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पूर्व केंद्रीय मंत्री कलमाड़ी का 81 की उम्र में निधन

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एयरफोर्स में पायलट थे, कॉमनवेल्थ गेम्स में भ्रष्टाचार को लेकर विवाद, जेल भी जाना पड़ा

पुणे,एजेंसी। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 81 साल के थे। कलमाड़ी को पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने मंगलवार सुबह करीब 3:30 बजे अंतिम सांस ली।

कलमाड़ी के आधिकारिक कार्यालय के मुताबिक उनका पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे तक कलमाड़ी हाउस एरंडवणे में रखा जाएगा। अंतिम संस्कार दोपहर 3.30 बजे वैकुंठ श्मशान पुणे में होगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री कलमाड़ी की यह तस्वीर 2022 की है। जब वे पुणे कॉर्पोरेशन ऑफिस गए थे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री कलमाड़ी की यह तस्वीर 2022 की है। जब वे पुणे कॉर्पोरेशन ऑफिस गए थे।

कौन थे दिवंगत कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी

सुरेश शामराव कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को हुआ था। कलमाड़ी पुणे लोकसभा सीट से 3 बार सांसद चुने गए। राजनीति के साथ-साथ वे खेल प्रशासन के लिए भी जाने जाते रहे। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष थे। 2010 में दिल्ली में हुए ग्लोबल इवेंट कॉमनवेल्थ गेम्स की आयोजन समिति के चेयरमैन भी थे। कलमाड़ी ने रेल राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया था।

स्क्वॉड्रन लीडर पद से रिटायर हुए थे कलमाड़ी

कलमाड़ी ने 1960 में नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) जॉइन की। फिर वे इंडियन एयरफोर्स में पायलट कमीशंड हुए। एयरफोर्स में वे 1964 से 1972 तक पायलट रहे। इसके बाद वे 1972 से 74 तक NDA में एयरफोर्स ट्रेनिंग टीम में इन्स्ट्रक्टर रहे। एयरफोर्स से वे स्क्वॉड्रन लीडर के पद से रिटायर हुए। इसके बाद उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की।

राजनीति में आने से पहले सुरेश कलमाड़ी भारतीय वायुसेना में पायलट रह चुके हैं।

राजनीति में आने से पहले सुरेश कलमाड़ी भारतीय वायुसेना में पायलट रह चुके हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में नाम, 15 साल चला केस

कलमाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण विवादों में भी घिरे रहे। CWG कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर 15 साल तक केस चला। अप्रैल 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया, जिसमें कलमाड़ी और तत्कालीन महासचिव ललित भनोट व अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज था।

कलमाड़ी समेत कई लोगों पर खेलों के लिए दो महत्वपूर्ण अनुबंधों के आवंटन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था।

कलमाड़ी को अप्रैल 2011 में CBI ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया था। उन्हें 10 महीने दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था।

कलमाड़ी पर खेलों के लिए स्विस टाइमकीपिंग को टाइमिंग-स्कोरिंग-रिजल्ट सिस्टम का ठेका 141 करोड़ की लागत पर देकर फायदा पहुंचाने का आरोप था।

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बुनियादी उद्योगों का उत्पादन मार्च में 0.4% घटा, पांच माह की पहली गिरावट

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नई दिल्ली,एजेंसी। कोयला, कच्चे तेल, उर्वरक और बिजली के उत्पादन में गिरावट के कारण मार्च में आठ बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई है। पांच माह में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन पहली बार घटा है। फरवरी, 2026 में, आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 2.8 प्रतिशत बढ़ा था। 

वित्त वर्ष 2025-26 में बुनियादी उद्योगों की उत्पादन वृद्धि दर घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई। वित्त वर्ष 2024-25 में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 4.5 प्रतिशत बढ़ा था।  

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बिंदी-तिलक विवाद में Lenskart को झटका, डूबे 4500 करोड़!

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मुंबई, एजेंसी। देश की बड़ी आईवियर ​कंपनी में से एक Lenskart को बिंदी, तिलक से जुड़ा विवाद काफी महंगा पड़ गया। सोमवार को कंपनी के शेयर में बड़ी गिरावट आई है, जिससे इसकी मार्केट वैल्यूएशन में करीब 4,500 करोड़ रुपए की कमी आ गई।

विवाद की वजह कंपनी की एक पुरानी इंटरनल ग्रूमिंग पॉलिसी बनी, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इस पॉलिसी में कथित तौर पर कर्मचारियों को बिंदी, तिलक जैसे कुछ धार्मिक प्रतीकों को पहनने से रोकने की बात कही गई थी। इसके बाद ऑनलाइन विरोध तेज हो गया और कंपनी के बहिष्कार की मांग भी उठने लगी।

शेयर में गिरावट

BSE पर कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 5% तक गिरकर 508.70 रुपए के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी आई और यह 533.70 रुपए के आसपास बंद हुआ।

गिरावट के दौरान कंपनी की वैल्यूएशन घटकर लगभग 88,331 करोड़ रुपए रह गई, जो पहले करीब 92,872 करोड़ रुपए थी यानी एक ही सत्र में करीब 4,540 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बाद में आंशिक सुधार के साथ वैल्यूएशन में कुछ बढ़त भी दर्ज की गई।

कंपनि ने दी थी सफाई

इस विवाद पर कंपनी के फाउंडर Peyush Bansal ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना है और मौजूदा पॉलिसी को नहीं दर्शाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी में किसी भी धार्मिक पहनावे या प्रतीकों पर कोई प्रतिबंध नहीं है और इस गलतफहमी के लिए माफी भी मांगी।

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बंगाल की पहचान बचाने की लड़ाई है यह विधानसभा चुनाव, PM मोदी का बड़ा दावा

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झाड़ग्राम, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को राज्य की पहचान बचाने की लड़ाई बताते हुए राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर मूल निवासियों के बजाय ‘घुसपैठियों’ के पक्ष में राजनीति करने का आरोप रविवार को लगाया। मोदी ने आदिवासी बहुल झाड़ग्राम जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ”घुसपैठियों के लिए घुसपैठियों की सरकार’ बनाना चाहती है और मतदाताओं से इसे सत्ता से हटाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ”यह चुनाव इस भूमि की समृद्ध विरासत को बचाने के लिए है। यह बंगाल की पहचान को बचाने के लिए है। आज बंगाल को अपनी पहचान खोने का डर है।” उन्होंने आरोप लगाया, “तृणमूल जिस रास्ते पर चल रही है वह बहुत खतरनाक है। तृणमूल कांग्रेस ‘घुसपैठियों के लिए घुसपैठियों की और सरकार बनाना चाहती है। एक ऐसी सरकार जो बंगाल की जनता के धर्म, भाषा और रीति-रिवाजों की रक्षा करने के बजाय केवल घुसपैठियों के धर्म, भाषा और रीति-रिवाजों की रक्षा करेगी।”

मोदी ने दावा किया कि ऐसी सरकार के लिए सबसे बड़ी बाधा पश्चिम बंगाल के आम लोग होंगे। उन्होंने कहा, ”तृणमूल कांग्रेस की घुसपैठियों वाली सरकार के लिए, अगर कोई शत्रु है, तो वे यहीं बैठे भाई-बहन होंगे, जो घुसपैठियों के शत्रु होंगे।” प्रधानमंत्री ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ असंतोष राज्य के सभी समुदायों और क्षेत्रों में फैल गया है। उन्होंने कहा, “इसलिए, बंगाल के हर समुदाय, हर वर्ग, हर क्षेत्र ने इस बार ठान लिया है और तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया है।”

मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने और भ्रष्टाचार व जबरन वसूली की व्यवस्था चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, “अगर किसी को घर बनाना है, तो उसे तृणमूल कांग्रेस के सिंडिकेट पर निर्भर रहना पड़ता है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद और विधायक आपकी समस्याओं की परवाह नहीं करते। वे अपनी जेबें भरने में व्यस्त हैं।”

प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस नेता राज्य के कई हिस्सों में आदिवासियों की जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “आदिवासियों की हजारों एकड़ जमीन पर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने कब्जा कर लिया है।” पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा। झाड़ग्राम में 23 अप्रैल को मतदान होगा।

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