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छत्तीसगढ़

134 टन कबाड़ समेत 1.15 करोड़ की संपत्ति जब्त:मिनी राइस मिल में मैग्नीज मेटल-पाईलेट गोली भी मिली, रायगढ़ पुलिस की अवैध परिवहन पर कार्रवाई

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रायगढ़,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में रविवार को पुलिस ने 7 ट्रकों में लोड अवैध 134 टन कबाड़ जब्त किया है। साथ ही राइस मिल से 2 टन डंप मैग्नीज मेटल और पाईलेट गोली भी बरामद की गई। जब्त ट्रक और कबाड़ की कीमत करीब 1.15 करोड़ रुपए आंकी गई है।

मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने ड्राइवरों से स्क्रैप परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई भी दस्तावेज पेश नहीं किया। ऐसे में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक समेत स्क्रैप जब्त कर लिया।

इस मामले में सोमवार को पुलिस ने कागजी कार्रवाई करते हुए 7 ड्राइवरों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि स्क्रैप उद्योग में खपाने के लिए पूंजीपथरा लाया जा रहा था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि स्क्रैप कहां से लाया जा था।

कार्रवाई से जुड़ी ये तस्वीरें

पुलिस की ओर से जब्त किए गए एक ट्रक में छड़ मिले।

पुलिस की ओर से जब्त किए गए एक ट्रक में छड़ मिले।

वाहनों में लोहे के मशीनरी पार्ट्स भी मिले।

वाहनों में लोहे के मशीनरी पार्ट्स भी मिले।

ट्रक में बड़ी मात्रा में स्क्रैप लोड मिला।

ट्रक में बड़ी मात्रा में स्क्रैप लोड मिला।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, पूंजीपथरा पुलिस को मुखबिर से अवैध कबाड़ परिवहन और एक स्थान पर मैग्नीज मेटल गोली डंप किए जाने की सूचना मिली थी। जिस पर पुलिस टीम ने तमनार चौक पूंजीपथरा, पूंजीपथरा चौक, दावत ढाबा के सामने मेन रोड और महुआ चौक तुमीडीह में घेराबंदी की।

7 वाहनों में मिला भारी मात्रा में स्क्रैप

घेराबंदी के दौरान पुलिस ने संदिग्ध रूप से गुजर रहे 6 ट्रकों और 1 माजदा वाहन को रोका। जांच में वाहनों में लोहे के मशीनरी पार्ट्स, एंगल, छड़ सहित बड़ी मात्रा में स्क्रैप लोड मिला। प्रारंभिक जांच में जानकारी मिली कि स्क्रैप को स्थानीय प्लांट में खपाने की योजना थी।

नहीं दे पाए दस्तावेज

ड्राइवरों से स्क्रैप परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। चोरी की संपत्ति होने के संदेह पर पुलिस ने वाहनों सहित स्क्रैप जब्त किया और वजन कराया। कुल 134 टन अवैध कबाड़ मिला। कबाड़ की कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है। वाहनों सहित करीब 1 करोड़ 15 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई।

इस मामले में पुलिस ने खेमासागर पाण्डेय (60) ओडिसा, मो. कुर्बान (30) बिहार, मनोज कुमार कुर्रे (40) सारंगढ़-बिलाईगढ़, दौलत राम केवंट (21) सक्ती, सचिन बंजारे (27) सारंगढ़-बिलाईगढ़, महेश कुमार (27) बिहार और मनोज सिंह (37) कोरबा को गिरफ्तार किया गया है।

मिनी राइस मिल में मिला मैग्नीज मेटल

कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने पूंजीपथरा स्थित एक मिनी राइस मिल में दबिश दी। मौके पर प्रियंक देवांगन मौजूद मिला। पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि ट्रक चालकों से मैग्नीज मेटल और पाईलेट गोली लोहे की खरीद की जा रही है।

जांच में मैग्नीज मेटल की 43 बोरियां (करीब 1290 किलो) और पाईलेट गोली लोहे की 57 बोरियां (करीब 2 टन 280 किलो) मिले। जब्त सामग्री की कीमत 76,560 रुपए आंकी गई। संदिग्ध व्यक्ति के पास खरीद-बिक्री से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले।

चोरी का माल होने के संदेह पर सामग्री जब्त की गई। पूंजीपथरा निवासी 43 वर्षीय प्रियंक देवांगन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

कबाड़ कारोबार पर पुलिस की कड़ी नजर

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के तहत चोरी के कबाड़, अवैध स्क्रैप परिवहन और चोरी की संपत्ति की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली चोरी और अवैध कबाड़ कारोबार पर रायगढ़ पुलिस की कड़ी नजर है। ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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छत्तीसगढ़

सुकमा : बंदूक छोड़ थामा ई-रिक्शा का हैंडल, आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़े राजू, मनीष और कलमू

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नक्सल पुनर्वास नीति 2025 ने बदली जिंदगी, मुख्यधारा से जुड़कर बन रहे स्वावलंबी

बंदूक छोड़ थामा ई-रिक्शा का हैंडल, आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़े राजू, मनीष और कलमू
बंदूक छोड़ थामा ई-रिक्शा का हैंडल, आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़े राजू, मनीष और कलमू
बंदूक छोड़ थामा ई-रिक्शा का हैंडल, आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़े राजू, मनीष और कलमू

सुकमा। कभी नक्सल गतिविधियों से जुड़े रहे पोडियाम राजू, मनीष लखमा और कलमू कोसा आज आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की नई मिसाल बन गए हैं। छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति 2025 के तहत आत्मसमर्पण करने के बाद इन युवाओं को जिला प्रशासन द्वारा ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया। अब वे सुकमा की सड़कों पर ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं और समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं।

पुनर्वास नीति बनी नई शुरुआत का आधार

        आत्मसमर्पण के बाद जिला प्रशासन ने तीनों युवाओं को पुनर्वास योजना से जोड़ते हुए वाहन संचालन का प्रशिक्षण दिलाया। साथ ही उनके ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्हें निःशुल्क ई-रिक्शा प्रदान किए गए, जिससे वे नियमित आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सके।

प्रशासन ने बढ़ाया उत्साह

        आज शनिवार को कलेक्टर अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण तथा डीआईजी सीआरपीएफ आनंद सिंह राजपुरोहित सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं इनके ई-रिक्शा में सफर कर उनका उत्साहवर्धन किया। अधिकारियों के इस आत्मीय सहयोग से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें समाज में सम्मानजनक पहचान मिली।

शासकीय योजना से बदली जीवन की दिशा

        नक्सल पुनर्वास नीति के माध्यम से शासन ऐसे युवाओं को न केवल हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित कर रहा है, बल्कि उन्हें रोजगार, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। यही कारण है कि कभी समाज से दूर रहने वाले ये युवा आज शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपने पैरों पर खड़े हो गए हैं।

दूसरों के लिए बने प्रेरणा स्रोत

       राजू, मनीष और कलमू की सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, शासन की संवेदनशील पहल और दृढ़ संकल्प से जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है। आज ये तीनों युवा उन लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं जो भटकाव छोड़कर विकास और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

सफलता की नई पहचान

         इन युवाओं की कहानी यह संदेश देती है कि हिंसा और संघर्ष का रास्ता केवल कठिनाइयों की ओर ले जाता है, जबकि शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़कर सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति ऐसे अनेक युवाओं के जीवन में उम्मीद और बदलाव की नई रोशनी लेकर आ रही है।

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छत्तीसगढ़

भूपेश के आरोपों के बाद प्रशासन एक्टिव:पाटन में 135 कृषि केंद्रों पर छापे, अमानक खाद जब्त, सात विक्रेताओं को नोटिस

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दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा खाद और बीज की कमी का मुद्दा उठाए जाने के बाद दुर्ग जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन ने पाटन विधानसभा क्षेत्र में पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध होने का दावा करते हुए विस्तृत आंकड़े जारी किए हैं। साथ ही कृषि विभाग ने 135 कृषि केंद्रों पर औचक निरीक्षण कर अमानक उर्वरक जब्त किए हैं और सात विक्रेताओं को नोटिस जारी किया है।

भूपेश बघेल ने हाल ही में पाटन क्षेत्र के दौरे के दौरान किसानों से मुलाकात कर खाद-बीज की समस्या को विधानसभा में उठाने की बात कही थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने उपलब्धता और भंडारण संबंधी जानकारी सार्वजनिक की।

खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त भंडारण का दावा

कृषि विभाग और बीज निगम के अनुसार खरीफ सीजन 2026 के लिए पाटन विकासखंड में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण किया गया है। आईएमएफएस (iMFS) पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 5556.78 मीट्रिक टन यूरिया, 2763.07 मीट्रिक टन एसएसपी, 1314.60 मीट्रिक टन पोटाश, 1105.05 मीट्रिक टन डीएपी और 1026.90 मीट्रिक टन एनपीके का भंडारण किया गया है।

प्रशासन का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में यूरिया का भंडारण 959 मीट्रिक टन, एसएसपी 460 मीट्रिक टन और पोटाश 506 मीट्रिक टन अधिक रखा गया है।

डीएपी की कमी स्वीकार, विकल्पों पर जोर

कृषि विभाग ने डीएपी की आंशिक कमी स्वीकार करते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने की बात कही है। विभाग द्वारा एसएसपी, टीएसपी, एनपीके और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि इन उर्वरकों में फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध हैं और किसानों को इनके उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

2790 क्विंटल बीज का बफर स्टॉक

प्रशासन के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ और बीज निगम रूआबांधा में पर्याप्त खाद उपलब्ध है। इसके अलावा लगभग 2790 क्विंटल बीज का बफर स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों ने खाद-बीज की किल्लत से इनकार करते हुए आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया है।

135 कृषि केंद्रों की जांच

खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने निजी और सहकारी कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।

अब तक जिले के 135 कृषि केंद्रों की जांच की जा चुकी है। निरीक्षण में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के नियमों के उल्लंघन, स्टॉक संधारण में गड़बड़ी और बिना अनुमति अतिरिक्त स्रोतों से उर्वरक बिक्री के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में सात विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

अमानक खाद जब्त, कई केंद्रों पर कार्रवाई

जांच के दौरान सेलूद, रानीतराई और धमधा क्षेत्र के कृषि केंद्रों में बायो स्टिम्यूलेंट के अनियमित विक्रय के मामले मिले। वहीं ऋषभराज फर्टिलाइजर, विद्या कृषि केंद्र बोरी और कृषि सेवा केंद्र पाटन में उर्वरकों के स्टॉक और अधिक मूल्य पर बिक्री संबंधी अनियमितताएं पाई गईं।

कृषि विभाग ने यूरिया, एनपीके, एसएसपी, पोटाश, ऑर्गेनिक मैन्योर और बायो स्टिम्यूलेंट सहित बड़ी मात्रा में उर्वरक जब्त कर कलेक्टर न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया है।

पांच नमूने अमानक पाए गए

विभागीय जांच के दौरान पांच विक्रय केंद्रों से लिए गए उर्वरक नमूनों की प्रयोगशाला जांच में सभी नमूने अमानक पाए गए। इसके बाद संबंधित उर्वरकों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। संबंधित विक्रेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद-बीज की कृत्रिम किल्लत पैदा करने, कालाबाजारी करने अथवा अमानक उर्वरकों की बिक्री करने वालों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

अधिकारियों ने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान खाद-बीज वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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रायपुर : पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका-राज्यपाल रमेन डेका

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पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका-राज्यपाल श्री रमेन डेका

रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज छत्तीसगढ़ राज्य वन सेवा 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने लोक भवन में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज विश्व की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। वन अधिकारियों के पास कानून, संसाधन और अधिकार उपलब्ध हैं, जिनका प्रभावी उपयोग कर वे पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ अत्यधिक छेड़छाड़ के परिणामस्वरूप भूकंप, बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ता है। इसलिए पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मानव, पशु और  प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करना सतत विकास का आधार है। राज्यपाल ने रेत के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आधारभूत संरचना निर्माण के लिए आवश्यक खनिज है। उन्होंने अधिकारियों से इस दिशा में शोध और नवाचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे उपाय विकसित किए जाएं जिससे नदियों में जल प्रवाह सतत बना रहे, उनकी क्षमता बढ़े, पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और आवश्यक मात्रा में रेत भी प्राप्त होती रहे। राज्यपाल ने वन अधिकारियों से कहा कि वे जंगलों के प्रति लगाव उत्पन्न करें, इससे उन्हें जंगलों को समझने में आसानी होगी और वे अपने  दायित्वों का निर्वाह अच्छे से कर सकेंगे।

राज्यपाल ने  वृक्षारोपण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट का घेरा बना दिया जाता है, जिससे उनके विकास में बाधा आती है तथा वर्षा जल का भू-जल स्तर में समुचित पुनर्भरण नहीं हो पाता। ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वन अधिकारियों का कार्य  कार्यालय में बैठना नहीं है  बल्कि जंगलों में भ्रमण कर  वनवासियों की समस्याओं को समझना और वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नवाचारपूर्ण उपाय करना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जीवन में कोई ऐसा भी काम करें जो सेवा से जुड़ा हुआ हो चाहे वह पर्यावरण सुरक्षा, स्वच्छता, मानव सेवा जैसे कार्य हो सकते हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, उप सचिव निधि साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य वन सेवा 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।

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