जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के बीरगहनी गांव के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक ने मालगाड़ी के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान चांपा निवासी आनंद दास के रूप में हुई है। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
यह घटना रविवार दोपहर लगभग 3:30 बजे बिरगहनी से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर हुई। जानकारी के अनुसार, युवक आनंद दास ने कानों में एयरबड्स लगाए हुए थे और उसने तेज रफ्तार मालगाड़ी के सामने छलांग लगा दी। मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।
पुलिस ने जांच शुरू की
स्थानीय लोगों ने घटना देखकर चांपा RPF पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची RPF पुलिस ने शव को ट्रैक से हटाकर कब्जे में लिया और मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि युवक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा। आगे की कार्रवाई जारी है।
फांसी के फंदे से लटका मिला युवक
दूसरी घटना चांपा थाना क्षेत्र के हटवारा चौक स्थित घर के कमरे में फांसी लगाकर युवक राहुल केवट 25 वर्ष ने आत्महत्या की है। वह रात को कमरे में अकेले सोया था। सुबह परिजन देखे तो फांसी के फंदे से लटका था। जिसे नीचे उतरा गया पुलिस को सूचना दी गई, जहां चांपा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। आत्महत्या का कारण अभी अज्ञात है। जांच पड़ताल में मामले का खुलासा हो पाएगा।
दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। दुर्ग जिले के भिलाई सिविक सेंटर में 14 फरवरी की रात पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर भिलाई पुलिस, सेना के जवानों और आम नागरिकों ने मिलकर 1 लाख दीये जलाए। नम आंखों से शहीदों को नमन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से किया गया।
श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, सेना के जवान, प्रशासनिक अधिकारी और शहर के लोग मौजूद रहे। सभी ने दीये जलाकर शहीदों की वीरता और बलिदान को याद किया। आम लोगों ने एक-एक दीये जलाए और शहीदों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
सिविक सेंटर में 1 लाख दीये जलाए गए।
14 फरवरी को हुए शहादत को किया याद।PlayNextMute
44 जवानों की शहादत को किया याद
युवा नेता रोहन सिंह ने बताया कि, 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए थे। उनकी याद में इस्पात नगरी भिलाई में यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया। उन्होंने कहा कि दीये जलाकर यह संदेश दिया गया है कि जवानों की शहादत को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
एकता का लिया संकल्प
आयोजकों ने इसे ब्लैक-डे के रूप में मनाते हुए कहा कि, शहीदों के समर्पण और समाज के लिए दिए गए बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। साथ ही समाज में सुरक्षा और जागरूकता का भाव पैदा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने देश की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही,एजेंसी। पेंड्रारोड-गेवरा रोड रेलवे लाइन का निर्माण कार्य भुगतान विवादों के कारण पूरी तरह ठप हो गया है। यह परियोजना, जिसे 2024 तक पूरा होना था, अब और पिछड़ गई है। इरकॉन कंपनी की देखरेख में बन रही इस रेल लाइन का काम आज सारबहरा में निर्माण स्थल पर रोक दिया गया।
पेटी कॉन्ट्रैक्टरों और मजदूरों ने काम रोककर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारी ठेकेदारों का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से भुगतान नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है।
ठेकेदारों के अनुसार, उन्हें करोड़ों रुपए का भुगतान बकाया है। वहीं, मजदूरों को पिछले दो साल से मजदूरी नहीं मिली है।
भुगतान में देरी के आरोप
ठेकेदार एसएस सिद्धू ने इस संबंध में अपनी बात रखी है।
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती नियम 13 फरवरी 2026 पर कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि, नए नियमों में विभाग में वर्षों से काम कर रहे अनुभवी शिक्षकों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
सीधी भर्ती को जरूरत से ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री, स्कूल शिक्षा सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय को नियमों में संशोधन के लिए सुझाव भेजे गए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि लगभग 2 लाख कर्मचारियों से जुड़े नियम लागू करने से पहले न सुझाव लिए गए, न दावा-आपत्ति मंगाई गई।
अधिकतर विभागों में अनुभवी कर्मचारियों को पदोन्नति दी जाती है, लेकिन शिक्षा विभाग में सीधी भर्ती को तरजीह दी गई। इससे लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षक पदोन्नति से वंचित हो जाएंगे।
LB संवर्ग को खत्म करने पर सबसे ज्यादा नाराजगी
13 फरवरी 2026 को प्रकाशित राजपत्र में एल बी (LB) संवर्ग का पदोन्नति कोटा खत्म कर दिया गया है। अब केवल ई और टी संवर्ग से ही पदोन्नति का प्रावधान रखा गया है। इससे LB संवर्ग के शिक्षकों की तत्काल पदोन्नति रुक जाएगी।
एसोसिएशन का कहना है कि पहले LB अलग कैडर था, इसलिए नियमित पदोन्नति मिलती थी, लेकिन अब उसे व्यवहारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है। दरअसल, प्रधान पाठक, शिक्षक और अन्य पदों पर LB संवर्ग का नाम ही हटा दिया गया।
ई और टी संवर्ग की एकीकृत वरिष्ठता सूची बनेगी। इससे LB संवर्ग पीछे चला जाएगा, कई पदों पर सीधी भर्ती का प्रतिशत बढ़ा दिया गया।
टीचर्स एसोसिएशन के प्रमुख सुझाव
संगठन का कहना है कि, पूर्व की तरह फीडिंग कैडर सिस्टम लागू किया जाए और प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक, शिक्षक और प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के पदों पर E/T संवर्ग और E/T–LB संवर्ग के लिए 50–50 प्रतिशत पदोन्नति का प्रावधान रखा जाए, ताकि किसी संवर्ग के साथ अन्याय न हो।
DEO और उपसंचालक पदों पर आपत्ति
वर्तमान नियमों में उपसंचालक और जिला शिक्षा अधिकारी के 25 प्रतिशत पदों को सीधी भर्ती से भरने का प्रावधान किया गया है। एसोसिएशन इसे गलत बताते हुए कहता है कि केवल 10 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से और शेष 90 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाने चाहिए, ताकि अनुभवी अधिकारियों को आगे बढ़ने का मौका मिल सके।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी पदों पर सवाल
नए नियमों में विकासखंड शिक्षा अधिकारी और सहायक संचालक प्रशासन के पदों को भरने की व्यवस्था पर भी संगठन ने आपत्ति जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी से 75 प्रतिशत पदोन्नति का प्रावधान व्यवहारिक नहीं है और इसमें बड़े स्तर पर संशोधन किया जाना चाहिए।
प्राचार्य पदोन्नति में स्पष्टता की मांग
टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि प्राचार्य पदों पर पदोन्नति के लिए व्याख्याता और प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला के बीच एकीकृत वरिष्ठता सूची बनेगी या रेशियो तय होगा, इसका स्पष्ट उल्लेख नियमों में होना चाहिए। साथ ही विभागीय परीक्षा में बीएड के स्थान पर प्रशिक्षित स्नातकोत्तर योग्यता तय करने और 55 वर्ष की आयु सीमा हटाने की मांग की गई है।
PTI, उर्दू शिक्षक, ग्रंथपाल भी उपेक्षित
नए भर्ती नियमों में पीटीआई (व्यायाम शिक्षक) के साथ भी उपेक्षा की गई है। वर्तमान व्यवस्था में पीटीआई को केवल छात्रावास अधीक्षक (क्रीड़ा परिसर) के पद तक ही पदोन्नति का अवसर दिया गया है, जबकि विद्यालयों में खेल और शारीरिक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उनकी अहम भूमिका है।
एसोसिएशन का कहना है कि पीटीआई के लिए सहायक विकासखंड क्रीड़ा अधिकारी के पद पर पदोन्नति का प्रावधान किया जाना चाहिए, साथ ही सभी हायर सेकेंडरी विद्यालयों में व्याख्याता शारीरिक शिक्षा के पद सृजित कर पीटीआई को इस पद पर पदोन्नति का अवसर मिलना चाहिए।
इसी तरह उर्दू शिक्षकों के लिए भी पदोन्नति का कोई स्पष्ट चैनल नए नियमों में नहीं रखा गया है। वर्तमान व्यवस्था में उर्दू सहायक शिक्षक और उर्दू शिक्षक वर्षों तक एक ही पद पर कार्यरत रहते हैं। एसोसिएशन की मांग है कि उर्दू शिक्षकों के लिए स्पष्ट पदोन्नति क्रम तय किया जाए।
ताकि उर्दू सहायक शिक्षक से उर्दू शिक्षक और उर्दू शिक्षक से उर्दू व्याख्याता के पद तक पदोन्नति का रास्ता खुल सके। इसके अलावा ग्रंथपालों की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। नए नियमों में हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में ग्रंथपाल के पद का स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है।
जिससे इस संवर्ग के कर्मचारियों के लिए पदोन्नति की कोई संभावना नहीं बचती। एसोसिएशन का कहना है कि सभी हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में ग्रंथपाल के पद स्वीकृत किए जाएं और उनके लिए भी स्पष्ट पदोन्नति व्यवस्था तय की जाए।
संघ की चेतावनी
टीचर्स एसोसिएशन ने कहा है कि, यदि भर्ती और पदोन्नति नियमों में जल्द संशोधन नहीं किया गया, तो इससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ेगा और शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।