कोरबा
भूपेश बघेल बोले- मैं चुनाव नहीं लडऩा चाहता,न्याय यात्रा के सीनियर ऑब्जर्वर बनाने पर कहा- पार्टी जहां काम देगी, करेंगे
रायपुर। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भारत जोड़ो न्याय यात्रा का सीनियर ऑब्जर्वर बनाया गया है। बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने कहा कि, हम काम करने वाले लोग हैं, पार्टी जहां बोलेगी वहां काम करेंगे। वहीं लोकसभा चुनाव लडऩे पर कहा कि, मैं चुनाव नहीं लडऩा चाहता, लोकसभा सीटों में चुने गए प्रत्याशियों के पक्ष में घूम-घूम कर प्रचार करना चाहता हूं। भूपेश बघेल को सीनियर ऑब्जर्वर बनाने के साथ ही बिहार में चल रही सियासी गतिविधियों पर भी नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। बघेल दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं जहां से कल वे सिलीगुड़ी बंगाल जाएंगे। वहां वे गठबंधन के नेता और कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करेंगे। यहां से फिर वे बिहार जाएंगे। पूर्णिया में रात्रि विश्राम करेंगे। यहां वे गठबंधन के नेताओं से भेंट कर चर्चा करेंगे। भूपेश बघेल ने कहा कि, पार्टी जहां-जहां काम करने बोलेंगे वहां करेंगे। अभी एलाइंस कमेटी की जिम्मेदारी दी गई थी, लगातार हम लोगों ने काम किया। न्याय यात्रा की जिम्मेदारी दी है इसको भी करेंगे।
इन पूर्व मंत्रियों को बनाया गया संयोजक
इससे पहले न्याय यात्रा के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने जिलेवार संयोजक और पर्यवेक्षक नियुक्त किए थे। यात्रा के लिए 4 पूर्व मंत्रियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। यात्रा के लिए कांग्रेस ने 4 संयोजक बनाए हैं। जिसमें डॉ. शिवकुमार डहरिया, जयसिंह अग्रवाल, अमरजीत भगत और उमेश पटेल को संयोजक शामिल हैं। ये सभी नेता कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे हैं। क्षेत्र के हिसाब से सभी को जिम्मा दिया जाएगा।
ये नेता बनाए गए पर्वेक्षक
कांग्रेस ने यात्रा के लिए जिलेवार जिम्मेदारियां दी है। 7 जिलों के लिए 14 पर्वेक्षक बनाए गए हैं
रायगढ़- चंद्रदेवराय, अनिल अग्रवाल सक्ती- गुरूमुख सिंह होरा, गुलाब कमरो जांजगीर-चांपा शैलेष पाण्डेय, विनय भगत कोरबा- नोबेल वर्मा, यू.डी. मिंज सरगुजा- सफी अहमद, डॉ. जे.पी श्रीवास्तव सूरजपुर- डॉ. प्रेमसाय सिंह, पारसनाथ राजवाड़े बलरामपुर- डॉ. प्रीतम राय, द्वितेन्द्र मिश्रा है।
5 फरवरी को पहुंच सकती है न्याय यात्रा
कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा करीब 10 दिन पहले 5 फरवरी को छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकती है। इसका कारण असम में यात्रा का पूरा न हो पाना है। पहले संभावना थी कि कांग्रेस की यह यात्रा 15 से 18 फरवरी के बीच रायगढ़ के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश करेगी। इस न्याय यात्रा का नेतृत्व पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी कर रहे हैं। कांग्रेस की कोशिश है कि लोकसभा चुनाव 2024 के लिए आचार संहिता लगने से पहले यात्रा को समाप्त कर दिया जाए। ऐसे में पार्टी तैयारी और व्यवस्थाओं में लगी है।
कोरबा
श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा वृद्धाश्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
बिलासपुर/कोरबा। श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा दिनांक 08 जून 2026 को माता रानी की कुटिया वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्ध महिलाओं के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला श्रीमती शशि दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
इस अवसर पर मंडल की आदरणीय उपाध्यक्षगण भी उपस्थित रहीं। सभी ने वृद्धाश्रम में रह रही वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

शिविर में* डॉ पारुली साहू एवं उनकी टीम द्वारा 25 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया* गया। शिविर में रक्तचाप (BP), नाड़ी (Pulse), CBC, RBS, HbA1c, लिवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल एवं लिपिड प्रोफाइल सहित विभिन्न जांचें निःशुल्क की गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शशि दुहन ने वृद्धाश्रम की महिलाओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल हेतु प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
शिविर के उपरांत वृद्धाश्रम में निवासरत 25 बुजुर्गों को पौष्टिक नाश्ता एवं फल की टोकरियाँ वितरित की गईं, जिससे उनके प्रति स्नेह, सम्मान एवं अपनत्व का भाव व्यक्त किया जा सके।
इस सेवा कार्य में समिति की सदस्याओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
यह स्वास्थ्य शिविर श्रद्धा महिला मंडल की सामाजिक सेवा, करुणा एवं जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का एक सराहनीय प्रयास रहा, जिससे वृद्धाश्रम की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हुआ तथा उनमें सुरक्षा एवं अपनत्व की भावना का संचार हुआ।
कोरबा
क्षतिग्रस्त और अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में आवाजाही होगी बाधित, ग्रामीणों को घूमकर जाना पड़ेगा
कोरबा। क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में फिर से आवाजाही बाधित होगी। इससे उपनगर बांकीमोंगरा, हरदीबाजार, चैतमा के ग्रामीणों को वैकल्पिक सड़क से घूमकर जाना पड़ेगा। बारिश में संपर्क टूटने पर स्कूली छात्रों, कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो सड़क मार्ग से रोज आवाजाही करनी पड़ती है। हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा, निरतु की ओर आवाजाही के लिए लीलागर नदी पर बनी पुरानी पुलिया की ऊंचाई कम है। 24 घंटे से भी कम बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहता है। इससे गांवों को संपर्क टूटने पर सबसे अधिक परेशानी नेवसा समेत आसपास गांवों के स्कूली छात्रों को होती है, जो हरदीबाजार व दीपका के स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। यह सड़क हरदीबाजार को बलौदा सीपत व मस्तूरी से भी जोड़ती है, इस कारण यात्री बसें भी मार्ग से गुजरती है।

हरदीबाजार से नेवसा की दूरी लीलागर नदी का पुलिया पारकर 2 किलोमीटर है। वहीं रतिजा की ओर से बायपास सड़क से आवाजाही पर 5 किलोमीटर दूरी पड़ेगी। पुलिया की कम ऊंचाई के मद्देनजर नया पुल का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड अब तक नहीं बनाया है। सड़क पर मिट्टी पड़ी है। नौतपा की विदाई से मानसून भी अब करीब है। आने वाले दिनों प्री-मानसून बारिश की संभावना है। एप्रोच रोड को पुल के लेवल के हिसाब से निर्माण नहीं कराने पर वाहनों से आवाजाही मुश्किल होगी। पिछले साल बारिश में पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के + लीलागर नदी पर निर्मित पुल का अधूरा एप्रोच रोड।
कोरबा
लो वोल्टेज और कटौती पर ग्रामीणों का हल्लाबोल
कोरबा/पाली। 5 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर ग्रामीणों ने पाली सब स्टेशन कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे धरना देने के बाद पुलिस शासन की मौजूदगी में सब स्टेशन के बिजली अफसरों के साथ परिसर में ही वार्ता हुई। इसके बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हुआ। सब स्टेशन कार्यालय के निकट से ग्रामीणों ने रैली की शक्ल में बिजली दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गांवों में बिजली कटौती व लो वोल्टेज का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अनाफ-शनाफ बिजली बिल भेजा रहा है। खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सिल्ली, परसदा, शिवपुर, निरधी, पोलमी पंचायत के गांवों के हजारों उपभोक्ता लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं। कई बार मौखिक व लिखित शिकायत के बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। दफ्तर परिसर में ग्रामीणों के साथ बिजली अधिकारियों की वार्ता हुई। उनकी बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो चक्काजाम आंदोलन करने मजबूर होंगे।
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