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कोरबा

पांच कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ और हसदेव महाआरती का आयोजन संपन्न

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भव्य देव दीपावली महोत्सव में मां सर्वमंगला घाट हजारों दीपों से हुआ आलोकित, भक्तिमय वातावरण में हुई महाआरती


कोरबा। नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा कोरबा जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी, हसदेव नदी की सहायक नदियों तथा अन्य प्राकृतिक जल स्त्रोतों के प्रदूषण को कम करने, संरक्षण करने एवं तट का सौंदर्यीकरण करने के उद्देश्य से विगत कई वर्षों से प्रत्येक मास की पूर्णिमा को हसदेव आरती एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कार्तिक मास के पावन अवसर पर देवउठनी एकादशी 1 नवंबर 2025 से देव दीपावली 5 नवंबर 2025 तक आयोजित श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं देव दीपावली को हसदेव महाआरती का भव्य आयोजन मां सर्वमंगला घाट पर संपन्न हुआ। संत राम बालक दास महात्यागी (कौशल्या धाम, बालोद, छ.ग.) के पावन सान्निध्य में पूरे आयोजन में श्रद्धा और आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला।


कलश यात्रा से प्रारंभ हुआ भव्य आयोजन


देवउठनी एकादशी 1 नवम्बर 2025 को भव्य कलश यात्रा के साथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। सुबह 9 बजे आरंभ हुई इस कलश यात्रा में नगर की सैकड़ों मातृशक्तियों ने सिर पर कलश रखकर नगर भ्रमण किया। श्री शिव मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई माँ सर्वमंगला घाट पहुँची, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना और ज्योत प्रज्वलन किया गया। इसके साथ ही महायज्ञ का शुभारंभ हुआ।
वैदिक हवन और भजन-कीर्तन में शामिल हुए श्रद्धालु


2,3 और 4 नवम्बर को यजमानों ने वैदिक विधि से वेदी पूजन, हवन और यज्ञ में आहुतियाँ अर्पित कीं। श्रद्धालुओं ने घाट पर पहुँचकर पुण्यलाभ अर्जित किया।  संध्या को दीपदान और भजन-कीर्तन से घाट का वातावरण भक्तिमय हो गया।
देव दीपावली पर दीये की रोशनी से जगमगाया हसदेव घाट


5 नवम्बर को देव दीपावली पर्व के अवसर पर माँ हसदेव की आराधना और दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। सुबह 9 बजे से हवन पूर्णाहुति और सहस्त्रधारा संपन्न हुई। सायं 5:30 बजे से आरंभ हुए दीपोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने दीपदान किया और हजारों दीपों से हसदेव घाट आलोकित हुआ। घाट पर आकर्षक रंगोली सजाई गई। मंच पर राम बालक दास महात्यागी , कौशिल्या धाम, बालोद के सान्निध्य में मुख्य यजमान के रूप में जुड़ावन सिंह ठाकुर (उपाध्यक्ष, विद्या भारती, मध्य क्षेत्र) और विशिष्ट यजमानों के रूप में श्रीमती संजू देवी राजपूत (महापौर, नगर पालिक निगम, कोरबा), धीर सिंह पवैया (संयोजक, पर्यावरण गतिविधि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्य क्षेत्र), देवेन्द्र पाण्डेय (पूर्व अध्यक्ष, अपेक्स बैंक), बसंत अग्रवाल (समाजसेवी, रायपुर), शुभम कुमार नाग (प्रदेश संयोजक, बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद, छ.ग.), ज्योति पाण्डेय (शिवशक्ति माँ भवानी मंदिर, कोरबा), डॉ. अन्नपूर्णा बोर्डे (अध्यक्ष, आईएमए, कोरबा), योगेश जैन (अध्यक्ष, जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कोरबा),  संतोष दास महंत (जिलाध्यक्ष, संयुक्त मानिकपुरी पनिका समाज, कोरबा), राजेन्द्र प्रसाद तिवारी (अध्यक्ष, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन कोरबा), अरूण कुमार शर्मा (अध्यक्ष, पीठ परिषद, कोरबा), श्रीमती भारती अरोरा (अधिवक्ता, कोरबा) का आगमन हुआ।


इसके उपरांत मंचस्थ अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। तत्पश्चात् कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर पाण्डेय ने नमामि हसदेव के उद्देश्यों और पूर्व में आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी दी। उद्बोधन की श्रृंखला में मुख्य यजमान जुड़ावन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन मेें कहा कि पर्यावरण का संरक्षण आज के समय की मांग है। नमामि हसेदव सेवा समिति द्वारा कम समय में भव्य आयोजन की तैयारी की गई। इसके लिए समिति बधाई की पात्र है। कोरबा के संपूर्ण विकास के आधार हसदेव नदी के प्रदूषण को कम करने का प्रयास सराहनीय है।
महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने कहा कि नमामि हसदेव सेवा समिति के द्वारा जो कार्य किया जा रहा है, वह सराहनीय और प्रेरणादायी है। वर्तमान में आप जिस स्थान पर आज बैठे हैं, उस स्थान पर कभी खड़े होने तक की जगह नहीं हुआ करती थी। नमामि हसदेव सेवा समिति के द्वारा इस स्थान पर विद्यमान गड्ढों में मिट्टी डलवाकर समतलीकरण कराया गया, जिसके कारण आज यहां भव्य आयोजन संभव हो सका। नगर पालिक निगम नमामि हसदेव सेवा समिति के कार्यों में हरसंभव सहयोग करेगी।


संत राम बालक दास महात्यागी ने अपने उद्बोधन में नदियों की महत्ता बताते हुए कहा कि नदियों के कारण ही स्थान की पहचान होती है। हमारे धर्मस्थलों पर अनेक आक्रांताओं ने लूटमार और तोडफ़ोड़ किया, लेकिन वह स्थान नदियों के कारण पहचाने जाने से हिन्दू समाज ने पुन: धर्मस्थलों को सजाया-संवारा। सरयू जी के कारण अयोध्या है और यमुना जी के कारण वृन्दावन है, गंगा के कारण काशी की पहचान है। जैसे अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बना, उसी प्रकार आने वाले भविष्य में वृन्दावन में भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर निर्माण होगा।
उन्होंने कहा कि हसदेव नदी भी छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियों में से एक नदी है। नमामि हसदेव सेवा समिति के द्वारा हसदेव नदी के प्रदूषण को कम करने के लिए जो कार्य किया जा रहा है, वह सराहनीय है। जिस स्थान पर यज्ञ होता है, वह स्थान तीर्थ हो जाता है। मां सर्वमंगला के इस घाट पर यज्ञ के आयोजन होने के कारण श्री प्रयागराज की तरह तीर्थ स्थान हो गया है। मैं इस कार्यक्रम में नमामि हसदेव सेवा समिति के कार्यों के समर्थन करने आया हूं।  जहां भी अच्छे कार्य होते हैं, उनका मैं समर्थन करता हूं।
उद्बोधन के उपरांत हसदेव माता को श्रद्धालुओं ने 251 मीटर चुनरी चढ़ाई। तत्पश्चात् भगवान श्री लक्ष्मीनारायण जी का नौकाविहार से मां सर्वमंगला घाट पर आगमन हुआ तथा आगमन के दौरान शंखनाद और डमरूवादन हुआ। इस दृश्य ने देव दीपावली उत्सव का वातावरण और भी मंगलमय बना दिया और उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो गये।
108 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक और 11 वैदिक पुरोहितों ने की हसदेव महाआरती
भगवान श्री लक्ष्मीनारायण का 108 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक किया गया। इसके उपरांत आचार्य पं. रविशंकर मिश्रा, पं. मोहनधर दीवान, पं. भरत तिवारी एवं पं. भास्कर धर दीवान सहित 11 वैदिक पुरोहितों द्वारा एक समान वेशभूषा में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भव्य हसदेव महाआरती प्रारंभ की गई, जिससे वातावरण प्रकाशित हो गया। तत्पश्चात् भव्य आतिशबाजी, डीजे साउंड और लाईट शो से वातावरण दिव्य प्रकाश से नहा उठा। श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं हसदेव महाआरती के आयोजन को कम समय में सफल बनाने के लिए नमामि हसदेव सेवा समिति के संरक्षक श्रेष्ठ सिह ठाकुर, अध्यक्ष- चन्द्र किशोर श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष – रणधीर पाण्डेय, उपाध्यक्ष- नरेश कुमार अरोरा, उपाध्यक्ष – रविन्द्र कुमार पारासर, उपाध्यक्ष – शैलेश पाण्डेय, सचिव – यशवंत कुमार मिश्रा, संयुक्त सचिव – सुखविन्दर सिंह धंजल, संयुक्त सचिव- कीर्ति कुमार अग्रवाल, संयुक्त सचिव- विजय कुमार राठौर, कोषाध्यक्ष – दीपक कुमार अग्रवाल, सह कोषाध्यक्ष- शिवम पाण्डेय, आचार्य प्रमुख- पं. रविशंकर मिश्रा, आचार्य सह प्रमुख – पं. मोहनधर दीवान, पर्यावरण प्रमुख – प्रकाश सिंह चाहल, स्वच्छता प्रमुख – संजय पाण्डेय, आरोग्य जनजागरण प्रमुख – डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा, हनुमान चालीसा पाठ प्रमुख- अखिलेश भारती, श्री हनुमान चालीसा पाठ सह प्रमुख- मनीष मैत्री ने अथक परिश्रम किया। आयोजन में कोरबा जिले के अनेक धार्मिक, सामाजिक एवं अन्य संगठनों के प्रमुख के साथ-साथ जिले के हजारों सम्माननीय नागरिक शामिल हुए।

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कोरबा

कोरबा के CSEB चौकी के सामने युवक से मारपीट:वायरल VIDEO के बाद पुलिस हरकत में, पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

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कोरबा। कोरबा के सीएसईबी चौकी क्षेत्र में रविवार को दिनदहाड़े बीच सड़क एक युवक के साथ जमकर मारपीट की गई। फाटक के पास कुछ युवकों ने उसे घेरकर लात-घूंसों से पीटा और गाली-गलौज की। घटना के दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जुटी रही, लेकिन किसी ने बीच-बचाव की कोशिश नहीं की।

मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

फाटक के पास हुआ हंगामा, लग गया जाम

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फाटक के पास किसी बात को लेकर दो पक्षों के युवकों के बीच पहले कहासुनी हुई। कुछ ही देर में विवाद मारपीट में बदल गया। कई युवकों ने एक युवक को घेर लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए। सड़क पर हंगामे के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोग लगातार हॉर्न बजाते रहे।

राहगीरों ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरी मारपीट का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कई युवक एक युवक की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने खड़े हैं।

पीड़ित ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत

मारपीट के बाद पीड़ित युवक सीधे सीएसईबी चौकी पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि कुछ युवकों ने बिना किसी वजह के उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी।

वीडियो और CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पीड़ित का बयान दर्ज कर लिया गया है। वायरल वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जांच में मामला आपसी विवाद का प्रतीत हो रहा है।

आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले में शामिल युवकों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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कोरबा

मन की बात’ में गूंजा कोरबा का नाम:1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट और रिचार्ज वेल मॉडल की प्रधानमंत्री ने की प्रशंसा

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कोरबा। जल संरक्षण के क्षेत्र में कोरबा जिले की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर पालिक निगम के ‘कैच द रेन’ अभियान का उल्लेख करते हुए इसे जल संवर्धन की प्रभावी पहल बताया। प्रधानमंत्री की इस सराहना से जिला प्रशासन, नगर निगम और जिलेवासियों में उत्साह और गर्व का माहौल है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में कोरबा में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है। एसएएम-2.0 अभियान के तहत शहर के 10 स्थानों पर इसरो के विशेषज्ञों की सलाह से इंजेक्ट वेल तकनीक से रिचार्ज वेल बनाए गए हैं।

1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट तैयार

नगर निगम ने जनसहभागिता के माध्यम से 757 शासकीय और 971 निजी भवनों में कुल 1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट तैयार कराए हैं। भवन निर्माण की अनुमति में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया गया है। स्कूलों, आंगनबाड़ियों, मंगल भवनों और अन्य सार्वजनिक भवनों में भी इसकी व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा 109 निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।

अनुपयोगी बोरवेल बनेंगे रिचार्ज संरचना

भूजल संरक्षण को मजबूत करने के लिए नगर निगम ने 95 अनुपयोगी बोरवेल चिन्हित किए हैं। इन्हें री-ड्रिलिंग कर रिचार्ज संरचना में बदलने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि बारिश के पानी का अधिकतम उपयोग हो सके।

पौधरोपण अभियान भी तेज

जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। वन विभाग के कोरबा और कटघोरा वनमंडल में इस वर्ष ढाई लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 15 सितंबर तक ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया जा रहा है। वहीं 18 जुलाई को आयोजित ‘रन फॉर ग्रीन कोरबा’ अभियान में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

‘मन की बात’ का हुआ सामूहिक श्रवण

इसी अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के शक्ति केंद्र पोडीबाहर स्थित एसएलआर सेंटर में ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर हुई। उपस्थित लोगों ने देश की एकता और अखंडता के प्रति अपना संकल्प दोहराया।

जल संरक्षण की पहल को राष्ट्रीय पहचान
जल संरक्षण की पहल को राष्ट्रीय पहचान

पूर्व महापौर ने बताया प्रेरणादायी पहल

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व महापौर जोगेश लांबा ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ-स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

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कोरबा

रायपुर : ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री साय

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 ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री साय ने फाफाडीह में युवाओं और आमजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में जल संरक्षण के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की

जल संचयन को जन-अभियान बनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

 ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री श्री साय

 ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।

कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढि़यों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।

कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वाेच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।

स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।

मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था – तीनों के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।

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