कोरबा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा में श्री राम कथा महोत्सव में हुए शामिल’, भवानी मंदिर स्थल का नामकरण कौशल्या धाम करने की घोषणा
जगद्गुरू श्री रामभद्राचार्य के दर्शन कर लिया आशीर्वाद, प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की
कोरबा। कोरबा के एकदिवसीय प्रवास पर आए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा नगरीय क्षेत्र स्थित भवानी मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम कथा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने परिसर में राम कथा वाचन के लिए आए श्री श्री 1008 जगद्गुरू रामभद्राचार्य के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया एवं प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महोत्सव में आए श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए सभी को नवरात्रि एवं दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जगद्गुरु के कोरबा आगमन से ऊर्जाधानी की धरती धन्य हो गयी है। उनका आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बनी रहे।

उन्होंने कार्यक्रम की आयोजन कर्ता ज्योति पांडे को भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी माता कौशिल्या का मायके एवं हमारे आराध्य भगवान श्री राम का नौनिहाल है। यहां प्रभु श्री राम ने माता सीता एवं भाई लक्ष्मण के साथ अपने वनवास के दौरान अधिकांश समय यहां व्यतीत किया है। राजिम में भगवान श्री राम व माता सीता द्वारा कुलेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना की गई है। जहां प्रतिवर्ष कुंभ मेला का आयोजन किया जाता है। हजारों श्रद्धालु स्नान कर पुण्य प्राप्त करते है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी को पूरा करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हमारा राज्य विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में स्थापित होगा। देश के गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का ध्येय रखा गया है । प्रदेश में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। हमारे जवान बड़े साहस से नक्सलियों का सामना कर रहे है एवं हमें लगातर सफलता मिल रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में विकास की गंगा बहेगी। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के खिलाफ भी राज्य में कड़े नियम बनाकर कड़ाई के साथ लागू किया जाएगा।उन्होंने बताया कि श्री राम लला दर्शन योजना के माध्यम से राज्य से प्रतिमाह हजारों भक्तों को सरकारी खर्च से अयोध्या धाम में श्री राम के दर्शन का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जगद्गुरू के अपील पर भवानी मंदिर स्थल का नामकरण कौशल्या धाम करने की घोषणा की।
’मुख्यमंत्री ने भवानी मंदिर एवं नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर में की पूजा-अर्चना’

इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंदिर परिसर में माता भवानी एवं कौशल्या धाम मंदिर पहुँचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, शांति और समृद्धि की मंगल कामना की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजा-पाठ करते हुए माता की प्रतिमा पर नारियल, पुष्प, चंदन एवं फल अर्पित कर आरती की। मुख्यमंत्री श्री साय ने नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर में माता कौशल्या की मूर्ति का नमन किया। मंदिर में माता कौशल्या की गोद में बाल रूप में भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। जो कि मंदिर के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन कर निर्माण कार्य की सराहना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी कुशलक्षेम जाना। स्थानीय श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ओपन थियेटर मैदान में राम लीला महोत्सव में हुए शामिल
भव्य रामलीला आयोजन के लिए आयोजन समिति की सराहना की
नगरवासियों को नवरात्रि की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा प्रवास के दौरान शहर के घंटाघर ओपन थिएटर मैदान में नगर निगम द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। साथ ही सभी के जीवन मे सुख शांति समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व हमें शक्ति, भक्ति और सद्भाव का संदेश देता है। इन 9 दिनों में हम माता के 9 रूपों की भक्ति भाव से पूजा करते है, ऐसे अवसर पर इस प्रकार के भव्य रामलीला का आयोजन बड़े ही गर्व की बात है।

उन्होंने आयोजन समिति को रामलीला महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए सराहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलीला हमारे जीवन मूल्यों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। रामलीला को देखकर बचपन की स्मृति ताजा हो गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य अतिथियों को राम दरबार, शॉल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण , चिकित्सा शिक्षा व बीस सूत्रीय कार्यक्रम मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल , गोपाल मोदी, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, प्रभारी कलेक्टर आशुतोष पांडेय, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, सीईओ जिला पंचायत दिनेश नाग, डॉ. राजीव सिंह, अशोक चावलानी स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
कोरबा
श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा वृद्धाश्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
बिलासपुर/कोरबा। श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा दिनांक 08 जून 2026 को माता रानी की कुटिया वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्ध महिलाओं के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला श्रीमती शशि दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
इस अवसर पर मंडल की आदरणीय उपाध्यक्षगण भी उपस्थित रहीं। सभी ने वृद्धाश्रम में रह रही वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

शिविर में* डॉ पारुली साहू एवं उनकी टीम द्वारा 25 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया* गया। शिविर में रक्तचाप (BP), नाड़ी (Pulse), CBC, RBS, HbA1c, लिवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल एवं लिपिड प्रोफाइल सहित विभिन्न जांचें निःशुल्क की गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शशि दुहन ने वृद्धाश्रम की महिलाओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल हेतु प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
शिविर के उपरांत वृद्धाश्रम में निवासरत 25 बुजुर्गों को पौष्टिक नाश्ता एवं फल की टोकरियाँ वितरित की गईं, जिससे उनके प्रति स्नेह, सम्मान एवं अपनत्व का भाव व्यक्त किया जा सके।
इस सेवा कार्य में समिति की सदस्याओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
यह स्वास्थ्य शिविर श्रद्धा महिला मंडल की सामाजिक सेवा, करुणा एवं जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का एक सराहनीय प्रयास रहा, जिससे वृद्धाश्रम की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हुआ तथा उनमें सुरक्षा एवं अपनत्व की भावना का संचार हुआ।
कोरबा
क्षतिग्रस्त और अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में आवाजाही होगी बाधित, ग्रामीणों को घूमकर जाना पड़ेगा
कोरबा। क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में फिर से आवाजाही बाधित होगी। इससे उपनगर बांकीमोंगरा, हरदीबाजार, चैतमा के ग्रामीणों को वैकल्पिक सड़क से घूमकर जाना पड़ेगा। बारिश में संपर्क टूटने पर स्कूली छात्रों, कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो सड़क मार्ग से रोज आवाजाही करनी पड़ती है। हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा, निरतु की ओर आवाजाही के लिए लीलागर नदी पर बनी पुरानी पुलिया की ऊंचाई कम है। 24 घंटे से भी कम बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहता है। इससे गांवों को संपर्क टूटने पर सबसे अधिक परेशानी नेवसा समेत आसपास गांवों के स्कूली छात्रों को होती है, जो हरदीबाजार व दीपका के स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। यह सड़क हरदीबाजार को बलौदा सीपत व मस्तूरी से भी जोड़ती है, इस कारण यात्री बसें भी मार्ग से गुजरती है।

हरदीबाजार से नेवसा की दूरी लीलागर नदी का पुलिया पारकर 2 किलोमीटर है। वहीं रतिजा की ओर से बायपास सड़क से आवाजाही पर 5 किलोमीटर दूरी पड़ेगी। पुलिया की कम ऊंचाई के मद्देनजर नया पुल का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड अब तक नहीं बनाया है। सड़क पर मिट्टी पड़ी है। नौतपा की विदाई से मानसून भी अब करीब है। आने वाले दिनों प्री-मानसून बारिश की संभावना है। एप्रोच रोड को पुल के लेवल के हिसाब से निर्माण नहीं कराने पर वाहनों से आवाजाही मुश्किल होगी। पिछले साल बारिश में पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के + लीलागर नदी पर निर्मित पुल का अधूरा एप्रोच रोड।
कोरबा
लो वोल्टेज और कटौती पर ग्रामीणों का हल्लाबोल
कोरबा/पाली। 5 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर ग्रामीणों ने पाली सब स्टेशन कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे धरना देने के बाद पुलिस शासन की मौजूदगी में सब स्टेशन के बिजली अफसरों के साथ परिसर में ही वार्ता हुई। इसके बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हुआ। सब स्टेशन कार्यालय के निकट से ग्रामीणों ने रैली की शक्ल में बिजली दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गांवों में बिजली कटौती व लो वोल्टेज का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अनाफ-शनाफ बिजली बिल भेजा रहा है। खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सिल्ली, परसदा, शिवपुर, निरधी, पोलमी पंचायत के गांवों के हजारों उपभोक्ता लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं। कई बार मौखिक व लिखित शिकायत के बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। दफ्तर परिसर में ग्रामीणों के साथ बिजली अधिकारियों की वार्ता हुई। उनकी बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो चक्काजाम आंदोलन करने मजबूर होंगे।
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