छत्तीसगढ़ी और बॉलीवुड सितारों ने रचा रंगारंग मंच, मंत्रमुग्ध करने वाली दी प्रस्तुतियाँ
बॉलीवुड की लोकप्रिय गायिका कनिका कपूर ने महोत्सव में छेड़ी सुरों की महफिल
भक्ति और संस्कृति की झलक: अनुज शर्मा ने मोहा दर्शकों का मन
छालीवुड के सुपरस्टार दीपक साहू ने मंच पर बिखेरी छालीवुड की चमक
स्थानीय कलाकारों ने भी बिखेरी सांस्कृतिक छटा
कोरबा। पाली महोत्सव के समापन समारोह रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ सम्पन्न हुआ। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा, भक्ति और संगीत का अद्भुत समागम दर्शकों के सामने बिखरा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कलाकार श्री अनुज शर्मा और दीपक साहू ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों को प्रभावित किया। साथ ही बॉलीवुड की मधुर स्वर की धनी कनिका कपूर ने अपनी लोकप्रिय धुनों से समारोह को और भी यादगार बना दिया। समापन अवसर पर स्थानीय कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने महोत्सव को जीवंतता और उत्साह से भर दिया। उपस्थित सभी दर्शक इस सांस्कृतिक का हिस्सा बनकर आनंदित हुए और इस महोत्सव की यादें हमेशा के लिए संजो ली।
छत्तीसगढ़ी संगीत की धरोहर जीवंत: अनुज शर्मा की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति
छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कलाकार अनुज शर्मा ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत भक्ति गीतों से करते हुए उन्होंने “राम सिया राम” और “आरुग दिया ला जलाए” जैसे गीतों के माध्यम से देवी-देवताओं की आराधना प्रस्तुत की। श्री शर्मा ने अपने सुपरहिट छत्तीसगढ़ी फिल्मों “छुइंया भुइयां” और “झन भूलो मां बाप ला के चर्चित गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों को ताल से ताल मिलाकर झूमने को मजबूर कर दिया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति में स्थानीय संस्कृति और परंपरा का सुंदर मिश्रण पेश किया, जिससे हर कोई झूम उठे। उन्होंने हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति ने भी माहौल को और जीवंत बना दिया।
छालीवुड के सुपरस्टार दीपक साहू ने अपनी शानदार नृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को आकर्षित किया। उन्होंने मोहिनी खवा के जिया ला चुराए रे,…और अपने छत्तीसगढ़ी फिल्मो की लोकप्रिय गीतों पर अपने ऊर्जावान और तालमेलपूर्ण नृत्य से महोत्सव के रंग को और भी उल्लासपूर्ण बना दिया। दीपक साहू की प्रस्तुति केवल नृत्य तक सीमित नहीं रही,उन्होंने अपनी हाव-भाव और स्टेज प्रजेंस से दर्शकों को पूरी तरह मोहक भाव से प्रभावित कर दिया। उनके हर कदम और हर मूवमेंट में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा झलक रही थी, जिसने समारोह के आनंद और उत्साह को दोगुना कर दिया। दर्शक उनके साथ तालियों और उत्साह से झूमते रहे, और इस प्रस्तुति ने महोत्सव की यादों को और भी सजीव बना दिया।
पाली महोत्सव के समापन समारोह में बॉलीवुड की लोकप्रिय गायिका कनिका कपूर ने अपनी शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों के सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति देकर मंच पर अपनी आवाज का जादू बिखेरा। कनिका कपूर ने काला चश्मा, चंद दी कुड़ी, “नखरा तीखी तलवार वरगा”, “ब्राउन मुंडे” जैसे अनेक हिट गीतों को अपनी सुरीली आवाज और शानदार स्टेज प्रेजेंस के साथ पेश किया। उनके सुर और ताल ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया और महोत्सव का माहौल ऊर्जावान और रोमांचक बना दिया। उनकी प्रस्तुति ने पाली महोत्सव के समापन को एक भव्य और मनोरंजक अनुभव में बदल दिया। दर्शक उनकी मधुर आवाज और आकर्षक प्रस्तुति का लुत्फ उठाते हुए अंत तक मुग्ध बने रहे।
पाली महोत्सव 2026 के समापन अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल छू लिया। सोनू भाठिया एंड ग्रुप ने जसगीत की प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत किया, चिराग शुक्ला एंड बैंड ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
स्थानीय कलाकार थिरमन दास ने छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना के साथ अपने कार्यक्रम की भव्य शुरुआत की। धारा सोनवानी ने छत्तीसगढ़ की भाजी और भोजन संस्कृति को सुंदर गीतों के माध्यम से प्रस्तुत कर समापन समारोह में रौनक बढ़ा दी। साथ ही सूफी गायक राहुल ठाकुर बैंड, रायपुर ने सूफी संगीत से दर्शकों को बांधे रखा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की विविधता में ज्योति बोहिदार वैष्णव की कत्थक नृत्य और स्कूली बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ भी शामिल रहीं, जिन्होंने महोत्सव के रंग को और भी उत्सवमय बना दिया।
कोरबा। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतरेगा पिकनिक स्पॉट के रिसॉर्ट में सुबह उस वक्त पर्यटनों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, जब विद्युत मीटर बोर्ड के पीछे करीब 8 फीट लंबा किंग कोबरा छिपकर बैठा मिला। किंग कोबरा की जानकारी मिलते ही रेस्ट हाउस के मैनेजर इस्तीखार खान ने तत्काल वन विभाग एवं नोवा नेचर संस्था के सदस्य जितेंद्र सारथी को सूचना दिया, जिसके बाद सारथी ने अपने अजगर बहार के स्थानीय टीम के सदस्य कमलेश, देवेंद्र, राम, गौतम, दिल ,नरेश, देव मरावी को तत्काल सतरेगा के लिए रवाना कर साथ ही इसकी जानकारी कोरबा वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय दिया एवं उनके निर्देशानुसार उपवनमण्डलाधिकारी रामसिंह राठिया उत्तर के मार्गदर्शन एवं बालकों रेंजर जयंत सरकार के नेतृत्व में जितेंद्र सारथी एवं सिद्धांत जैन कोरबा से रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंच कर सर्वप्रथम विद्युत विभाग को सूचना देकर बिजली को बंद करवाया गया, फिर पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, किंग कोबरा सर्किट बोर्ड के पीछे बेहद संकरी जगह में छिपा हुआ था, जिसके कारण उसे बाहर निकालना टीम के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत और सावधानी के बाद टीम ने करीब 8 फीट लंबे किंग कोबरा को सफलतापूर्वक सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के दौरान किंग कोबरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों की भीड़ लग गई, इतने फुर्तीले और लंबे सांप को देख कर लोग जिज्ञासा वश फोन से वीडियो बनाने से नहीं चुके, साथ ही मौजूद लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया, सफल रेस्क्यू के बाद पंचनामा के पश्चात किंग कोबरा को उसके उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
कोरबा जिले के लेमरू, बालको , पसरखेत , करतला, कुदमुरा एवं आसपास के वन क्षेत्रों से पिछले कुछ समय से छोटे आकार के किंग कोबरा लगातार सामने आ रहे हैं, छोटे किंग कोबरा का बार-बार मिलना इस क्षेत्र में इनके प्राकृतिक प्रजनन और अनुकूल आवास की उपलब्धता का सकारात्मक संकेत माना जा सकता है, साथ ही यह बात भी सिद्ध करता हैं कि एक ही सांप बार बार रेस्क्यु नहीं हो रहे बल्कि सभी किंग कोबरा दूसरे से भिन्न हैं। हालांकि, क्षेत्र में इनकी वास्तविक संख्या और आबादी की स्थिति निर्धारित करने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब स्थानीय लोगों में भी किंग कोबरा और अन्य वन्यजीवों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ रही है। आज किसी क्षेत्र में किंग कोबरा दिखाई देने पर लोग उसे मारने या नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग अथवा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देते हैं। सूचना का समय पर मिलना और सांप का सुरक्षित रेस्क्यू होकर पुनः प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाना वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है।
वन विभाग एवं नोवा नेचर ने आम लोगों से अपील की है कि किंग कोबरा या किसी भी सांप के दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखें और स्वयं पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें, तत्काल प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
जर्जर सड़कों की शीघ्र मरम्मत और सड़क सुरक्षा के लिए गति अवरोधक व संकेतक लगाने के निर्देश
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में बुधवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन उपस्थित रहे। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित कार्यों की जानकारी ली गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान वर्षा ऋतु के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की स्थिति पर चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की आवागमन सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऐसी सड़कों की शीघ्र मरम्मत एवं सुधार कराने की आवश्यकता बताई। इस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़कों की मरम्मत एवं सुधार कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में सड़क सुरक्षा के विषय पर भी चर्चा करते हुए दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए आवश्यक स्थानों पर गति अवरोधक एवं सड़क संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले के पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर भी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने आवश्यकता वाले क्षेत्रों में बांगो डेम से पेयजल उपलब्ध कराने की बात रखी। इस संबंध में संबंधित विभागों को क्षेत्र की आवश्यकता, तकनीकी संभावनाओं एवं व्यवहारिक पहलुओं का परीक्षण करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं, उपलब्धियों, कार्यों की प्रगति तथा हितग्राहियों को दिए जा रहे लाभों की जानकारी प्रस्तुत की गई। जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित आवश्यकताओं एवं ग्रामीणों की समस्याओं को बैठक में रखा गया, जिस पर अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, श्रीमती शांति मरावी, श्रीमती सुष्मिता अनंत कमलेश, श्रीमती सावित्री अजय कंवर, श्रीमती सुषमा रवि रजक, विनोद कुमार यादव, श्रीमती माया रूपेश कंवर, कौशल नेटी एवं विद्वान सिंह मरकाम, उपसंचालक पंचायत मिथलेश किसान सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा, 10 सितम्बर 2026। जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन, कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति का गठन किया गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिला स्तरीय समिति में पुलिस अधीक्षक, वन मंडलाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जिला परिवहन अधिकारी, सहायक संचालक जनसंपर्क तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद कोरबा को सदस्य बनाया गया है। अभियान के अंतर्गत जिले में विभिन्न जनभागीदारी एवं सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अभियान के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’, ‘नमो सेवा गाथा’ नुक्कड़ नाटक, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘जल जन सेवा संकल्प’ जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के सफल संचालन के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शासकीय अमले एवं उपलब्ध संसाधनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के दौरान आयोजित होने वाली प्रत्येक गतिविधि का फोटो एवं वीडियो अभिलेखीकरण करते हुए जिलेवार प्रगति प्रतिवेदन नियमित रूप से राज्य स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। प्रचार-प्रसार एवं सोशल मीडिया गतिविधियों में शासन द्वारा निर्धारित हैशटैग, फ्रेम एवं लोगो का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी आयोजनों में वित्तीय मितव्ययिता बरतते हुए उपलब्ध शासकीय संसाधनों एवं अधोसंरचना का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति अभियान की गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागों के बीच समन्वय तथा निर्धारित कार्यक्रमों की सतत मॉनिटरिंग करेगी। अभियान का उद्देश्य जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए जनभागीदारी के माध्यम से सेवा एवं विकास गतिविधियों को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचाना है।