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कोरबा

अधूरी अनुमति, गलत तथ्य, जंगल मद की जमीन और 440 पेड़ों की अवैध कटाई के बीच बालको का जी-9 प्रोजेक्ट

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सम्मान की स्वर्ण आभा में दब गई मजदूरों की प्रताड़ना एवं शोषण की आवाज
अवैध प्रोजेक्ट जी – 9 को वैध दिखाने बालको ने श्रम मंत्री को बुलाया, सम्मान दिया और करा दिया भूमिपूजन

कोरबा/बालकोनगर। भाजपा का सुशासन आते ही शासन-प्रशासन को गुमराह कर कार्पोरेट जगत अवैध को वैध करने के लिए किस तरह जुट जाते हैं यह 17 नवंबर को उस समय दिख गया जब छोटे झाड़ – बड़े झाड़ के जंगल में लगे हजारों पेड़ों में से 440 पेड़ों को काटकर बालको 9 मंजिला इमारत खड़ी करने के लिए श्रम मंत्री से भूमि पूजन करा दिया। मुख्य अतिथि स्वर्ण आभा से चकाचौध श्रम मंत्री ने बालको में हो रही मजदूरों की प्रताड़ना एवं शोषण को नजर अंदाज कर भूमि पूजन कर दिया। जिस जनता ने आशीर्वाद देकर जिन्हें मंत्री बनाया वे बालको की स्वर्ण आभा के सामने शोषित श्रमवीरों को भी भुला दिया।
जी-9 टॉवर जैसी ईमारत खड़ी करने के लिए बालको ने अवैध को वैध दिखाने के लिए और प्रोजेक्ट में किसी तरह की अड़चन ना आए इस लिए शासन को अपने कब्जे में करने की कोशिश की और सफल भी रहा।
इस पूरे मामले में अधिवक्ता अब्दुल नफीस खान ने प्रशासन से जो शिकायत की थी, उसके अनुसार कोरबा जिले के पाड़ीमार बालको नगर में इंदिरा मार्केट के सामने बालको प्रबंधन द्वारा बनाए जा रहे बहुमंजिला जी-9 आवास निर्माण का सच जितना सामने आ रहा है, उतना ही यह पूरा मामला शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल भी खड़ा करता है। श्रम मंत्री ने कैसे भूमिपूजन के लिए पहुंचा, यह भी सवाल के घेरे में है, कहीं स्वर्णिम आभा में मंत्री इस अवैध निर्माण का भूमि पूजन तो नहीं करने गए। सवाल कई खड़े होते हैं, लेकिन सच्चाई यही है कि बालको प्रबंधन जहां खाली जगह दिखी, अपनी सोच कर फैंसिंग करा दी और बालको के आधिपत्य की जगह मानकर कुछ भी प्रोजेक्ट खड़ा कर रहा है।
स्टर लाईट ने भारत एल्युमिनियम का 51 प्रतिशत शेयर खरीदने के समय सिर्फ बालको प्रोजेक्ट में अपनी हिस्सेदारी खरीदा था, लेकिन वेदांता के आगमन के बाद लगता है कि सारी जमीन उसी की ही है। तात्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, कि 1000 एकड़ से भी अधिक जमीन पर वेदांता ने अवैध कब्जा किया है। मामला राष्ट्र स्तरीय सुर्खियों में था और कहा कि कांगे्रस सरकार आते ही हम सरकारी जमीन से कब्जा हटायेंगे, लेकिन सीएम बनते ही भूपेश की यह धमकी गिदड़ धमकी निकली और वे सीएम बनते ही बालको के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला।
अधिवक्ता अब्दुल नफीस खान ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कहा है – सबसे पहले तो यह समझना जरूरी है कि किसी भी प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य की शुरुआत सम्पूर्ण अनुमति प्राप्त होने के बाद ही की जा सकती है, लेकिन लगता है बालको ने कानून और नियमों के पालन कराने वालों को ही अपनी जेब में रख लिया हो।
बिना अनुमति, बिना प्रक्रिया, सिर्फ आवेदन देकर ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया, और सबसे पहले इस बहुमंजिली जी – 9 आवास निर्माण में बाधा बने बड़े बड़े पेड़ों की हरित संहार का षडयंत्र रचा और छोटे-बड़े झाड़ के जंगल को पूरी तरह सफाया कर दिया और करीब 440 पेड़ों को जमींदोज करा कर कटे पेड़ों को रातोंरात गायब करा दिया।
बालको द्वारा नजूल विभाग, नगर तथा ग्राम निवेश, नगर निगम और एसडीएम कोरबा को प्रेषित अनुमति के आवेदन में जिस खसरा नंबर 191/1 का उल्लेख किया गया, वह जमीन राजस्व अभिलेखों में ‘छोटे झाड़ के जंगल मद के नाम से दर्ज है। यह अपने आप में सबसे बड़ा धोखा है।
अधिवक्ता ने उठाए कई गंभीर सवाल
जब समग्र अनुमति मिली ही नहीं…
जब जमीन जंगल मद श्रेणी की है…
जब पेड़ों को स्थानांतरित किया ही नहीं गया…
जब अनुमति झूठ पर आधारित है…
तो मंत्री जी अवैध निर्माण का भूमिपूजन किस अधिकार से कर सकते हैं?
क्या बालको की राजनीतिक पकड़ इतनी मजबूत है कि कानून भी हाथ जोड़कर खड़ा रहता है?
यहाँ कानून का मजाक उड़ाया गया, प्रशासन को धोखा दिया गया। जंगल मद भूमि को साधारण बताकर खेल खेला गया।
और आखिर में राजनीतिक संरक्षण लेकर भूमिपूजन भी करवा दिया गया।
यह पूरा प्रकरण एक संदेश देता है-
नियम और कानून आम जनता के लिए बने हंै, बालको और नेताओं के लिए नहीं।
यह विडंबना नहीं, व्यवस्था पर कलंक है।
क्या बालको जैसा कारपोरेट 440 पेड़ों की बलि देकर आलीशान आवासीय भवन खड़ा कर देगा?
क्या यही सुशासन है?
क्या यही पर्यावरण संरक्षण है?
क्या यही जनसेवा है?
यह पूरा घटनाक्रम इस ओर संकेत करता है कि बालको प्रबंधन को शासन-प्रशासन का पूर्ण संरक्षण प्राप्त है।
केंद्र की मोदी सरकार जहां एक ओर ‘मां के नाम एक पेड़Ó जैसी योजना चला रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार के मंत्री, पूरे दल-बल के साथ, लगभग 440 पेड़ों की हरित संहार वाली भूमि का भूमिपूजन कर सुर्खियाँ बटोरते नजर आए।
प्रशासनिक मौन स्वयं में बड़ा प्रश्न?
स्थानीय लोगों द्वारा अनेकों शिकायतें , वन विभाग और जिला प्रशासन को दी गईं, जिसमें स्पष्ट किया गया कि पेड़ों की कटाई अथवा हटाने की कोई वैध अनुमति उपलब्ध नहीं है।
इसके बावजूद प्रशासन की मौजूदगी में भूमिपूजन का होना, लोगों के बीच यह धारणा मजबूत करता है कि इस पूरे मामले में कहीं न कहीं कोई बड़ा षड्यंत्र चल रहा है।
अधिवक्ता ने कहा – पिछले 5 महीने से मैंने अपने स्तर पर इन पेड़ो को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सरकार जब खुद पेड़ों की बलि देने को आतुर हो, तब एक आम नागरिक की लड़ाई कितनी कठिन हो जाती है, मुझे इस बात का हमेशा अफसोस रहेगा कि मैं उन 440 पेड़ों को नहीं बचा पाया। अभी भी मेरी कोशिश जारी है।
अब एक आखिरी रास्ता
अधिवक्ता ने कहा अब शासन प्रशासन से न्याय की उम्मीद नहीं और मेरे पास एक ही रास्ता बचा है न्यायालय का। मुझे पूरा भरोसा है न्याय होगा। उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि जिस तरह बालको श्रमिकों के शोषण और प्रताड़ना की नींव पर जी-9 खड़ा करने वाला है, 440 पेड़ों की बलि देकर चकाचौंध दुनिया में कदम रख रहा है, अगर आपका दिल भी इन पेड़ों की तरह हरा है, तो इस सत्य को, इस अन्याय को, इस छल को सार्वजनिक करें और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं। जनता की एकजुट आवाज़ ही असली ताकत है।
बालको विस्तार परियोजना की जनसुनवाई तक प्रशासन, पे्रस, प्रतिनिधियों का तलवा … वाले अब फोन तक नहीं उठाते और उनकी हिटलरशाही बढ़ती जा रही है।
यह किसकी मजबूरी है? कानून की या अधिकारी की?
इस मामले की सबसे दुर्भाग्यपूर्ण दृश्य दिनांक 17/11/2025 को देखने को मिला जब कोरबा विधायक और प्रदेश सरकार के मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा बालको वेदांता के इस आवासी जी – 9 आवासीय प्रोजेक्ट के अवैध निर्माण का विधिवत भूमिपूजन कर दिया गया।
बालको प्रबंधन ने अपने इस अवैध प्रोजेक्ट के सुरक्षा कवच के रूप में लोगों को दिखाने के लिए मंत्री के कर कमलों से भव्य भूमिपूजन करवा दिया गया।
इस भूमि पूजन में मंत्री जी के साथ बालको के सीईओ, नगर निगम कोरबा के महापौर,स्थानीय बीजेपी नेता और उक्त आवास निर्माण से संबंधित ठेकदार भी मौजूद रहे।
दस्तावेज बताते हैं कि, अभी तक सम्पूर्ण अनुमति नहीं
बालको प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़ों, और संबंधित विभाग से प्राप्त दस्तावेजों के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि जी – 9 आवास निर्माण को अब तक समग्र निर्माण अनुमति प्राप्त नहीं हुई है।
जो अनुमति ली भी गई है, वह भी प्रबंधन ने अधूरी, भ्रामक और गलत जानकारी प्रस्तुत कर हासिल की है, जो अपने आप में गंभीर जांच का विषय है।
स्थानीय निवासी 440 पेड़ों और उनके रहने वाले जीव जंतुओं को बचाने बालको प्रबंधन के इस आवासीय प्रोजेक्ट निर्माण कार्य का लगातार विरोध कर रहे हैं। यहां तक कि नगर निगम के एमआईसी मेम्बर हितानंद अग्रवाल, बीजेपी बालको मंडल अध्यक्ष द्वारा भी इसका विरोध शुरुआत से ही किया जा रहा था और भूमिपूजन के एक दिन पहले तक विरोध जारी रहा।
लेकिन कार्यक्रम वाले दिन मंडल अध्यक्ष मंत्री के साथ भूमि पूजन में शामिल रहे, आखिर यह चमत्कारिक ‘रवैये में परिवर्तन किस दबाव या समझौते का परिणाम है।
जंगल मद की भूमि पर बिना विशेष अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण संभव नहीं
पर बालको प्रबंधन ने इसे साधारण भूमि की तरह दिखाकर प्रशासन को गलत जानकारी देते हुए या प्रशासन के कुछ अधिकारियों को अपने प्रभाव में लेकर एक सोची समझी साजिश के तहत उक्त निर्माण स्थल पर मात्र 172 पेड़ों की गिनती बताई गई, जो पूरी तरह झूठ है।
वास्तविकता में मौके पर धार्मिक मान्यता वाले पेड़ बरगद,पीपल, आम, सेमर पलाश सहित अन्य प्रजातियों के लगभग 440 बड़े, दशकों पुराने पेड़ खड़े थे, जिसकी गिनती मेरे द्वारा स्वयं की गई थी, और हमारे वार्ड के बीजेपी पार्षद रजत खूंटे द्वारा भी गिनती करके, पेड़ो पर नंबर चस्पा किया था।
पेड़ों की गिनती में इतने बड़े अंतर को गलती नहीं कही जा सकती। यह साफ-साफ जानबूझकर की गई फर्जी गिनती है ताकि पेड़-कटाई और निर्माण की राह आसान हो सके। अधिवक्ता श्री खान ने बताया कि मेरे द्वारा जिलाधीश को संबंधित दस्तावेजों और निर्माण स्थल के फोटोग्राफ्स सहित गत 05/6/2025, 09/06/2025, 16/06/2025 को लगातार शिकायत की गई। तब जाकर एसडीएम कोरबा द्वारा इस आधार पर कि निर्माण स्थल पर खसरा नंबर 199/1 बड़े झाड़ के जंगल और घास भूमि है। निर्माण स्थल से पेड़ों को स्थानांतरित करने की अनुमति दिनांक 3/6/2025 को लिखित आदेश जारी करते हुए निरस्त तो कर दी गई, लेकिन प्रशासन केवल कागज़ पर ही सख्त दिखा। जमीन पर स्थिति वही रही। ना पेड़ स्थानांतरित हुए, ना निर्माण रुका और ना झूठे तथ्यों पर दी गई अन्य अनुमतियों की समीक्षा हुई। बल्कि उसी अधिकारी ने जिसने उक्त स्थल से पेड़ों को स्थानांतरित करने की अनुमति दिनांक 2/5/2025 को दी थी, फिर दिनांक 3/6/2025 को उक्त अनुमति रद्द कर दी। उसी ने फिर से पेड़ों को स्थानांतरित करने/ काटने का बालको का नया आवेदन भी स्वीकार कर लिया।
एक तरफ भाजपा का विरोध, दूसरी ओर मंत्री का खुला समर्थन !
एक तरफ भाजपा बालको मण्डल और निगम में एमआईसी मेम्बर तथा वरिष्ठ भाजपा नेता हितानंद अग्रवाल बालको के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे हैं और मजदूरों की प्रताड़ना एवं शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं, दूसरी ओर श्रम मंत्री स्वर्ण आभा के चकाचौंध में श्रमवीरों का शोषण एवं प्रताड़ना की उपेक्षा कर भूमिपूजन में शामिल हुए। स्वयं को भूमि पुत्र बताकर चुनाव जीतने वाले श्रम मंत्री अब भू-माफिया (वेदांता प्रबंधन) का खुलेआम समर्थन करते हुए जी-9 के भूमिपूजन में पहुंचे। उद्बोधन में श्रम मंत्री ने क्या कहा, यह हम नहीं जानते, लेकिन बालको ने जो प्रेस नोट भेजा उसमें श्रम मंत्री ने बालको की प्रशंसा में कसीदे गढ़े।
स्थल का वास्तविक सच इससे भी अधिक भयावह है
यहाँ केवल 440 पेड़ नहीं थे बल्कि सैकड़ों जीव-जंतुओं का प्राकृतिक आवास भी था, जो इस अवैध आवासीय प्रोजेक्ट में पूरी तरह तहस नहस कर दिए गए।
जहाँ कभी कोयल की मधुर आवाज सुनाई देती थी, वहाँ अब बड़ी-बड़ी मशीनों की कर्कश आवाजें गूंज रही हैं।
घने जंगल की अनुभूति देने वाला क्षेत्र अब महज कुछ गिनती के पेड़ों तक सिमट गया है। छोटे-छोटे पौधे, जो एक-दो साल में विशाल पेड़ बनने वाले थे, उन्हें भी बुलडोज़रों ने निर्ममता से रौंद दिया।
जमीन का प्राकृतिक स्वरूप, जैव विविधता और वन्यजीवों का बसेरा सब कुछ इस एक परियोजना की भेंट चढ़ गया।

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कोरबा

ब्रेकिंग – कोरबा के सीतामढ़ी में नशेड़ियों का तांडव, चाकू और सर्जिकल ब्लेड से हमला, चार युवक गंभीर रूप से घायल,,,,देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

कोरबा:– होली के त्यौहार के बीच जिले में कुछ नशेडियों द्वारा धारदार हथियार से हमला कर चार लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया, घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मामला है जिला कोरबा के सिटी कोतवाली क्षेत्र के सीतामढ़ी इमलीडुग्गू इलाके का जहां पूरा मोहल्ला होली का पर्व मना रहा था और अचानक 4 से 5 नशेड़ी युवक धारदार हथियार लेकर पहुंचे और वहां पर उपस्थित परवीन कुमार बरेठ और मुकेश कुमार यादव, धन सिंह और मोहन ठाकुर जिसमें चारो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

आरोपियों ने चाकू और ऑपरेशन में उपयोग होने वाले सर्जिकल ब्लेड से हमला कर वारदात को अंजाम दिया।

पीड़ितों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमला अचानक किया गया, जिससे पीड़ितों को संभलने का मौका नहीं मिला, घटना के बाद मोहल्लेवासी बड़ी संख्या में कोतवाली थाना पहुंच आरोपियों पर कार्यवाही करने की बात कहते हुए नाराजगी जताई है। पुलिस प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

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कोरबा

तुमान में सजेगा भक्ति का महाकुंभ: 6 मार्च से प्रारंभ होगी श्रीमद्भागवत कथा

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कोरबा। तुमान की पावन भूमि 6 मार्च से 13 मार्च तक पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में डूबी नजर आएगी। श्री वैष्णव निकुंज निवास, तुमान में दिव्य श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर व्यापक उत्साह देखा जा रहा है और श्रद्धालु बड़ी संख्या में सहभागिता की तैयारी कर रहे हैं।
इस सात दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव में भगवान श्री कृष्ण के अवतरण से लेकर उनकी बाल लीलाओं, गोपी प्रेम, धर्म स्थापना और भक्तों पर कृपा के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। कथा का उद्देश्य केवल श्रवण मात्र नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों, संस्कारों और भक्ति मार्ग की ओर प्रेरित करना है।
कथा वाचन का दायित्व प्रसिद्ध कथावाचक पंडित बलराम प्रसाद पाण्डेय निभाएंगे, जिनकी मधुर शैली और आध्यात्मिक व्याख्या श्रोताओं को भावविभोर कर देती है। यज्ञ आचार्य के रूप में अखिलेश महाराज सोन लोहर्शी एवं संगीत मे सीमा मानस पार्टी संतोष महेत्तर ललित की गरिमामयी उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ एवं हवन संपन्न होंगे।
दैनिक कार्यक्रम
🔸 प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक – पूजन, हवन, संकीर्तन, तुलसी परिक्रमा एवं आरती
🔸 दोपहर 3 बजे से – पूज्य महाराज जी द्वारा भागवत कथा श्रवण
आयोजन स्थल को आकर्षक सजावट और आध्यात्मिक परिवेश से सुसज्जित किया जाएगा, जहाँ भजन-कीर्तन की स्वर लहरियाँ निरंतर गूंजती रहेंगी। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और प्रभु कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर रहेगा।
इस धार्मिक महोत्सव के आयोजक बलराम वैष्णव एवं संजू वैष्णव (तुमान) द्वारा समस्त क्षेत्रवासियों को सपरिवार उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का सादर आमंत्रण दिया गया है।
6 मार्च से प्रारंभ होने वाला यह भक्ति महोत्सव तुमान को एक सप्ताह तक आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर देगा।

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कोरबा

कोरबा में होली पर रंग बेहिसाब:जगह-जगह मस्ती और उल्लास- छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ ने मनाई होली

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कोरबा। छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के सभी प्रतिनिधियों ने एक दूसरे के ऊपर रंग-बिरंगे गुलाल लगाकर होली का त्यौहार मनाया एवं पाठकों को होली की शुभकामनाएं भी दिए।
होली का त्यौहार मुख्य रूप से बुराई पर अच्छाई, अहंकार पर भक्ति और अंधकार पर प्रकाश की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह त्यौहार भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद को बचाने और उनकी बुआ होलिका के दहन की पौराणिक कथा से जुड़ा है, जो फाल्गुन पूर्णिमा को मनाया जाता है जिसमें पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह चंदेल, तरुण छत्तीसगढ़ के संपादक सुभाष अग्रवाल, जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू, सचिव जयसिंह नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, सहसचिव रायसिंह, रामा, कृष्ण निर्मलकर, तपेश्वर राठौर, अनिल गिरी, राजकुमार पटेल, हर्ष नेताम, यस, राहुल ,पप्पू ,विजय, रजत, ,ओमकार, दीपक, सोनू दास, किशन, शिवम, अजय, बजरंग यादव जय दास, दिलीप देव पटेल,प्रहलाद, सोनू,अज्जू ,सहित बड़ी संख्या में संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

पूर्व मंत्री को दी बधाई

बच्चों का उल्लास देखते ही बन रहा था

महापौर के घर भी पहुंचे, रंग लगाया, दी शुभकामनाएं

पत्रकारों के साथ मनाई होली

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