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कोरबा

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस:जिला न्यायालय कोरबा में महिला प्रतिभाओं का सम्मान

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कोरबा। उच्च न्यायालय बिलासपुर (छत्तीसगढ़), राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार 08 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय कोरबा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा (छ0ग0) के नेतृत्व में महिला अधिकार जागरूकता कार्यक्रम व महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर में अतिथि के रूप में प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ कोरबा, सचिव जिला अधिवक्ता संघ कोरबा तथा उपाध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ कोरबा मंचस्थ रहे तथा जिला कोरबा के समस्त न्यायाधीशगण जिला अधिवक्ता संघ के समस्त अधिवक्तागण, शासकीय अभिभाषक, ए.डी.पी.ओ. कोरबा एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

उपरोक्त कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा (छ0ग0) द्वारा महिलाओं को सम्बोधित करते हुए सनातन परंपरा से ही कन्या, नारी, मातृ शक्ति के रूप में पहले से पूजनीय हैं। नारी को पुजनीय का एक मात्र करण यह नहीं है कि वह पुजनीय है, बचपन से लेकर युवावस्था से वृद्धावस्था तक सारी जिम्मेदारी नारी की ही रहती है। पूरे जीवन संघर्ष करती है, नारी जीवन संघर्ष की कहानी है। नारी शक्ति का योगदान न हो तो समाज की स्थापना ही संभव नहीं है। नारी को एक ही दिन सम्मान न देकर पूरे 365 दिन सम्मान देना चाहिए। यदि पुरूषों एवं महिलाओं के कार्यो की तुलना करें तो महिलायें 1-2 प्रतिशत अधिक आगे निकलेंगी। हमारी बेटी, मां, बहन है, उनका पारिवारिक ताना-बाना है। वो महिला शक्ति से ही है। जिला स्थापना की सभी महिलाएं अपनी कुशलता से काम कर रही हैं। अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ कोरबा, सचिव जिला अधिवक्ता संघ कोरबा तथा उपाध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ कोरबा द्वारा भी महिलाओं के सम्मान में अपने विशेष विचारों को साझा किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जयदीप गर्ग विशेष न्यायाधीश एस.टी.एस.सी.(एट्रोसिटी) कोरबा, श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा (छ0ग0), डॉ. ममता भोजवानी, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा, सुनिल कुमार नन्दे, तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा, अविनाश तिवारी, श्रम न्यायाधीश कोरबा, सुश्री सीमा प्रताप चंद्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.), शीलू सिंह, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा, कु. मयूरा गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजि0 कोरबा, लोकेश पटले, न्यायिक मजि0 प्रथम श्रेणी कटघोरा, कु. डॉली ध्रुव, न्यायिक मजि0 प्रथम श्रेणी कोरबा, श्रीमती सोनी तिवारी, न्यायिक मजि0 प्रथम श्रेणी कोरबा, कु. रन्जु वैष्णव, न्यायिक मजि0 प्रथम श्रेणी कटघोरा, कु. कुमुदनी गर्ग, न्यायिक मजि0 प्रथम श्रेणी कोरबा,सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा, सिद्धार्थ आनंद सोनी, न्यायिक मजि0 प्रथम श्रेणी कटघोरा, कु. शोआ मंसूर, न्यायिक मजि0 प्रथम श्रेणी पाली, हेमंत राज धु्रव एवं छ0ग0 राज्य अधिवक्ता संघ के सदस्य अधिवक्ता अशोक तिवारी उपस्थित रहे, लीगल एड डिफेंस कौंसिल कोरबा के अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित समस्त महिला न्यायाधीशगण, महिला अधिवक्तागण एवं महिला कर्मचारीगण को स्मृति चिह्न एवं पुष्पगुच्छ से सम्मानित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

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कोरबा

कोरबा में भाजपा की प्रेस वार्ता: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस पर तीखा हमला

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भाजपा का आरोप: कांग्रेस ने रोका महिलाओं का हक, उजागर हुई संकीर्ण मानसिकता

कोरबा। भाजपा जिला कार्यालय पं. दीनदयाल कुंज, टीपी नगर कोरबा में आज आयोजित प्रेस वार्ता में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जोरदार निशाना साधा। प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा प्रीति स्वर्णकार एवं प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा संतोषी दीवान मौजूद रहे।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर अपनी “संकीर्ण और महिला-विरोधी मानसिकता” उजागर की है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष ने इसे रोककर मातृशक्ति के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। भाजपा वक्ताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र प्रथम और राष्ट्र सेवा के भाव से कार्य करती है तथा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया था, लेकिन विपक्ष ने विकास की हर पहल में बाधा डालने की अपनी प्रवृत्ति के तहत इसका विरोध किया। भाजपा ने कांग्रेस पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि आम महिलाओं को राजनीतिक अवसर मिलें और प्रतिनिधित्व बढ़े। पार्टी नेताओं ने विपक्ष को लोकतंत्र के लिए “नासूर” बताते हुए कहा कि यह दल केवल कुछ परिवारों तक राजनीति सीमित रखना चाहते हैं।
भाजपा वक्ताओं ने कहा कि भले ही सदन में संख्या बल के अभाव में विधेयक पारित नहीं हो सका हो, लेकिन पार्टी जनता के बीच जाकर कांग्रेस की “कुत्सित सोच” को उजागर करती रहेगी और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

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कोरबा

SECL गेवरा क्षेत्र के भू-विस्थापितों का बड़ा आक्रोश, मुआवजे और रोजगार की मांग को लेकर 28 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

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कोरबा/गेवरा। एस.ई.सी.एल. (SECL) गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम रलिया, मनगांव, लक्ष्मण नगर और नरईबोध के ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कलेक्टर, विधायक और एसईसीएल महाप्रबंधक को सौंपे गए एक ज्ञापन में ग्रामीणों ने अपनी गंभीर समस्याओं को साझा करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 28 अप्रैल 2026 से वे गेवरा कार्यालय के समक्ष उग्र और अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करेंगे ।

प्रमुख मांगें और समस्याएं

रुका हुआ मुआवजा:- ग्राम रलिया के बहादुर केंवट का मकान तोड़े हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन आज तक मुआवजा राशि खाते में जमा नहीं की गई है। इसी प्रकार मनगांव लक्ष्मण नगर के विस्थापितों की दोबारा अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा भी अटका हुआ है ।

रोजगार की अनदेखी:- प्रभावित परिवारों को न तो स्थाई रोजगार दिया जा रहा है और न ही वैकल्पिक रोजगार की कोई व्यवस्था की गई है। भूमि संबंधी अन्य प्रकरण भी वर्षों से लंबित हैं ।

बाहरी हस्तक्षेप और असुरक्षा:- ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण धरने के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है, साथ ही नरईबोध के पार्षद पति राकेश पटेल पर आरोप लगाया गया है कि वे प्रभावित ग्रामीणों की पीएनसी कंपनी में ज्वाइनिंग को अवैध रूप से रुकवा रहे हैं ।

प्रशासन और SECL को अल्टीमेटम

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपनी जमीन SECL को दी है, किसी स्थानीय प्रतिनिधि को नहीं। अतः प्रबंधन और प्रशासन सीधे विस्थापितों से संवाद करे। ज्ञापन में मांग की गई है, अगले 7 दिनों के भीतर सभी लंबित मुआवजा राशि और रोजगार की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। धरना स्थल और आने-जाने वाले मार्ग पर पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए ।

प्रभावित महिला गोमती केवट ने कहा कि हम अपनी जायज मांगों के लिए सालों से भटक रहे हैं । यदि शासन-प्रशासन सात दिनों में ठोस कार्यवाही नहीं करता, तो 28 अप्रैल से होने वाले अनिश्चितकालीन आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी SECL प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी ।

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जीएसटी बार एसोसिएशन ने माला सिंह का सम्मान किया

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कोरबा। छत्तीसगढ़ टैक्स बार काउंसिल की उपाध्यक्ष एवं टैक्स बार एसोसिएशन कोरबा की सचिव माला सिंह को जीएसटी बार एसोसिएशन ने सम्मानित किया है। यह सम्मान उनके कार्य क्षेत्र में उपलब्धि के लिए किया गया। माला सिंह को सम्मान स्वरूप जीएसटी बार एसोसिएशन बिलासपुर के अध्यक्ष सुरेश शुक्ला एवं सचिव रामेश्वर तंबोली के द्वारा शॉल एवं श्रीफल भेंट किया गया। इस अवसर पर जीएसटी बार एसोसिएशन बिलासपुर ने कहा कि सीएमए सिंह शुरू से ही अपने कार्य को लेकर न केवल बेहद संजीदा हैं बल्कि उन्होंने अपने दायित्व का पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से निर्वहन कर यह साबित किया है कि नारी शक्ति हर क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने में सक्षम हैं। सम्मान कार्यक्रम के दौरान कार्य क्षेत्र से जुड़े अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

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