जल संरक्षण
जल संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे गांवों में जल संसाधनों का सतत विकास संभव हो सके।

Continue Reading

कोरबा

न्यू कोरबा हॉस्पिटल में मानसिक स्वास्थ्य व नशा मुक्ति सेवाएं सशक्त, डॉ. रजनी के नेतृत्व में मिल रहा बेहतर उपचार

Published

on

कोरबा। बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और सामाजिक दबाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। अवसाद, चिंता, अनिद्रा और नशे की लत जैसी बीमारियां अब हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार हर 8 में से 1 व्यक्ति किसी न किसी मानसिक समस्या से जूझ रहा है, लेकिन समय पर सही इलाज सभी को नहीं मिल पाता।

इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए न्यू कोरबा हॉस्पिटल में वरिष्ठ न्यूरो-मनोचिकित्सक डॉ. रजनी वर्मा के नेतृत्व में आधुनिक और समग्र मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां मरीजों की स्थिति को समझकर व्यक्तिगत ट्रीटमेंट प्लान तैयार किया जाता है, जिसमें काउंसलिंग, साइकोथेरेपी और आवश्यकतानुसार दवाओं के जरिए उपचार किया जाता है। अस्पताल में अवसाद, एंग्जायटी, अनिद्रा, तनाव और व्यवहार संबंधी समस्याओं का प्रभावी इलाज किया जा रहा है।
बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए अस्पताल में विशेष नशा मुक्ति सेवाएं भी शुरू की गई हैं। इसमें शराब, तंबाकू, निकोटिन और ड्रग्स की लत से जूझ रहे मरीजों का वैज्ञानिक तरीके से इलाज किया जाता है। डिटॉक्सिफिकेशन, बिहेवियर थेरेपी, काउंसलिंग और रिलैप्स प्रिवेंशन जैसी सुविधाएं मरीजों को सुरक्षित और स्थायी रूप से नशा मुक्त बनाने में मदद कर रही हैं। डॉ. रजनी वर्मा द्वारा अब तक 200 से अधिक मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है, जो उनकी विशेषज्ञता और समर्पण को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक समस्याओं और नशे की लत को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, जबकि समय पर उपचार से व्यक्ति सामान्य जीवन में तेजी से वापसी कर सकता है। न्यू कोरबा हॉस्पिटल की ये सेवाएं कोरबा सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए राहत और उम्मीद का केंद्र बनकर उभर रही हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677