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छत्तीसगढ़

सचिन पायलट बोले-बीजेपी देश-प्रदेश में घमंड में चला रही सरकार:आज से कांग्रेस जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग, मनरेगा-नशे और संगठन पर होगी चर्चा, राहुल गांधी भी देंगे मार्गदर्शन

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर में जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर को लेकर प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट पहुंचे। उन्होंने बताया कि हर राज्य में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं और इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में भी प्रशिक्षण शिविर लगाया गया है।

उन्होंने कहा कि कल इस शिविर में राहुल गांधी मौजूद रहेंगे और सभी जिलाध्यक्षों से चर्चा करेंगे। इसमें प्रदेश से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ देशभर के विषयों पर भी बात होगी। इसमें NEET परीक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा।

रायपुर में जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण को लेकर प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट पहुंचे।

रायपुर में जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण को लेकर प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट पहुंचे।

पायलट ने कहा कि इस कैंप में कांग्रेस की विचारधारा, संगठन की भूमिका और मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों पर मंथन किया जाएगा। जिलाध्यक्षों की जिम्मेदारियों को और बढ़ाया जा रहा है ताकि वे ज्यादा सक्रिय होकर काम कर सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे देश के हालात, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर लगातार चिंता जता रहे हैं।

पेपर लीक और बेरोजगारी पर पायलट ने उठाए सवाल

बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि देश और प्रदेश में सरकारें घमंड और अहंकार के साथ चल रही हैं। उन्होंने पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य खतरे में है।

उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में नौजवान अपने आप को हाशिए पर महसूस कर रहे हैं और अगर यही हाल रहा तो व्यवस्था पर उनका भरोसा कमजोर हो जाएगा, जो देश के लिए गंभीर स्थिति होगी।

प्रशिक्षण शिविर आज से शुरू

बतादें कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों का 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर आज से अभनपुर में शुरू हो रहा है। संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के शीर्ष नेता संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर मंथन करेंगे।

इस कार्यक्रम के पहले दिन प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट प्रशिक्षण शिविर में शामिल होकर जिला अध्यक्षों को संबोधित करेंगे, जबकि राहुल गांधी कल शिविर में पहुंचकर संगठन को दिशा देंगे।

रायपुर जिले के अभनपुर स्थित आशुतोष-अलका अग्रवाल मंगल भवन, चांदी मोड़ में आयोजित होने वाले इस शिविर में प्रदेशभर के जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष भाग लेंगे। पहले यह प्रशिक्षण 21 से 30 जून तक प्रस्तावित था, लेकिन अब संशोधित कार्यक्रम के तहत इसे 20 से 29 जून तक आयोजित किया जा रहा है।

गांवों में रुकेंगे कांग्रेस नेता, जमीनी हकीकत समझेंगे

प्रशिक्षण शिविर को केवल क्लासरूम तक सीमित नहीं रखा गया है। कांग्रेस नेताओं को गांवों में रुककर स्थानीय परिस्थितियों का अध्ययन करने, ग्रामीणों से संवाद करने और जमीनी मुद्दों को समझने की जिम्मेदारी दी जाएगी। शिविर के दौरान मनरेगा की स्थिति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सामाजिक चुनौतियों और नशे के बढ़ते प्रभाव जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी।

झंडावंदन से होगी शुरुआत, योग और मार्शल आर्ट्स भी

कांग्रेस संगठन ने प्रशिक्षण को अनुशासन और नेतृत्व विकास से जोड़ते हुए इसकी शुरुआत झंडावंदन से करने का फैसला किया है। प्रतिभागियों को योग, मार्शल आर्ट्स और व्यक्तित्व विकास से जुड़े सत्रों में भी शामिल होना होगा। अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ संगठन प्रबंधन, जनसंपर्क, मीडिया हैंडलिंग और राजनीतिक रणनीति पर प्रशिक्षण देंगे।

जिलावार राजनीतिक हालात पर होगा मंथन

शिविर में हर जिले की राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की मजबूती-कमजोरी, आगामी चुनावी चुनौतियों और स्थानीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। जिला अध्यक्षों से उनके क्षेत्रों की रिपोर्ट भी ली जाएगी, ताकि भविष्य की रणनीति उसी आधार पर तैयार की जा सके।

राहुल गांधी देंगे संगठन को दिशा

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक प्रशिक्षण शिविर के दौरान राहुल गांधी जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद करेंगे। वो करीब चार घंटे प्रशिक्षण में रुकेंगे, जहां संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर मार्गदर्शन देंगे।

वहीं सचिन पायलट सहित कई वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता अलग-अलग सत्रों में शामिल होकर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे। कांग्रेस इस प्रशिक्षण शिविर को आगामी चुनावी तैयारियों और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।

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छत्तीसगढ़

जशपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त

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छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसान परिवारों को मिली 490 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कुनकुरी से वर्चुअल कार्यक्रम में हुए शामिल

छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसान परिवारों को मिली 490 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि
छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसान परिवारों को मिली 490 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि
छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसान परिवारों को मिली 490 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि

जशपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी करते हुए देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, सलियाटोली में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए और किसानों के साथ प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की समृद्धि का आधार किसान हैं और किसानों की उन्नति के बिना विकसित भारत की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बनी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि भूमि और धरती माता का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से देशभर में ‘खेत बचाओ अभियान’ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से इस अभियान से जुड़ने तथा अन्य किसानों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के तहत छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसान परिवारों के खातों में 490 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई। यह सहायता खरीफ सीजन की शुरुआत में किसानों के लिए महत्वपूर्ण संबल सिद्ध होगी, जिससे उन्हें खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदान सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अन्नदाता की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में किसानों के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मविश्वास और सम्मान का संचार हुआ है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने वाली देश की सबसे सफल योजनाओं में से एक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को अधिक लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, कृषक उन्नति योजना सहित अनेक किसान हितैषी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि खरीफ सीजन के प्रारंभ में मिली यह राशि खेती की तैयारी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। किसानों ने बताया कि इस सहायता से खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री की खरीद में सुविधा मिलेगी तथा खेती के कार्यों को समय पर गति मिलेगी।

किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों से कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूती मिल रही है और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा है।

कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, बेहतर बाजार व्यवस्था और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दे रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें कृषि उद्यमिता और मूल्य आधारित कृषि से जोड़ना है, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार है।

इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सलियाटोली में निर्माणाधीन नालंदा परिसर का किया निरीक्षण

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युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा अत्याधुनिक अध्ययन केंद्र : मुख्यमंत्री

24 घंटे अध्ययन सुविधा, डिजिटल लाइब्रेरी, 50 हजार पुस्तकों और स्मार्ट सुविधाओं से सुसज्जित होगा नालंदा परिसर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के सलियाटोली ग्राम में निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। लगभग 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित हो रहे इस 250 सीटर अत्याधुनिक परिसर के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। नालंदा परिसर युवाओं को अध्ययन, मार्गदर्शन और आत्मविकास के लिए एक आधुनिक एवं प्रेरणादायी वातावरण प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह परिसर जशपुर जिले के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि नालंदा परिसर के निर्माण का प्लिंथ लेवल कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयावधि में परियोजना को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा नालंदा परिसर

निर्माणाधीन नालंदा परिसर को आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। परिसर में विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां इंडोर एवं आउटडोर स्टडी जोन, ऑक्सी रीडिंग जोन, डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई जोन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित 50 हजार से अधिक पुस्तकों की व्यवस्था की जाएगी।

परिसर को पर्यावरण अनुकूल स्वरूप प्रदान करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली विकसित की जाएगी तथा 50 से अधिक देशी प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। युवाओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए परिसर में यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

इसके अतिरिक्त आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान व्यवस्था तथा आधुनिक पुस्तक प्रबंधन प्रणाली जैसी स्मार्ट सुविधाएं इसे एक आधुनिक और तकनीक-सक्षम अध्ययन केंद्र का स्वरूप प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नवाचारपूर्ण शैक्षणिक केंद्र युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराएंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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कोरबा

अवैध खनन पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार, 1 जेसीबी समेत 9 वाहन जप्त

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कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश एवं उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में खनिज विभाग कोरबा द्वारा जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान खनिज उड़नदस्ता दल ने विभिन्न संदिग्ध क्षेत्रों में छापेमारी कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त 1 जेसीबी, 1 ट्रेलर, 2 टीपर एवं 5 ट्रैक्टर सहित कुल 9 वाहनों को जप्त किया।
खनिज विभाग की टीम ने सीतामढ़ी, बरमपुर, कपाटमुड़ा, सुराकछार, बांकीमोगरा, तिलसरा, गुरसिया सहित अन्य क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान बांकीमोगरा, कोसावाड़ी, बरमपुर, घरीपखना एवं गुरसिया क्षेत्र में गिट्टी, मिट्टी और रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन में लगे वाहनों को पकड़कर जप्त किया गया। जप्त वाहनों को बांकीमोगरा थाना, रामपुर थाना, बांगो थाना तथा खनिज जांच चौकी रामपुर-कटघोरा में अभिरक्षा में रखा गया है।
खनिज विभाग के अनुसार जिले में अवैध खनन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी है। अप्रैल से 15 जून 2026 तक अवैध उत्खनन के 12 प्रकरणों में 6 लाख 74 हजार 100 रुपये, अवैध परिवहन के 89 प्रकरणों में 7 लाख 37 हजार 931 रुपये तथा अवैध भण्डारण के 10 प्रकरणों में 7 लाख 14 हजार 810 रुपये की वसूली की गई है। इस अवधि में कुल 18 लाख 70 हजार 473 रुपये राजस्व की वसूली की जा चुकी है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण के खिलाफ अभियान लगातार संचालित किया जाता रहेगा।

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