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छत्तीसगढ़

सीएम विष्णुदेव ने जगदलपुर में किया ध्वजारोहण,कहा- श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा हमारी पहचान, सिंचाई के लिए किसानों को मिलेगी निशुल्क बिजली

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रायपुर। देश आज 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर के लालबाग मैदान में तिरंगा फहराया। फिर परेड की सलामी ली। सीएम साय ने कहा कि, भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा हमारी पहचान है। उन्होंने कहा कि, हमारी चेतना में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन समाहित है। जन-जन के सपनों को साकार करेंगे। हमारी सरकार हर वादा पूरा करेगी। हमारा संविधान दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान है।

मुख्यमंत्री के भाषण की खास बातें

18 लाख हितग्राहियों को मिलेंगे पक्के आवास

सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के 18 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी है। इस तरह से हम देश में हर बेघर के सिर पर छत देने के लक्ष्य को पूरा करने में भी अपना योगदान देंगे।

घर-घर पहुंचेगा नल से जल

प्रधानमंत्री आवास के साथ हमने जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के प्रत्येक घर में पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का वादा किया था। निर्धारित लक्ष्य जल्दी से जल्दी पूरा करने के लिए हमने अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था कर दी है।

12 लाख किसानों को मिले धान बोनस के 3,716 करोड़ रुपए

अन्नदाताओं की समृद्धि और खुशहाली को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य के जन्मदाता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस-‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर 2 साल की धान खरीदी के बकाया बोनस 12 लाख से अधिक किसानों को एकमुश्त 3 हजार 716 करोड़ रुपए की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की।

प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी

‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत हमने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का आदेश जारी करके यह व्यवस्था लागू कर दी है। व्यवस्था में सुधार हेतु ऑनलाइन धान खरीदी केन्द्रों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से धान खरीदी की जा रही है। 48 घंटे के भीतर भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिसमें काफी हद तक सफलता मिली है।

सिंचाई के लिए निशुल्क बिजली

नि:शुल्क बिजली प्रदाय योजना किसानों के लिए बहुत कारगर साबित हुई है, जिसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 1 हजार 123 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।

पारदर्शीता के साथ होंगी पीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं

हमने पीएससी प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने सभी प्रमुख परीक्षाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अनेक स्तरों पर परीक्षण प्रारंभ कर दिया है। हम नौनिहालों और युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए उनकी शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, संस्कार, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे सभी विषयों पर समग्रता से पहल करेंगे।

गरीब परिवारों को 5 वर्ष तक मिलेगा निशुल्क चावल

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत दिसम्बर 2028 तक नि:शुल्क चावल प्रदान करने की व्यवस्था कर दी है। छत्तीसगढ़ में इस योजना से 67 लाख 94 हजार अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं नि:शक्तजन राशनकार्डधारियों को मासिक पात्रता का चावल दिया जाएगा।

अयोध्या के तीर्थ यात्रा के लिए रामलला दर्शन योजना

अयोध्या धाम में प्रभु राम की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा के प्रति लोगों की जिज्ञासा और अगाध श्रद्धा भाव का सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रति वर्ष हजारों लोगों का अयोध्या धाम तथा काशी विश्वनाथ धाम, प्रयागराज की तीर्थ यात्रा कराई जाएगी।

रायपुर में राज्यपाल ने फहराया तिरंगा

रायपुर में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने ध्वाजारोहण करने के बाद परेड की सलामी ली। अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा, प्रधानमंत्री की गारंटी वाली योजनाएं गांव-गांव तक पहुंची हैं।

दुर्ग में डिप्टी सीएम विजय शर्मा बिलासपुर में अरुण साव ने फहराया ध्वज

दुर्ग जिला मुख्यालय के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर डिप्टी सीएम ने परेड की सलामी ली। वहीं बिलासपुर पुलिस परेड ग्राउंड अरुण साव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर संभागायुक्त शिखा राजपूत तिवारी, आईजी अजय यादव, कलेक्टर अवनीश शरण, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह भी मंच पर मौजूद थे।

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छत्तीसगढ़

प्लेन क्रैश की अफवाह, लोग रहे परेशान:जांच के लिए सरगुजा–सूरजपुर की टीमें जुटीं, अधिकारी बोले- हादसे का कोई प्रमाण नहीं मिला

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सरगुजा,एजेंसी। सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में मंगलवार दोपहर प्लेन क्रैश होने की खबर से प्रशासनिक अमले सहित आम लोग परेशान रहे। बताया गया कि एक छोटा विमान काफी कम ऊंचाई पर उड़ता दिखा, जिसके बाद उसके क्रैश होने की अफवाह फैल गई। हालांकि शाम तक की खोजबीन में ऐसी किसी घटना के प्रमाण नहीं मिले। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्लेन क्रैश की सूचना पूरी तरह निराधार थी।

जानकारी के मुताबिक, उदयपुर थाना क्षेत्र में दोपहर करीब ढाई बजे यह चर्चा शुरू हुई कि एक विमान कम ऊंचाई पर उड़ता देखा गया है। इसके बाद शंकरपुर के जंगल में विमान गिरने की बात फैल गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला, पुलिस टीम और स्थानीय लोग जंगल की ओर रवाना हुए।

सूरजपुर जिले में भी यह चर्चा फैल गई कि सरगुजा–सूरजपुर सीमा पर विमान हादसे का शिकार हो गया है। अफवाह तेजी से फैलने लगी, जिससे कई क्षेत्रों में हलचल मच गई।

घंटों की तलाश के बाद कुछ नहीं मिला

अफवाह के बाद शंकरपुर समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग जंगल की ओर निकल पड़े। उदयपुर, प्रेमनगर और रामानुजनगर ब्लॉक से भी ग्रामीण तलाश में जुटे।

उदयपुर थाना प्रभारी शिशिर कांत मौके पर पहुंचे। पटवारी और कोटवारों की टीम ने ग्रामीणों के साथ जंगल में तलाश की। शाम करीब 5 बजे तक खोजबीन जारी रही, लेकिन किसी प्रकार के हादसे के संकेत नहीं मिले। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

जंगल में लगी आग से फैली गलतफहमी

बताया गया कि मंगलवार दोपहर एक छोटा विमान कम ऊंचाई पर उड़ता नजर आया था। उसी दौरान जंगल से धुआं उठता दिखा। धुएं को देखकर लोगों ने विमान गिरने की आशंका जता दी।

जंगल में पहुंचने पर पता चला कि वहां आग लगी हुई है। आग से उठ रहा धुआं दूर तक फैल रहा था, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।

प्रशासन ने अफवाह बताया मामला

उदयपुर एसडीएम बन सिंह नेताम ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने एहतियातन गांव पहुंचकर जांच की। मौके पर किसी भी प्रकार के विमान हादसे के प्रमाण नहीं मिले।

सूरजपुर एसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने भी स्पष्ट किया कि सूचना की पुष्टि कराई गई। किसी भी स्थान से प्लेन क्रैश की जानकारी नहीं मिली है। मामला केवल अफवाह निकला।

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छत्तीसगढ़

शराब घोटाला केस…ढेबर-टुटेजा समेत 5 को मिली बेल:ट्रायल में देरी बना जमानत का आधार, बेल के बाद भी जेल में रहेंगे पूर्व IAS-कारोबारी

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाला केस में जेल में बंद पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर समेत 5 आरोपियों को जमानत दे दी है। जस्टिस अरविंद्र वर्मा की सिंगल बेंच में ये सुनवाई हुई। हालांकि, DMF केस के कारण बेल मिलने के बाद भी अनिल टुटेजा और अनवर को जेल में ही रहना होगा। वहीं अन्य 3 आरोपी जेल से बाहर आएंगे।

हाईकोर्ट ने ट्रायल में देरी के आधार पर सभी आरोपियों की जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया है। बता दें कि इस मामले में टुटेजा और ढेबर समेत अन्य आरोपी 22 माह से जेल में बंद है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार में 3200 करोड़ का आबकारी घोटाला सामने आया था, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने की थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार, शराब नीति बदलकर और नकली होलोग्राम बनाकर स्पेशल सप्लायर्स और आबकारी विभाग के अफसरों के माध्यम से नेताओं ने सिंडिकेट बनाया था।

नकली होलोग्राम लगे शराब की बोतलें सरकारी शराब दुकानों के माध्यम से बेचने के भी आरोप लगे। जिस पर कोई भी टैक्स नहीं दिया गया और शासन को करोड़ों रुपए राजस्व की हानि हुई। ईडी के बाद उनके पत्र के आधार पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने भी मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।

मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा,अनवर ढेबर,नितेश पुरोहित, अरविंद सिंह, दीपेंद्र चावला, सौम्या चौरसिया, आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को आरोपी बनाया गया।

पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को जेल में ही रहना पड़ेगा। (फाइल फोटो)

पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को जेल में ही रहना पड़ेगा। (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने 4 माह बाद जमानत अर्जी लगाने दी थी छूट

स्पेशल कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद ढेबर, टुटेजा समेत अन्य आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगी थी, जिसे खारिज कर दी गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। सुप्रीम कोर्ट ने बेल खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं को 5 माह बाद दोबारा हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाने की छूट दी थी।

जेल में ही रहेंगे टुटेजा-ढेबर, यश, नितेश और दीपेंद्र आएंगे बाहर

इसके बाद सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट में दोबारा जमानत याचिका लगाई। आरोपियों की तरफ से एडवोकेट हषवर्धन परगनिहा ने तर्क देते हुए कहा कि ईओडब्ल्यू ने जिस मामले में केस दर्ज किया है, उसमें अभी जांच चल रही है।

ट्रायल से पहले ही आरोपियों को करीब 2 साल से जेल में रखा गया है, जो न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। जस्टिस अरविंद्र वर्मा की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अनिल टुटेजा,अनवर ढेबर, यश पुरोहित, नितेश पुरोहित और दीपेंद्र चावला की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।

हालांकि, अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को ईओडब्लू ने 550 करोड़ रुपए के डीएमएफ घोटाले में भी आरोपी बनाया है। उस मामले में जमानत नहीं मिलने के कारण उन्हें जेल में ही रहना होगा। वहीं, नितेश पुरोहित, दीपेंद्र चावला और यश पुरोहित जेल से बाहर आ जाएंगे।

कारोबारी अनवर ढेबर को भी जेल में रहना पड़ेगा। (फाइल फोटो)

कारोबारी अनवर ढेबर को भी जेल में रहना पड़ेगा। (फाइल फोटो)

3200 करोड़ का हुआ था शराब घोटाला

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED की जांच में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात सामने आई थी। जिसके बाद ED ने ACB में FIR दर्ज कराई थी। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज हुई थी।

ED ने अपनी जांच में पाया कि, तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। एजेंसी का दावा था कि चैतन्य बघेल इस सिंडिकेट के प्रमुख थे और करीब 1000 करोड़ रुपए की राशि संभाली।

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छत्तीसगढ़

गरीब-बच्चों से स्कूल में सीमेंट-रेत ढुलाई, पुताई करवाई:हाथों में छाले पड़े, सूरजपुर में पेरेंट्स बोले- टीसी काटने की धमकी मिली, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मुख्यमंत्री DAV पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल पर RTE (शिक्षा का अधिकार) के तहत पढ़ने वाले बच्चों से निर्माण कार्य और पुताई कराई गई। जिसे लेकर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने शिक्षा सचिव से शपथपत्र के साथ जवाब मांगा है।

आरटीई को लेकर लगाई गई जनहित याचिका समेत कई याचिकाओं पर 11 मार्च को सुनवाई होनी थी, लेकिन सोमवार को गरीब छात्रों से पुताई कराने वाली खबर को लेकर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान में लेते हुए केस की सुनवाई की। वहीं, रायगढ़ के प्री मेट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास की छात्राओं से भी हॉस्टल में रंगाई पुताई कराई गई थी। अब महिला कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है।

एक वीडियो में बच्चे सीमेंट और रेत का मसाला बनाते हुए दिख रहे हैं।

एक वीडियो में बच्चे सीमेंट और रेत का मसाला बनाते हुए दिख रहे हैं।

छात्रों से ही स्कूल में साफ-सफाई कराने का आरोप।

छात्रों से ही स्कूल में साफ-सफाई कराने का आरोप।

छात्रों से पुताई का काम भी कराया गया।

छात्रों से पुताई का काम भी कराया गया।

3 सदस्यीय जांच समित गठित

छत्तीसगढ़ सीएमओ की तरफ से X पर लिखा गया कि, सूरजपुर स्थित डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल तिलसिवा में स्कूली बच्चों से श्रमदान कराए जाने का मामला अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। प्रतिवेदन प्राप्त होते ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

सूरजपुर जिले के तिलसिवां में मुख्यमंत्री DAV पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के परिजनों ने प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल ने आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों से स्कूल में निर्माण कार्य और पुताई कराई।

परिजनों ने शिकायत की थी कि, आरटीई के तहत पढ़ने वाले छात्रों से स्कूल में सीमेंट, रेत और अन्य सामान से निर्माण का काम कराया जा रहा है। बच्चों से कक्षाओं की पुताई भी करवाई गई। स्टूडेंट्स और परिजनों का कहना है कि जो छात्र काम करने से मना करते हैं, उन्हें टीसी काटने की धमकी दी जाती है।

प्रिंसिपल पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप

छात्रों के परिजनों ने शिकायत में बताया था कि वे जब छात्रों से काम कराने को लेकर बात करने स्कूल पहुंचे तो प्रिंसिपल ने उनसे अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि “गेट के बाहर जाकर बात कीजिए, आपके बच्चों को फ्री में बैग, टेबल, बिजली और किताबें मिल रही हैं, आपका कोई पैसा तो लगता नहीं है।

छात्रों से काम कराने का वीडियो करीब एक महीने पुराना बताया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रिंसिपल ने स्कूल की एक कक्षा को अपने पति के साथ आवास बना लिया है।

प्रिंसिपल की अभद्रता पर कलेक्टर से शिकायत

प्रिंसिपल ने पेरेंट्स से अभ्रदता की और कहा कि, आपके बच्चों को मुफ्त में बैग, किताबें और बिजली मिल रही है। आपका पैसा नहीं लगता, बाहर जाकर बात कीजिए। उन्होंने शिकायत में बताया कि प्राचार्य स्कूल की एक कक्षा का उपयोग अपने पति के साथ निवास के रूप में कर रही हैं। परिजनों ने बच्चों के काम करते हुए फोटो और वीडियो साक्ष्य के रूप में कलेक्टर को सौंपे।

राज्य शासन का जवाब- जांच के लिए बनाई कमेटी

हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले को संज्ञान में लिया और जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि, इस घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए 23 फरवरी को ही एक जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है।

जिस पर हाईकोर्ट ने अब स्कूल शिक्षा सचिव को आदेश दिया है कि, वे 11 मार्च 2026 तक इस संबंध में विस्तृत जानकारी के साथ शपथ पत्र के साथ जवाब दें।

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