रायबरेली,एजेंसी। रायबरेली में मॉब लिंचिंग को लेकर राहुल गांधी ने कहा- दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम हत्या केवल एक इंसान की नहीं, बल्कि इंसानियत, संविधान और न्याय की हत्या है। देश में नफरत, हिंसा और भीड़ तंत्र को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है।
राहुल ने मंगलवार को X पर लिखा- संविधान की जगह बुलडोजर ने ले ली है, इंसाफ की जगह डर ने, लेकिन यह देश संविधान से चलेगा, भीड़ की सनक से नहीं। भारत का भविष्य समानता और मानवता पर टिका है। मैं परिवार के साथ खड़ा हूं। उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।
दरअसल, 2 अक्टूबर को हरिओम पासवान की हत्या हुई थी। शुरू में कहा गया था कि युवक ड्रोन चोर था। उसी दिन युवक को पीटने और उसकी लाश के वीडियो भी सामने आए थे। इसके बाद 4 अक्टूबर को एक और वीडियो सामने आया, जिसमें मार खाते हुए युवक राहुल गांधी का नाम लेता है। इस पर भीड़ में से एक शख्स कहता है, यहां सब ‘बाबा’ वाले हैं।
इस मामले में लापरवाही करने पर ऊंचाहार थाना अध्यक्ष संजय कुमार समेत 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रविवार रात राहुल ने परिवार से फोन पर बात की थी। कहा था- परेशान मत होइए, कांग्रेस परिवार आपके साथ है।
राहुल का X पर पोस्ट
खड़गे-राहुल का संयुक्त बयान, कहा- रायबरेली में जो हुआ, वह देश पर कलंक
यह फोटो 3 अक्टूबर की है। इसमें युवक का शव गांव से 20 मीटर दूर रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा था।
इस मामले में राहुल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ साझा लेटर भी लिखा है। जिसे दोनों नेताओं ने X पर शेयर किया। इसमें लिखा है, ‘रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम और क्रूर हत्या की कांग्रेस पार्टी कड़ी से कड़ी निंदा करती है।
हमारे देश में एक संविधान है, जो हर इंसान को समानता के भाव से पहचानता है। एक कानून है, जो हर नागरिक की सुरक्षा, उसके अधिकार और उसकी अभिव्यक्ति को समान दर्जा देता है। जो रायबरेली में हुआ, वह इस देश के संविधान के प्रति घोर अपराध है। दलित समुदाय के प्रति अपराध है। इस देश और समाज पर कलंक है।’
रायबरेली मॉब लिंचिंग को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साझा लेटर लिखा है।
‘वंचित के खिलाफ सबसे अधिक हिंसा हो रही’
राहुल-खड़गे ने लिखा है, ‘देश में दलितों, अल्पसंख्यकों और गरीबों पर अपराध की संख्या हद से ज्यादा बढ़ चुकी है। यह हिंसा सबसे अधिक उन्हीं पर होती है, जो वंचित हैं, बहुजन हैं, जिनकी न पर्याप्त हिस्सेदारी है, न प्रतिनिधित्व। चाहे हाथरस और उन्नाव में महिलाओं के खिलाफ अपराध हों या रायबरेली में हरिओम की हत्या।
कुछ समय पहले रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या हुई। मध्य प्रदेश में एक नेता द्वारा आदिवासी युवक पर पेशाब करने की अमानवीय घटना भी सामने आई। ओडिशा और मध्य प्रदेश में दलितों की निर्मम पिटाई हो या फिर हरियाणा के पहलू खान और उत्तर प्रदेश के अखलाक की हत्या। हर घटना हमारे समाज, प्रशासन और सत्ताधारी शक्तियों की बढ़ती हुई संवेदनहीनता का दर्पण है।’
यह तस्वीर 3 अक्टूबर की दोपहर को सामने आई थी। इसमें गांव वालों ने युवक को चोर समझकर पकड़ा और उससे मारपीट कर पूछताछ की थी।
‘2014 के बाद से मॉब लिंचिंग भयावह पहचान बन चुकी’
राहुल-खड़गे ने लिखा, ‘2014 के बाद से मॉब लिंचिंग, बुलडोजर अन्याय और भीड़तंत्र जैसी प्रवृत्तियां हमारे समय की भयावह पहचान बन चुकी हैं। हिंसा किसी भी सभ्य समाज की निशानी नहीं हो सकती है, इसलिए हरिओम के साथ जो हुआ, वह हमारी सामूहिक नैतिकता पर गहरा प्रश्न है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों का भारत और महात्मा गांधी के ‘वैष्णव जन…’ का भारत सामाजिक न्याय, समानता और संवेदना का भारत है, जिसमें ऐसे अपराधों के लिए कोई स्थान नहीं। मानवता ही एकमात्र रास्ता है।’
यह फोटो 4 अक्टूबर को सामने आई थी। इसमें गांव वाले युवक की जांघों और प्राइवेट पार्ट पर लाठी और बेल्ट बरसाते दिख रहे थे।
‘अन्याय के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है’
उन्होंने लिखा, ‘कांग्रेस पार्टी समाज के वंचित और कमजोर तबकों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। हम नागरिकों से आह्वान करते हैं कि वे इस अन्याय के खिलाफ एकजुट हों। यह लड़ाई तब तक जारी रहनी चाहिए, जब तक हर भारतीय के अधिकारों और जीवन की गरिमा को पूर्ण सुरक्षा नहीं मिल जाती है।’
यह तस्वीर 6 अक्टूबर को सामने आई थी। ग्रामीणों ने हरिओम को घेर लिया तो पुलिस वाले मौके पर पहुंचे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की थी।
क्या है मामला
रायबरेली के ऊंचाहार थाना क्षेत्र के ईश्वरदासपुर गांव में 2 अक्टूबर को एक युवक की लाश रेलवे ट्रैक के किनारे मिली थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक के शरीर पर पिटाई के निशान थे। सिर पर गहरी चोट, छाती पर बेल्ट के निशान और पूरे शरीर पर नीले-काले दाग थे।
पुलिस ने युवक का नाम हरिओम पुत्र गंगादीन (38) बताया था। वह फतेहपुर जिले के तरावती का पुरवा गांव का रहने वाला था। वह 1 अक्टूबर की रात करीब 1 बजे ऊंचाहार-डलमऊ मार्ग पर ईश्वरदासपुर की ओर जा रहा था। तभी 24-25 गांववालों ने उसे पकड़ लिया।
गांव वाले उससे पूछताछ करने लगे। हरिओम ने बताया कि वह पास के ही गांव में रहता है, लेकिन गांव वाले नहीं माने। इसके बाद उसे डंडे और बेल्ट से मारने-पीटने लगे। फिर उसे अधनंगा कर दिया। उसकी ही शर्ट से दोनों हाथ बांधे। उस पर डंडे-बेल्ट बरसाते रहे।
अधमरा करने के बाद लोग उसे गांव के बाहर नहर किनारे ले गए। एक खंभे में बांधकर पीटा। फिर उसे रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिया था।
अधमरा करने के बाद रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिया था
अधमरा करने के बाद लोग उसे गांव के बाहर नहर किनारे ले गए थे। एक खंभे में बांधकर पीटा। युवक बार-बार कहता रहा कि मैं चोर नहीं हूं, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। पिटाई के बाद युवक को अधमरी हालत में रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिया था।
हरिओम की पत्नी पिंकी के मुताबिक, पति मानसिक रूप से कमजोर था। रायबरेली में मुझसे मिलने आ रहा था। पिंकी, ऊंचाहार में NTPC परिसर में पंजाब नेशनल बैंक में सफाई कर्मचारी है। गेट नंबर-2 के सामने पिंकी का मायका है। इस समय वो मायके में रह रही थी।
मृतक हरिओम की पत्नी पिंकी ने बताया- जैसे मेरे पति की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या की गई है, वैसे ही उन हत्यारों को भी सजा मिलनी चाहिए।
अब तक 4 वीडियो सामने आए
चौथा वीडियो- 6 अक्टूबर को सामने आया। इससे पता चलता है कि पुलिस चाहती तो युवक की जान बच सकती थी। युवक को ड्रोन चोर समझकर भीड़ ने घेर रखा था। सूचना पाकर PRV पहुंची। जीप में बैठे-बैठे एक पुलिसकर्मी ने कहा- जाने दो, जहां जाना चाहता है। फिर वहां से पुलिस निकल गई। इसके बाद उग्र भीड़ ने युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
पहला वीडियो- 3 अक्टूबर की सुबह सामने आया। इसमें साढ़े 6-7 बजे के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे खून से लथपथ हालत में एक युवक का शव दिख रहा है।
दूसरा वीडियो- 3 अक्टूबर को दोपहर में 2 बजे सामने आया था। इसमें कुछ लोग लाठी-डंडे से एक युवक को चोर-चोर कहकर पीट रहे थे।
तीसरा वीडियो- 4 अक्टूबर (शनिवार) को सामने आया। इसमें युवक को पीटने वाले ग्रामीणों ने उसका नाम-पता पूछा। इस पर उसने चिल्ला कर कहा- राहुल गांधी। इसके बाद पीट रही भीड़ में से एक युवक ने कहा- यहां सब बाबा वाले आदमी हैं।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय इससे पहले मृतक के परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष फतेहपुर में उनके घर पहुंचे थे। अजय राय ने कहा था- युवक को बेरहमी से मारा गया। यह जंगलराज की सरकार है जो योगी बाबा की चल रही है। मार भी रहे हैं और कह रहे हैं कि हम बाबा वाले हैं।
उन्होंने कहा था- राहुल जी का हर एक कार्यकर्ता, हर एक बब्बर शेर, पूरी कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। हमारे नेता ने भी पीड़ित परिवार से बात की है। हम उन्हें न्याय दिलाएंगे। जो लोग खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं और लोगों को मार रहे हैं, वे किसी भी तरह बख्शे नहीं जाएंगे।
लुधियाना/महाराष्ट्र,एजेंसी। महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ। पुलिस के मुताबिक, गुरुद्वारा माता साहिब कौर में एक निहंग ने उन पर कृपाण से हमला किया। बादल के हाथ में चोट लगी है। हमले के दौरान उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। घटना दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। पुलिस ने हमले के आरोपी निहंग जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। सुखबीर बादल परिवार के साथ नांदेड़ के गुरुद्वारे में माथा टेकने पहुंचे थे। हमले के बाद उन्हें यशोसाई अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुखबीर बादल पर 4 दिसंबर 2024 को भी हमला हुआ था। गोल्डन टेंपल में सेवादार की धार्मिक सजा भुगतने के दौरान उन पर फायरिंग की गई थी।
सुखबीर सिंह बादल ने अपने परिवार के साथ तख्त श्री हजूर साहिब में मत्था टेका।
हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल को अस्पताल ले जाया गया।
यशोसाईं अस्पताल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
हमले से पहले बादल अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल के साथ नांदेड़ में तख्त श्री हजूर साहिब गए थे।
महाराष्ट्र सीएम फडणवीस ने जांच के आदेश दिए
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से बात की और सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की जांच के आदेश दिए।
इस हमले के दौरान बादल के सुरक्षाकर्मी संतोष हेगड़े ने भी हमलावर को रोकने का प्रयास किया, जिसमें वह भी घायल हुआ। हमलावर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना से जुड़े CCTV फुटेज तथा चश्मदीद लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।
हमलावर को सम्मानित करने का दावा
इस घटना के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि हमला करने वाले निहंग जसपाल सिंह को सम्मानित किया गया। हालांकि, वीडियो को लेकर किए जा रहे दावे की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दावा है कि जिस निहंग को दस्तार बांधा जा रहा है उसी ने हमला किया है। मौके पर एक पुलिसवाला भी मौजूद है, जो बाद में इसे पकड़कर ले गया।
अकाली दल के प्रवक्ता बोले- सिख धर्म विरोधी ताकतों की साजिश
इस मामले में अकाली दल के प्रवक्ता एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि सुखबीर बादल पूरी तरह स्वस्थ हैं। मामला महाराष्ट्र का है, इसलिए वहां की पुलिस जांच करेगी कि हमलावर कौन है?। उसने किसके कहने पर हमला किया?।उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे कुछ सिख धर्म विरोधी ताकतों की साजिश हो सकती है।
अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा- हमलावर सच्चा सिख नहीं
इस बारे में सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब ऐसी जगह है, जहां श्रद्धालु सभी की भलाई के लिए अरदास करने आते हैं। सच्चा सिख किसी ऐसे व्यक्ति पर हमला नहीं कर सकता, जो गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आया हो। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से गुरुद्वारों की मर्यादा को ठेस और पूरे सिख समुदाय की छवि को नुकसान पहुंची है।
2024 में भी हुआ था हमला
गोल्डन टेम्पल में सुखबीर सिंह बादल पर दिसंबर 2024 में हुए हमले की तस्वीर।
एक बुजुर्ग व्यक्ति भीड़ के बीच से धीरे-धीरे सुखबीर बादल की ओर बढ़ा। उसने अपनी जेब से 9mm की पिस्टल निकाली और सीधे बादल पर निशाना साधकर गोली चला दी।
सुखबीर सिंह बादल पर 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर के गोल्डन टेंपल के प्रवेश द्वार पर जानलेवा फायरिंग की गई थी। इसमें वह बाल-बाल बच गए थे।
यह हमला उस समय हुआ था जब वह अकाल तख्त की ओर से सुनाई गई एक धार्मिक सजा (तनखैया) काट रहे थे।
सुखबीर बादल को सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त ने धार्मिक रूप से दोषी घोषित किया था। यह सजा अकाली दल सरकार के दौरान हुई गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के प्रायश्चित के रूप में दी गई थी।
उस दिन उनकी सजा का दूसरा दिन था। पैर में फ्रैक्चर होने के कारण वह व्हीलचेयर पर बैठे थे। गले में पट्टी लटकी हुई थी, नीली पोशाक पहने थे और हाथ में भाला लेकर द्वार पर पहरेदार के रूप में सेवा दे रहे थे।
नई दिल्ली, एजेंसी। देश के मध्य और पूर्वी हिस्से में मानसून एक्टिव है। मध्यप्रदेश, राजस्थान के कई इलाकों में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश से हालात खराब हैं। इसकी वजह तीन मानसूनी सिस्टम हैं। इनके कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से बड़ी मात्रा में नमी आ रही है।
भोपाल में बुधवार को लगातार तीसरे दिन स्कूलों में छुट्टी है। यहां दो दिनों में 8.57 इंच बारिश हुई। करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में अगले 24 घंटे में यहां 4 इंच से ज्यादा बारिश का अनुमान है।
उधर, राजस्थान में खोखी बांध की दीवार टूटने से 300 बीघा फसल खराब हो गई है। कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की टनल के एक हिस्से में दो-तीन फीट तक पानी भरा हुआ है।
वहीं, उत्तर प्रदेश में पिछले 2 दिनों से भारी बारिश हो रही है। इसके चलते जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को पानी भर गया था। इसका वीडियो आज सामने आया है। वाराणसी में घाटों की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। 100 से ज्यादा छोटे मंदिर डूब गए हैं।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश हो रही है। वहीं, शिवपुरी में NH-46 पर करीब एक फीट तक पानी भर गया। इससे काफी देर तक जाम लगा रहा। प्रदेश में अब तक 19.6 इंच बारिश हो चुकी है।
राजस्थान में पिछले 3 दिनों से भारी बारिश हो रही है। इसके चलते कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की टनल में पानी भर गया है। इस वजह से बुधवार सुबह से यहां लंबा जाम लगा हुआ है। पिछले दो दिनों से ट्रैफिक रेंग-रेंगकर चल रहा है।
उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बारिश के बाद पानी भर गया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इससे फ्लाइट ऑपरेशन और यात्रियों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा। घटना मंगलवार की है, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।
मुंबई में कुर्ला के अशोक नगर इलाके में बुधवार सुबह 3 बजे गौसिया चॉल के पास बारिश की वजह से मिट्टी का बड़ा हिस्सा गिर गया। इसकी चपेट में दो-तीन घर आ गए। महाराष्ट्र के कई इलाकों में 24 घंटे से बारिश हो रही है।
उत्तराखंड के चमोली की नीति घाटी में दो दिन पहले बादल फटने से तमक नाला उफान पर आ गया था। तेज बहाव में 17 टन स्टील से बना वैली ब्रिज बह गया। अब नाले पर अस्थायी ब्रिज बनाने का काम किया जा रहा है।
हिमाचल के शिमला-धर्मशाला NH-205 पर भराड़ीघाट के पास मंगलवार को चलती कार पर बड़ी चट्टान गिर गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 2 लोग घायल हो गए। राज्य में लैंडस्लाइड से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है।
मुंबई, एजेंसी। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने आज 12 अगस्त को इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की एजीएम से ठीक पहले आया है। हालांकि, वे फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे।
चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर टाटा ट्रस्ट्स के साथ सहमति नहीं बन पाई थी। नए कारोबारों में भारी निवेश, उनके प्रदर्शन और टाटा संस के भविष्य को लेकर मतभेद इस फैसले की बड़ी वजह बने।
एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर के बाद टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में गिरावट है। टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा कंज्यूमर के शेयर 3% तक नीचे हैं।
चंद्रशेखरन ने इस्तीफा देते हुए क्या कहा
चंद्रशेखरन ने कहा कि, “टाटा संस के चेयरमैन के रूप में मेरा मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म हो रहा है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके मेरे अगले 5 साल के कार्यकाल के विस्तार की सिफारिश की थी।
इसे टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी और बोर्ड ने दर्ज किया था और आगे बढ़ाने की सिफारिश की थी। इसके बाद, यह प्रस्ताव 24 फरवरी 2026 को टाटा संस बोर्ड के सामने रखा गया था।
हालांकि, यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका क्योंकि बोर्ड के एक सदस्य ने इसका समर्थन नहीं किया। सर्वसम्मत समर्थन न मिलने की वजह से मैंने इस फैसले को टालने का विकल्प चुना। उस बोर्ड मीटिंग को हुए 6 महीने बीत चुके हैं और आज तक कोई फैसला नहीं हो पाया है।
टाटा संस एक बहुत बड़ा संस्थान है और कई बड़े रणनीतिक प्रोजेक्ट्स अभी अहम मोड़ पर हैं। फरवरी 2027 के बाद ग्रुप की अगुआई करने के लिए न सिर्फ एक लीडर का होना जरूरी है, बल्कि कर्मचारियों, निवेशकों, पार्टनर्स और बाकी स्टेकहोल्डर्स के लिए लीडरशिप को लेकर स्पष्टता होना भी बहुत जरूरी है।”
इस्तीफे की 4 बड़ी वजह
चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने पर मतभेद
फरवरी 2026 में टाटा संस बोर्ड ने चंद्रशेखरन के अगले 5 साल के कार्यकाल की सिफारिश की थी। बाद में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इसका विरोध किया और सिर्फ 2 साल का कार्यकाल देने की वकालत की।
24 फरवरी 2026 को 5 साल के विस्तार का प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा गया। एक सदस्य के समर्थन न देने से इस पर सहमति नहीं बन सकी है।
नए कारोबारों के प्रदर्शन पर सवाल
चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा ग्रुप ने एविएशन, डिजिटल कारोबार, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और बैटरी जैसे नए क्षेत्रों में बड़े निवेश किए। इनमें से कुछ कारोबार अभी घाटे में हैं।
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस को FY26 में कुल रू.22,238 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि टाटा डिजिटल का घाटा रू.4,974 करोड़ रहा। इन्हीं मुद्दों पर नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताई थी।
टाटा संस की लिस्टिंग हो या नहीं
टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाए या निजी कंपनी ही रखा जाए, इस पर टाटा ट्रस्ट्स के अंदर अलग-अलग राय सामने आई। नोएल टाटा लिस्टिंग के पक्ष में नहीं बताए जाते हैं, जबकि कुछ ट्रस्टी लिस्टिंग की वकालत कर चुके हैं।
टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच तालमेल
टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है, इसलिए दोनों के बीच बड़े फैसलों पर सहमति बेहद अहम है। नए कारोबारों की रणनीति, निवेश और चंद्रशेखरन के कार्यकाल को लेकर मतभेदों से दोनों के बीच तालमेल का सवाल भी सामने आया।
चंद्रशेखरन का 9 साल का सफर: रेवेन्यू रू.16.24 लाख करोड़ पहुंचा
चंद्रशेखरन के 2017 में कमान संभालने के बाद टाटा ग्रुप का दायरा काफी बढ़ा है। चंद्रशेखरन ने ग्रुप को एविएशन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी और डिजिटल बिजनेस जैसे नए क्षेत्रों में उतारा।
रेवेन्यू: वित्त वर्ष 2020 में ग्रुप का रेवेन्यू रू.7.89 लाख करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर रू.16.24 लाख करोड़ हो गया।
मुनाफा: ग्रुप का मुनाफा रू.32,000 करोड़ से बढ़कर रू.1.71 लाख करोड़ हो गया।
मार्केट कैप: लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 2020 के रू.9.31 लाख करोड़ से बढ़कर 2026 में रू.24.39 लाख करोड़ पहुंच गया।
टाटा ग्रुप, टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स में फर्क
टाटा ग्रुपः टाटा नाम से चलने वाली अलग-अलग कंपनियों और कारोबारों को मिलाकर टाटा ग्रुप बनता है। जैसे- टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा पावर और एअर इंडिया।
टाटा संसः टाटा संस, टाटा ग्रुप की मुख्य कंपनी है। यह ग्रुप की बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी रखती है और बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाती है।
टाटा ट्रस्ट्सः टाटा ट्रस्ट्स सामाजिक और परोपकारी काम करने वाले ट्रस्टों का समूह है। इसके पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है।
कैसे चुना जाएगा नया चैयरमैन
टाटा संस के चेयरमैन को चुनने की प्रक्रिया में पहले चयनसमिति उम्मीदवारों पर विचार करती है। इस समिति में टाटा ट्रस्ट्स की ओर से नामित सदस्य, टाटा संस बोर्ड का एक सदस्य और एक स्वतंत्र बाहरी सदस्य शामिल होते हैं।
समिति उम्मीदवार के नाम की सिफारिश टाटा संस के बोर्ड से करती है। बोर्ड उम्मीदवार की योग्यता और ग्रुप की जरूरतों को देखते हुए अंतिम नियुक्ति का फैसला करता है। अगर मौजूदा चेयरमैन को ही जारी रखना हो, तो उनके कार्यकाल के विस्तार पर भी इसी प्रक्रिया के तहत फैसला होता है।