भविष्य में स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में अधोसंरचना, उपकरण की आवश्यकताओं को ध्यान रखकर विभागों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश
कोरबा। जिले में ज्वॉनिंग के दूसरे ही दिन से नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में अपनी रणनीति प्रारंभ कर दी है। इस कड़ी में आज उन्होंने सुबह होते ही कोरबावासियों की लाइफलाइन स्व बिसाहूदस महंत स्मृति मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। अस्पताल में प्रवेश करते ही उन्होंने एक आम मरीज की तरह आवश्यकताओं को भांपते हुए पंजीयन कक्ष एवं इमरजेंसी सेवा के पास सेवारत चिकित्सकों के नाम एवं उनके मोबाइल नंबरों की सूची प्रदर्शित करने और शासन द्वारा मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं का उल्लेख करते हुए जानकारी को डिस्प्ले करने के निर्देश दिए। लगभग दो घंटे तक उन्होंने अस्पताल में अपना समय देते हुए मरीजों, मरीजों के परिजनों, एनआरसी में दाखिल बच्चों की माताओं से स्वास्थ्य सुविधाओं की टोह लीं और उन्हें कॉलेज प्रबंधन द्वारा दी जा रही सुविधाओं को भी परखने का काम किया। कलेक्टर दुदावत ने पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाई गई टीवी के बंद होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए, वहीं बच्चो को दी जाने वाली आहार की जानकारी लेते हुए उन्होंने किचन में जाकर सब्जी, दाल की गुणवत्ता को भी परखा और दाल पतली दिखाई देने पर गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यहां भर्ती बच्चे का वजन कराकर वजन में हो रहे सुधार की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने एनआरसी में अव्यवस्थाओं को लेकर नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिये। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री दुदावत ने अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाए रखने, आपातकालीन मरीजों को त्वरित एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नवपदस्थ कलेक्टर श्री दुदावत ने आपातकालीन सेवा, शिशु वार्ड, महिला एवं पुरुष वार्ड, बर्न यूनिट, एनआरसी, डायलिसिस सेंटर, ऑपरेशन थियेटर, सोनोग्राफी, मनोरोग, गायनिक, नेत्र विभाग, ओपीडी सेवा, एसएनसीयू, सेंट्रल किचन, हमर लैब, ट्रामा सेंटर तथा स्टोर रूम का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री दुदावत ने मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के साथ ही भविष्य में होने वाले विस्तार, अधोसंरचना विकास एवं आवश्यक उपकरणों को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मरीजो से जाना हाल-चाल,मिल रही सुविधाओं को भी परखा
कलेक्टर श्री दुदावत ने मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भर्ती मरीजों से उनका हाल-चाल पूछते हुए उन्हें मिल रही चिकित्सकीय उपचार की भी टोह लीं। उन्होंने अस्पताल में डॉक्टर द्वारा जाँच करने,दवाइयां उपलब्ध होने, आयुष्मान कार्ड से उपचार, नाश्ते एवं भोजन समय पर मिलने, खाने की क्वालिटी ठीक होने के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सेंट्रल किचन में मरीजों के लिए बनाए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को भी परखा। कलेक्टर ने मरीजों को उपलब्ध सेवाओं पर संतोष जताया। खराब उपकरणों के मेंटेनेंस, बारिश में पानी रिसाव रोकने सहित दिए अन्य निर्देश
कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इमरजेंसी सेवा में ड्रेसिंग रूम को व्यवस्थित रखने, शीघ्र उपचार व्यवस्था दुरुस्त करने तथा आईसीयू में खराब पड़े उपकरणों को वार्षिक मेंटेनेंस सेवा के अंतर्गत मरम्मत कर क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। बर्न यूनिट के निरीक्षण के दौरान उन्होंने एक्सटेंशन एरिया के कार्य को शीघ्र पूर्ण करने, मनोरोग विभाग में मरीजों को उचित परामर्श एवं अभिलेख संधारण सुनिश्चित करने, ओपीडी में आभा एप्लिकेशन के माध्यम से मरीजों का पंजीयन एवं उपचार करने, गायनिक विभाग में महिलाओं की जांच एवं सुरक्षित प्रसव संबंधी सावधानियां बरतने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने नवजात शिशु इकाई (एसएनसीयू ) निर्माण कार्य, ऑपरेशन थियेटर एक्सटेंशन, पोस्टमार्टम कक्ष, वायरोलॉजी लैब का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। हमर लैब में ऑनलाइन रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने, छत के ऊपर रखी अनुपयोगी सामग्रियों को हटाने तथा बारिश के समय छत से पानी रिसाव न हो इसके लिए पीडब्ल्यूडी के माध्यम से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बंद पड़े स्टोर रूम से सामग्रियों को सीएमएचओ कार्यालय स्थानांतरित कर मेडिकल कॉलेज को भवन उपलब्ध कराने, सोनोग्राफी, डायलिसिस, फिजियोथेरेपी, दवा वितरण, ब्लड बैंक, रेडक्रॉस एवं ट्रामा सेंटर की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। कलेक्टर श्री दुदावत ने मरीजों की सुविधा के लिए लिफ्ट, सेंट्रल एसी एवं रैम्प निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने, निचले तल पर रखी कबाड़ सामग्री हटाने, सीपेज एवं ड्रेनेज की समस्या दूर करने तथा पार्किंग समस्या के समाधान हेतु स्टीमेट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, मेडिकल कॉलेज के जॉइंट डायरेक्टर डॉ. गोपाल सिंह, डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डी.एस. पटेल, सीएमएचओ डॉ. सी.के. सिंह, प्रशासनिक अधिकारी अशोक महिपाल, मैट्रन राधा राठिया तथा कविता कोसले उपस्थित रहे।
कोरबा। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतरेगा पिकनिक स्पॉट के रिसॉर्ट में सुबह उस वक्त पर्यटनों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, जब विद्युत मीटर बोर्ड के पीछे करीब 8 फीट लंबा किंग कोबरा छिपकर बैठा मिला। किंग कोबरा की जानकारी मिलते ही रेस्ट हाउस के मैनेजर इस्तीखार खान ने तत्काल वन विभाग एवं नोवा नेचर संस्था के सदस्य जितेंद्र सारथी को सूचना दिया, जिसके बाद सारथी ने अपने अजगर बहार के स्थानीय टीम के सदस्य कमलेश, देवेंद्र, राम, गौतम, दिल ,नरेश, देव मरावी को तत्काल सतरेगा के लिए रवाना कर साथ ही इसकी जानकारी कोरबा वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय दिया एवं उनके निर्देशानुसार उपवनमण्डलाधिकारी रामसिंह राठिया उत्तर के मार्गदर्शन एवं बालकों रेंजर जयंत सरकार के नेतृत्व में जितेंद्र सारथी एवं सिद्धांत जैन कोरबा से रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंच कर सर्वप्रथम विद्युत विभाग को सूचना देकर बिजली को बंद करवाया गया, फिर पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, किंग कोबरा सर्किट बोर्ड के पीछे बेहद संकरी जगह में छिपा हुआ था, जिसके कारण उसे बाहर निकालना टीम के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत और सावधानी के बाद टीम ने करीब 8 फीट लंबे किंग कोबरा को सफलतापूर्वक सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के दौरान किंग कोबरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों की भीड़ लग गई, इतने फुर्तीले और लंबे सांप को देख कर लोग जिज्ञासा वश फोन से वीडियो बनाने से नहीं चुके, साथ ही मौजूद लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया, सफल रेस्क्यू के बाद पंचनामा के पश्चात किंग कोबरा को उसके उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
कोरबा जिले के लेमरू, बालको , पसरखेत , करतला, कुदमुरा एवं आसपास के वन क्षेत्रों से पिछले कुछ समय से छोटे आकार के किंग कोबरा लगातार सामने आ रहे हैं, छोटे किंग कोबरा का बार-बार मिलना इस क्षेत्र में इनके प्राकृतिक प्रजनन और अनुकूल आवास की उपलब्धता का सकारात्मक संकेत माना जा सकता है, साथ ही यह बात भी सिद्ध करता हैं कि एक ही सांप बार बार रेस्क्यु नहीं हो रहे बल्कि सभी किंग कोबरा दूसरे से भिन्न हैं। हालांकि, क्षेत्र में इनकी वास्तविक संख्या और आबादी की स्थिति निर्धारित करने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब स्थानीय लोगों में भी किंग कोबरा और अन्य वन्यजीवों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ रही है। आज किसी क्षेत्र में किंग कोबरा दिखाई देने पर लोग उसे मारने या नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग अथवा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देते हैं। सूचना का समय पर मिलना और सांप का सुरक्षित रेस्क्यू होकर पुनः प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाना वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है।
वन विभाग एवं नोवा नेचर ने आम लोगों से अपील की है कि किंग कोबरा या किसी भी सांप के दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखें और स्वयं पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें, तत्काल प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
जर्जर सड़कों की शीघ्र मरम्मत और सड़क सुरक्षा के लिए गति अवरोधक व संकेतक लगाने के निर्देश
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में बुधवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन उपस्थित रहे। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित कार्यों की जानकारी ली गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान वर्षा ऋतु के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की स्थिति पर चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की आवागमन सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऐसी सड़कों की शीघ्र मरम्मत एवं सुधार कराने की आवश्यकता बताई। इस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़कों की मरम्मत एवं सुधार कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में सड़क सुरक्षा के विषय पर भी चर्चा करते हुए दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए आवश्यक स्थानों पर गति अवरोधक एवं सड़क संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले के पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर भी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने आवश्यकता वाले क्षेत्रों में बांगो डेम से पेयजल उपलब्ध कराने की बात रखी। इस संबंध में संबंधित विभागों को क्षेत्र की आवश्यकता, तकनीकी संभावनाओं एवं व्यवहारिक पहलुओं का परीक्षण करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं, उपलब्धियों, कार्यों की प्रगति तथा हितग्राहियों को दिए जा रहे लाभों की जानकारी प्रस्तुत की गई। जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित आवश्यकताओं एवं ग्रामीणों की समस्याओं को बैठक में रखा गया, जिस पर अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, श्रीमती शांति मरावी, श्रीमती सुष्मिता अनंत कमलेश, श्रीमती सावित्री अजय कंवर, श्रीमती सुषमा रवि रजक, विनोद कुमार यादव, श्रीमती माया रूपेश कंवर, कौशल नेटी एवं विद्वान सिंह मरकाम, उपसंचालक पंचायत मिथलेश किसान सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा, 10 सितम्बर 2026। जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन, कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति का गठन किया गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिला स्तरीय समिति में पुलिस अधीक्षक, वन मंडलाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जिला परिवहन अधिकारी, सहायक संचालक जनसंपर्क तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद कोरबा को सदस्य बनाया गया है। अभियान के अंतर्गत जिले में विभिन्न जनभागीदारी एवं सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अभियान के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’, ‘नमो सेवा गाथा’ नुक्कड़ नाटक, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘जल जन सेवा संकल्प’ जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के सफल संचालन के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शासकीय अमले एवं उपलब्ध संसाधनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के दौरान आयोजित होने वाली प्रत्येक गतिविधि का फोटो एवं वीडियो अभिलेखीकरण करते हुए जिलेवार प्रगति प्रतिवेदन नियमित रूप से राज्य स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। प्रचार-प्रसार एवं सोशल मीडिया गतिविधियों में शासन द्वारा निर्धारित हैशटैग, फ्रेम एवं लोगो का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी आयोजनों में वित्तीय मितव्ययिता बरतते हुए उपलब्ध शासकीय संसाधनों एवं अधोसंरचना का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति अभियान की गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागों के बीच समन्वय तथा निर्धारित कार्यक्रमों की सतत मॉनिटरिंग करेगी। अभियान का उद्देश्य जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए जनभागीदारी के माध्यम से सेवा एवं विकास गतिविधियों को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचाना है।