कोरबा
बालको ने डिजिटल समाधान से स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग को दी नई दिशा
बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने संयंत्र और विभागों में डिजिटल तकनीक के उपयोग बढ़ावा दिया है। इसमें सप्लाई चेन, पॉटलाइन, कास्ट हाउस, रोल्ड प्रोडक्ट्स और कार्बन यूनिट शामिल हैं। इसका उद्देश्य काम को ज्यादा सुरक्षित, तेज, बेहतर गुणवत्ता वाला और पारदर्शी बनाना है। ये पहल प्रचालन दक्षता बढ़ाने, गुणवत्ता को सुदृढ़ करने, सुरक्षा को मजबूत करने और सशक्त गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई हैं, जो कंपनी की जिम्मेदार एवं सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
आज के समय में वैश्विक धातु उद्योग में डिजिटल तकनीक बहुत जरूरी हो गई है। बालको की यह पहल वेदांता के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसके तहत भविष्य के लिए तैयार प्रचालन प्रणालियाँ तकनीक आधारित इंटेलिजेंस पर आधारित होनी चाहिए।

गुणवत्ता और ग्राहकों के भरोसे को मजबूत करने के लिए बालको ने ‘क्वालिटी संकल्प ऐप’ शुरू किया है। इस ऐप से कर्मचारी शॉपफ्लोर पर ही गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी रियल-टाइम में दर्ज कर सकते हैं। इससे समस्या को जल्दी पहचानकर तुरंत सुधार किया जा सकता है। इस ऐप में मशीनों की स्थिति और स्वास्थ्य, सुरक्षा व पर्यावरण (एचएसई) से जुड़ी जानकारियां भी दर्ज की जाती हैं। इससे प्रचालन उत्कृष्टता के लिए एक समग्र और एकीकृत दृष्टिकोण सुनिश्चित होता है।
कामकाज को और बेहतर बनाने के लिए बालको ने अपनी लैब और उत्पादन से जुड़ी कई प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया है। कोयला प्रयोगशाला को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है, जिससे नमी, राख, सल्फर जैसे जरूरी टेस्ट अपने-आप रिकॉर्ड हो जाते हैं। इससे उत्पादन की गुणवत्ता और पर्यावरण से जुड़ा प्रदर्शन बेहतर होता है और सही फैसले लेने में मदद मिलती है। यह एकीकृत डिजिटल ढांचा संसाधन योजना, प्रक्रिया नियंत्रण और गवर्नेंस को सुदृढ़ करता है तथा संपूर्ण वैल्यू चेन में सूचित प्रचालन निर्णय लेने में सहायक बनता है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि बालको में डिजिटल तकनीक का मतलब सिर्फ नई मशीनें या सॉफ्टवेयर लाना नहीं है, बल्कि पारदर्शिता, जिम्मेदारी और लगातार सुधार की संस्कृति बनाना है। इन पहलों से हमारी गुणवत्ता, सुरक्षा और गवर्नेंस मजबूत हुई है। वेदांता एल्युमिनियम का हिस्सा होने के नाते हम अपनी सभी प्रक्रियाओं में डिजिटल सिस्टम को शामिल कर रहे हैं ताकि भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार रह सकें।
सुरक्षा के क्षेत्र में बालको ने एक डिजिटल कन्सीक्वेंस मैनेजमेंट पोर्टल शुरू किया है, जिसमें असुरक्षित काम, गलत परिस्थितियों और जोखिमों की जानकारी दर्ज की जाती है। इससे खतरे को समय रहते पहचानकर उस पर कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही, 24×7 कर्मचारी व्यवहार निगरानी प्रणाली के जरिए काम और वाहनों की आवाजाही से जुड़े जोखिमों पर लगातार नजर रखी जाती है।
इसके अलावा, बालको ने मेटल ऑपरेशंस में उत्पादन और खपत की जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑटोमेट कर दिया है। अब उत्पादन से जुड़ा डेटा तुरंत उपलब्ध हो जाता है, मैनुअल काम कम होता है और रिपोर्ट ज्यादा सही बनती है।
इन सभी के माध्यम से बालको डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग कर प्रक्रियाओं के अनुकूलन, गुणवत्ता संवर्धन, गवर्नेंस सुदृढ़ीकरण और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली के जरिये अपने कामकाज को ज्यादा सुरक्षित, सरल, पारदर्शी और प्रभावी बना रहा है।
कोरबा
श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा वृद्धाश्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
बिलासपुर/कोरबा। श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा दिनांक 08 जून 2026 को माता रानी की कुटिया वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्ध महिलाओं के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला श्रीमती शशि दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
इस अवसर पर मंडल की आदरणीय उपाध्यक्षगण भी उपस्थित रहीं। सभी ने वृद्धाश्रम में रह रही वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

शिविर में* डॉ पारुली साहू एवं उनकी टीम द्वारा 25 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया* गया। शिविर में रक्तचाप (BP), नाड़ी (Pulse), CBC, RBS, HbA1c, लिवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल एवं लिपिड प्रोफाइल सहित विभिन्न जांचें निःशुल्क की गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शशि दुहन ने वृद्धाश्रम की महिलाओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल हेतु प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
शिविर के उपरांत वृद्धाश्रम में निवासरत 25 बुजुर्गों को पौष्टिक नाश्ता एवं फल की टोकरियाँ वितरित की गईं, जिससे उनके प्रति स्नेह, सम्मान एवं अपनत्व का भाव व्यक्त किया जा सके।
इस सेवा कार्य में समिति की सदस्याओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
यह स्वास्थ्य शिविर श्रद्धा महिला मंडल की सामाजिक सेवा, करुणा एवं जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का एक सराहनीय प्रयास रहा, जिससे वृद्धाश्रम की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हुआ तथा उनमें सुरक्षा एवं अपनत्व की भावना का संचार हुआ।
कोरबा
क्षतिग्रस्त और अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में आवाजाही होगी बाधित, ग्रामीणों को घूमकर जाना पड़ेगा
कोरबा। क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में फिर से आवाजाही बाधित होगी। इससे उपनगर बांकीमोंगरा, हरदीबाजार, चैतमा के ग्रामीणों को वैकल्पिक सड़क से घूमकर जाना पड़ेगा। बारिश में संपर्क टूटने पर स्कूली छात्रों, कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो सड़क मार्ग से रोज आवाजाही करनी पड़ती है। हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा, निरतु की ओर आवाजाही के लिए लीलागर नदी पर बनी पुरानी पुलिया की ऊंचाई कम है। 24 घंटे से भी कम बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहता है। इससे गांवों को संपर्क टूटने पर सबसे अधिक परेशानी नेवसा समेत आसपास गांवों के स्कूली छात्रों को होती है, जो हरदीबाजार व दीपका के स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। यह सड़क हरदीबाजार को बलौदा सीपत व मस्तूरी से भी जोड़ती है, इस कारण यात्री बसें भी मार्ग से गुजरती है।

हरदीबाजार से नेवसा की दूरी लीलागर नदी का पुलिया पारकर 2 किलोमीटर है। वहीं रतिजा की ओर से बायपास सड़क से आवाजाही पर 5 किलोमीटर दूरी पड़ेगी। पुलिया की कम ऊंचाई के मद्देनजर नया पुल का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड अब तक नहीं बनाया है। सड़क पर मिट्टी पड़ी है। नौतपा की विदाई से मानसून भी अब करीब है। आने वाले दिनों प्री-मानसून बारिश की संभावना है। एप्रोच रोड को पुल के लेवल के हिसाब से निर्माण नहीं कराने पर वाहनों से आवाजाही मुश्किल होगी। पिछले साल बारिश में पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के + लीलागर नदी पर निर्मित पुल का अधूरा एप्रोच रोड।
कोरबा
लो वोल्टेज और कटौती पर ग्रामीणों का हल्लाबोल
कोरबा/पाली। 5 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर ग्रामीणों ने पाली सब स्टेशन कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे धरना देने के बाद पुलिस शासन की मौजूदगी में सब स्टेशन के बिजली अफसरों के साथ परिसर में ही वार्ता हुई। इसके बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हुआ। सब स्टेशन कार्यालय के निकट से ग्रामीणों ने रैली की शक्ल में बिजली दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गांवों में बिजली कटौती व लो वोल्टेज का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अनाफ-शनाफ बिजली बिल भेजा रहा है। खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सिल्ली, परसदा, शिवपुर, निरधी, पोलमी पंचायत के गांवों के हजारों उपभोक्ता लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं। कई बार मौखिक व लिखित शिकायत के बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। दफ्तर परिसर में ग्रामीणों के साथ बिजली अधिकारियों की वार्ता हुई। उनकी बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो चक्काजाम आंदोलन करने मजबूर होंगे।
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