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भारत-EU ट्रेड डील पर वर्ल्ड मीडिया:ब्लूमबर्ग ने लिखा- ट्रम्प को करारा जवाब; NYT बोला- ऐसे समय डील, जब अमेरिका भरोसेमंद पार्टनर नहीं
नई दिल्ली,एजेंसी। भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) ने मंगलवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर साइन किए। इसे अब तक का सबसे बड़ा ट्रेड एग्रीमेंट माना जा रहा है। यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा है।
यूरोप से लेकर अमेरिका तक मीडिया ने इस FTA को कवर किया है। जानिए भारत-EU के FTA पर दुनियाभर के मीडिया ने क्या कहा…
ब्लूमबर्ग ने लिखा- ट्रम्प को करारा जवाब

ब्लूमबर्ग ने लिखा- ट्रम्प को करारा जवाब देते हुए यूरोपियन यूनियन और भारत ने ‘सबसे बड़ा समझौता’ किया। लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद यूरोपियन यूनियन और भारत ने एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता आर्थिक संबंधों को गहरा करने के प्रयासों का हिस्सा है, जिसे ट्रम्प प्रशासन की आक्रामक टैरिफ नीतियों के कारण गति मिली है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हमने सबसे बड़ा समझौता कर लिया है। इससे दो अरब लोगों का एक फ्री ट्रेड एरिया बना, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा।”
इस खास मौके पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी उर्सुला के साथ नई दिल्ली में थे।
NYT बोला- ट्रम्प के साये में भारत-EU ने रिश्ते मजबूत किए

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने FTA पर लिखा- भारत-EU ने ट्रम्प के साये में व्यापार रिश्ते मजबूत किए हैं। करीब दो दशक तक चली बातचीत के बाद आखिरकार एक बड़ा व्यापार समझौता हो गया है। मंगलवार को दोनों पक्षों ने इस फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट की घोषणा की।
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों के कारण वैश्विक व्यवस्था और पुराने गठबंधनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
साथ ही चीन सस्ते सामान से दुनिया के बाजार भर रहा है और अमेरिका को अब पहले जितना भरोसेमंद आर्थिक साझेदार नहीं माना जा रहा।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसी दौरान इस समझौते को लेकर सहमति बनी।
BBC बोला- भारत-EU ने ऐतिहासिक समझौता किया

BBC ने लिखा- भारत और यूरोपियन यूनियन ने लगभग दो दशकों तक रुक-रुक कर चली बातचीत के बाद एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा की है। दोनों पक्षों ने अमेरिका के साथ तनाव के बीच संबंधों को गहरा करने का लक्ष्य रखा है।
यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “हमने कर दिखाया, हमने अब तक का सबसे बड़ा समझौता कर दिखाया।” भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को “ऐतिहासिक” बताया।
इससे 27 यूरोपीय देशों के समूह और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के बीच वस्तुओं का मुक्त व्यापार संभव हो सकेगा, जो मिलकर ग्लोबल GDP का लगभग 25% और दो अरब लोगों का बाजार बनाते हैं।
इस समझौते से टैरिफ में काफी कमी आने और दोनों पक्षों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि कारों पर वर्तमान में जो टैरिफ 110% तक है, उसे घटाकर 10% कर दिया जाएगा।
जर्मन मीडिया बोला- भारत की उम्मीद, यूरोप का मौका, अमेरिका पीछे

जर्मन मीडिया स्पीगेल ने लिखा- करीब 20 साल की बातचीत के बाद भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) ने एक बड़े फ्री-ट्रेड समझौते को अंतिम रूप दिया है। समझौते के तहत भारत कई सेक्टरों में ऊंचे टैरिफ घटाएगा। खासतौर पर यूरोपीय कारों, मशीनरी और केमिकल उत्पादों पर शुल्क में बड़ी कटौती होगी।
इससे यूरोपीय कंपनियों को अरबों यूरो की राहत मिलने की संभावना है। बदले में भारत को कपड़ा, ज्वेलरी और सेवाओं के निर्यात में बढ़त की उम्मीद है।
इस पूरी कवायद में अमेरिका की भूमिका पहले जैसी नहीं दिखती। एक्सपर्ट्स के मुताबिक,अमेरिका की अनिश्चित व्यापार नीतियों के चलते भारत और यूरोप दोनों नए विकल्प तलाश रहे हैं।
यही वजह है कि यह समझौता चीन और अमेरिका से अलग एक स्वतंत्र आर्थिक धुरी बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि व्यापार पूरी तरह मुक्त नहीं होगा।
कृषि और स्टील जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में दोनों पक्षों ने सीमाएं बरकरार रखी हैं। यही वजह है कि इसे जरूरत से बनी साझेदारी माना जा रहा है। फिर भी साफ है कि यह डील भारत की उम्मीदों, यूरोप के अवसरों और वैश्विक व्यापार में अमेरिका की बदलती भूमिका तीनों को एक साथ दिखा रही है।
अलजजीरा बोला- भारत-EU ने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ की

अलजजीरा ने लिखा- भारत और यूरोपीय यूनियन एक बड़े व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं। यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा की।
मंगलवार को लेयेन ने X पर एक पोस्ट में कहा कि दोनों पक्ष आज इतिहास रच रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “हमने अब तक का सबसे बड़ा समझौता पूरा कर लिया है। हमने दो अरब लोगों का एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाया है, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा।”
वहीं मोदी ने कहा “यह समझौता भारत की 1.4 अरब आबादी और यूरोपियन यूनियन के लाखों लोगों के लिए कई अवसर लेकर आएगा।”
फ्रांसीसी मीडिया बोला- FTA से कई सेक्टर्स में टैरिफ घटेगा

फ्रांसीसी मीडिया ले मोंडे ने कहा- भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) ने करीब 20 साल की लंबी बातचीत के बाद एक बड़े फ्री-ट्रेड समझौते को अंतिम रूप दे दिया है।
मंगलवार, 27 जनवरी को दोनों पक्षों ने इस ऐतिहासिक समझौते की घोषणा की। इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” यानी सभी सौदों का सबसे बड़ा सौदा बताया गया है।
इस समझौते का मकसद यूरोपीय देशों के लगभग सभी निर्यात पर लगने वाले टैरिफ को कम करना या पूरी तरह खत्म करना है। इससे करीब 2 अरब लोगों का एक बड़ा साझा बाजार बनेगा।
यूरोपीय संघ के मुताबिक, इस समझौते के तहत यूरोप से भारत आने वाले लगभग 97 प्रतिशत सामान पर टैरिफ घटेगा या खत्म होगा। इससे यूरोपीय कंपनियों को हर साल करीब 4 अरब यूरो (लगभग 4.75 अरब डॉलर) की बचत होगी।
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चांदी लाइफ टाइम हाई से रू.2.10 लाख सस्ती- सोना रू.53,700 सस्ता…
मुंबई, एजेंसी। सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बीते हफ्ते सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में काफी उथल-पुथल देखने को मिली। जिसका असर कमोडिटी मार्केट (MCX) और घरेलू बाजार दोनों जगह पर दिखा। सोना-चांदी अपने ऑल-टाइम हाई से काफी नीचे गिर गए। आइए जानते हैं कि इस गिरावट के बाद अब 10 ग्राम सोने और 1 किलोग्राम चांदी का नया प्राइस क्या है।

चांदी का भाव: ऑल-टाइम हाई से रू.2.10 लाख से ज्यादा की बड़ी गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ गिरावट दर्ज की गई है। चांदी का भाव अब अपने All Time High से केवल आधा रह गया है। जनवरी महीने की बात करें तो चांदी ने इतिहास रचते हुए रू.4,57,328 प्रति किलोग्राम का स्तर छुआ था। लेकिन अब यह अपने इस All Time High से रू.2,10,724 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। दरअसल, 5 जून को चांदी का भाव रू.2,48,537 पर था, जो बीते शुक्रवार को रू.2,46,604 प्रति किलो पर बंद हुआ। यानी एक हफ्ते में यह 1,933 रुपए सस्ती हुई।
कैलकुलेशन
रू.4,57,328 – रू.2,46,604 = रू.2,10,724 सस्ता
सोने लाइफ टाइम हाई से रू.53,700 सस्ता
5 जून को 24 कैरेट सोना रू.1,55,594 प्रति 10 ग्राम पर था, जो शुक्रवार को बंद होते-होते रू.1,50,675 पर आ गया। यानी सिर्फ 5 दिनों में सोना रू.4,919 सस्ता हो गया।
लाइफ टाइम हाई की बात करें तो जनवरी में सोने ने रू.2,04,375 प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड हाई बनाया था, जिससे यह अब रू.53,700 कम कीमत पर मिल रहा है। दरअसल, जून महीने में भी सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। 29 मई को MCX पर सोना 1,60,911 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि 12 जून तक इसका भाव घटकर 1,50,675 रुपये रह गया। यानी महज 10 कारोबारी दिनों में सोने की कीमत में 10,236 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज की गई है।
कैलकुलेशन
रू.2,04,375 – रू.1,50,675 = रू.53,700 सस्ता
घरेलू बाजार में क्या हैं दाम?
IBJA के मुताबिक, 5 जून को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,54,238 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, शुक्रवार को कारोबार बंद होने तक इसका भाव घटकर 1,47,800 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इस तरह एक सप्ताह के भीतर सोना 6,438 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।
चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। 5 जून को चांदी का भाव 2,56,908 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो अब घटकर 2,42,295 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है। यानी एक सप्ताह में चांदी की कीमत 14,513 रुपये प्रति किलो कम हुई है।
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Citroen Cars Discount : कार खरीदने का शानदार मौका! Citroen ने इन गाड़ियों पर किया डिस्काउंट का ऐलान
मुंबई, एजेंसी। Citroen ने अपने ग्राहकों के लिए चुनिंगा गाड़ियों पर डिस्काउंट का ऐलान किया है। ये डिस्काउंट मॉडल के आधार पर दिए जाएंगे और ग्राहक इसका फायदा 30 जून तक उठा सकते हैं। डिटेल में जानते हैं इन डिस्काउंट के बारे में-

Citroen Basalt
Basalt कूप-SUV पर इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। इसमें 82hp, 115Nm वाला 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड (NA) पेट्रोल इंजन या 110hp, 190Nm वाला 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलता है। NA इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलता है, जबकि टर्बो-पेट्रोल इंजन 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ, टर्बो-पेट्रोल इंजन 205Nm का ज़्यादा टॉर्क देता है। मार्केट में इसकी कीमत 8.55 लाख रुपये से 13.75 लाख रुपये की के बीच है।

Citroen Aircross
Citroen Aircross पर कंपनी इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। अपने सेगमेंट में यह एकमात्र 7 सीटर एसयूवी है। इसकी कीमत 8.89 लाख रुपये से 13.99 लाख रुपये तक जाती है।
Citroen C3
Citroen C3 की खरीदी करने पर आप 1.1 लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं। इसकी कीमत 4.99 लाख रुपये से 9.60 लाख रुपये के बीच की है।
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Tata के iPhone प्लांट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, बंद हो सकती है फैक्ट्री
मुंबई, एजेंसी। भारत में iPhone निर्माण से जुड़े एक प्रमुख संयंत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। तमिलनाडु के होसुर स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट पर आसपास की कृषि भूमि और भूजल को प्रदूषित करने के आरोप लगे हैं। मामले की जांच के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी से जवाब मांगा है और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर फैक्ट्री बंद करने तक की चेतावनी दी है।
यह प्लांट Apple के iPhone के लिए बैक पैनल और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों का निर्माण करता है। पिछले कई महीनों से प्लांट के आसपास के किसानों ने शिकायत की थी कि फैक्ट्री से निकलने वाला अपशिष्ट जल के कारण उनकी खेती और जल स्रोत को प्रभावित कर रहा है। किसानों की शिकायत के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू की और अब मामला गंभीर रूप ले चुका है।

जांच के दौरान बोर्ड ने नोटिस में कहा कि फैक्ट्री परिसर के एक तालाब से निकला पानी आसपास के कृषि क्षेत्रों तक पहुंचा, जिससे भूजल प्रदूषण की आशंका पैदा हुई। बोर्ड ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में जारी निर्देशों के बावजूद कंपनी ने जरूरी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। इसी वजह से मई में जारी नोटिस में पूछा गया कि आखिर क्यों न यूनिट की बिजली आपूर्ति काट दी जाए और संचालन बंद कर दिया जाए। यह चेतावनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।
टाटा ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसने एक मान्यता प्राप्त स्वतंत्र प्रयोगशाला द्वारा कराई गई जांच में संयंत्र को सभी पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप पाया गया है। कंपनी ने दावा किया है कि वह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को अपना जवाब सौंप चुकी है।
पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक तरफ भारत वैश्विक कंपनियों के लिए उत्पादन केंद्र बनने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय समुदायों और किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
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