Connect with us

कोरबा

टीबी उन्मूलन की दिशा में जिला प्रशासन के अभियान में लॉयन्स क्लब की सहभागिता

Published

on

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मरीजों को बांटी पोषण किट

कोरबा। जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज कलेक्टर कुणाल दुदावत ने टीबी मरीजों को पोषण आहार किट का वितरण किया। उन्होंने मरीजों से आत्मीय बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उपचार संबंधी आवश्यक सुझाव भी दिए।
कलेक्टर दुदावत ने कहा कि टीबी का उपचार पूरी तरह संभव है। नशा, अनुपयोगी खानपान और अस्वास्थ्यकर आदतों के कारण यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन समय पर जांच और उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार छह माह तक की नियमित दवा का सेवन आवश्यक है। डॉट्स पद्धति के तहत मिलने वाली दवाओं को समय पर लेना बेहद जरूरी है, अन्यथा बैक्टीरिया दोबारा सक्रिय होकर मरीज को फिर बीमार कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उपचार अवधि में मरीजों को पूरक पोषण आहार, स्वच्छता और सावधानियों का पालन करना चाहिए ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और इलाज अधिक प्रभावी हो सके।


कलेक्टर श्री दुदावत ने यह जानकारी भी दी कि जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में एक सशक्त अभियान चलाया जा रहा है। निक्षय निरामय मित्र के माध्यम से टीबी मरीजों की पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। जिले में एक कॉल सेंटर स्थापित कर अधिक से अधिक एक्स-रे जांच कर मरीजों को उपचार से जोड़ने की पहल की गई है। उन्होंने बताया कि नई एक्स-रे मशीन प्राप्त करने की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे आने वाले समय में जांच सुविधाएं और सुलभ हो सकेंगी। वनरेबल क्षेत्रों में संभावित टीबी रोगियों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है।
कलेक्टर ने कहा कि टीबी रोगियों के बेहतर उपचार में परिवार, समाज और सामाजिक संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने लायंस क्लब बालको द्वारा टीबी मरीजों को पोषण किट वितरण में किए गए सहयोग की सराहना करते हुए इसे सामाजिक दायित्व का प्रेरक उदाहरण बताया।


लायंस क्लब के विक्रम अग्रवाल ने कहा कि क्लब का मूल उद्देश्य सेवा करना है और टीबी मरीजों की सहायता के लिए वे सदैव तैयार हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी जिला प्रशासन के साथ मिलकर हर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम में लायंस क्लब के पदाधिकारी, सीएमएचओ, डीपीएम पद्माकर शिंदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

भू-विस्थापितों को राहत, हर परिवार को 6.78 लाख मुआवजा

Published

on

कोरबा। एसईसीएल मानिकपुर खदान से प्रभावित भिलाईखुर्द के भ-ूविस्थापितों को बड़ी राहत मिली है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल पर 300 प्रभावितों को मुआवजा देने का रास्ता साफ हो गया है। हर परिवार को 6.78 लाख मुआवजा देने एसईसीएल प्रबंधन ने सहमति दी है।

एसईसीएल विश्राम गृह कोरबा में शुक्रवार को नगर विधायक व उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता मेंभिलाईखुर्द के भूविस्थापितों, एसईसीएल के अधिकारियों व जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। जिसमें देवांगन ने एसईसीएल के अधिकारियों को दो टूक कहा कि 50 वर्ष पूर्व खदान के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था।

तब ज़मीन का मुआवजा दिया जा चुका था, लेकिन इतने वर्षों बाद आज ज़मीन खाली करवाई जा रही है। भू-विस्थापितों को मकानों और शिफ्टिंग का उचित मुआवजा दिए किसी भी तरह से जमीन खाली करवाना गलत है। उद्योग मंत्री ने बैठक में भू विस्थापितों की मांग को मजबूती से रखते हुए कहा की इतने वर्षों में एक-एक जमीन धारक के एक से अधिक परिवार हो चुके हैं, आज की स्थिति में सिर्फ एक ज़मीन धारक के बजाए एक-एक परिवार के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।

देवांगन ने कहा की देश की ऊर्जा के लिए कोयला अतिमहत्वपूर्ण हैं, लेकिन भू- विस्थापितों को साथ में लेकर खदानों का विस्तार करना होगा। एसईसीएल के अधिकारियों ने बैठक में ही सभी परिवारों का मुआवजा देने की मंजूरी दी। भू-विस्थापित के प्रति परिवार को 6.78 लाख देने की घोषणा की गई। पिछले 8 वर्ष से बिना मुआवजा दिए प्रबंधन बस्ती खाली कराने पर आमदा था। मंत्री के दबाव के बाद एसईसीएल बैकफुट पर आए। इस निर्णय का ग्राम भिलाईखुर्द के सभी भू विस्थापितों ने स्वागत करते हुए अपनी सहमति देते हुए मंत्री देवांगन का आभार जताया।

एसईसीएल मानिकपुर खदान से 52 लाख 50 हजार टन कोयला उत्पादन किया गया था। कोरबा एरिया का यह सबसे बड़ा ओपन माइंस है। लगातार 11 साल से लक्ष्य हासिल कर रहा है। इस साल कोरबा एरिया में 83 लाख 60 हजार टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

Continue Reading

कोरबा

कोरबा में चलती कार में शॉर्ट सर्किट से लगी आग:गैरेज पहुंचते ही भड़की, मिस्त्री ने पाया काबू

Published

on

कोरबा। कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत मुड़ापार स्थित लिटिल स्टेप स्कूल के पास एक ऑटो गैरेज में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती कार में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। गैरेज में मौजूद मिस्त्री ने तत्काल पानी डालकर और केबल वायर काटकर आग पर काबू पा लिया।

जानकारी के अनुसार, एक युवक लाल रंग की कार लेकर गैरेज पहुंचा था। गाड़ी रोकते ही वह तुरंत बाहर निकला और मिस्त्री को आवाज लगाई। मिस्त्री के मौके पर पहुंचते ही कार में अचानक आग की लपटें उठने लगीं, जो देखते ही देखते बढ़ने लगी।

शॉर्ट सर्किट के बाद लगी आग

कार चालक युवक ने बताया कि वह किसी काम से निकला था, तभी उसे गाड़ी से हल्का धुआं आता महसूस हुआ। वह किसी तरह कार को गैरेज तक लाया।

जैसे ही उसने बोनट खोला, धुआं तेजी से निकलने लगा और उसने तुरंत मिस्त्री को बुलाया। बताया जा रहा है कि चूहे ने कार के केबल काट दिए थे, जिसके कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई।

समय रहते आग में पाया काबू

समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से एक बड़ी घटना टल गई। यह क्षेत्र आबादी वाला है और पास में ही बच्चों का स्कूल भी है। आगजनी के समय लोगों की आवाजाही भी थी।

घटना की सूचना मानिकपुर चौकी पुलिस और दमकल विभाग को देने की तैयारी थी, लेकिन आग पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया।

Continue Reading

कोरबा

DMF का कथित मिसयूज…केंद्र ने छत्तीसगढ़ CS को पत्र-जारी किया:तत्कालीन कलेक्टर पर निजी फायदे के लिए 26 करोड़ मंजूर करने का आरोप

Published

on

कोरबा। कोरबा में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड (DMF) के कथित दुरुपयोग के मामले में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील को स्मरण पत्र जारी किया है। यह कार्रवाई भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत के बाद की गई है।

शिकायत में बालको से संबंधित सड़क निर्माण के लिए डीएमएफ फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप है। दरअसल, ननकी राम कंवर ने शिकायत की थी कि दर्री ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक परसाभाटा बालको तक की सड़क के लिए तत्कालीन कलेक्टर अजीत बसंत ने बालको को निजी फायदे के लिए डीएमएफ फंड से लगभग 26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे।

ननकी राम के अनुसार, यह सड़क बालको की है और इसका निर्माण-मरम्मत बालको के सीएसआर फंड से होना चाहिए था। इस मामले में केंद्र सरकार ने पहले भी मुख्य सचिव विकास शील को पत्र जारी किया था। पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कलेक्टर को भारत सरकार में शिकायत होने की जानकारी मिलते ही, उन्होंने अपने ट्रांसफर से पहले ही लोक निर्माण विभाग को आनन-फानन में टेंडर प्रक्रिया जारी कर दी थी।

मुख्य सचिव से जवाब मांगा

इस जानकारी के बाद ननकी राम कंवर ने केंद्र सरकार को फिर पत्र लिखकर अवगत कराया। केंद्र सरकार ने उनके पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन विकास शील को पत्र लिखा है। इसमें केंद्र ने नाराजगी जाहिर करते हुए पत्र में लिखे गए तथ्यों के संबंध में जवाब मांगा है और आवेदक को भी अवगत कराने को कहा है।

कलेक्टर ने पुल मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया

इसी बीच कलेक्टर दुदावत ने डीएमएफ के तहत बनने वाले दर्री डेम मार्ग (ध्यानचंद चौक से बालको के बजरंग चौक तक) का निरीक्षण किया। उन्होंने आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही बेलगिरी-ढेंगुरनाला पुल के मरम्मत कार्य के लिए भी शीघ्र निविदा प्रक्रिया शुरू कर समयबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending