छत्तीसगढ़
रायपुर : बस्तर संभाग के सरपंचों ने नए विधानसभा भवन में देखी लोकतांत्रिक प्रक्रिया
उपमुख्यमंत्री ने की सरपंचों से मुलाकात





रायपुर। बस्तर संभाग से आए विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचगणों ने आज नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन का भ्रमण कर विधानसभा की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नजदीक से देखा। इस अवसर पर सरपंचों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात भी की। बस्तर के जन जन में लोकतंत्र में विश्वास जगाने के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर बस्तर संभाग के विभिन्न ग्रामों का प्रतिनिधित्व करने वाले सरपंचों को नवीन विधानसभा भवन का भ्रमण कराया गया।
इस दौरान सरपंचों को सदन की कार्यवाही, प्रश्नकाल, चर्चा एवं निर्णय प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्राम स्तर पर लोकतंत्र को सशक्त बनाने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए यह अनुभव अत्यंत प्रेरणादायी रहा। उपमुख्यमंत्री ने उनसे उनके अनुभवों पर विस्तृत चर्चा की जिसमें सरपंचों ने कहा कि विधानसभा की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखने से उन्हें जनसेवा और शासन व्यवस्था की बेहतर समझ मिली है। जिस प्रकार हर समस्या और विषय पर दोनों पक्षों से सकारात्मक तरीके से चर्चा की जाती है वो सराहनीय है। इससे लगता है कि हमारी हर समस्या के लिए हमारे प्रतिनिधि बातें एवं मुद्दों को सामने रखते हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सरपंचों से संवाद करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला हैं और ग्रामीण विकास की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बस्तर संभाग के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और पंचायत सशक्तिकरण को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
सरपंचों ने इस अवसर के लिए राज्य सरकार एवं उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के अनुभव उन्हें अपने-अपने गांवों में बेहतर नेतृत्व और जवाबदेही के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे।
कोरबा
बालको में महिला क्रेन पायलट की तैनाती, महिला नेतृत्व को मिला बढ़ावा
बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) में पहली बार महिला क्रेन पायलट्स की तैनाती की गई है। यह पहल देश के सबसे उन्नत, तकनीक-संचालित स्मेल्टर क्षेत्र में महिला-प्रथम ऑपरेटिंग मॉडल को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें कुल 30 महिलाओं को तैनात किया गया है, जिनमें 10 बीम-रेजिंग ऑपरेटर और 20 पीटीएम पायलट शामिल हैं। यह उपलब्धि बालको के लिए एक मील का पत्थर है, जो इसके ‘मिलियन टन क्लब’ में प्रवेश के साथ जुड़ी हुई है।
इन महिला पायलट्स ने सिमुलेटर सत्र और ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण के माध्यम से एक सख्त प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी की है। अब वे पॉट रूम के महत्वपूर्ण कार्य, जैसे एनोड बदलना, कवरिंग करना, पिघले हुए एल्यूमिनियम की टैपिंग और बीम-रेजिंग, का संचालन कर रही हैं। इससे इलेक्ट्रोलाइटिक रिडक्शन सेल्स का संचालन तय मानकों के भीतर स्थिर और निरंतर बना रहता है। साथ ही सभी पॉटलाइनों में बीम-रेजिंग गतिविधियां अब पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित की जा रही हैं, जहां प्रत्येक पॉट रूम में महिला बीम-रेजिंग प्रभारी नियुक्त की गई हैं।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि बालको में हम मैन्युफैक्चरिंग के काम को बेहतर बनाने के समावेशिता को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। महिला क्रेन पायलट्स की तैनाती सिर्फ एक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह काम करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव है। हम नई तकनीक, अच्छे प्रशिक्षण और समान अवसर प्रदान कर अपने कर्मचारियों की पूरी क्षमता को आगे ला रहे हैं। जैसे ही हम 1 मिलियन टन उत्पादन के स्तर तक पहुंच रहे हैं, यह बदलाव दिखाता है कि हम एक ऐसा कार्यस्थल बना रहे हैं जो बेहतर प्रदर्शन करने वाला, समानता वाला और भविष्य के लिए तैयार है।
पीटीएम पायलट नाज़ फातिमा ने कहा कि पीटीएम पायलट के रूप में काम करना चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ बेहद संतोषजनक भी है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी हम पर भरोसा करती है और हमारे विकास में निवेश करती है। यह गर्व की बात है कि हमारा काम सीधे बालको की प्रगति में योगदान देता है और हम औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं के लिए एक नया भविष्य बना रहे हैं।

बालको ने 2022 से ट्रांसजेंडर पेशेवरों को भी अपने संयंत्र के मुख्य कार्यों में शामिल किया, जिसकी शुरुआत फोर्कलिफ्ट ऑपरेशन और सुरक्षा सेवाओं से हुई थी। इसके बाद इसका विस्तार किया गया और जेंडर री-अफर्मेशन नीतियों के तहत 30 दिन का वेतन सहित अवकाश और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गईं। इस प्रकार बालको छत्तीसगढ़ में ट्रांसजेंडर सहयोगियों को एल्यूमिनियम संचालन में शामिल करने वाली अग्रणी औद्योगिक कंपनियों में से एक बन गया है। ये सभी पहल पारंपरिक रूप से मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों को अधिक समावेशी बनाने और भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक कार्यबल के निर्माण की दिशा में कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

कोरबा
मनोकामना ज्योति कलशों से जगमग हुआ माँ सर्वमंगला देवी का दिव्य दरबार
कोरबा । चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत् 2083, 19 मार्च 2026 को नवरात्रि के प्रथम दिन माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में 9 दिन तक चलने वाला आध्यात्मिक महापर्व नवरात्रि घट स्थापना के साथ प्रारंभ हो गया। शुभ नक्षत्र में माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक/पुजारी एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महाराज) ने सपत्नीक विद्वान आचार्यों एवं पंडितों, बैगाओं की उपस्थिति में परिसर में स्थित कलश कक्षों में स्थापित मनोकामना ज्योति कलशों को दिव्य मंत्रोच्चार के साथ प्रज्ज्वलित किया। मनोकामना ज्योति कलशों से परिसर दमक उठा।
7000 तैल्य कलश एवं 750 घृत कलशों से दैदिव्यमान हुआ परिसर

प्रबंधक नमन पाण्डेय ने बताया कि नवरात्रि के प्रथम दिन 7000 तैल्य ज्योति कलशों को प्रज्ज्वलित किया गया, वहीं 750 घृत कलश जलाए गए। 7750 ज्योति कलशों के दिव्य प्रकाश पूंज से परिसर दमक उठा। श्री पाण्डेय ने बताया कि ज्योति कलशों के प्रकाश पूंज से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और ज्योति कलशों के दर्शन से मन में पवित्रता का भाव जागृत होता है। कोरबा, छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य राज्यों एवं विदेशों से भी श्रद्धालु मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराए हैं।
प्रथम दिन अभूतपूर्व भीड़

नवरात्रि प्रारंभ होते ही शक्ति की उपासना में लोग डूब जाते हैं। प्रथम दिन माँ शैलपुत्री स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी का दर्शन करने परिसर में अभुतपूर्व भीड़ देखी गई। परिसर से सड़क तक श्रद्धालुओं की लंबी लाईन लगी हुई थी और श्रद्धा का सैलाब देखने को मिला। परिसर में प्रबंधन द्वारा भोग प्रसाद की व्यवस्था रखी गई है और श्रद्धालु यहां तृप्त भी हो रहे हैं।
संध्या महाआरती

मन पर विजय प्राप्ति का महापर्व है नवरात्रि- नन्हा महराज

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं पुजारी नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने सभी प्रदेशवासियों को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत् 2083 हिन्दू नववर्ष की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए सभी की मंगलकामनाओं का शुभ संदेश दिया है और बताया कि माँ आदिशक्ति की उपासना का महापर्व नवरात्रि मुख्यरूप से मन पर विजय प्राप्ति का महापर्व है।
माँ सर्वमंगला की असीम कृपा हम पर बरसती रहे और कोरबा सुख समृद्धि के साथ विकास का नया आयाम गढ़े और क्षेत्रवासी खुशहाल बनें। उन्होंने कहा कि आदिशक्ति की उपासना एवं विधि विधान से की गई पूजा से घर में सुख समृद्धि का वास होता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि यह पर्व नारी के सम्मान का महापर्व है, यह पर्व मन में विजय प्राप्ति का महान पर्व है। आत्म संयम और इंद्रियों पर नियंत्रण के लिए उपासना प्रभावी साधन है और माँ के दर्शन मात्र से ही मन को असीम शांति मिलती है। घर का कलह दूर होता है और सुख समृद्धि का वास होता है। मंदिरों में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने के साथ नवरात्रि में घर-घर भी ज्योत जलना चाहिए, इससे घर में सात्विक ऊर्जा का संचार होता है और चारों तरफ खुशहाली आती है।


छत्तीसगढ़
रायगढ़ : पीएम श्री योजना के तहत विद्यार्थियों ने कोलकाता में लिया ज्ञान-विज्ञान का अनुभव
6 दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक सम्पन्न
साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण
व्यवहारिक शिक्षा से विद्यार्थियों में बढ़ा आत्मविश्वास और जिज्ञासा


रायगढ़। पीएम श्री योजना अंतर्गत राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत रायगढ़ जिले के पीएम श्री विद्यालयों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का 6 दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण कोलकाता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी के. वी. राव एवं जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार के मार्गदर्शन में 13 मार्च को एपीसी अभय कुमार पांडेय के नेतृत्व में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का दल शैक्षणिक भ्रमण हेतु रवाना हुआ। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने साइंस सिटी, कोलकाता का अवलोकन किया, जहां विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों ने उन्हें विज्ञान के प्रति प्रेरित किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने कोलकाता मेट्रो की यात्रा कर आधुनिक परिवहन व्यवस्था को समझा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने दक्षिणेश्वर काली मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा बिरला तारामंडल में अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।

ऐतिहासिक धरोहरों के अध्ययन हेतु विद्यार्थियों ने विक्टोरिया मेमोरियल एवं भारतीय संग्रहालय का भ्रमण किया, जहां उन्होंने भारत की समृद्ध विरासत को करीब से जाना। इसके अलावा बेलूर मठ, अलीपुर चिड़ियाघर, राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता तथा आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने विविध शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त किए। विद्यार्थियों ने ईडन गार्डन एवं हावड़ा ब्रिज का भी अवलोकन किया, जिससे उन्हें देश की प्रमुख धरोहरों की जानकारी मिली। इस प्रकार यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अनुभवात्मक सिद्ध हुआ। इससे उनके शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास का भी विकास हुआ।

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