छत्तीसगढ़
उधारी के 1.5 करोड़ लेने व्यापारी ने निकाली दंडवत यात्रा:रायगढ़ में रथ में देनदारों-भगवान की तस्वीरें लगाई, कहा- मां काली सपने में आई थी
रायगढ़,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक कोसा साड़ी व्यापारी के करीब डेढ़ करोड़ रुपए बाजार में अलग-अलग दुकानदारों के पास फंसे हुए हैं। पैसे वापस नहीं मिलने से परेशान व्यापारी ने अनोखा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। वह देनदारों और भगवान की तस्वीरें रथ में लगाकर दंडवत यात्रा कर रहा है।
पत्नी और परिवार के साथ देवी मंदिरों में मत्था टेककर वह अपनी उधारी की रकम वापस दिलाने की प्रार्थना कर रहा है। व्यापारी मनोज देवांगन का आरोप है कि इस मामले में उसकी FIR थाने में दर्ज नहीं की गई।
व्यापारी ने बताया कि वह मां काली के मंदिर गया था, जहां उसे सपने में देवी के दर्शन हुए। उसके मुताबिक, मां काली ने कहा कि उसकी मनोकामना पूरी होगी, लेकिन उसे उनके बताए मार्ग पर चलना होगा। इसी आस्था के चलते वह दंडवत यात्रा कर रहा है।
व्यापारी का कहना है कि इतनी बड़ी रकम फंस जाने से वह मानसिक और आर्थिक रूप से बुरी तरह टूट चुका है। उसके पिता को हार्ट अटैक आ चुका है और इलाज के लिए उसे मदद मांगनी पड़ी। इसके बावजूद देनदारों ने भुगतान करने से इनकार कर दिया।
बुधवार को मनोज देवांगन अपने परिवार के साथ एसपी ऑफिस पहुंचा। मामले में शिकायत की है। एएसपी ने आश्वासन दिया गया है कि जिन लोगों से लेनदेन है, उन व्यापारियों को बुलाया जाएगा और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पैसे वापस नहीं मिलने पर अनोखे तरीके से विरोध में देनदारों और भगवान की फोटो लगाकर दंडवत रथ यात्रा निकाली है।

पत्नी और परिवार के साथ देवी मंदिरों में मत्था टेककर अपने उधारी के पैसों को वापस दिलाने की प्रार्थना कर रहा है।

व्यापारी ने रथ में मां काली और देनदारों की फोटो लगाई है।
व्यापारी की कहानी उसी की जुबानी पढ़िए
दरअसल, कोसा साड़ी के थोक व्यापारी मनोज देवांगन (36) का कहना है कि, मैं पिछले 10-12 साल से कोसा साड़ियों का थोक व्यापार कर रहा हूं। रायगढ़ समेत कई जगहों से करीब 100 व्यापारी उनके पास से कैश और उधार में साड़ियां लेकर व्यापार करते हैं। वो समय-समय पर पैसा भी दे देते हैं।
लेकिन रायगढ़ के 6 देवांगन समाज के व्यापारी हैं। जिन्होंने साड़ियां उधार ली थी। अब वो लोग मेरी तरक्की देखकर पैसा रोक दिए हैं। जिनकी कुल बकाया राशि करीब डेढ़ करोड़ रुपए है। जबकि मैं जीएसटी देकर व्यापार करता हूं। कानूनी एक्शन लूंगा कहता हूं तो कानून को खरीद लेंगे कहते हैं। कई बार रुपए मांगने के बावजूद अब ये व्यापारी भुगतान करने से आनाकानी कर रहे हैं।
पिता को आ चुका है हार्ट अटैक
पीड़ित व्यापारी ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ महीने पहले जब मेरे पिता को हार्ट अटैक आया, तब भी उन व्यापारियों से इलाज के लिए रुपए मांगे, लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया। व्यापारियों ने कहा कि, तुम्हारे पिता को अटैक आया है, तो उसका ठेका हमने नहीं ले रखा है।
हमारा जब मन होगा, तब पैसा देंगे, वरना नहीं देंगे। इस दौरान मुझे भीख तक मांगनी पड़ गई। कारोबार में मेरे घर की पूंजी है। बैंक लोन भी लगा है। जिसका ब्याज भी मुझे देना पड़ता है। इसलिए काफी परेशान हूं।

देनदारों की फोटो रथ में लगाकर सड़कों पर निकल पड़ा व्यापारी।
थाने में नहीं लिखी गई FIR, नोटिस बेअसर
मनोज ने बताया कि, मैं सिटी कोतवाली थाने में भी FIR के लिए आवेदन लेकर गया था। वहां एसआई एनू देवांगन बैठते हैं, उन्होंने कहा कि सामाजिक मामला है इसलिए आपस में बात कर सुलझा लो। क्योंकि व्यापारिक लेन-देन में FIR नहीं होती है। हत्या, चोरी और डकैती होती तो FIR दर्ज कर लेता।
एक वकील के माध्यम से 2-3 व्यापरियों को कानूनी नोटिस भी दिया था, लेकिन वो लोग पोस्टमैन को पैसे देकर नोटिस लेने से इनकार कर देते हैं।
मंदिर गया, तो मां काली सपने में आई
पीड़ित व्यापारी ने कहा कि यह सब देखकर मैं मां काली के मंदिर गया। उनसे विनती की। जिसके बाद मां काली मेरे सपने में आई और बोलीं कि, बेटा मनोज मैं तेरी मनोकामना पूरी कर दूंगी। लेकिन जैसा मैं कहूंगी तुम्हें वैसा करना पड़ेगा।
मां काली ने मुझसे कहा कि, 111 जगह से अलग-अलग स्थान और देवियों से कर नापने का संकल्प लेगा। ऐसे करते रहेगा। इसलिए मां काली के कहने के अनुसार चल रहा हूं। मंगलवार को 16 नंबर का कर नाप रहा हूं।
व्यापारी जो पेमेंट देने से इनकार कर रहे थे, वो कुछ हद तक देने के लिए हां कह रहे हैं। यह सब चमत्कार मां काली ही कर रही हैं। मनोज देवांगन ने एक रथ बनाया है, जिसमें मां काली का दरबार सजाया है। इसके अलावा देनदारों की फोटो भी लगाई है।
अब जानिए कर नापना क्या होता है
जब कोई व्यक्ति भगवान या देवी-देवता से कोई इच्छा (मन्नत) मांगता है, तो वह अपने हाथ (कर) की लंबाई से जमीन या मंदिर परिसर में दूरी नापकर उतनी जगह पर दंडवत प्रणाम करता है या विशेष पूजा करता है।
कर नापने के तरीके की बात करें तो व्यक्ति जमीन पर लेटकर हाथ आगे बढ़ाता है। जहां तक हाथ पहुंचे, वहां निशान करता है। फिर उसी जगह से दोबारा लेटकर आगे बढ़ता है। इस तरह पूरी परिक्रमा या तय दूरी ‘कर से नापकर’ पूरी की जाती है।

कोरबा
1 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह:राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य एवं पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में 108 दिव्यांग/निर्धन कन्याएं बंधेंगी परिणय सूत्र में
माँ सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन की पुण्य पहल
कोरबा। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा प्रबंधन द्वारा 01 अप्रैल को ढपढप में चल रही श्रीहनुमंत कथा के पांच दिवसीय दिव्य आयोजन के पंचम एवं अंतिम दिन अपना घर सेवा आश्रम समिति के आयोजकत्व में दिव्यता और भव्यता के साथ सम्पन्न होगा। इस दिव्य आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका जहां मुख्य साक्षी बनेंगे, वहीं अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक एवं सनातन धर्म के संवाहक, बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आशीर्वाद प्राप्त होगा और इस पुण्य और सेवा कार्य के लिए उनका सानिध्य प्राप्त होगा।
पांच दिवसीय श्रीहनुमंत कथा से जिले ही नहीं पूरे प्रदेश में हिन्दुत्व की जो विचार क्रांति की लहर ढपढप से चली है, उसका बड़ा संदेश आने वाले दिनों में दिखेगा। इस महान और पुण्य धार्मिक आयोजन के बीच 108 उन दिव्यांग और निर्धन कन्याओं का घर भी बसने जा रहा है और नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश के लिए पंडित धीरेंद्र शास्त्री का जहां सानिध्य मिलने से नम: सामूहिक की दिव्यता और बढ़ेगी और मा. राज्यपाल रमेन डेका की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ेगी। कार्यक्रम की विशालता और महानता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित केबिनेट के सदस्य एवं कई विधायक, राजनीतिज्ञ, लब्धप्रतिष्ठित समाजसेवक एवं विद्वतजनों की उपस्थिति इस पुण्य कर्म की गरिमा बढ़ाएंगे।
माँ सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने नम: सामूहिक विवाह को इस बार विशालता प्रदान करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है और अपना घर सेवा आश्रम के आयोजकत्व में ढपढप की पुण्यधरा इस महान पुण्य कर्म का साक्षी बनेगी।

पंडित शास्त्री के कार्यक्रम में पहली बार सामूहिक विवाह का आयोजन
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भारत सहित कई देशों में सनातन धर्म को बढ़ाने के लिए कई दिव्य आयोजनों में अपने श्रीमुख से लोगों को हिन्दुत्व की महिमा बता रहे हैं। कोरबा की पुण्य धरा में उनका यह विशाल आयोजन पहली बार हो रहा है और आज हनुमंत कथा का दूसरा दिन है। विशाल समुद्र सा जनसैलाब उन्हें सुनने के लिए ढपढप की पुण्य धरा पर खड़ा रहा और सरल, सहज वाणी को सुनने एक अद्भूत और विशाल श्रद्धा देखने को मिली।
हनुमंत कथा 01 अप्रैल तक चलेगी और कथा के अंतिम दिन ढपढप में श्रद्धा, आध्यात्म के साथ मानवीय सेवा का अद्भूत संगम देखने को मिलेगा और वह क्षण काफी रोमांचित होगा, जब 108 निर्धन एवं दिव्यांग जोड़े एक-दूसरे के जीवनसाथी बनेंगे और जमीन से लेकर आसमां भी इस अद्भूत समागम में फूल बरसाएंगे।

कोरबा
जवारा विसर्जन के साथ माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में उल्लास, उमंग एवं आध्यात्म के साथ चैत्र नवरात्रि सम्पन्न
राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने सपरिवार जवारा कलश उठाने वाली नारीशक्ति की पूजा अर्चना की

कोरबा। 19 मार्च से 27 मार्च तक माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में 9 दिन तक माँ आदिशक्ति के 9 रूपों की पूजा-अर्चना की गई और 9 दिन तक माँ का दरबार धार्मिक समागम के साथ सनातन एवं सांस्कृतिक, धार्मिक आस्था एवं परंपरा के संगम के रूप में लघु भारत का स्वरूप लिया हुआ था और रामनवमी को गोधूली बेला में दिव्य मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ जवारा कलशों की पूजा-अर्चना करने के बाद आह्वानित देवी-देवताओं की शांति करने के बाद जवारा विसर्जन हसदेव के पवित्र घाट में किया गया। इसके साथ माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में 9 दिन की चैत्र नवरात्रि सम्पन्न हो गई।

जवारा कलश विसर्जन के लिए कलश उठाने वाली नारीशक्ति की पूजा-अर्चना मंदिर के प्रबंधक/पुजारी एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने सपरिवार की और बैगाओं को शांत किया। मंदिर परिसर से हसदेव घाट के बीच ढोल-ताशों की आवाज से पूरा परिसर गुंजायमान था और पवित्र हसदेव नदी में पूजा-अर्चना के बाद विश्व कल्याण की भावना लिए जवारा कलशों का विसर्जन कर दिया गया।
नवमी पर माँ सिद्धिदात्रि का दर्शन करने उमड़ा आस्था का सैलाब

चैत्र शुक्ल नवमी को जहां भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया गया, वहीं माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा पहुंचकर माँ सिद्धिदात्रि स्वरूपा का दर्शन कर श्रद्धालु तृप्त हुए और माँ सिद्धिदात्रि से मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए आशीर्वाद मांगा। माँ सिद्धिदात्रि नाम के अनुरूप हर कार्यों में सिद्धि प्रदान करती हैं और भक्तों ने अपने कार्यों की सिद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। माँ को भोग के रूप में धान, तिल, लाई एवं फल अतिप्रिय हैं। भक्तों ने उनके प्रिय भोग समर्पित किए।

नमन पाण्डेय ने महायज्ञ रूपी चैत्र नवरात्रि के निर्विघ्न सम्पन्न होने पर जताया आभार
माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक/पुजारी एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत् 2083, 19 मार्च 2026 से लेकर चैत्र शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083, 27 मार्च 2026 तक नौ दिवसीय चैत्र नवरात्रि में विभिन्न धार्मिक आयोजनों, भोग-भंडारा सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान निर्विघ्न एवं शांति पूर्ण ढंग से सम्पन्न होने पर सभी धर्मानुरागियों, श्रद्धालुओं, भक्तों का अभिनंदन करते हुए आभार जताया। उन्होंने कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पुलिस प्रशासन, सभी धार्मिक आयोजनों के अनुष्ठानों को सम्पन्न कराने वाले धर्माचारियों, विद्वान पंडितों, कार्यक्रमों के सहयोगी, सेवादारों का ह्दय से आभार जताया और कहा कि माँ सर्वमंगला देवी की छत्रछाया, कृपा विश्व कल्याण के लिए हम सब पर बनी रहे और विश्व में शांति की स्थापना हो, कोरबा, छत्तीसगढ़ समृद्धि एवं खुशहाली का नया आयाम स्थापित करे और माँ भारती का ललाट विश्व गगन पर दमकता रहे और हम अपने गौरवशाली सनातन धर्म की स्थापना के लिए सदैव निरंतर प्रयास करते रहें और इस पुण्य कर्म के लिए माँ सर्वमंगला हमें निरंतर नई ऊर्जा देती रहे।




कोरबा
मालगाड़ी से कोयला चोरी करते मजदूर को लगा करंट:कोरबा में गंभीर रूप से झुलसा, कोरबा मेडिकल कॉलेज रेफर, गैस खत्म होने पर कर रहा था चोरी
कोरबा। कोरबा-चांपा सड़क मार्ग पर उरगा थाना क्षेत्र के पताड़ी के पास एक निजी पावर प्लांट के समीप एक मजदूर चलती मालगाड़ी से कोयला चोरी करते समय करंट की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसे मजदूर की हालत नाजुक बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, पावर प्लांट के आसपास अस्थायी रूप से रहने वाले बाहरी राज्यों के मजदूर अक्सर रसोई गैस जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करते हैं। बताया गया है कि गैस खत्म होने के कारण मजदूर खाना बनाने में परेशानी महसूस कर रहे थे।

झुलसा हुआ युवक
11 हजार वोल्ट हाई टेंशन लाइन से लगा करंट
इसी दौरान एक मजदूर ने पास से गुजर रही कोयला मालगाड़ी से कोयला निकालने का जोखिम भरा कदम उठाया। वह चलती मालगाड़ी के ऊपर चढ़कर कोयला निकालने लगा, तभी ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन लाइन के संपर्क में आ गया।
तार छूते ही उसे जोरदार करंट लगा और वह बुरी तरह झुलस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायल मजदूर को तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
मेडिकल कॉलेज, कोरबा रेफर किया गया
प्राथमिक उपचार के बाद, उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज, कोरबा रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, मजदूर लगभग 70 प्रतिशत तक झुलस चुका है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
घायल मजदूर की पहचान ओमप्रकाश ( 28-30) के रूप में की गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल मजदूर का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की पैनी नजर बनी हुई है।

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