Connect with us

देश

दिल्ली ब्लास्ट-हरियाणा के नूंह से खरीदा गया था अमोनियम नाइट्रेट:इसी से विस्फोटक बनाया गया, दुकानदार भी हिरासत में, आतंकी उमर का घर उड़ाया गया

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। दिल्ली में हुए ब्लास्ट का कनेक्शन अब हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले के पिनगवां क्षेत्र से जुड़ गया है। विस्फोट से जुड़े केस की जांच कर रही दिल्ली की जांच एजेंसी ने खाद विक्रेता दिनेश सिंगला उर्फ डब्बू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

आरोप है कि डब्बू ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल शकील को बिना रिकॉर्ड अमोनियम नाइट्रेट उपलब्ध करवाया। जबकि उसके पास अमोनियम नाइट्रेट रखने का लाइसेंस नहीं था। बताया गया कि यही अमोनियम नाइट्रेट विस्फोट तैयार करने में इस्तेमाल हुआ।

वहीं गुरुवार रात सुरक्षा बलों ने पुलवामा में आतंकी डॉ. उमर नबी के घर को IED ब्लास्ट से उड़ा दिया है। गुरुवार को ही DNA मैचिंग के बाद इस बात की पुष्टि हुई है कि कार में उमर ही था। उमर पुलवामा के कोइल इलाके में रहता था। पुलिस उसके माता-पिता और भाईयों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया है अब तक गिरफ्तार 8 आतंकियों ने बताया कि वे 6 दिसंबर यानी बाबरी मस्जिद ढहाने की बरसी के दिन दिल्ली समेत देशभर में कई जगह धमाके करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने 32 कारों का इंतजाम किया था।

10 नवंबर को हुए दिल्ली ब्लास्ट में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हैं, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।

दिल्ली ब्लास्ट का सबसे क्लोज CCTV फुटेज की तस्वीरें…

CCTV फुटेज में रिक्शा के पीछे ब्लास्ट वाली i20 कार नजर आ रही है।

CCTV फुटेज में रिक्शा के पीछे ब्लास्ट वाली i20 कार नजर आ रही है।

धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी गाड़ियां आग की चपेट में आ गई।

धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी गाड़ियां आग की चपेट में आ गई।

जहां से चार आतंकी निकले, वहां 40% डॉक्टर कश्मीरी

फरीदाबाद के धौज गांव में बनी जिस अलफलाह यूनिवर्सिटी से चार आतंकी डॉक्टर निकले, वहां 40% डॉक्टर कश्मीरी हैं। नाम न छापने की शर्त पर मेडिकल कॉलेज में तैनात एक महिला डॉक्टर ने बताया कि 2021 में लेडी आतंकी डॉ. शाहीन बतौर प्रोफेसर जुड़ी। उसे प्रबंधन ने कॉलेज की 6 सदस्यीय फार्माको विजिलेंस कमेटी में अहम पद दिया। उसने ही 2022 में पुलवामा के आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल गनी, डॉ. उमर नबी, डॉ. सज्जाद अहमद को नौकरी दिलाई। सज्जाद को कॉलेज कमेटी का सदस्य बनवाया। शाहीन और सज्जाद का यूनिवर्सिटी में काफी प्रभाव था।

तीसरी तक पढ़े मौलवी ने डॉक्टरों को आतंक पढ़ाया

कश्मीर के जिस मौलाना मोहम्मद इरफान की वजह से आतंकियों के वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का खुलासा हुआ, वो तीसरी कक्षा तक ही पढ़ा था। लेकिन, वो डॉक्टरों को आतंक का पाठ पढ़ा चुका था। इरफान शोपियां का रहने वाला है। नौगाम में मदरसे में पढ़ाने जाता था। 17 अक्टूबर को उसने ही आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का धमकी भरा पोस्टर लिखा। फिर उसे प्रिंटिंग कराने ले गया। पोस्टर में सेना के खिलाफ धमकी भरी बातें लिखी थीं। जवानों ने पोस्टर देखा और आसपास पता लगाया तो मौलवी का सुराग मिला। अगले ही दिन जवान शोपियां पहुंच गए और उसे दबोच लिया। जांच सूत्रों ने बताया कि नौगाम में इरफान जिस मस्जिद में रहता था, उस कमरे को खोला गया। वहां कुछ और पोस्टर मिले। इसके बाद पहला केस दर्ज हुआ। कुछ दिन मामला शांत रहा, लेकिन 27 अक्टूबर को नौगाम में और पोस्टर लगे मिले। ये प्रिंटेड थे। सीसीटीवी फुटेज से इन्हें लगाने वाली की पहचान कुलगाम के वांपोरा निवासी डॉ. अदील मोहम्मद के रूप में हुई।

दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े 4 अपडेट्स…

  • जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के कोइल गांव में आतंकी उमर नबी का घर गिरा दिया गया।
  • अल-फलाह यूनिवर्सिटी से दो डॉक्टर, दो स्टाफ सहित 5 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है।
  • जांच एजेंसियों ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से 2019 से अब तक के रिकॉर्ड मांगे हैं। फंडिंग की जांच होगी।
  • आतंकियों ने नूंह में दुकानों से 20 लाख रुपए में बम बनाने के लिए फर्टिलाइजर और अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था।
  • सुरक्षा बलों ने पिछले 3 दिन में कश्मीर में 500 लोकेशन पर छापा मारा है। 600 लोग हिरासत में लिए गए हैं।
  • धमाकों के लिए नूंह से खरीदा गया था अमोनियम नाइट्रेट



    दिल्ली में हुए ब्लास्ट का कनेक्शन अब हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले के पिनगवां क्षेत्र से जुड़ गया है। विस्फोट से जुड़े केस की जांच कर रही दिल्ली की एजेंसी ने खाद विक्रेता दिनेश सिंगला उर्फ डब्बू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
    आरोप है कि डब्बू ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल शकील को बिना रिकॉर्ड अमोनियम नाइट्रेट उपलब्ध करवाया। जबकि उसके पास अमोनियम नाइट्रेट रखने का लाइसेंस नहीं था। बताया गया कि यही अमोनियम नाइट्रेट विस्फोट तैयार करने में इस्तेमाल हुआ।
  • दिल्ली ब्लास्ट केस- गिरफ्तार मेडिकल स्टूडेंट के घर छानबीन की गई



    जम्मू-कश्मीर में मेडिकल स्टूडेंट मोहम्मद आरिफ मीर के घर छानबीन की गई। यह छापेमारी काजीगुंड इलाके में की गई। दिल्ली ब्लास्ट केस में उत्तर प्रदेश की एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने मीर को गिरफ्तार किया था।
  • अल फलाह यूनिवर्सिटी से लौट रहे बच्चे, पेरेंट्स बोले- बच्चे डरे हुए हैं
  • अल फलाह यूनिवर्सिटी में पेरेंट्स अपने बच्चों को लेकर जा रहे हैं। हालांकि पेरेंट्स का कहना है वीकेंड पर कई बार वे घर चले जाते हैं, लेकिन इस बार जांच एजेंसियां और पुलिस के डेरा डालने के बाद से बच्चे डरे हुए हैं।
  • दिल्ली में सिक्योरिटी बढ़ी, जगह-जगह सर्चिग की तस्वीरें





  • दिल्ली ब्लास्ट के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है

    जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल गाड़ियों की चेकिंग कर रहे हैं।
    जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल गाड़ियों की चेकिंग कर रहे हैं।
  • जम्मू-कश्मीर: आतंकी उमर का घर उड़ाया गया, तस्वीरें






    दिल्ली ब्लास्ट केस के मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी के पुलवामा वाले घर को सुरक्षाबलों ने IED ब्लास्ट से उड़ा दिया है। DNA सैंपल से उमर के शव की पहचान हुई थी। उसने ही विस्फोटक से लदी कार ब्लास्ट की थी।
  • दिल्ली लाल किला ब्लास्ट के बाद कश्मीर में 600 लोग हिरासत में
  • दक्षिण और मध्य कश्मीर में 600 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है और 500 से ज़्यादा समन्वित छापे मारे गए हैं। सुरक्षाबलों ने पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, अनंतनाग, बडगाम और कुपवाड़ा में कार्रवाई की है।
  • IMA ने लेडी आतंकी डॉ. शाहीन की सदस्यता रद्द की
  • दिल्ली ब्लास्ट केस के बाद गिरफ्तार डॉ. शाहीन के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया है। IMA ने डॉक्टर शाहीन की आजीवन सदस्यता तत्काल प्रभाव रद्द कर दी है। यह जानकारी सेंट्रल ऑफिस में भी भेज दी गई है।
  • आतंकी उमर का दोस्त है आरिफ, डॉ. शाहीन से रोज बात करता था


    दिल्ली कार ब्लास्ट केस में एटीएस ने कानपुर के कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉक्टर आरिफ को अरेस्ट किया है। उसका कनेक्शन मारे गए आतंकी डॉक्टर उमर और उसकी सहयोगी लेडी टेररिस्ट डॉ. शाहीन से मिला है। आरिफ दोनों लोगों के संपर्क में था। जांच में यह भी सामने आया कि शाहीन और आरिफ के बीच हर रोज बात होती थी।
    डॉ. उमर और डॉ. आरिफ दोनों ने एक साथ एमबीबीएस किया था। यहीं से दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे। माना जा रहा है कि डॉ. उमर के जरिए ही वह लेडी टेररिस्ट डॉ. शाहीन से जुड़ा था।
    शाहीन ने उसे टारगेट दिए। इसके बाद अगस्त- 2025 में आरिफ कानपुर आ गया। यहां उसने एलपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्डियोलॉजी से एमडी (डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन) में एडमिशन ले लिया। आरिफ, उमर और शाहीन की चैटिंग और ई-मेल ATS को मिले हैं। आरिफ के लैपटॉप में अहम डेटा भी मिला है। ATS ने आरिफ का मोबाइल और लैपटॉप अपने कब्जे में ले लिया है।
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

अमेरिका में मोदी की धूम: PM मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल की अमेरिकी नेताओं ने की जमकर तारीफ

Published

on

वॉशिंगटन, एजेंसी।  भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने के मील के पत्थर को हासिल करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी सांसदों, बिजनेस लीडर्स और भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्यों ने तारीफ़ की है। उन्होंने भारत की वैश्विक स्थिति को बदलने और अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत करने का श्रेय मोदी के नेतृत्व को दिया।
अमेरिकी सीनेटर जॉन कॉर्निन ने बधाई देने की शुरुआत की और मोदी को पद पर 4,399 दिन पूरे करने पर बधाई दी।

कॉर्निन ने कहा, “प्रधानमंत्री @narendramodi को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने पर बधाई – तीन लोकतांत्रिक जनादेशों के ज़रिए 1.4 अरब लोगों का भरोसा जीतकर 4,399 दिनों का नेतृत्व किया।” उन्होंने आगे कहा, “25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने से लेकर भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाने तक, PM मोदी का कार्यकाल बदलाव लाने वाला रहा है। अमेरिका-भारत साझेदारी पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत हुई है।”

इंडियन अमेरिकन CEO काउंसिल के सह-संस्थापक और टेक्सास इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन अरुण अग्रवाल ने कहा कि यह मील का पत्थर पिछले बारह वर्षों में भारत में आए बदलाव पर विचार करने का मौका देता है। अग्रवाल ने इस मौके पर लिखे एक लेख में कहा, “2026 का भारत 2014 का भारत नहीं है।” उन्होंने कहा कि “इस बात से इनकार करना मुश्किल है कि आज भारत एक दशक पहले की तुलना में वैश्विक मंच पर ज़्यादा मज़बूती से खड़ा है, ज़्यादा मुखर है और ज़्यादा ध्यान आकर्षित करता है।” भारत को अब केवल संभावनाओं वाले देश के रूप में नहीं, बल्कि तेज़ी से उन संभावनाओं को हकीकत में बदलने वाले देश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, “कई दशकों तक, भारत को अक्सर भारी क्षमता वाले देश के रूप में वर्णित किया जाता था। आज, इसे तेज़ी से उस क्षमता को साकार करने वाले देश के रूप में देखा जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि पिछले बारह वर्षों को संभवतः उस दौर के रूप में याद किया जाएगा जिसने “भारत के उत्थान को गति दी और भारत क्या हासिल कर सकता है, इस बारे में वैश्विक धारणा को बदल दिया।” पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी निकेश अरोड़ा ने भी मोदी को इस उपलब्धि पर बधाई दी। अरोड़ा ने लिखा, “प्रधानमंत्री @narendramodi को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने पर बधाई – तीन लोकतांत्रिक जनादेशों के ज़रिए 1.4 अरब लोगों का भरोसा जीतकर 4,399 दिनों का नेतृत्व किया।” उन्होंने कहा, “25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने से लेकर भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने तक, पीएम मोदी का कार्यकाल बदलाव लाने वाला रहा है। हम अमेरिका-भारत की लगातार जारी रहने वाली साझेदारी की उम्मीद करते हैं।”

अमेरिकी गायिका और भारत की समर्थक मैरी मिलबेन ने इस मौके को “एक महान देश की यात्रा में एक ऐतिहासिक, लोकतांत्रिक मील का पत्थर” बताया। उन्होंने कहा, “आज, मैं अपने दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने पर दिल से बधाई देती हूं।” “आपकी मज़बूत लीडरशिप, 140 करोड़ भारतीयों की तरक्की, एकता और उम्मीदों के प्रति आपकी अटूट प्रतिबद्धता, और साथ ही एक मज़बूत भारत के लिए आपकी पक्की सोच ने बदलाव के एक दौर को आकार देने में मदद की है।” मिलबेन ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच रिश्तों को आगे बढ़ाने में मोदी की भूमिका की भी तारीफ़ की।

उन्होंने कहा, “मैं अमेरिका-भारत संबंधों को आगे बढ़ाने में आपकी लीडरशिप का सम्मान करती हूं। आपने कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों के कार्यकाल देखे हैं-कुछ के साथ आपके बहुत अच्छे संबंध रहे और दूसरों के प्रति आपने बहुत शालीनता दिखाई-फिर भी आप स्पष्ट कूटनीति अपनाने में कभी नहीं डगमगाए, जिससे भारतीय लोगों के हितों और हमारे दोनों देशों की भलाई को बढ़ावा मिला।”

इस उपलब्धि को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताते हुए उन्होंने आगे कहा, “अब, भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता के तौर पर, आपने पीढ़ियों को बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और मातृभूमि की शान बढ़ाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया है।” 

Continue Reading

देश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अखिलेश का तीखा हमला: पूछा- FIR की नौबत क्यों आई? CCTV फुटेज सार्वजनिक करे सरकार

Published

on

लखनऊ, एजेंसी। समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मंगलवार को सरकार पर अपना हमला और तेज करते हुए कहा कि इस संबंध में शिकायतें अब उस स्तर तक पहुंच गई हैं, जहां प्राथमिकी दर्ज करने पर चर्चा हो रही है। यादव ने संवाददाताओं से कहा कि यदि भगवान राम से जुड़े ‘पवित्र कार्य’ के लिए दिए गए दान और चढ़ावे की चोरी या उसके दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं, तो इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

अखिलेश यादव का ‘X’ पर वार
सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट में कहा कि चढ़ावा चोरी कांड को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं और मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्टी क्या कहना चाहते हैं, यह किसी को समझ नहीं आ रहा है। हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें अखबारों, टीवी चैनलों, मीडिया पोर्टलों और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पुलिस इस संबंध में कुछ नहीं कहती, लेकिन बाद में किसी दबाव में आकर खंडन जारी करती है। उन्होंने दावा किया कि जनता के आक्रोश को देखकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता असहज हो गए हैं।

अखिलेश यादव का तंज भरा हमला
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा के संगी-साथी इस मामले से दूरी बनाने के लिए हमेशा की तरह भूमिगत हो गए हैं। लखनऊ की सरकार ने अपने मुंह पर ताला लगा लिया है और दिल्ली की सरकार का ड्रोन और दूरबीन पता नहीं कहां हैं। यादव ने कहा कि इन अस्पष्ट परिस्थितियों के कारण देश और विदेश में सनातन धर्मावलंबियों के बीच आशंकाएं और बढ़ गई हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच और खुलासे की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह सामने आना चाहिए कि देश की सनातनी आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं और चढ़ावे में कथित चोरी का पाप करने वालों को कौन बचा रहा है।

स्कैम के पीछे कौन?
सपा अध्यक्ष ने सवाल किया कि इस कथित अपराध के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और यह मामला कितनी दूर तक फैला हुआ है। उन्होंने पूछा कि पूरे प्रकरण का सूत्रधार कौन है और इस कथित घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका है। यादव ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि मामले के उजागर होने के पीछे कथित रूप से धन के बंटवारे को लेकर विवाद कारण है या प्रभावशाली लोगों के बीच प्रतिस्पर्धा। उन्होंने यह भी पूछा कि पैसे गिनने जैसे संवेदनशील कार्य में ट्रस्ट और सरकारी बैंक के बीच निजी कंपनियों को शामिल करने का निर्णय किसने लिया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक कर मामले की सच्चाई बताने में क्या परेशानी है?

डबल इंजन पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार अब कहां है? क्या डबल इंजन केवल डबल ईंधन की खपत के लिए है या उसकी कोई जिम्मेदारी भी है? उल्लेखनीय है कि यादव ने बीते रविवार को राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था, जिसके बाद से वह लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं।

Continue Reading

देश

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करना गलत, फैसला वापस ले आयोग: कांग्रेस

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द किये जाने को कानून के विपरीत बताते हुए बुधवार को चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके आधार पर उनका नामांकन रद्द किया जा सके, इसलिए आयोग को यह फैसला तत्काल वापस लेना चाहिए तथा उनका नामांकन पत्र स्वीकार करना चाहिए।

अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयुक्त से की मुलाकात
 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने पार्टी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तीनों चुनाव आयुक्तों से मुलाकात के बाद निर्वाचन सदन के बाहर पत्रकारों से कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करना पूरी तरह गैरकानूनी है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से यह भी कहा कि राज्यसभा चुनाव में नाम वापस लेने की अंतिम तिथि को देखते हुए समय रहते उनका नामांकन वैध घोषित किया जाना चाहिए। 

आरओ का फैसला पूरी तरह गलत 
चुनाव आयोग से मिलने गये कांग्रेस के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में पार्टी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, अभिषेक मनु सिंघवी, विवेक तंखा, भूपेश बघेल, मीनाक्षी नटराजन, जयराम रमेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। सिंघवी ने कहा कि रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) ने जिस मामले का हवाला देकर नामांकन खारिज किया है, उसमें मजिस्ट्रेट ने अभी संज्ञान तक नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव कानून के तहत ऐसी स्थिति में किसी प्रकार के खुलासे की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए आरओ का फैसला पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है।

नटराजन के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी  के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के समक्ष विस्तार से अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के मामले में रिटर्निंग अधिकारी का फैसला विकृत, कानूनी रूप से गलत और असमर्थनीय है। उन्होंने कहा कि जिस आधार पर नामांकन रद्द किया गया है, वह आधार कानून में मौजूद ही नहीं है। नटराजन के खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं था जिसका उन्हें नामांकन पत्र में खुलासा करना आवश्यक होता। उन्होंने बताया कि संबंधित मामले में अदालत की ओर से केवल एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उन्हें उपस्थित होकर यह बताने को कहा गया था कि मामले का संज्ञान लिया जाए या नहीं। 

चुनाव कानून में स्पष्ट प्रावधान
सिंघवी ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लिया जाना प्रारंभिक चरण होता है और उसके बाद ही यह तय होता है कि मामला आगे बढ़ेगा या नहीं। बिना संज्ञान लिये कोई आपराधिक मामला विधिक रूप से अस्तित्व में नहीं माना जाता। चुनाव कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि उम्मीदवार को केवल उन्हीं मामलों का खुलासा करना होता है जिनमें आरोप तय हो चुके हों और जिनमें दोष सिद्ध होने पर दो वर्ष या उससे अधिक की सजा का प्रावधान हो। 

संविधान की मूल भावना के विरुद्ध
उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी कई कानूनी चरण शेष हैं-संज्ञान, जांच, आरोपपत्र और आरोप तय होना। इसके बावजूद रिटर्निंग अधिकारी ने इसे लंबित आपराधिक मामला मानकर नामांकन रद्द कर दिया, जो पूरी तरह गलत है। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से यह भी कहा कि ऐसी त्रुटिपूर्ण व्याख्या के आधार पर किसी भी उम्मीदवार का नामांकन रद्द नहीं किया जा सकता। यह लोकतांत्रिक सिद्धांतों, समान अवसर की अवधारणा और संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है।

कांग्रेस की मांग तत्काल हस्तक्षेप करे चुनाव आयोग 
 उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के पास रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को पलटने अथवा निरस्त करने का पूरा अधिकार है। अतीत में हरियाणा और गुजरात के मामलों में भी आयोग हस्तक्षेप कर चुका है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि आयोग असहाय है। कांग्रेस ने आयोग से तत्काल हस्तक्षेप कर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन स्वीकार करने की मांग की है। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677