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अमेरिकी टैरिफ डील, राहुल बोले- मोदी ने विश्वासघात किया:खड़गे का आरोप- सरकार ट्रम्प की ट्रैप डील में फंसी, भारत से भारी रियायतें छीन लीं

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नई दिल्ली,एजेंसी। अमेरिकी टैरिफ डील पर विपक्ष फिर मोदी सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पीएम मोदी पर समझौता करने का आरोप लगाया। कहा कि उनका विश्वासघात अब उजागर हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि पीएम इस व्यापार समझौते में फिर से आत्मसमर्पण कर देंगे।

उधर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना मोदी सरकार ने इतनी जल्दबाजी में एक ट्रैप डील में शामिल क्यों हुए, जिसने भारत से भारी रियायतें छीन लीं।

बता दें अमेरिका ने 2 फरवरी को भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18% किया था। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 20 फरवरी को बताया कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा।

ट्रम्प के टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है।

खड़गे ने कहा- मोदीजी को सच्चाई बतानी चाहिए

1. मल्लिकार्जुन खड़गे: मोदी जी को देशवासियों के सामने खड़े होकर सच्चाई बतानी चाहिए। किसने या किन कारणों ने आपको भारत के राष्ट्रीय हित और रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता करने के लिए दबाव डाला? क्या यह एप्सटीन फाइल्स थीं। क्या भारत सरकार अपनी गहरी निष्क्रियता से जागेगी? क्या 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान, साथ ही किसानों, मजदूरों, छोटे व्यवसायों और व्यापारियों के हितों की रक्षा करने वाला एक निष्पक्ष व्यापार समझौता पेश करेगी।

2 . जयराम रमेश: यदि सरकार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के लिए 18 दिन और इंतजार करती, तो भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जा सकती थी। भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वास्तव में एक परीक्षा है, जिसे प्रधानमंत्री की हताशा और आत्मसमर्पण के कारण भारत पर थोपा जा रहा है।

3. मनीष तिवारी: यह फैसला दुनिया की अदालतों के लिए संदेश है कि उन्हें कार्यपालिका की ज्यादती रोकनी चाहिए। अगर न्यायपालिका अपना काम नहीं करेगी तो लोकतंत्र तानाशाही में बदल सकता है। इस फैसले से ट्रम्प प्रशासन, न्यायपालिका और विधायिका के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है।

4. प्रियंका चतुर्वेदी: भारत ने इस समझौते में जल्दबाजी क्यों की? भारत को अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए था। अभी भारतीय निर्यात पर 10% टैरिफ है, जबकि अमेरिकी आयात पर लगभग जीरो टैरिफ, इससे डील असंतुलित दिखती है।

20 फरवरी: ट्रम्प ने सभी देशों पर 10% नया टैरिफ लगाया

20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया। उन्होंने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर इसे लागू किया। यह टैरिफ 24 फरवरी को आधी रात से लागू होगा।

इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है।

ट्रम्प ने इसकी आलोचना करते हुए कहा- यह बहुत निराशाजनक है। मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। वे देश के लिए कलंक हैं, उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है। भारत के साथ ट्रेड डील पर ट्रम्प ने कहा कि, इस डील में कोई बदलाव नहीं होगा। पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं।

हालांकि, BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय यूनियन समेत अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने वाले देशों को अब 10% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। यानी कि भारत पर अब टैरिफ 18% की जगह घटकर 10% रह जाएगा।

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इस हफ्ते सोने-चांदी में बढ़त रही:सोना ₹2,300 बढ़कर ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम हुआ, चांदी ₹8,000 महंगी हुई

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मुंबई, एजेंसी। इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में बढ़त रही। सोना 2,300 रुपए बढ़कर 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 13 फरवरी, शुक्रवार को 1,53 लाख रुपए पर था। वहीं चांदी 2.42 लाख किलो से बढ़कर 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 8,000 रुपए बढ़ी है।

इस साल सोना 22,000 रुपए और चांदी 20,000 रुपए महंगी हुई

इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 22,000 रुपए और चांदी 20,000 रुपए महंगी हो चुकी है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई भी बनाया था।

  • 2025 में सोना रू.57 हजार (75%) बढ़ा है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना रू.76 हजार का था, जो 31 दिसंबर 2025 को रू.1.33 लाख रुपए हो गया।
  • चांदी इस दौरान रू.1.44 लाख (167%) बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी रू.86 हजार की थी, जो साल के आखिरी दिन रू.2.30 लाख प्रति किलो हो गई।

सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

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मायावती-अखिलेश बोले- AI समिट में कांग्रेस का प्रदर्शन गलत:भाजपा का देशभर में प्रदर्शन, महाराष्ट्र में राहुल को काले झंडे दिखाए

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नई दिल्ली/मुंबई/गुजरात,एजेंसी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा चीफ मायावती ने दिल्ली के भारत मंडपम में AI समिट में शुक्रवार को कांग्रेस के प्रदर्शन को गलत बताया है। अखिलेश ने कहा,

जब दुनियाभर से डेलीगेट्स आये हो तो ऐसा हंगामा नहीं करना चाहिए। सरकार से लड़ाई हमारा इंटर्नल मामला है, फॉरेन डेलीगेट्स के सामने हमारे देश का अपमान होता है।

मायावती ने X पर लिखा- कांग्रेस का प्रदर्शन निन्दनीय है। अगर यह सम्मेलन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो अलग बात थी, लेकिन AI समिट के दौरान ऐसा व्यवहार करना चिन्ता की बात है।

इधर, कांग्रेस के AI समिट में हंगामा करने के विरोध में भाजपा ने दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन किया। मुंबई के मुलुंड में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के काफिले को काले झंडे दिखाए।

उधर, AI समिट में हंगामा करने वाले कांग्रेस के चारों कार्यकर्ताओं को आज पटियाला कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि प्रदर्शन करने वाले नेपाल के Gen-Z आंदोलन से प्रेरित थे। यह प्रदर्शन एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। हंगामे के दौरान कई ग्लोबल लीडर्स और टेक इंडस्ट्री के एक्सपर्ट वहां मौजूद थे।

पुलिस ने कहा कि यह जांच करनी है कि आरोपियों ने PM मोदी की फोटो वाली टी-शर्ट किससे छपवाई। इसके अलावा उनके मोबाइल फोन भी बरामद करने हैं। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि ने चारों आरोपियों को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

AI समिट में हंगामा करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा ने गद्दार कहा है।

AI समिट में हंगामा करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा ने गद्दार कहा है।

भाजपा युवा मोर्चा विरोध में शामिल हुआ है।

भाजपा युवा मोर्चा विरोध में शामिल हुआ है।

दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते भाजपा कार्यकर्ता।

दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते भाजपा कार्यकर्ता।

दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के पास सिक्योरटी बढ़ाई गई।

दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के पास सिक्योरटी बढ़ाई गई।

मुंबई-ठाणे के रास्ते में मुलुंड पोस्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के काफीले को काले झंडे दिखाए।

मुंबई-ठाणे के रास्ते में मुलुंड पोस्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के काफीले को काले झंडे दिखाए।

भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस ने हंगामा किया

20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए थे।

इसमें 10 से ज्यादा कार्यकर्ता हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए थे। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उस पर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड।

गिरफ्तार लोगों ने बिहार से यूथ कांग्रेस के नेशनल सेक्रेटरी कृष्ण हरि, बिहार में IYC स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश में IYC स्टेट प्रेसिडेंट अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं।

AI समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन की तस्वीरें…

यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथ में टी-र्शट लेकर स्टेज पर चढ़ गए।

यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथ में टी-र्शट लेकर स्टेज पर चढ़ गए।

इस दौरान कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे।

इस दौरान कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे।

दिल्ली पुलिस प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को अपने साथ ले गई।

दिल्ली पुलिस प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को अपने साथ ले गई।

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ब्राजीली राष्ट्रपति ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की:भारत-ब्राजील में क्रिटिकल मिनरल्स समझौता, PM मोदी बोले– 5 साल में 20 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

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नई दिल्ली,एजेंसी। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा 18-22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं। आज उन्होंने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान लूला डी सिल्वा ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने यह भी कहा, ‘आतंकवाद किसी धर्म या राष्ट्रीयता से जुड़ा नहीं है।’

दूसरी ओर भारत और ब्राजील के बीच क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स को लेकर समझौता हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता मजबूत सप्लाई चेन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उन्होंने कहा कि भारत और ब्राजील ने अगले पांच सालों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक करने का लक्ष्य रखा है।

लूला डी सिल्वा के भारत दौरे की तस्वीरें…

मोदी से हाथ मिलाते ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ।

मोदी से हाथ मिलाते ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ।

राष्ट्रपति भवन में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा का स्वागत हुआ।

राष्ट्रपति भवन में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा का स्वागत हुआ।

पीएम मोदी ने हैदराबाद हाउस में सिल्वा का स्वागत किया। यहां दोनों लीडर ने बैठक की।

पीएम मोदी ने हैदराबाद हाउस में सिल्वा का स्वागत किया। यहां दोनों लीडर ने बैठक की।

चीन की निर्भरता कम करने की तैयारी में भारत-ब्राजील

क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स से जुड़ा समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख हिस्सा है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन की निर्भरता कम करने, ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को सपोर्ट करने और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर केंद्रित है।

यह समझौता दोनों देशों को कच्चे माल के निर्यातक से आगे बढ़ाकर प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रिसाइक्लिंग में भागीदार बनाने पर जोर देता है।

ग्रीन ट्रांजिशन सपोर्ट: क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और AI से जुड़े टेक्नोलॉजी के लिए जरूरी मिनरल्स की सुरक्षित आपूर्ति।

खनन, प्रोसेसिंग और रिसाइक्लिंग: क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे लिथियम, निकल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट) और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) पर फोकस।

सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन: चीन पर निर्भरता कम करना, खासकर EV बैटरी, रिन्यूएबल एनर्जी और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए।

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: भारत की प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग क्षमता ब्राजील के संसाधनों के साथ जोड़ी जाएगी।

इन्वेस्टमेंट और जॉइंट वेंचर्स: भारतीय कंपनियां ब्राजील में निवेश कर सकती हैं, जबकि ब्राजील भारतीय टेक्नोलॉजी और मार्केट एक्सेस चाहता है।

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