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कोरबा

सीएचसी पोड़ी उपरोड़ा में जल्द शुरू होगी शैल्य क्रिया, कलेक्टर ने आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

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टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से लक्ष्यापूर्ति करने हेतु किया निर्देशित

गर्भवती माताओं में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की प्राथमिकता से करें पहचान:- कलेक्टर

एसएचसी उरगा व पाली के एसएचसी पोड़ी में संस्थागत प्रसव कार्य में लापरवाही बरतने पर सीएचओ को नोटिश देने के दिए निर्देश

कलेक्टर ने ली स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक

कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कलेक्टर ने जिले में टीबी-कुष्ठ उन्मूलन, सिकलसेल जॉच, एचआरपी, मातृस्वास्थ्य, प्रसव, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार कल्याण, आयुष, आरबीएसके, एनआरसी सहित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों एवं विभागीय कार्यो की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जिले में नए स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की स्वीकृति उपरांत आवश्यकता वाले स्थानों पर नए स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण हेतु विभाग को परीक्षण कर प्रस्ताव देने के निर्देश दिए। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रो में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों हेतु निर्मित किए जा रहे आवासीय भवन निर्माण कार्य में भी प्रगति लाने के निर्देश दिए। यथास्थानों में पेयजल आपूर्ति का कार्य भी शीघ्रता से पूर्ण कराने की बात कही।


कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मानव संसाधन की उपलब्धता के सम्बंध में जानकारी लेते हुए जिले के दूरस्थ क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोड़ी उपरोड़ा में जल्द से जल्द शैल्य क्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएमएचओ को इस हेतु कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रो में पदस्थ चिकित्सकों की अन्य केंद्रों में संलग्न नही करने हेतु निर्देशित किया।

बैठक में कलेक्टर ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अनिवार्य रूप से लक्ष्यपूर्ति करने के निर्देश दिए। इस हेतु फील्ड पर स्क्रीनिंग, सैंपल कलेक्ट करने एवं जांच करने का कार्य गम्भीरता से पूर्ण करने के लिए कहा।
उन्होंने इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नही बरतने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। साथ ही टीबी मरीजों को निक्षय कीट का वितरण भी समय पर सुनिश्चित करने की बात कही। कलेक्टर ने जिले में निजी चिकित्सालयों में नर्सिगं होम एक्ट के पालन सुनिश्चित करने एवं आयुष्मान में फर्जी क्लेम की जांच करने के निर्देश दिए। मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि समस्त गर्भवती माताओं में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान प्राथमिकता से करें। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं में एचआरपी पर सतत निगरानी बनाएं रखें। साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों के माध्यम से एएनसी रजिस्ट्रेशन, सुरक्षित प्रसव, प्रसव उपरांत शिशुवती माताओ की देखभाल की पूरी प्रक्रिया पर पूर्ण निगरानी रखने की बात कही। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित लक्ष्य अनुसार संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने निर्देशित किया। कलेक्टर ने कोरबा के उप स्वास्थ्य केंद्र उरगा एवं पाली ब्लॉक के उप स्वास्थ्य केंद्र पोड़ी में संस्थागत प्रसव की उपलब्धि शून्य होने के कारण दोनों केंद्रों के सीएचओ को नोटिश जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया। एनआरसी की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी केंद्रों में 100 प्रतिशत बेड आक्यूपेंसी सुनिश्चित करने के लिए कहा।


कलेक्टर ने एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम में भी गम्भीरता से कार्य करने के कोई कहा।
उन्होंने विभिन्न टीकाकरण कार्यक्रमो की भी समीक्षा करते हुए समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों की शतप्रतिशत उपलब्धि हासिल करने अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही सभी कार्यक्रमों की डाटा एंट्री कार्य भी समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश नाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस एन केसरी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पद्माकर शिंदे, जिला टीबी एवं कुष्ठ अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, समस्त नोडल अधिकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक, समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी, समस्त विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित थे।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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