छत्तीसगढ़
CGPSC घोटाला…4 आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से बेल:इनमें पूर्व चेयरमैन टामन के बेटे-भतीजे, कारोबारी श्रवण के बेटे-बहू शामिल, सोनवानी ने कॉपी कराया था पेपर
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाला केस में सुप्रीम कोर्ट ने 4 आरोपियों को जमानत दे दी है। रायपुर जेल में बंद पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के बेटे नितेश सोनवानी, भतीजे साहिल सोनवानी, कारोबारी श्रवण गोयल के बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है।
यह सभी आरोपी पिछले कुछ महीनों से न्यायिक हिरासत में थे। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत मंजूर की है। इन पर CGPSC परीक्षा घोटाले के चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और गलत तरीके से पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है।
30 सितंबर को 2000 पन्नों का पहला पूरक चालान हुआ था पेश
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 30 सितंबर को स्पेशल कोर्ट में 2000 पन्नों का पहला पूरक चालान पेश हुआ था। इस चालान में घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे किए गए। एजेंसी ने CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को घोटाले का मास्टरमाइंड बताया है।
इसके अलावा आरती वासनिक, जीवन किशोर ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आडिल को भी आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपियों की भूमिका का विस्तार से जिक्र करते हुए CBI ने सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट को जानकारी दी है। फिलहाल, सभी आरोपी CBI की न्यायिक रिमांड में जेल में बंद हैं। मामले में अब तक 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

CBI ने 19 सितंबर को PSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
टामन ने घर पर साहिल-नीतेश को दिया पेपर
CBI के मुताबिक, टामन ने परीक्षा का पर्चा लीक कर घर पर साहिल, नीतेश, उसकी पत्नी निशा कोसले और दीपा आदिल को दिया। परीक्षा में दीपा जिला आबकारी अधिकारी, निशा डिप्टी कलेक्टर, साहिल डीएसपी और नीतेश डिप्टी कलेक्टर बने।
ललित गणवीर ने पर्चा बजरंग पावर एंड इस्पात के डायरेक्टर श्रवण गोयल को दिया। उनके बेटे शशांक, बहू भूमिका ने उससे तैयारी की। दोनों डिप्टी कलेक्टर पद पर चुने गए।
आरती ने टामन और ललित के साथ पेपर दूसरों को दिए
CGPSC 2021 की परीक्षा में प्री और मेन्स दोनों के सभी सेट लीक हुए थे। ये लीक तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक ने चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर और सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने मिलकर किया।
पर्चे छापने का ठेका कोलकाता के अरुण द्विवेदी की प्रिंटिंग प्रेस मेसर्स एकेडी प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। कंपनी ने प्रिलिम्स के 2 पर्चे तैयार किए थे। इसमें सामान्य अध्ययन और छत्तीसगढ़ से संबंधित 100 प्रश्नों का प्रश्न पत्र था। सामान्य अभिरुचि (सीसेट) के 100 प्रश्नों का दूसरा प्रश्न पत्र शामिल था।
आरती ने कॉपी किया पेपर
कंपनी ने प्रश्न पत्र तैयार कर लिया और प्रिंट करने वाले थे। तभी आरती वासनिक ने प्रिंटिंग कंपनी के मालिक अरुण द्विवेदी को फोन कर पर्चे रिव्यू कराने के लिए बुलाया। जनवरी 2021 में उसका स्टाफ महेश दास सात सेट में प्रश्न पत्र लेकर रायपुर आया।
उसने सील बंद पर्चे आरती को सौंपे। आरती पर्चे लेकर घर चली गई। आरती ने उन्हें टामन और ललित के साथ मिलकर खोल लिया और कॉपी करवा ली। लिफाफा फिर से सील कर महेश को प्रिटिंग के लिए वापस दे दिया।
जानिए क्या है CGPSC घोटाला
यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।
इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।
171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा
CGPSC परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई थी।
12 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
CBI ने 19 सितंबर को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें PSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, PSC के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IAS जीवनलाल ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल शामिल हैं।
इससे पहले 18 नवंबर को CBI ने तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद 10 जनवरी को 5 और आरोपियों को हिरासत में लिया गया। जिनमें नितेश सोनवानी (तत्कालीन अध्यक्ष का भतीजा, डिप्टी कलेक्टर चयनित), ललित गणवीर (तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, CGPSC), शशांक गोयल, भूमिका कटियार (दोनों डिप्टी कलेक्टर चयनित) और साहिल सोनवानी (डीएसपी चयनित) शामिल हैं। ये सभी फिलहाल जेल में बंद हैं।

कोरबा
SECL गेवरा परियोजना के प्रभावित ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 27 मार्च से संपूर्ण कार्य ठप्प करने का ऐलान
कोरबा/गेवरा। एसईसीएल गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम नरईबोध एवं अन्य ग्रामों के विस्थापितों ने प्रबंधन पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाते हुए, आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ग्रामीणों ने घोषणा की है कि यदि उनकी नियुक्तियों और पुनर्वास की मांगों को तुरंत पूरा नहीं किया गया तो 27 मार्च 2026 से गेवरा परियोजना और पी.एन.सी. कंपनी का समस्त कार्य पूर्णतः बाधित कर दिया जाएगा ।

क्या है मुख्य विवाद?
ग्रामीणों का कहना है कि एसईसीएल प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया था कि 18 मार्च 2026 को 5 ड्राइवरों और 5 जनरल मजदूरों को तत्काल जॉइनिंग दी जाएगी, साथ ही 5 अन्य व्यक्तियों को एक सप्ताह के भीतर कार्य पर रखा जाएगा। प्रबंधन के लिखित वादे के बावजूद 25 मार्च तक किसी भी ग्रामीण को जॉइनिंग नहीं दी गई है ।

आंदोलन की चेतावनी
लगातार मिल रहे झूठे आश्वासनों से त्रस्त होकर ग्रामीणों ने अब सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है:-
कार्य बंदी:- 27 मार्च से गेवरा परियोजना के साथ-साथ सहयोगी पी.एन.सी. कंपनी के कार्यों को भी रोका जाएगा ।
जवाबदेही:- ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि कार्य बाधित होने से होने वाले किसी भी नुकसान की समस्त जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी ।
प्रशासन को सूचना:- इस संबंध में जिलाधीश (कोरबा) पुलिस अधीक्षक एसडीएम (कटघोरा) और स्थानीय थाना प्रभारी को लिखित सूचना दे दी गई है ।

प्रमुख मांगें:-
लिखित समझौते के अनुसार सभी 15 व्यक्तियों को तत्काल जॉइनिंग दी जाए, स्थायी रोजगार मुआवजा और पुनर्वास की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो, विस्थापितों के साथ किए गए वादों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ।
हम वर्षों से अपनी जमीन और आजीविका खोकर न्याय का इंतजार कर रहे हैं, प्रबंधन ने लिखित वादा करके भी हमें ठगा है। अब हमारे पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है ।


कोरबा
कोरबा की पावन धरा पर सजेगा दिव्य आध्यात्मिक महाकुंभ, बागेश्वर धाम सरकार के आगमन से भक्तिमय होगा वातावरण
ग्राम ढपढप में 28 मार्च से 1 अप्रैल तक दिव्य श्री हनुमंत कथा, 27 मार्च को 21 हजार मातृशक्ति की भव्य कलश यात्रा बनेगी आस्था का विराट प्रतीक
कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा अब एक ऐतिहासिक और अलौकिक आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बनने जा रही है। बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री महाराज के पावन आगमन से कोरबा की धरती भक्ति, श्रद्धा और सनातन चेतना से सराबोर होने वाली है। बांकीमोंगरा-कटघोरा मार्ग स्थित ग्राम ढपढप में 28 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने जा रही दिव्य श्री हनुमंत कथा को लेकर पूरे जिले में जबरदस्त उत्साह, श्रद्धा और उमंग का वातावरण है।
यह आयोजन केवल एक कथा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सेवा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का विराट महापर्व बनने जा रहा है। आयोजन की भव्यता, व्यवस्थाओं की व्यापकता और भक्तों की अपार आस्था को देखकर स्पष्ट है कि यह कार्यक्रम कोरबा के धार्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने वाला है।

27 मार्च को निकलेगी 21 हजार माताओं-बहनों की भव्य कलश यात्रा
दिव्य श्री हनुमंत कथा से पूर्व 27 मार्च को सुबह 11 बजे मरही दाई मंदिर से कथा स्थल तक 21 हजार माताओं और बहनों की विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह कलश यात्रा आस्था, नारी शक्ति और सनातन गौरव का अद्भुत प्रतीक होगी। आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि कलश यात्रा पूरी तरह नि:शुल्क है, इसमें किसी प्रकार का शुल्क लिया जाना पूरी तरह भ्रामक और निराधार है।

प्रेस क्लब तिलक भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक जुड़ावन सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोजन कोरबा की धार्मिक चेतना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस पुण्य अवसर का भागीदार बनने की अपील की।
बागेश्वर धाम सरकार के आगमन से भक्तों में अपार उत्साह
जैसे ही पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री महाराज के कोरबा आगमन की घोषणा हुई, पूरे जिले में भक्तों के बीच हर्ष और उत्साह की लहर दौड़ गई। अपने ओजस्वी प्रवचनों, श्री हनुमंत भक्ति और सनातन जागरण के लिए देशभर में पूज्यनीय बागेश्वर धाम सरकार का यह आगमन कोरबा के लिए किसी सौभाग्य से कम नहीं माना जा रहा। श्रद्धालुओं का मानना है कि महाराज के चरण स्पर्श से कोरबा की पावन धरा और भी धन्य हो जाएगी।

पांच दिवसीय कार्यक्रम में भक्ति, सेवा और संस्कार का अद्भुत संगम
इस विराट धार्मिक आयोजन का संचालन अपना घर सेवा आश्रम परिवार द्वारा किया जा रहा है। कथा के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे यह आयोजन केवल कथा तक सीमित न रहकर समाज जागरण और लोकसेवा का अभियान बन जाएगा।

कार्यक्रम की प्रमुख रूपरेखा इस प्रकार रहेगी—
28 मार्च – पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री महाराज का भव्य आगमन एवं स्वागत, साथ ही पंच दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर का शुभारंभ।
दिव्य श्री हनुमंत कथा के प्रथम दिवस – सफाई कर्मियों द्वारा आरती, जो समाज के सम्मान और सेवा भाव का अद्भुत संदेश देगी।
29 मार्च – अपना घर सेवा आश्रम के नवीन भवन निर्माण का संकल्प।
30 मार्च – दिव्य दरबार का भव्य आयोजन।
31 मार्च – बजरंग दल त्रिशूल दीक्षा संकल्प एवं घर वापसी कार्यक्रम।
1 अप्रैल – 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का नम: सामूहिक विवाह, जो इस आयोजन की सामाजिक ।संवेदनशीलता और सेवा भावना का सबसे पावन स्वरूप होगा
कोरबा में होगा अब तक का सबसे विशाल कथा आयोजन
कार्यक्रम के संयोजक एवं विश्व हिन्दू परिषद जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने बताया कि यह आयोजन कोरबा में अब तक होने वाली सबसे बड़ी और सबसे भव्य कथा के रूप में इतिहास रचने जा रहा है। उन्होंने कहा कि तैयारियों के लिए समय भले ही कम मिला, लेकिन प्रशासन के सहयोग, कार्यकर्ताओं की निष्ठा और ईश्वर की कृपा से सभी तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गई हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कोरबा भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है, और यही कारण है कि बागेश्वर धाम सरकार स्वयं भी भगवान श्रीराम के ननिहाल कोरबा आने को लेकर विशेष उत्साहित हैं। यह बात श्रद्धालुओं के लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

छत्तीसगढ़ में महाराज की पांचवीं कथा, कोरबा को मिला विशेष सौभाग्य
बताया गया कि छत्तीसगढ़ में पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री महाराज की यह पांचवीं कथा होगी, लेकिन कोरबा का यह आयोजन अपने स्वरूप, श्रद्धालुओं की संख्या और सामाजिक सरोकारों के कारण विशेष महत्व रखता है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदू समाज के जागरण, संगठन और सांस्कृतिक एकात्मता का विराट मंच बनने जा रहा है।
व्यवस्थाओं की भव्यता देखकर हर कोई होगा अभिभूत
इतने विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए 32 सदस्यीय कोर कमेटी लगातार दिन-रात जुटी हुई है। आयोजन समिति के अनुसार कथा आयोजन में 1 करोड़ से सवा करोड़ रुपए तक खर्च होने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
कथा स्थल पर रहेंगी विशेष व्यवस्थाएं—
10 एंबुलेंस
20 वाटर टैंकर
5 फायर ब्रिगेड
नि:शक्त एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा
सुचारु यातायात एवं सुरक्षा प्रबंधन
श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल और सेवा व्यवस्था की व्यापक तैयारी
इन व्यवस्थाओं से स्पष्ट है कि आयोजन समिति इस दिव्य कार्यक्रम को केवल भव्य ही नहीं, बल्कि सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सर्वसमावेशी बनाने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।
आस्था चैनल पर होगा लाइव प्रसारण
जो श्रद्धालु किसी कारणवश कथा स्थल तक नहीं पहुंच पाएंगे, वे भी इस आध्यात्मिक महायज्ञ से जुड़ सकेंगे। आयोजन समिति ने बताया कि दिव्य श्री हनुमंत कथा का लाइव प्रसारण आस्था चैनल पर किया जाएगा, जिससे देशभर के भक्त इस पावन आयोजन का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधियों को भी भेजा गया आमंत्रण
इस महाआयोजन की गरिमा को देखते हुए मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों सहित अनेक विशिष्ट जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। इससे यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है।
पत्रकार वार्ता में ये रहे उपस्थित
प्रेस वार्ता के दौरान कार्यक्रम से जुड़े अनेक प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें संरक्षक मंडल प्रमुख सुबोध सिंह, कार्यक्रम सचिव एवं जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, कार्यक्रम संयोजक अमरजीत सिंह जिला अध्यक्ष विश्व हिन्दू परिषदमातृ शक्ति प्रमुख ऋतु चौरसिया, अपना घर सेवा आश्रम के राणा मुखर्जी, पवन गर्ग सहित अन्य गणमान्यजन शामिल रहे।
कोरबा तैयार, भक्त तैयार… अब बस इंतजार बागेश्वर धाम सरकार के पावन आगमन का
कोरबा की फिजाओं में अब भक्ति का स्वर गूंज रहा है। गांव-गांव, शहर-शहर, चौक-चौराहों से लेकर श्रद्धालुओं के हृदय तक एक ही नाम की चर्चा है—बागेश्वर धाम सरकार।
यह आयोजन निश्चित रूप से श्रद्धा, सनातन संस्कार, सेवा, समर्पण और आध्यात्मिक जागरण का ऐसा विराट पर्व सिद्ध होगा, जिसे कोरबा की जनता वर्षों तक याद रखेगी।
दिव्य श्री हनुमंत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति के माध्यम से समाज को जोड़ने, संस्कारों को सशक्त करने और सनातन चेतना को जागृत करने का अनुपम प्रयास है।
28 मार्च से 1 अप्रैल तक ग्राम ढपढप में सजने वाला यह दिव्य दरबार, कोरबा की धरती को आध्यात्मिक गौरव के नए शिखर पर स्थापित करने जा रहा है।
कोरबा
जर्जर 437 भवनों में से 113 को मिली मंजूरी, 94 में काम ही शुरू नहीं हुआ
कोरबा। प्रशासनिक कवायद के बाद भी स्कूलों की दशा नहीं सुधर पा रही है। 1 अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो जाएगा। हालांकि 30 अप्रैल के बाद गर्मी की छुट्टी लग जाएगी। 16 जून से स्कूलों में बच्चों की हलचल फिर से शुरू हो जाएगी। ऐसे में यह समय स्कूलों की दशा सुधारने के लिए काफी अहम होता है।
जिले में 437 स्कूल भवन ऐसे हैं जिनके मरम्मत की जरूरत है या फिर जर्जर हो चुके हैं। जर्जर हो चुके भवनों के स्थान पर नए भवन बनाए जाने हैं। 3 माह पहले जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए 113 प्रायमरी व मिडिल स्कूलों के भवनों को गिराकर उनके स्थान पर नए भवन बनाने की मंजूरी दे दी थी। वर्तमान स्थिति यह है कि इसमें से 19 स्कूलों की ही दशा सुधारने तेजी से काम हो रहा है, जबकि 94 स्कूल ऐसे हैं जो आज भी यथास्थिति में खड़े हैं। इसके बाद भी उन भवनों में कक्षाएं लगानी पड़ती है। जो वहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए जोखिम बने हुए हैं। मंजूरी के बाद यह उम्मीद बंधी थी कि नए सत्र में बच्चों को नया भवन मिल जाएगा पर यह संभव होता नहीं दिख रहा है।

केस-1: कटघोरा ब्लाक के गवर्नमेंट गर्ल्स प्रायमरी स्कूल छुरी, बालक प्रायमरी स्कूल भाठापारा छुरी का भवन बच्चों को बिठाने के योग्य नहीं है। पूरी तरह जर्जर हो चुके इस भवन के स्थान पर नया भवन बनाया जाना है, पर आज भी खंडहर के रूप में भवन खड़ा है।
केस-2: करतला ब्लाक के गवर्नमेंट प्रायमरी व मिडिल स्कूल केरवाद्वारी में प्रायमरी व मिडिल स्कूल भवन जर्जर हैं। भवन की छत व दीवारों से होकर बारिश का पानी कमरे में जमा हो जाता है। छत व दीवारें जर्जर हो चुकी हैं। बावजूद इसके वहां कक्षाएं लगती हैं। यहां काम नहीं शुरू हो सका है।
केस-3: पाली ब्लाक के कोरबी के आश्रित मोहल्ला में संचालित गवर्नमेंट प्रायमरी स्कूल भवन में बच्चों को बिठाकर पढ़ाने की मजबूरी है। बारिश के समय वहां छुट्टी देनी पड़ती है। कमरे के अंदर छत का प्लास्टर गिर चुका है, जंग लगी सरिया नजर आती है। यहां भी काम कराने की जरूरत है।
जर्जर स्कूल भवनों की सूची दी जा चुकी है : उपाध्याय
जिले के जर्जर व मरम्मत योग्य स्कूल भवनों की जानकारी प्रशासन द्वारा मांगी गई थी। जिसे उपलब्ध करा दिया गया है। कुछ स्कूलों में काम शुरू भी हो गया है। जिन स्कूलों में काम नहीं हो रहा है उसके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान स्कूलों को व्यवस्थित कर लिया जाएगा।
टीपी उपाध्याय, डीईओ, कोरबा
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