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अंबानी-अडाणी जितनी संपत्ति मस्क की एक दिन में बढ़ी:₹58 लाख करोड़ नेटवर्थ वाले दुनिया के पहले व्यक्ति, स्पेसएक्स की वैल्यू ₹72.80 लाख करोड़

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नई दिल्ली,एजेंसी। दुनिया के सबसे अमीर शख्स इलॉन मस्क की संपत्ति 600 बिलियन डॉलर (₹54.60 लाख करोड़) पार कर गई है। मस्क नेटवर्थ का यह आंकड़ा छूने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं। इससे पहले 1 अक्टूबर को मस्क की संपत्ति 500 बिलियन (डॉलर 45.50 लाख करोड़ रुपए) पर पहुंची थी।

स्पेसएक्स की 800 बिलियन डॉलर (₹72.80 लाख करोड़) का वैल्यूएशन और IPO आने की खबर के बाद मस्क की संपत्ति में एक ही दिन में लगभग 168 बिलियन डॉलर (₹15 लाख करोड़) की बढ़ोतरी हुई। यह भारत के दो सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी की नेटवर्थ के लगभग बराबर है। दोनों की संपत्ति 16 लाख करोड़ की है।

अब मस्क की टोटल नेटवर्थ करीब 638 बिलियन डॉलर (₹58 लाख करोड़) है। इनसाइडर शेयर सेल के बाद स्पेसएक्स अब दुनिया की सबसे वैल्यूएबल प्राइवेट कंपनी बन गई है। मस्क स्पेसएक्स के फाउंडर और CEO हैं।

स्पेसएक्स की वजह से अचानक बढ़ी मस्क की नेटवर्थ

रॉयटर्स के मुताबिक कंपनी के अंदर ही हुई शेयर्स की बिक्री में स्पेसएक्स की टोटल वैल्यूएशन $800 बिलियन निकली है। मस्क के पास स्पेसएक्स में लगभग 42% हिस्सेदारी है। यदि कंपनी अमेरिकी शेयर बाजार में 800 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर लिस्ट होती है, तो मस्क की हिस्सेदारी की कीमत अकेले 336 बिलियन डॉलर से ज्यादा बढ़ सकती है।

फोर्ब्स का कहना है कि ऐसा होने पर मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन सकते हैं, हालांकि यह IPO की अच्छी लिस्टिंग पर निर्भर करेगा।

टेस्ला और xAI ने भी बढ़ाई मस्क की दौलत

xAI: उनकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप xAI भी 230 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 15 अरब डॉलर की नई इक्विटी जुटाने के लिए बातचीत के एडवांस स्टेज में है।

टेस्ला: स्पेसएक्स के अलावा, मस्क की ईवी कंपनी टेस्ला में भी उनकी लगभग 12% हिस्सेदारी है। 2025 में अब तक टेस्ला के शेयर 13% चढ़ चुके हैं। सोमवार को भी टेस्ला के शेयर करीब 4% ऊपर थे, जब मस्क ने कहा कि कंपनी फ्रंट पैसेंजर सीट पर बिना सेफ्टी मॉनिटर के रोबोटैक्सी का परीक्षण कर रही है। मस्क की टेस्ला में हिस्सेदारी अब लगभग 197 बिलियन डॉलर की है।

मस्क ने 12 साल की उम्र में वीडियो गेम बनाकर बेचा

इलॉन मस्क, टेस्ला और स्पेसएक्स के CEO हैं। मस्क ने 10 साल की उम्र में कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग सीखी और 12 साल की उम्र में ‘ब्लास्टर’ नामक एक वीडियो गेम तैयार किया। इसे एक स्थानीय मैगजीन ने उनसे पांच सौ अमेरिकी डॉलर में खरीदा। इसे मस्क की पहली ‘व्यापारिक उपलब्धि’ कहा जा सकता है।

1995 में उन्होंने वेब सॉफ्टवेयर कंपनी जिप-2 बनाई थी। कॉम्पेक ने इस कंपनी को 1999 में 307 मिलियन डॉलर में खरीद लिया था। इस डील से मस्क को कंपनी में 7% हिस्सेदारी के बदले 22 मिलियन डॉलर मिले थे। यहीं से इलॉन मस्क के बिजनेस की असल शुरुआत हुई।

ईबे ने 2002 में पेपाल को खरीदा था

मस्क ने 1999 में पेपाल बनाई थी। ईबे ने 2002 में इसे 1.5 अरब डॉलर में खरीद लिया। मस्क को इस डील से 180 मिलियन डॉलर की कमाई हुई। इसके तुरंत बाद मस्क ने स्पेसएक्स की स्थापना की। इस कंपनी के जरिए मस्क मंगल ग्रह पर कॉलोनी बसाकर ह्यूमैनिटी को मल्टी प्लेनेट स्पीशीज बनाना चाहते हैं।

मस्क की दूसरी कंपनी X.com थी जो एक ऑनलाइन सर्विस कंपनी थी। बाद में ये पेपाल बनी और ईबे ने इसे खरीद लिया।

मस्क की दूसरी कंपनी X.com थी जो एक ऑनलाइन सर्विस कंपनी थी। बाद में ये पेपाल बनी और ईबे ने इसे खरीद लिया।

मस्क ने टेस्ला, स्पेसएक्स और न्यूरालिंक जैसी कंपनियां बनाईं

टेस्ला:टेस्ला की स्थापना 2003 में मार्टिन एबरहार्ड और मार्क टारपेनिंग ने की थी। इलॉन मस्क कंपनी के शुरुआती निवेशकों में से एक थे और फरवरी 2004 में उन्होंने टेस्ला में भारी निवेश किया। इसके बाद मस्क टेस्ला के चेयरमैन और फिर CEO बन गए। टेस्ला का मकसद इलेक्ट्रिक गाड़ियों को आम लोगों तक पहुंचाना और सस्टेनेबल एनर्जी को बढ़ावा देना था।

स्पेसएक्स:स्पेसएक्स की शुरुआत इलॉन मस्क ने मार्च 2002 में की थी। उनका सपना स्पेस लॉन्च की लागत घटाना और मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती बसाना था। स्पेसएक्स ने 2008 में पहला सफल रॉकेट (Falcon 1) लॉन्च किया और 2012 में इसका Dragon कैप्सूल इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़ा।

न्यूरालिंक:न्यूरालिंक की स्थापना इलॉन मस्क ने 2016 में की थी। इस कंपनी का मकसद इंसानी दिमाग और कंप्यूटर को जोड़ने वाली ब्रेन-मशीन इंटरफेस तकनीक विकसित करना है। न्यूरालिंक का उद्देश्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का इलाज करना और भविष्य में इंसानों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ बेहतर तरीके से जोड़ना है।

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शेयर बाजार में पांच दिन से जारी गिरावट का सिलसिला थमा, सेंसेक्स 776 अंक चढ़ा

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मुंबई, एजेंसी। शेयर बाजार में पिछले पांच दिन से जारी गिरावट सोमवार को थम गई और बीएसई सेंसेक्स में 776 अंक की तेजी आई जबकि एनएसई निफ्टी 228 अंक के लाभ में रहा। पश्चिम एशिया संकट कम होने के साथ कच्चे तेल के दाम में तेज गिरावट से बाजार में तेजी लौटी। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 776.01 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,835.78 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 841.74 अंक चढ़कर 76,901.51 अंक तक चला गया था। वहीं, एनएसई निफ्टी 228.50 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,995.95 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इटर्नल के शेयर सबसे अधिक 5.70 प्रतिशत चढ़े।

इसके अलावा इंटरग्लोब एविएशन, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी अच्छी तेजी रही। दूसरी तरफ, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड और एक्सिस बैंक के शेयर नुकसान में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 9.40 प्रतिशत टूटकर 87.64 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”पश्चिम एशिया में हमलों पर विराम लगने से आयात लागत और महंगाई बढ़ने की आशंकाएं कम हुई हैं। इससे बाजार में तेजी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के साथ दीर्घकालीन बॉन्ड प्रतिफल में कमी से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 3,892.77 करोड़ रुपए मूल्य के शेयरों की बिकवाली की। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में थे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख रहा।

वहीं अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को ज्यादातर बढ़त के साथ बंद हुए। इससे पहले, शुक्रवार को सेंसेक्स 331.62 अंक टूटकर 76,059.77 अंक और निफ्टी 102.15 अंक फिसलकर 23,767.45 अंक पर बंद हुआ था।

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रुपए की दमदार वापसी, डॉलर के मुकाबले 61 पैसे मजबूत हुआ भारतीय रुपया

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मुंबई, एजेंसी। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान के बीच तनाव घटने से सोमवार को रुपया 61 पैसे की मजबूत बढ़त के साथ 95.92 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में मजबूती और प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में कमजोरी ने भी रुपए को सहारा दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.18 पर खुला और सत्र में 96.27 के निचले एवं 95.78 के उच्च स्तर तक गया। कारोबार के अंत में यह 95.92 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। इस तरह पिछले बंद भाव के मुकाबले रुपए में 61 पैसे की मजबूती रही। 

शुक्रवार को रुपया 20 पैसे की बढ़त के साथ 96.53 पर बंद हुआ था। भारतीय मुद्रा 20 मई को 96.86 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले बंद स्तर पर रही थी। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह तक चले तनाव के बाद हमले रुकने से रुपया तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा। चौधरी ने कहा, ”कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर में नरमी से भी रुपए को समर्थन मिला। साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप की खबरों ने भी बाजार को बल दिया।”

उन्होंने कहा कि डॉलर-रुपए की हाजिर विनिमय दर निकट अवधि में 95.50 से 96.20 के दायरे में रह सकती है। इस बीच, दुनिया छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.20 प्रतिशत गिरकर 101.09 पर आ गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 8.95 प्रतिशत गिरकर 88.12 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। घरेलू शेयर बाजार में भी मजबूती का रुख रहा। 

बीएसई सेंसेक्स 776.01 अंक यानी 1.02 प्रतिशत चढ़कर 76,835.78 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 228.50 अंक यानी 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 अंक पर पहुंच गया। हालांकि, शेयर बाजार के आंकड़ों से पता चला कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बिकवाल बने रहे। एफआईआई ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 3,892.77 करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली की। 

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भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स में पांचवां मेडल:ज्ञानेश्वरी ने 199 kg वजन उठाकर सिल्वर जीता, वेटलिफ्टिंग में चौथा मेडल मिला

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ग्लासगो, एजेंसी। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पांचवां मेडल जीत लिया है। ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 kg वेटलिफ्टिंग इवेंट में कुल 199 किलोग्राम (88 kg स्नैच + 111 kg क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वेटलिफ्टिंग में भारत का यह चौथा और कुल मिलाकर पांचवां मेडल हो गया।

नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडीह ने 206 किलोग्राम (93+113) वजन उठाकर गेम्स और कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता।

23 साल की ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 kg उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले 103, फिर 107 और आखिरी प्रयास में 111 kg उठाया। कुल 199 kg के साथ उन्होंने सिल्वर पक्का किया। हालांकि, डिडीह ने 113 kg उठाकर 206 kg के कुल वजन के साथ गोल्ड अपने नाम कर लिया।

भारत अब मेडल टैली में आठवें स्थान पर पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया 17 गोल्ड सहित 39 मेडल के साथ पहले स्थान पर है।

चानू ने गोल्ड जीता

इससे पहले रविवार को मीराबाई चानू ने महिला 48 kg वर्ग में 190 किलोग्राम (85+105) वजन उठाकर भारत को गेम्स का पहला गोल्ड दिलाया था। वहीं ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा) और राजा मुथुपांडी (65 किग्रा) सिल्वर जीत चुके हैं। झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था।

ज्ञानेश्वरी के पिता बॉडीबिल्डर, आर्थिक तंगी में छोड़ना पड़ा खेल

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव ने कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग की शुरुआत कर दी थी। उनके पिता बॉडीबिल्डर थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपना खेल छोड़कर इलेक्ट्रीशियन का काम करना पड़ा। पिता के साथ ट्रेनिंग करते हुए ज्ञानेश्वरी ने जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया और नेशनल टीम में जगह बनाई। 2026 एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्नैच में सिल्वर और कुल प्रदर्शन में ब्रॉन्ज मेडल जीता।

सचिन और अंकुश बॉक्सिंग क्वार्टर फाइनल में

भारतीय बॉक्सर सचिन सिवाच ने मेंस 60 kg के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अब उनका सामना बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी से होगा। वहीं अंकुश ने 80 kg में एंटीगुआ और बारबुडा के जलान जान को 5-0 से हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया।

सचिन ने इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 के अंतर से हराया।

सचिन ने इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 के अंतर से हराया।

श्रीशंकर और साजन प्रकाश भी फाइनल में

एथलेटिक्स में मुरली श्रीशंकर ने पहली ही कोशिश में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। लोकेश सत्यानाथन ने भी 7.77 मीटर के साथ फाइनल में जगह बनाई। स्विमिंग में साजन प्रकाश ने मेंस 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में प्रवेश किया, जबकि तेजस शिर्से 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल में पहुंच गए।

श्रीशंकर ने पहली ही कूद में 8.01 मीटर दूरी तय की।

श्रीशंकर ने पहली ही कूद में 8.01 मीटर दूरी तय की।

प्रतिष्ठा सातवें स्थान पर रहीं, गुरिंदरवीर बाहर

आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स के महिला वॉल्ट फाइनल में प्रतिष्ठा सामंता 12.883 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहीं और मेडल से चूक गईं। वहीं, भारत के सबसे तेज रनर गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर हीट्स में 10.39 सेकेंड का समय निकालने के बावजूद सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके।

हाई जंप में तेजस्विन पर नजर

एथलेटिक्स में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद मेंस हाई जंप फाइनल में होगी। तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम रात 11:40 बजे मेडल के लिए उतरेंगे। वहीं, तेजस शिर्से दोपहर 3:55 बजे 110 मीटर हर्डल्स हीट्स दौड़ेंगे। क्वालिफाई करने पर वह रात 2:15 बजे फाइनल में भी खेलेंगे।

वेटलिफ्टिंग में बिंद्यारानी और अजया से भी उम्मीद

आज रात 8:00 बजे महिला 58 किग्रा वर्ग के फाइनल में बिंद्यारानी देवी उतरेंगी। वहीं रात 12:30 बजे पुरुष 79 किग्रा वर्ग के फाइनल में वी. अजया बाबू अपना दम दिखाएंगे। दोनों खिलाड़ी सीधे मेडल इवेंट में उतरेंगे।

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