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कोरबा

कलेक्टर ने जनचौपाल में सुनी आम नागरिकों की समस्याएं,अतिक्रमण हटाने, पट्टा, पेंशन, आर्थिक सहायता सहित26 आवेदन हुए प्राप्त

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कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत ने आज जनचौपाल में आम नागरिकों की समस्याएं सुनी। जनचौपाल में वनाधिकार पट्टा बनाने, पेंशन, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने, उपचार हेतु आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री आवास, जाति प्रमाण पत्र बनाने आदि के आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर निर्देशित किया है कि आवेदनों का परीक्षण कर शासन के नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनचौपाल में प्राप्त होने वाले आवेदनों पर समुचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए ताकि आवेदक को दोबारा जनचौपाल में ना आना पड़े।

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महतारी वंदन योजना: ऑनलाईन आवेदन 20 फरवरी तक

कोरबा। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक और गारंटी के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महतारी वंदन योजना से प्रदेश की महिलाओं को लाभ पहुंचाने उनसे आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। योजना में पात्र महिलाओं को 01 मार्च 2024 से लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इस योजना के तहत 01 जनवरी 2024 को 21 वर्ष पूर्ण करने वाली महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपए के मान से साल में 12 हजार रूपए की राशि महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। महतारी वंदन योजना के लिए महिलाओं से 20 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। आवेदन आंगनबाड़ी केन्द्रों, ग्राम पंचायतों एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय की लॉगिन आई.डी से किए जा सकते हैं। नगरीय क्षेत्र के आवेदक वार्ड प्रभारी के लॉगिन आई.डी से आवेदन कर सकेंगे।

पात्रता शर्तें –

महतारी वंदन योजना के लिए निर्धारित पात्रता शर्ताे में महिला को छत्तीसगढ़ का निवासी होना जरूरी है। इसके अलावा जिस वर्ष आवेदन किया जा रहा है उस वर्ष विवाहित महिला की आयु 01 जनवरी 2024 से 21 वर्ष से कम नही होनी चाहिए। योजना के अंतर्गत विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्त महिला भी पात्र होंगी। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र महिला को 1000 रूपए की प्रतिमाह के मान से साल में 12 हजार रूपए की राशि डी.बी.टी के माध्यम से उनके बैंक खातों में हस्तांतरण किया जाएगा। विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत लाभान्वित होने वाली ऐसी महिलाएं जिन्हे प्रतिमाह 1000 रूपए से कम राशि मिल रही है, उन्हें योजना के लिए पात्र होने पर अतिरिक्त राशि स्वीकृत की जाएगी, जिससे उन्हें अधिकतम 1000 रूपए मासिक राशि प्राप्त हो सकेगी।

ऑनलाइन आवेदन हेतु पोर्टल एवं ऐप-

महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन नि:शुल्क होगा। इस योजना के लिए ऑनलाइन भरने के लिए पोर्टल https://www.mahtarivandan.cgstate.gov.inपर आवेदन करना होगा। इसके अलावा योजना के लिए बनाए गए मोबाईल एप्प पर भी आवेदन जमा किया जा सकता है। योजना के लिए आवेदन 05 फरवरी से लिए जा रहे हैं जिसकी अंतिम तिथि 20 फरवरी 2024 है।

ये दस्तावेज करना होंगे जमा –

आवेदन करते समय हितग्राहियों को स्वयं का सत्यापित किया हुआ पासपोर्ट साइज की फोटो, स्थानीय निवास प्रमाण पत्र, राशनकार्ड, मतदाता परिचय पत्र में से कोई भी एक, स्वयं एवं पति का आधार कार्ड, स्वयं एवं पति का पैन कार्ड (यदि हो तो), विवाह का प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत व स्थानीय निकायों द्वारा जारी प्रमाण पत्र, विधवा होने की स्थिति में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, परित्यक्ता होने की स्थिति में समाज द्वारा जारी वार्ड अथवा ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र हेतु 10वीं अथवा 12वीं की अंकसूची, स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, परिचय पत्र, ड्राईविंग लाइंसेस में से कोई एक, बैंक खाते का विवरण एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा स्व-घोषणा अथवा शपथ पत्र जमा कराना होगा।

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महतारी वंदन योजना में विधवा महिला की पुष्टि हेतु अन्य दस्तावेज मान्य

ग्राम पंचायत या वार्ड पार्षद द्वारा जारी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड मतदाता परिचय पत्र, निवास प्रमाण पत्र में पति का स्वर्गीय लिखा होना होगा मान्य

कोरबा। महतारी वंदन योजना अंतर्गत विधवा महिला की पात्रता निर्धारित करने हेतु महतारी वंदन योजना के नोडल विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक के जारी पत्र अनुसार विधवा महिला होने की स्थिति में पुष्टि के लिए पति का मृत्यु प्रमाण पत्र या ग्राम पंचायत या वार्ड पार्षद द्वारा जारी प्रमाण पत्र या राशन कार्ड, आधार कार्ड मतदाता परिचय पत्र, निवास प्रमाण पत्र में भी यदि पति के स्वर्गीय होना उल्लेखित है, तो इसे भी पुष्टि हेतु प्राप्त किया जा सकता है। संचालक ने यह पत्र छत्तीसगढ़ के सभी जिले के कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग को जारी किया है। उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना के आवेदन में आवश्यक दस्तावेज अंतर्गत पासपोर्ट साइज के फोटो में स्व सत्यापित, स्थानीय निवासी के संबंध में दस्तावेज (निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र), स्वयं का एवं पति का आधार कार्ड, स्वयं का एवं पति का पैन कार्ड (यदि हो तो) विवाह का प्रमाण पत्र या ग्राम पंचायत व स्थानीय निकायों द्वारा जारी किया प्रमाण पत्र, विधवा होने की स्थिति में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, परित्यक्ता होने की स्थिति में समाज द्वारा या वार्ड या ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र के लिए कक्षा 5वीं, 8वी, 10वीं या 12वीं के अंक सूची, स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस में से (कोई एक), पात्र हितग्राही का बैंक खाता विवरण एवं बैंक पासबुक आदि की छायाप्रति, स्वघोषणा पत्र शामिल है।

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महतारी वंदन योजना से संबंधित समस्याओं के समाधन हेतु हेल्पलाइन नंबर जारी

कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग नवा रायपुर द्वारा प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत् सुधार एवं सुदृढ़ करने हेतु महतारी वंदन योजना 2024 की स्वीकृति प्रदान की गयी है, जिसका क्रियान्वयन जिले में किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी एवं समस्याओं के समाधान के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना कर ड्यूटी निर्धारित किया गया है। कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 07759-468931 है। उक्त हेल्पलाईन नंबर पर प्रात: 10 बजे से सायंकाल 6 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। इस हेतु पर्यवेक्षक सुश्री रोस रीना केरकेट्टा की ड्यूटी निर्धारित की गई है। साथ ही विभागीय समन्वय हेतु नोडल अधिकारी के रूप में गजेन्द्र देव सिंह मोबाइल नंबर 7067526100 की नियुक्ति की गई है।

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कोरबा

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार

दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।

जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री

दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की

बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।

वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी

इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

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कोरबा

श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन

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कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी

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बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।

शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।

सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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