कोरबा
बालको ने संयंत्र और समुदाय में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह पर चलाया जागरूकता अभियान

बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सड़क सुरक्षा हीरो बनें थीम पर महीने भर का अभियान आयोजित करके 35वीं राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया। अभियान का उद्देश्य संयंत्र और समुदाय के लोगों के बीच सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देना है, जिससे सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण तैयार हो सके। 15 जनवरी से 14 फरवरी के बीच चले अभियान में लगभग 8000 व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों को जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा के चैंपियन के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बालको ने कर्मचारियों, उनके परिवारों और व्यावसायिक भागीदारों के बीच सुरक्षित ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए क्विज़, रैली, ड्राइंग और स्लोगन प्रतियोगिता सहित विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया। कंपनी ने सड़क सुरक्षा उपायों के महत्व को बताने के लिए जागरूकतापूर्ण नाटक और आपातकालीन अभ्यास का भी अभियान चलाया। व्यक्तियों के बीच सुरक्षित व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए सर्वोत्तम पार्किंग और सुरक्षित ड्राइविंग जैसे विषयों पर प्रतियोगिता आयोजित की गईं। संयंत्र के साथ कंपनी ने छात्रों के बीच जागरूकता और जिम्मेदारी की संस्कृति को बढ़ावा देते हुए आसपास के स्कूलों में ज्ञानवर्धक सुरक्षा वार्ता और प्रश्नोत्तरी आयोजित किया गया। बालको ने अपने संयंत्र में रॉ मटेरियल और फिनिश्ड प्रोडक्ट के परिवहन के लिए भारी वाहनों का संचालन करने वाले 400 से अधिक ड्राइवरों के लिए नेत्र जांच और व्यापक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया। सड़क सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने के लिए संयंत्र परिसर में औचक वाहन निरीक्षण और संयंत्र के भीतर संभावित ब्लाइंड स्पॉट की पहचान कर उन्हें ठीक किया गया। बालको अपने संयंत्र क्षेत्र में बिना रूकावट यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए बालको पुलिस के सहयोग से एक हेल्पलाइन नंबर भी लॉन्च किया। 20 सुरक्षा कर्मियों की टीम द्वारा समर्थित यह सुविधा यातायात संबंधी किसी भी चिंता का तुरंत जवाब देगी। कंपनी ने कच्चे और तैयार माल का परिवहन करने वाले 270 से अधिक भारी वाहनों क्षमता के लिए पार्किंग सुविधा स्थापित की।
संगठन के भीतर और बाहर सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने बालको प्रतिबद्ध-सीईओ राजेश कुमार

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि हमारे संगठन के भीतर और बाहर सुरक्षा की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सड़क सुरक्षा पर हमारे महीने भर चलने वाले अभियान का उद्देश्य सड़क उपयोगकर्ताओं को सड़कों पर सुरक्षित रूप से चलने के लिए व्यापक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल के साथ सशक्त बनाना है। सुरक्षा पर निरंतर जागरूकता और शैक्षिक पहल के माध्यम से हम अपने संयंत्र और समुदाय के भीतर एक सुरक्षित वातावरण बनाने के साथ सभी के बीच जिम्मेदारी और सम्मान की संस्कृति पैदा करने का प्रयास करने के लिए कटिबद्ध हैं। मजबूत सुरक्षा संस्कृति के निर्माण की दिशा में कंपनी ने अपने प्रचालन क्षेत्र में कई अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल किया है। एचएसएसई ने टी-पल्स निगरानी प्रणाली अपनाना जो सबसे व्यापक एआई मॉडल का उपयोग करके कैमरों के नेटवर्क के माध्यम से वास्तविक समय में संयंत्र के अंदर चल रही गतिविधि पर नजऱ रखता है। ऑगमेंटेड एंड वर्चुअल रिएलिटी आधारित प्रशिक्षण केंद्र, वीडियो एनालिटिक्स, सस्टेनेबेलिटी मोबाइल ऐप और ई-लर्निंग पाठ्यक्रम जैसे डिजिटलीकरण के माध्यम से कर्मचारियों को सुरक्षा संस्कृति से जोड़ा गया है। बालको अत्याधुनिक सेंट्रलाइज्ड सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (सीएसओसी) की मदद से यातायात एवं सड़क सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला सहित विभिन्न सुरक्षा कार्यों में बेहतर निर्णय लेने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस और डेटा अंतर्दृष्टि का लाभ उठा रहा है। रियल टाइम डेटा की निगरानी, हॉट स्पॉट डिटेक्शन सिस्टम जैसी परियोजनाओं सहित एंड-टू-एंड डिजिटल डैशबोर्ड की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए थर्मल निरीक्षण का उपयोग करना शामिल है। शॉप फ्लोर में भारी वाहनों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए एलईडी लोगो प्रोजेक्टर का प्रयोग हो रहा है। सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए आंतरिक वाहन संचालन में अत्याधुनिक एआई तकनीक एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) और ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम (डीएमएस) को लागू किया गया है। कंपनी ने रक्षात्मक ड्राइविंग पाठ्यक्रम, अग्नि सुरक्षा सत्र और सुरक्षा प्रोटोकॉल को दोहराने के लिए रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड तैनात करने सहित कई सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यशालाओं के माध्यम से साल भर कर्मचारियों, उनके परिवारों और स्थानीय समुदाय को जागरूक करती है। सुरक्षा-प्रथम दृष्टिकोण को खूब सराहा गया जिसके लिए बालको को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार (माइन्स), 5वीं सीआईआई राष्ट्रीय सुरक्षा अभ्यास प्रतियोगिता में प्लेटिनम पुरस्कार और ग्लोबल रोड सेफ्टी अवॉर्ड शामिल हैं।
कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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