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हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन गोपीचंद हिंदुजा का निधन:पाकिस्तान से कारोबार शुरू किया, ईरान होते हुए लंदन पहुंचे, फिर बने ब्रिटेन के सबसे अमीर कारोबारी
लंदन/नई दिल्ली,एजेंसी। हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन गोपीचंद पी हिंदुजा का सोमवार (4 नवंबर) को 85 साल की उम्र में लंदन में निधन हो गया। हिंदुजा कई हफ्तों से बीमार चल रहे थे और हॉस्पिटल में एडमिट थे।
2023 में बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा के निधन के बाद उन्होंने ग्रुप की कमान संभाली थी। गोपीचंद को ‘जीपी’ कहकर पुकारा जाता था।
सिंध की मिट्टी में जन्म
साल 1940 का वो दौर, जब सिंध (अब पाकिस्तान का हिस्सा) में एक सिंधी व्यापारी परिवार में गोपीचंद हिंदुजा का जन्म हुआ। उनका बचपन मुंबई की गलियों में बीता, जहां उन्होंने जय हिंद कॉलेज से 1959 में ग्रेजुएशन किया। बाद में उन्हें वेस्टमिंस्टर यूनिवर्सिटी और रिचमंड कॉलेज से ऑनरेरी डॉक्टरेट की उपाधि मिली।
फैमिली बिजनेस में एंट्री
गोपीचंद हिंदुजा ने 1959 में मुंबई में फैमिली बिजनेस जॉइन किया। उन्होंने हिंदुजा ग्रुप को एक इंडो-मिडिल ईस्ट ट्रेडिंग कंपनी से बदलकर बैंकिंग, फाइनेंस, एनर्जी, ऑटोमोटिव जैसे सेक्टर्स में फैले ग्लोबल इंडस्ट्रियल पावरहाउस में तब्दील कर दिया। उनकी लीडरशिप में ग्रुप ने 1984 में गल्फ ऑयल और तीन साल बाद अशोक लेलैंड का अधिग्रहण किया।
बेटे की शादी में जेनिफर लोपेज ने परफॉर्म किया
गोपीचंद दो बेटे संजय और धीरज और बेटी रीता हैं। संजय की शादी 2015 में उदयपुर में हुई थी। बताया जाता है इसमें 15 मिलियन यूरो (करीब ₹154 करोड़) खर्च हुए थे। इस इवेंट में जेनिफर लोपेज और निकोल शेरजिंगर ने परफॉर्म किया था।
पाकिस्तान से शुरू हुआ बिजनेस, अब लंदन में हेडक्वार्टर
गोपीचंद हिंदुजा के पिता परमानंद दीपचंद हिंदुजा ने इस ग्रुप की स्थापना की थी। उन्होंने 1919 में ईरान जाने से पहले भारत के सिंध क्षेत्र में व्यापार करना शुरू किया था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है। 1971 में उनकी मृत्यु पर, उनके चार बेटों ने कारोबार का जॉइंट कंट्रोल ले लिया और 1979 में ईरान के इस्लामिक टेकओवर के बाद ऑपरेशन को लंदन ले गए।
आज, हिंदुजा ग्रुप की 38 देशों में डायरेक्ट मौजूदगी है और गतिविधियां 100 देशों तक फैली हुई हैं। ये करीब 2 लाख लोगों को जॉब्स देता है। ये बिजनेस फाइनेंस, ऑटोमोटिव, एनर्जी, मीडिया व टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर्स में फैला है। इनकी प्रमुख कंपनियों में अशोक लेलैंड, गल्फ ऑयल, इंडसइंड बैंक, हिंदुजा टीएमटी, इंडसइंड मीडिया एंड कम्युनिकेशंस लिमिटेड हैं।
फैमिली का रियल एस्टेट पोर्टफोलियो भी इम्प्रेसिव है। उनकी सबसे पॉपुलर प्रॉपर्टी, व्हाइटहॉल की हिस्टोरिक ओल्ड वॉर ऑफिस बिल्डिंग है। इसे अब रैफल्स लंदन होटल में तब्दील कर दिया गया है। वो कार्लटन हाउस टेरेस भी ओन करते हैं, जो बकिंघम पैलेस के पास है।

सेंट्रल लंदन में बकिंघम पैलेस के पास कार्लटन हाउस टेरेस को हिंदुजा ब्रदर्स ने 2006 में खरीदा था। ये 25-बेडरूम वाला एक मेंशन है।
गोपीचंद के एक भाई मोनाको और एक मुंबई में रहते हैं
गोपीचंद लंदन बेस्ड थे, जबकि उनके छोटे भाई प्रकाश मोनाको में रहते हैं, और सबसे छोटे भाई अशोक मुंबई से इंडिया ऑपरेशन्स मैनेज करते हैं।
बोफोर्स घोटाले से भी जुड़ा था नाम
श्रीचंद, गोपीचंद और प्रकाश हिंदुजा का नाम बोफोर्स घोटाले में भी सामने आया था। इस घोटाले में स्वीडिश कंपनी बोफोर्स पर यह आरोप लगाया गया कि उसने 1986 में भारत सरकार को 1.3 अरब डॉलर की रिश्वत दी थी। इसमें तीनों भाइयों ने मदद की थी। तीनों भाइयों पर CBI ने अक्टूबर 2000 में ये आरोप लगाए थे, मगर साल 2005 में दिल्ली की कोर्ट ने सबूत के अभाव में उन पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
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5 दिन की तेजी के बाद लुढ़का बाजार, निवेशकों को नुकसान
मुंबई, एजेंसी। 5 दिन की तेजी के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही मिनटों बाद 832 अंक गिरकर 76,578.08 के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी भी 229 अंक से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक फिसल गया। इस गिरावट का असर मार्केट कैप 1.35 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा घट गया।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 607.08 अंक तक फिसलकर 76,802.90 पर आ गया। इसी तरह निफ्टी 154.90 अंक टूटकर 24,013.10 के स्तर पर बंद हुआ।

कच्चे तेल में गिरावट
पश्चिम एशिया में तनाव थमने से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव और 0.58 प्रतिशत कम होकर 79.39 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। शुरुआती कारोबार में रुपया 10 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर आ गया।
एक दिन पहले क्या रहा था हाल
पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था।
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जियो प्लेटफॉर्म्स सेबी के समक्ष दाखिल करेगा आईपीओ दस्तावेज: मुकेश अंबानी
नई दिल्ली, एजेंसी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स शुक्रवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष आईपीओ लाने के लिए दस्तावेज दाखिल करेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में यह जानकारी दी। विश्लेषकों का अनुमान है कि जियो का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम हो सकता है, जिसका संभावित मूल्यांकन 130–180 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच आंका जा रहा है।

मुकेश अंबानी ने कहा, ”मेरे प्रिय शेयरधारकों, मुझे यह बताते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक मंडल ने आईपीओ दस्तावेज को आज मंजूरी दे दी। इसे आज ही सेबी के समक्ष दाखिल किया जाएगा।” रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) की 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष 33.57 प्रतिशत में से मेटा और गूगल की संयुक्त हिस्सेदारी 17.71 प्रतिशत है।
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सोसाइटी जनरल, प्रूडेंशियल समेत अन्य ने एंथम बायोसाइंसेज में 3% हिस्सेदारी 1275 करोड़ रुपए में खरीदी
नई दिल्ली, एजेंसी। सोसाइटी जनरल, प्रूडेंशियल हांगकांग और गिसालो कैपिटल मैनेजमेंट के नेतृत्व में वैश्विक निवेशकों ने एंथम बायोसाइंसेज के एक प्रवर्तक अरुणा गणेश से खुले बाजार के सौदों के जरिये कंपनी में कुल तीन प्रतिशत हिस्सेदारी 1,275 करोड़ रुपए में खरीदी। इस लेनदेन के बाद, एंथम बायोसाइंसेज का शेयर एनएसई पर 798.25 रुपए प्रति शेयर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा।

राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर मौजूद सौदे से जुडे़ आंकड़ों के अनुसार, इस सौदे में कई घरेलू म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और एक निवेश कंपनी ने भी भागीदारी की। इन निवेशकों ने बृहस्पतिवार को कुल 1,71,14,604 शेयर खरीदे (एंथम बायोसाइंसेज में 3.05 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर) और इनका औसत मूल्य 744.80 रुपये प्रति शेयर रहा। कुल लेनदेन मूल्य 1,274.69 करोड़ रुपए रहा। इस सौदे में भाग लेने वाले अन्य विदेशी निवेशकों में लक्जमबर्ग स्थित नॉर्डिया एसेट मैनेजमेंट, इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रेटेजीज एशिया प्राइवेट लिमिटेड और सोशल प्रोटेक्शन फंड शामिल रहे।
घरेलू संस्थागत निवेशकों में भारतीय स्टेट बैंक म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, यूटीआई म्यूचुअल फंड, एडलवाइस म्यूचुअल फंड, केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड, 360 वन म्यूचुअल फंड, महिंद्रा मैनुलाइफ म्यूचुअल फंड और व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड खरीदारों में शामिल रहे। प्रेमजी इन्वेस्ट से संबद्ध पीआई अपॉर्च्युनिटीज एआईएफ वी एलएलपी, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, बजाज लाइफ इंश्योरेंस और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस भी उन निवेशकों में शामिल रहे जिन्होंने कंपनी के शेयर खरीदे। वहीं, प्रवर्तक अरुणा गणेश समान संख्या में शेयर बेचकर कंपनी से बाहर निकल गईं। इस सौदे से एंथम बायोसाइंसेज में प्रवर्तकों और प्रवर्तक समूह की संयुक्त हिस्सेदारी 74.68 प्रतिशत से घटकर 71.63 प्रतिशत रह गई। एंथम बायोसाइंसेज एक पूर्णतः एकीकृत अनुबंध अनुसंधान, विकास एवं विनिर्माण संगठन है।
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