किसानों को सुगम, पारदर्शी एवं सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने पर विशेष जोर
धान विक्रय में किसानों को न हो असुविधा – कलेक्टर दुदावत
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले में संचालित धान खरीदी व्यवस्था की गहन समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समस्त उपार्जन केंद्रों की प्रगति, व्यवस्थाओं, चुनौतियों एवं समाधान बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर शेष सभी पंजीकृत किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लघु एवं छोटे किसानों से प्राथमिकता के आधार पर पहले धान खरीदी की जाए, जबकि मध्यम एवं बड़े किसानों से चरणबद्ध तरीके से खरीदी की जाए, जिससे किसी भी उपार्जन केंद्र पर अनावश्यक भीड़ या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले में धान खरीदी का कार्य पूर्णतः सुचारू, पारदर्शी एवं किसान-हितैषी ढंग से संचालित होना चाहिए। यह शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों में साफ-सफाई, व्यवस्थित रख-रखाव एवं मूलभूत सुविधाओं जैसे पीने का स्वच्छ पानी, शौचालय, छायादार बैठने की व्यवस्था आदि की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि धान विक्रय के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें एक सहज एवं सकारात्मक अनुभव प्राप्त हो, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कलेक्टर श्री दुदावत ने उपार्जन केंद्रों में किसानों को जागरूक करने हेतु बैनर, पोस्टर एवं सूचना पटल व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप से लगाने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को धान खरीदी, टोकन, नमी मापदंड एवं भुगतान संबंधी सभी आवश्यक जानकारियाँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि टोकन व्यवस्था में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किसानों को समान रूप से सुविधा मिलनी चाहिए और किसी भी किसान को टोकन प्राप्त करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों के आसपास निवासरत स्व-सहायता समूहों को स्टॉल लगाने हेतु स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाए, जिससे किसानों को धान विक्रय के दौरान भोजन, चाय-पानी एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उसी परिसर में उपलब्ध हो सकें और उन्हें दूर भटकना न पड़े। कलेक्टर श्री दुदावत ने समितियों में हमालों की पर्याप्त एवं पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि धान उठवाने या भंडारण का कार्य किसानों से किसी भी स्थिति में न कराया जाए। शासन द्वारा हमालों की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है, इस संबंध में शिकायत मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। धान की नमी को लेकर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि नमी परीक्षण पूरी पारदर्शिता, निर्धारित मानकों एवं यंत्रों के माध्यम से किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की शिकायत या असंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके साथ ही समितियों में संचालित माइक्रो एटीएम का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों को छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए बैंकों के चक्कर न लगाने पड़ें और समिति स्तर पर ही सुविधा उपलब्ध हो सके। अतिसंवेदनशील उपार्जन केंद्रों पर नियमित रूप से गठित टीमों द्वारा सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने, स्टेकिंग की समुचित एवं सुरक्षित व्यवस्था रखने तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बिचौलियों एवं अवैध गतिविधियों पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी तथा इनके विरुद्ध निरंतर एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी 15 दिनों की धान खरीदी को ध्यान में रखते हुए सभी समितियों में पर्याप्त बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने भौतिक सत्यापन को अत्यंत गंभीरता से, पूरी लगन एवं पारदर्शिता के साथ करने, यूएफआर को समय पर अपडेट करने तथा किसी भी प्रकार के स्टॉक मिसमैच से बचने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त एग्रीटेक पोर्टल में खसरा अपडेट करने हेतु सहायक कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से समितियों को आगामी 10 दिनों में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि धान खरीदी की प्रक्रिया निर्बाध, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जा सके। बैठक में अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ज्वाइंट कलेक्टर ओंकार यादव, डीएमओ ऋतुराज देवांगन, खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर सहित कृषि एवं खाद्य विभाग के अधिकारी, समिति प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।
मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप
बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।
केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई
ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।
शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।
कोरबा। एक पेड़ मां के नाम अभियान से सोमवार को कोसाबाड़ी जोन में पुष्पलता उद्यान से आगे ब्लू बर्ड स्कूल मुख्य मार्ग किनारे पौधारोपण किया गया। नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पौधे लगाए। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हरित कोरबा के संकल्प को आगे बढ़ाया। जिला प्रशासन और नगर निगम कोरबा इसे वन विभाग के सहयोग से करा रहे हैं। कार्यक्रम में उद्यान अधीक्षक आनंद राठौर, संतोष यादव, मनमोहन, गोपी, कार्तिक राम, पूरन, अमर सिंह, फिरतू, किरित राम यादव, सांताराम, गंगाराम, केसर समेत अन्य शामिल हुए।
कोरबा/कटघोरा। कटघोरा की ग्राम पंचायत देवगांव में विधायक प्रेमचंद पटेल ने 68 लाख 76 हजार रुपए की लागत से बने विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 15 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसी रोड भी शामिल है।
लोकार्पित कार्यों में सीसी रोड निर्माण 10.40 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण 14 लाख रुपए, पीडीएस गोदाम निर्माण 12.68 लाख रुपए, पुलिया निर्माण 12 लाख रुपए, आंगनबाड़ी भवन क्रमांक-3 का निर्माण 11.68 लाख रुपए, मंच निर्माण विधायक निधि से 3 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण 4 लाख रुपए, भूमिपूजन राशि 15 लाख रुपए शामिल है। विधायक पटेल ने कहा कि इन कार्यों से गांव में आवाजाही होगी। जरूरी जनसुविधाओं का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में युवा आयोग के पूर्व सदस्य रघुराज सिंह उइके, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रवि रजक, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि गोविंद सिंह कंवर, विधायक प्रतिनिधि बैसाखू यादव, सरपंच हेमलता नेटी, उपसरपंच इंद्र सिंह राज मौजूद रहे।