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कोरबा

दो साल के बच्चे का गोबर-गैस टैंक में शव:कल दोपहर से लापता था, माता-पिता काम करने तमिलनाडु गए थे, दादा-दादी के पास रहता था

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मंगलवार सुबह एक दो वर्षीय बच्चे का शव उसके घर के बाड़ी में स्थित बंद पड़े गोबर गैस टैंक से बरामद किया गया। बच्चा सोमवार दोपहर से लापता था। यह मामला दर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत बरेलीमुंडा गोपालपुर गांव का है।

जानकारी के अनुसार, बरेलीमुंडा गोपालपुर निवासी प्रमोद कंवर ने सोमवार को दर्री थाना में अपने दो वर्षीय पोते हर्ष कंवर के लापता होने की सूचना दी थी। प्रमोद ने बताया कि हर्ष उसके साथ घर पर था और अचानक कहीं चला गया। परिवार ने गांव, खेल के मैदान, पड़ोसियों के घर, कुएं और झाड़ियों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

गोबर गैस टैंक के अंदर मिला बच्चे का शव

सूचना मिलने पर दर्री थाना पुलिस मंगलवार सुबह गांव पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घर के आंगन, कुएं और आसपास की झाड़ियों में तलाशी ली। इस दौरान, घर से कुछ दूरी पर बाड़ी में बने गोबर गैस टैंक पर पुलिस का ध्यान गया। टैंक बंद था, लेकिन उसका चैंबर खुला था और उसमें पानी भरा हुआ था।

संदेह होने पर पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से टैंक का पानी खाली कराया। पानी कम होने पर मासूम हर्ष का शव टैंक के अंदर मिला। घटना के बाद गांव में भीड़ जमा हो गई।

तमिलनाडु कमाने गए थे बच्चे के माता-पिता

मृतक हर्ष कंवर के माता-पिता, लक्ष्मी कंवर और उनकी पत्नी, कुछ महीने पहले तमिलनाडु कमाने गए हुए हैं। हर्ष अपने दादा-दादी प्रमोद कंवर के पास रहता था। परिजनों ने बताया कि माता-पिता की योजना थी कि जब वे तमिलनाडु में व्यवस्थित हो जाएंगे, तब हर्ष को अपने साथ ले जाएंगे।

कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने इस मामले में बताया कि सोमवार को बच्चे के गुम होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद तलाश की गई। मंगलवार को शव बरामद कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।

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कोरबा

भव्य आध्यात्मिक समारोह में दिव्य मंत्रोच्चार के साथ पाली में नवनिर्मित राधा-कृष्ण धाम में प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न

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कोरबा/पाली। कोरबा जिला के पाली ब्लाक मुख्यालय नगर पंचायत पाली के मंगल भवन के पास ख्यातिलब्ध समाजसेवी प्रशांत मिश्रा के नेतृत्व में जनसहयोग से मंगल भवन के पास राधा-कृष्ण धाम का भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया है, जहां राधा-कृष्ण की दिव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक समारोह का आयोजन किया गया।
प्रथम दिन भव्य रूप से विशाल कलश यात्रा निकाली गई। दूसरे दिन दिव्य मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। तीसरे दिन नवनिर्मित मंदिर में महाआरती के साथ विशाल भोग भंडारे का आयोजन किया गया, जहां पर हजारों धर्मानुरागियों ने भोग प्रसाद ग्रहण किया। तीन दिन तक पाली आध्यात्मिक, अलौकिक तथा सद्भाव की पवित्र रसधारा में स्नान किया। पाली के चारों तरफ आध्यात्म की गूंज सुनाई दे रही थी, वहीं दिव्य मंत्रोच्चार से चारों तरफ सत्व का प्रकाश फैल रहा था और घंटे की नाद से प्रकृति भी राधा-कृष्ण की भक्ति का रसपान कर रही थी। बरसात में आसमान की लालिमा भी संदेश दे रही थी कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की दिव्य प्रतिमा से प्रकृति भी प्रसन्नचीत हो रही है और अपनी लालिमा से आसमान भी मानो आयोजकों को आशीर्वाद दे रहा है। इस अद्भूत, अलौकिक और पवित्र क्षण का हजारों लोग साक्षी बने।

समारोह के द्वितीय दिन हुई प्राण प्रतिष्ठा

तीन दिवसीय समारोह के द्वितीय दिवस 19 जुलाई को विद्वान पंडितों, आचार्योंश्री अभिनव शुक्ला, संजय कृष्णा द्विवेदी, वासुदेव पाण्डेय, कृष्णा तिवारी, विवेकानंद पंडा एवं सी डी वैष्णव सहित उपस्थित पंडितों एवं आचार्यों के श्रीमुख से दिव्य मंत्रोच्चारों की गूंज सुनाई दे रही थी, घंटे की नाद से क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था, अलौकिक हवन पूजन से पूरा प्रकृति सत्व से नहा रही थी और मुख्य यजमान प्रशांत मिश्रा-श्रीमती अनामिका मिश्रा सहित पूजा में बैठे युगल दम्पत्तियों के हवन पूजन से सभी देवी-देवता पूजन स्थल में पहुंच कर मानो इस महायज्ञ को सफल बना रहे हों और भगवान राधा-कृष्ण की युगल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी बन रहे हों और इस अद्भूत मूर्ति को देखने के लिए लालायित हो रहे हों।
इस दिव्य समारोह में विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कई दिग्गज और विभूतियां शामिल हुए और इस दिव्य समारोह में स्थापित मूर्तियों का दिव्य दर्शन कर अभिभूत हुए।


आषाढ़ शुक्ल पंचमी 19 जुलाई को शुभ लग्र में भगवान राधा-कृष्ण की दिव्य मूर्ति के साथ भगवान श्रीगणेश के विग्रह की भी प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। सबसे पहले विघ्न विनाशक भगवान श्रीगणेश राधा-कृष्ण धाम में पधारे और भगवान राधा-कृष्ण की युगल जोड़ी की भव्य प्रतिष्ठा के साक्षी बने। ऐसा अद्भूत और अलौकिक दृष्य से उपस्थित भक्तगण रोमांचित हुए और प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न होने के बाद दिव्य मूर्तियों का दर्शन कर पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

कार्यक्रम के अंतिम दिन विशाल भोग भंडारा में हजारों लोगों ने किया प्रसाद ग्रहण

कार्यक्रम के तीसरे और अंतिम दिन आषाढ़ शुक्ल षष्ठी 20 जुलाई को भी भगवान जगन्नाथ के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हवन पूजन, महाआरती का आयोजन किया गया और पूजन सम्पन्न होने के बाद परिसर में विशाल भोग भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश भर से आए धर्मानुरागियों ने भोग प्रसाद ग्रहण कर धन्य हुए और भगवान राधा-कृष्ण धाम का दिव्य दर्शन कर पूण्य लाभ प्राप्त किया।

प्रथम दिन विशाल और भव्य कलश यात्रा निकाली गई

पाली में नवनिर्मित राधा-कृष्ण धाम में तीन दिवसीय आध्यात्मिक समारोह के प्रथम दिन 18 जुलाई को हजारों नारी शक्ति ने कलश यात्रा निकाली और कलश यात्रा के दौरान पूरा पाली भगवामय तथा राधा-कृष्ण भक्तिमय हो गया था। प्रमुख आचार्य एवं पंडितों की अगुवाई में मुख्य यजमान प्रशांत मिश्रा-श्रीमती अनामिका मिश्रा सिर में व्यासपीठ लेकर कलश यात्रा की अगुवाई कर रहे थे। दिव्यता और अलौकिक दृश्य से सभी रोमांचित हो रहे थे। कलश यात्रा नौकोनिहा तालाब से पवित्र जल लेकर शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद निकली और नवनिर्मित राधा-कृष्ण धाम परिसर कथास्थल पर पहुंची। कलश यात्रा पूर्ण होने के बाद कथास्थल में व्यासपीठ की स्थापना करने के बाद हवन-पूजन प्रारंभ हुआ और दूसरे दिन प्राण प्रतिष्ठा की गई।

प्रशांत मिश्रा ने क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की और आभार जताया

मुख्य यजमान के रूप में प्रशांत मिश्रा-श्रीमती अनामिका मिश्रा ने प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न होने के बाद अपने आराध्य देव भगवान राधा-कृष्ण और श्रीगणेश की पूजा-अर्चना की और सपत्नीक क्षेत्र की खुशहाली, समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा और प्रदेश में अमन चैन, सद्भाव तथा विश्व में शांति के लिए कामना की।
तीन दिवसीय इस अलौकिक दिव्य समारोह की सफलता में धर्मानुरागियों की सहभागिता रही, प्रशांत मिश्रा ने सभी का आभार जताया। तीन दिवसीय समारोह को जिनका सानिध्य मिला, उन आचार्यों एवं पंडितों का भी आभार जताया, जिनकी विद्वता से यह समारोह भव्य और अलौकिक बन सका। दूर दराज से पधारे धर्मानुरागियों का भी प्रशांत मिश्रा ने ह्दय से अभिनंदन किया और आभार जताया।

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कोरबा

कोरबा में पति-पत्नी ने पीया जहर:रथयात्रा में साथ नहीं ले जाने पर हुआ विवाद, दोनों की हालत खतरे से बाहर

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कोरबा। कोरबा जिले के रजगामार चौकी क्षेत्र केराकछार गांव में एक नवविवाहित जोड़े ने मामूली विवाद के बाद जहर का सेवन कर लिया। 23 वर्षीय अकील सिंह और 21 वर्षीय किरण सिंह को परिजनों ने तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना रथयात्रा कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। अकील सिंह रथयात्रा में जाने की तैयारी कर रहा था, तभी उसकी पत्नी किरण सिंह ने भी साथ चलने की जिद की। अकील ने मना कर दिया और अकेले ही कार्यक्रम में चला गया।

रात में देर से घर लौटने के बाद अगले दिन सुबह इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच फिर विवाद हो गया। गुस्से में पहले किरण ने घर में रखा जहर पी लिया। पत्नी के जहर पीने की जानकारी मिलने पर अकील ने भी आवेश में आकर जहर का सेवन कर लिया।

समय पर इलाज से बची दोनों की जान

परिजनों को घटना का पता चलते ही घर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोनों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण दोनों की जान बच गई और उनकी स्थिति अब स्थिर है।

रथयात्रा को लेकर विवाद, पुलिस ने दर्ज किए बयान

घटना की सूचना मिलने पर जिला अस्पताल चौकी पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची। पुलिस ने अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर पति-पत्नी के बयान दर्ज किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में विवाद का मुख्य कारण रथयात्रा में साथ न ले जाना बताया जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

एक साल पहले हुई थी शादी, ससुराल में रह रही थी पत्नी

बताया गया है कि अकील और किरण की शादी को अभी लगभग एक साल ही हुआ है। उनका विवाह सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। किरण मूल रूप से धरमजयगढ़ क्षेत्र के जमरगी डीह की निवासी है और शादी के बाद से केराकछार में अपने ससुराल में रह रही थी।

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कोरबा में गंदगी बनी दो बैलों की मौत की वजह:जहरीला कचरा खाने से तड़प-तड़पकर तोड़ा दम, गंदगी से ग्रामीणों में आक्रोश

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कोरबा में गंदगी बनी दो बैलों की मौत की वजह:जहरीला कचरा खाने से तड़प-तड़पकर तोड़ा दम, गंदगी से ग्रामीणों में आक्रोश

कोरबा। कोरबा जिले के हरदी बाजार ग्राम पंचायत क्षेत्र में गंदगी और लापरवाही के चलते दो बेजुबान बैलों की दर्दनाक मौत हो गई। रविवार (26 जुलाई) सुबह रोड स्थित जेपी सैलून के पीछे पुराने बिंझवार आश्रम परिसर में दोनों बैल मृत मिले। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कचरे में पड़े प्लास्टिक और जहरीले पदार्थ खाने से दोनों मवेशियों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

रविवार सुबह राहगीरों ने सैलून के पीछे दोनों बैलों को मृत अवस्था में पड़ा देखा। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

कचरे का ढेर बना मौत का कारण

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आश्रम परिसर के आसपास दुकानदार और कुछ लोग लंबे समय से प्लास्टिक, पन्नी, थर्माकोल और अन्य कचरा फेंक रहे हैं। धीरे-धीरे यहां कचरे का बड़ा ढेर बन गया है, लेकिन ग्राम पंचायत ने इसकी सफाई के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।

भोजन की तलाश में पहुंचे, जहरीला कचरा खा लिया

ग्रामीणों का कहना है कि भूखे मवेशी अक्सर भोजन की तलाश में इस स्थान पर पहुंचते हैं। कचरे में पड़े प्लास्टिक, पन्नी और अन्य हानिकारक पदार्थ खा लेने से उनकी जान चली जाती है। रविवार को भी ऐसी ही आशंका जताई जा रही है।

बीमारी फैलने का भी खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि यह सिर्फ मवेशियों की मौत का मामला नहीं है, बल्कि गंदगी के कारण इलाके में बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। कचरे के ढेर से बदबू आती है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पंचायत ने कोई कार्रवाई नहीं की।

कार्रवाई की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से कचरा तत्काल हटाने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही मवेशियों के शव हटाने और मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रशासनिक टीम भेजने की भी मांग उठाई गई है।

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