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कोरबा

साय सरकार की धान खरीदी नीति से बढ़ा किसानों का भरोसा – उच्चतम समर्थन मूल्य पर पारदर्शी और सुगम व्यवस्था’

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छोटे व सीमांत किसानों को समान अवसर, कम भूमि से भी बढ़ी आय और आर्थिक स्थिरता

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेशभर में संचालित धान खरीदी व्यवस्था किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी, समयबद्ध भुगतान और उपार्जन केंद्रों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं ने किसानों की वर्षों पुरानी समस्याओं को दूर किया है। आज किसान न केवल संतोष के साथ अपनी उपज बेच रहे हैं, बल्कि खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में भी देख रहे हैं।
कोरबा जिले के ग्राम राहाडीह की कृषक श्रीमती हेमवती मरकाम सीमित संसाधनों और छोटी जोत के बावजूद उन्होंने अपने परिश्रम और सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का लाभ उठाकर बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। उनके पास मात्र आधा एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर उन्होंने धान की खेती कर इस वर्ष 10 क्विंटल 40 किलोग्राम धान का उत्पादन किया। उन्होंने अपनी उपज को बक्साही उपार्जन केंद्र में शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर सफलतापूर्वक बेचा।
गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 10 क्विंटल धान की बिक्री की थी, किंतु इस वर्ष शासन की और अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान-सुलभ खरीदी व्यवस्था के कारण उन्हें बेहतर अनुभव प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र में टोकन प्रणाली, सुव्यवस्थित तौल व्यवस्था, बैठने के लिए पर्याप्त स्थान, छाया, स्वच्छ पेयजल तथा कर्मचारियों का सहयोगात्मक व्यवहार किसानों के लिए बड़ी राहत है। इससे धान बिक्री की प्रक्रिया सरल, तेज और तनावमुक्त हो गई है।
पांच सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण करने वाली श्रीमती मरकाम के लिए धान बिक्री से प्राप्त आय परिवार की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बनी है। उन्होंने कहा कि समय पर समर्थन मूल्य मिलने से घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति और भविष्य की योजनाओं को लेकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की किसान-हितैषी सोच और नीतियों के कारण छोटे और सीमांत किसानों को भी बराबरी का लाभ मिल रहा है साथ ही विश्वास जताया कि शासन की यह पहल आगे भी किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन की धान खरीदी व्यवस्था न केवल किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिला रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।

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कोरबा

अधिवक्ता के घर चोरी का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार:कोरबा में एक साल पहले हुई थी वारदात, 8 लाख का माल बरामद

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कोरबा। कोरबा पुलिस ने एक अधिवक्ता के घर हुई लाखों की चोरी का खुलासा किया है। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लगभग 8 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

यह घटना 19 अप्रैल 2025 को पुरानी बस्ती कटघोरा निवासी अधिवक्ता राकेश पांडेय के सूने मकान में हुई थी। अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस ने चोरों से नगद और सोने के गहने बरामद किये हैं।

पुलिस ने चोरों से नगद और सोने के गहने बरामद किये हैं।

चोरों ने 10 तोला सोना,नगद चुराए थे

चोरों ने लगभग 10 तोला सोने के जेवरात, जिसमें रानी हार सेट, दो जोड़ी झुमके, एक सोने की चेन, दो नग चांदी की पायल और करीब 50 हजार रुपये नकद चुरा लिए थे। इस चोरी में एक बाइक का भी उपयोग किया गया था।

पुलिस की टीम बानी गई

मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर और एसडीओपी विजय सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने टीम का नेतृत्व किया। तकनीकी सबूर और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर अमित खांडे और गौतम कुमार को गिरफ्तार किया।

पुलिस की कार्रवाई

पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गए गहने, 3000 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की। जब्त किए गए सामान का कुल मूल्य लगभग 8 लाख रुपये है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अमित खांडे का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

कटघोरा पुलिस की अपील

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की टीमें अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

कटघोरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे घर से बाहर जाते समय अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखें, सीसीटीवी कैमरे चालू रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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कोरबा

हत्या के प्रकरणों के अनुसंधान पर पुलिस अधिकारियों का हुआ प्रशिक्षण, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने दिया प्रशिक्षण

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  • Asp से उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी हुए सम्मिलित
  • हत्या के प्रकरणों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि (Conviction) सुनिश्चित करने हेतु आईजी बिलासपुर ने जारी किए ‘स्मार्ट विवेचना’ निर्देश

कोरबा। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के द्वारा हत्या (Homicide) के गंभीर मामलों में विवेचना के स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप सुधारने और न्यायालयों में सजा की दर बढ़ाने के उद्देश्य से एक विस्तृत कार्ययोजना और दिशा-निर्देश जारी करते हुए आज दिनांक 28/4/26 को रेंज स्तर के पुलिस अधिकारियों का एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।आईजी श्री गर्ग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उसे वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सजा दिलाना है।
इस नई रणनीति के तहत बिलासपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं, जिसमें एक चेकलिस्ट को जारी किया गया है। अब से हत्या के हर प्रकरण के चालान (Charge-sheet) में इस चेकलिस्ट का पालन अनिवार्य होगा।

प्रमुख दिशा-निर्देश और नई कार्यप्रणाली
‘ई-साक्ष्य’ (e-Sakshya) और नए कानूनों का अनुपालन: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत अब सभी प्रकार की जप्ती ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के माध्यम से वीडियोग्राफी करते हुए की जाएगी। इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और गवाहों के मुकर जाने (Hostile) की स्थिति में भी तकनीकी साक्ष्य प्रभावी रहेंगे।
क्राइम सीन का वैज्ञानिक प्रबंधन: घटनास्थल पर ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व को समझते हुए क्षेत्र को तत्काल टेप लगाकर सील किया जाएगा। फोरेंसिक, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की उपस्थिति में ही साक्ष्य संकलन होगा। किसी भी साक्ष्य को बिना दस्ताने (Gloves) के छूना प्रतिबंधित रहेगा।
चेकलिस्ट के आधार पर समीक्षा: विवेचना में मानवीय त्रुटि को शून्य करने के लिए 124 बिंदुओं का एक प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। इसमें एफआईआर से लेकर चार्जशीट फाइल करने तक की हर प्रक्रिया का प्रलेखन (Documentation) शामिल है, ताकि बचाव पक्ष को तकनीकी खामियों का लाभ न मिल सके।
उन्नत डिजिटल और साइबर फॉरेंसिक: विवेचक अब आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स जैसे गूगल टेकआउट (Google Takeout), इंटरनेट हिस्ट्री और व्हाट्सएप लॉग्स की बारीकी से जांच करेंगे। घटनास्थल के आसपास के 100 किमी के दायरे*में लगे सीसीटीवी कैमरों की त्रिनयन ऐप के जरिए मैपिंग की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज को सीधे डीवीआर (DVR) से जप्त कर भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 63(4)(c) के प्रमाण पत्र के साथ केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा।
DNA एवं जैविक साक्ष्यों से लिंक स्थापित करना: मृतक के नाखूनों में फंसे आरोपी की स्किन, संघर्ष के दौरान टूटे बाल और कपड़ों पर मौजूद डीएनए (DNA) ट्रेस करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वैज्ञानिक रूप से आरोपी की उपस्थिति घटनास्थल पर सिद्ध की जा सके।
रात्रिकालीन पोस्टमार्टम एवं वीडियोग्राफी: संवेदनशील मामलों में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार पर्याप्त रोशनी में रात में भी पोस्टमार्टम कराया जा सकेगा, जिसकी वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। पीएम रिपोर्ट में स्पष्टता न होने पर डॉक्टरों से अनिवार्य रूप से एफएसएल (FSL) क्वेरी कराई जाएगी।
साक्ष्यों की अटूट श्रृंखला (Chain of Custody): साक्ष्यों के संकलन से लेकर उन्हें थाने के मालखाने और फिर एफएसएल (FSL) तक भेजने का पल-पल का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा, जिससे साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके।
लक्ष्य: त्रुटिहीन विवेचना
आईजी बिलासपुर ने कड़े निर्देश दिए हैं कि अप्रैल 2026 के बाद होने वाले सभी हत्या के प्रकरणों की विवेचना इन नए वैज्ञानिक और तकनीकी प्रोटोकॉल के माध्यम से की जाए। बिलासपुर रेंज पुलिस अब सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रविष्टि से लेकर साइबर साक्ष्यों (CDR, IPDR, IMEI) के संकलन तक पूरी तरह से पारदर्शी और पेशेवर दृष्टिकोण अपनाएगी, ताकि अपराधियों को कानून के शिकंजे में कसकर सख्त सजा दिलाई जा सके।आज के प्रशिक्षण सत्र में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल के अलावा रेंज के सभी जिलों के एएसपी से लेकर उपनिरीक्षक तक के अधिकारी सम्मिलित हुए।इस प्रशिक्षण सत्र का संचालन virtual mode पर किया गया। आईजीपी श्री गर्ग ने स्वयं पुलिस अधिकारियों को हत्या के प्रकरणों की विवेचना के लिए प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन देते हुए, पीपीटी के माध्यम से विवेचना के की-पॉइंट्स और अमल में लाने वाले महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी। रामगोपाल गर्ग ने जानकारी दी है, की ऐसे प्रशिक्षण के सत्र प्रति सप्ताह, अलग अलग विषयों पर रेंज के पुलिस अधिकारियों केलिए आयोजित किए जाएंगे, ताकि पुलिस अधिकारी नवीनतम अनुसंधान तकनीकों से खुद को अपग्रेड कर , कमियों को दूर कर सकें।

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कटघोरा

10वीं बोर्ड में छात्र ऋतू राज यादव ने लहराया परचम

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कोरबा/कटघोरा। आत्मानंद विद्यालय के होनहार छात्र ऋतू राज यादव ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 79% अंकों के साथ प्रवीणता प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की। यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अटूट लगन, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता, गुरुजनों, नाना-नानी, मामा कोमल, प्रियंका छाबड़ा, मौसी निशु एवं अपने मित्रों को दिया, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से वे इस मुकाम तक पहुँचे। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। शिक्षकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं कि वे आगे भी इसी तरह सफलता की नई ऊँचाइयाँ छूते रहें।

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