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चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव, 1980 में एक ही दिन में 50% टूटे थे दाम, क्या फिर दोबारा आएगी वैसी गिरावट?

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मुंबई, एजेंसी। चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। MCX पर रिकॉर्ड हाई बनाने के अगले ही दिन यानी 22 जनवरी को चांदी 14 हजार रुपये प्रति किलो से ज्यादा टूट गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में करेक्शन और मुनाफावसूली के चलते आई इस गिरावट ने चांदी के पुराने क्रैश की याद दिला दी है।

एक दिन में 14 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट

21 जनवरी को MCX पर चांदी ने करीब 3.34 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर बनाया था। हालांकि, अगले ही दिन यानी 22 जनवरी को इसमें भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत करीब 3.19 लाख रुपये प्रति किलो पर हुई। दिन के दौरान कीमतें 3.25 लाख रुपये तक गईं, लेकिन बाद में फिसलकर 3.05 लाख रुपये प्रति किलो तक आ गईं। इस तरह, एक ही दिन में चांदी करीब 4.4 प्रतिशत टूट गई और कीमतों में 14 हजार रुपये प्रति किलो से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी कमजोर रही। कई हफ्तों की तेज तेजी के बाद वहां करेक्शन देखने को मिला। बीते तीन हफ्तों में करीब 30 प्रतिशत की तेजी आई थी, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।

1980 का ऐतिहासिक क्रैश और हंट ब्रदर्स

चांदी के इतिहास में साल 1980 बेहद अहम माना जाता है। उस समय अमेरिका के हंट ब्रदर्स ने बड़ी मात्रा में चांदी खरीदकर बाजार पर दबदबा बना लिया था। इसके चलते चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ीं और कुछ ही समय में 6 डॉलर से बढ़कर करीब 49 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गईं। हालांकि, जब अमेरिकी नियामकों ने नियम सख्त किए और नई खरीद पर रोक लगाई, तो बाजार अचानक पलट गया। 27 मार्च 1980 को चांदी की कीमतों में एक ही दिन में करीब 50 प्रतिशत की गिरावट आई। हंट ब्रदर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा और कई निवेशक भी डूब गए। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा दौर में ऐसी स्थिति दोबारा बनना मुश्किल है, क्योंकि:

– अब बाजार का आकार काफी बड़ा है

– रेगुलेशन और कंट्रोल मजबूत हैं

– इंडस्ट्री से डिमांड बनी हुई है

– निवेश के विकल्प और पारदर्शिता ज्यादा है

– ग्लोबल ट्रेड और हेजिंग मैकेनिज्म विकसित हो चुके हैं

2011 में भी दोहराया गया इतिहास

साल 2011 में भी चांदी ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया था। 2008 के बाद लगातार तेजी के चलते अप्रैल 2011 में चांदी करीब 48 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई थी। उस समय कीमतों के 100 डॉलर तक जाने की चर्चाएं होने लगी थीं। लेकिन कुछ ही दिनों में हालात बदल गए। वैश्विक आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिलने लगे और निवेशकों ने जोखिम वाले बाजारों से दूरी बनानी शुरू कर दी। नतीजतन, मई 2011 में चांदी की कीमतें तेजी से गिरीं और कुछ ही हफ्तों में इसमें 30 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

महामारी और उसके बाद की गिरावट

– 2013 में चांदी की कीमतें करीब 35 प्रतिशत गिरीं

– 2014 में इसमें लगभग 18 प्रतिशत की गिरावट आई

– मार्च 2020 में कोरोना महामारी के शुरुआती झटके के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतें गिरकर करीब 12 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर पर पहुंच गई थीं।

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डीआरडीओ ने नई तकनीक का सफल टेस्ट किया:लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें बनाने में मदद मिलेगी

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नई दिल्ली,एजेंसी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने मंगलवार (3 फरवरी) को सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (SFDR) तकनीक का सफल फ्लाइट टेस्ट किया। इस सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास यह आधुनिक तकनीक है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह टेस्ट ओडिशा के तट के पास चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) में किया गया।

यह तकनीक लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें बनाने में मदद करती है। इस तकनीक से संभावित विरोधियों के मुकाबले रणनीतिक बढ़त मिलती है। परीक्षण के दौरान सभी प्रमुख उप-प्रणालियों ने अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन किया। इनमें बिना नोजल वाला बूस्टर, सॉलिड फ्यूल डक्टेड रामजेट मोटर और फ्यूल फ्लो कंट्रोलर शामिल थे।

ओडिशा की चांदीपुर रेंज में किया गया परीक्षण

सिस्टम को पहले ग्राउंड बूस्टर मोटर की मदद से निर्धारित मैक संख्या तक पहुंचाया गया, जिसके बाद SFDR प्रणाली ने सफलतापूर्वक काम किया। पूरे परीक्षण की निगरानी और पुष्टि आईटीआर, चांदीपुर की ओर से बंगाल की खाड़ी के तट पर तैनात कई ट्रैकिंग उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों के जरिए की गई। टेस्ट के दौरान डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिक मौजूद रहे।इनमें डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी, हाई एनर्जी मटीरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी, रिसर्च सेंटर इमारत और आईटीआर शामिल हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एसएफडीआर तकनीक के सफल प्रदर्शन पर डीआरडीओ और उद्योग जगत को बधाई दी। वहीं रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव एवं डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने इस सफल उड़ान परीक्षण में शामिल सभी टीमों को शुभकामनाएं दीं।

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राहुल बोले–मोदी ने अमेरिकी ट्रेड डील में आपका खून-पसीना बेचा:एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर केस की वजह से पीएम पर प्रेशर

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नई दिल्ली,एजेंसी। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी ट्रेड डील में आपकी मेहनत के खून-पसीने को बेच दिया है, क्योंकि वे कॉम्प्रोमाइज्ड हैं।

राहुल ने कहा- अमेरिका में अडानी पर केस और एपस्टीन फाइल्स की वजह से मोदी जी प्रेशर में हैं।

इसके जवाब में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शाम को ट्रेड डील पर पहला बयान दिया। उन्होंने कहा कि राहुल देश को गुमराह कर रहे हैं। कृषि-डेयरी क्षेत्र को संरक्षित रखा जाएगा। इस डील पर दोनों देश जल्द साझा बयान जारी करेंगे।

दरअसल, ट्रम्प ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत अब रूस से तेल खरीदना अब बंद कर देगा।

राहुल ने कहा- एपस्टीन फाइल्स में और भी बहुत कुछ

राहुल ने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल्स में और भी बहुत कुछ है जो अमेरिका ने अभी तक रिलीज नहीं किया है। इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति के भाषण पर नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया है। जनता को इस बारे में सोचने की जरूरत है।

ट्रम्प बोले- भारत हमसे 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा

ट्रम्प ने सोशल मीडिया ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट के जरिए PM मोदी के साथ फोन पर बातचीत और भारत के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी। उन्होंने लिखा- भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी।

हमने कई मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें व्यापार और रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करना भी शामिल था। प्रधानमंत्री मोदी ने सहमति जताई कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेंगे और अमेरिका से कहीं ज्यादा तेल खरीदेगा। इसके अलावा वेनेजुएला से तेल खरीदने की संभावना पर भी बात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बाय अमेरिकन’ को लेकर भी बड़ी प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत भारत हमसे 500 अरब डॉलर से ज्यादा के ऊर्जा, तकनीक, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदेगा। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते आगे और भी मजबूत होंगे।

PM मोदी ने भी ट्रम्प को शुक्रिया कहा

ट्रम्प के पोस्ट के बाद PM मोदी ने भी X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- मुझे राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करके बहुत खुशी हुई। यह जानकर बेहद संतोष है कि अब मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। इस शानदार फैसले के लिए मैं भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रम्प का दिल से धन्यवाद करता हूं।

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युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के 13वें सीएम होंगे:भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए, राष्ट्रपति शासन 12 फरवरी को खत्म हो रहा

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नई दिल्ली/इम्फाल,एजेंसी। भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री होंगे। मंगलवार को BJP विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया। अब राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। कल यानी बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।

भाजपा सूत्रों के मुताबिक कुकी-जो समुदाय को संतुष्ट करने के लिए 10 कुकी विधायकों में से एक को डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है। इस दौरान मणिपुर के विधायक दल का नेता चुनने के लिए नियुक्त सेंट्रल ऑब्जर्वर तरुण चुग, संबित पात्रा और मणिपुर के पूर्व सीएम बीरेन सिंह भी मौजूद रहे।

मणिपुर से NDA के करीब 20 विधायक रविवार रात को दिल्ली पहुंचे थे। वहीं अन्य विधायक सोमवार को केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राजधानी पहुंचे। 9 फरवरी 2025 को बीरेन सिंह के इस्तीफे के 4 दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। 12 फरवरी 2026 राष्ट्रपति शासन खत्म हो रहा है।

खेमचंद पारंपरिक ताइक्वांडो में 5th डैन ब्लैक बेल्ट पाने वाले भारतीय

युमनाम खेमचंद सिंह पारंपरिक ताइक्वांडो में 5th डैन ब्लैक बेल्ट पाने वाले भारतीय भी हैं। उन्हें इसका प्रमाणपत्र 30 दिसंबर 2025 को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में ग्लोबल ट्रेडिशनल ताइक्वांडो फेडरेशन (GTTF) के ऑफिस में दिया गया था।

ताइक्वांडो और अन्य मार्शल आर्ट्स में डैन (Dan) का मतलब होता है ब्लैक बेल्ट के स्तर। ब्लैक बेल्ट मिलने के बाद आगे की सभी रैंक को डैन कहा जाता है।

13 फरवरी 2025: बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लगा राष्ट्रपति शासन

मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में हिंसा की शुरुआत हुई थी। इसमें अब तक करीब 260 लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। राज्य में करीब दो साल तक हिंसा न रोक पाने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने 9 फरवरी 2025 को इस्तीफा दे दिया था।

इसके बाद 60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित कर दिया गया। बीरेन सिंह के इस्तीफे के 4 दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। 12 फरवरी 2026 राष्ट्रपति शासन खत्म होने की आखिरी तारीख है।

मणिपुर विधानसभा में BJP के अभी 37 विधायक

मणिपुर में भाजपा सरकार का कार्यकाल 2027 तक है। इसलिए पार्टी की कोशिश है कि राष्ट्रपति शासन खत्म होने से पहले नई सरकार का गठन हो जाए। फिलहाल मणिपुर विधानसभा में BJP के 37 विधायक हैं।

2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 32 सीटें मिली थीं, जबकि JD(U) के 5 विधायक बाद में BJP में शामिल हो गए। अन्य दलों में NPF के 5, कांग्रेस के 5, KPA के 2, JD(U) का 1 विधायक और 3 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। एक सीट मौजूदा विधायक के निधन के कारण खाली है।

कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण

1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की।

कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते।

2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय ‘कुकीलैंड’ या ‘जूमलैंड’ नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है।

3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया।

कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं।

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