छत्तीसगढ़
डिप्टी सीएम विजय शर्मा बिहार राज्यसभा चुनाव पर्यवेक्षक बने:भाजपा अध्यक्ष नवीन ने दी जिम्मेदारी, नेताओं में समन्वय स्थापित करेंगे, पार्टी रणनीति को मजबूत करेंगे
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को राज्यसभा चुनाव के लिए बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
जारी आदेश के मुताबिक, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने यह नियुक्ति की है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा चुनाव प्रक्रिया के दौरान बिहार में पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक गतिविधियों और समन्वय की निगरानी करेंगे।
भाजपा संगठन के अनुसार, राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर अलग-अलग राज्यों में वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया जा रहा है, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा को बिहार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा। फाइल
संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता के कारण जिम्मेदारी
पार्टी नेताओं का कहना है कि विजय शर्मा संगठनात्मक अनुभव और राजनीतिक सक्रियता के कारण इस भूमिका के लिए उपयुक्त हैं।
वे चुनाव के दौरान स्थानीय नेताओं और विधायकों से समन्वय स्थापित कर पार्टी की रणनीति को मजबूत करेंगे। भाजपा के इस फैसले को संगठन में उनके बढ़ते कद के रूप में भी देखा जा रहा है।
आदेश की कॉपी-

नीतीश कुमार ने कर दिया है नामांकन दाखिल
बता दें कि बिहार के CM नीतीश कुमार ने 5 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। साथ ही ये भी तय हो गया कि अब नीतीश कुमार बिहार की राजनीति को अलविदा कह देश की राजनीति करेंगे। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन तय है कि किसी भी वक्त CM पद छोड़ सकते हैं।

नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा समेत कई बड़े नेता मौजूद थे।
CM की रेस में सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम
साथ ही अब इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा…? क्या पहली बार बिहार में बीजेपी का CM बनेगा? क्या नीतीश के किसी करीबी को CM बनाया जाएगा। क्या 4 दशक बाद बिहार को सवर्ण CM मिल सकता है..?
बिहार में CM की रेस में सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। विजय चौधरी भी चर्चा में हैं। इधर, BJP EBC या OBC चेहरा लाकर चौंका सकती है।
सबसे पहले सत्ता के दो फॉर्मूले को समझिए, जिसकी चर्चा चल रही है…
- BJP का CM बना तो JDU के दो डिप्टी CM बनेंगे
- JDU का सीएम रहेगा और BJP के दो डिप्टी CM रहेंगे
अब BJP के CM के दावेदारों को जानिए
1. सम्राट को आगे कर लव-कुश समीकरण साधेगी
सम्राट चौधरी कोइरी समाज से आते हैं। नीतीश कुमार कुर्मी हैं। इन दोनों को बिहार की सियासत में लव-कुश कहा जाता है। राज्य में इन दोनों कोइरी और कुर्मी समाज की आबादी तकरीबन 7 फीसदी है। इसमें कोइरी 4.21% कुर्मी 2.87% हैं। इन्हीं के दम पर नीतीश कुमार अपनी राजनीति करते रहे हैं। ऐसे में अगर सम्राट को BJP आगे बढ़ाती है तो नीतीश का ये वोट बैंक उनके पास रह सकता है।
BJP बिहार में OBC को साधने के लिए गैर यादव OBC को लगातार साधने का प्रयास कर रही है और इस समीकरण में सम्राट चौधरी बिल्कुल फिट बैठते हैं। कोइरी बिहार में यादव के मुकाबले एक मजबूत पिछड़ी जाति मानी जाती है।
सरकार से लेकर संगठन तक का अनुभव
सम्राट चौधरी के पास सरकार चलाने से लेकर संगठन चलाने तक का अनुभव है। राबड़ी सरकार में सबसे कम उम्र का मंत्री बनने से लेकर वे मौजूदा समय में दो बार नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम रह चुके हैं। इससे पहले वे नीतीश सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।
सरकार के साथ-साथ वे विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं। पार्टी के भीतर वे सचिव, उपाध्यक्ष से लेकर प्रदेश के अध्यक्ष की भूमिका भी निभा चुके हैं। ऐसे में उनके पास हर तरह का अनुभव है।

गृहमंत्री सम्राट चौधरी का नीतीश कुमार से संबंध हाल के सालों में बेहतर हुआ है। नीतीश कुमार का भरोसा उन पर बढ़ा है।
2. विजय सिन्हाः RSS और मोदी का भरोसा
सम्राट चौधरी की तरह विजय सिन्हा भी मौजूदा सरकार में डिप्टी सीएम हैं। विजय सिन्हा की सबसे बड़ी ताकत है संघ का भरोसा। इन्हें संघ का भरोसेमंद नेता माना जाता है। इन्होंने संघ के रास्ते बीजेपी की राजनीति में एंट्री की है और मूल भाजपाई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं।
विजय सिन्हा 2010 से लगातार लखीसराय विधानसभा से चुनाव जीतते आ रहे हैं। इस दौरान वे नीतीश सरकार में मंत्री से लेकर स्पीकर की भूमिका में अपनी छाप छोड़ चुके हैं। नीतीश ने जब बीजेपी का साथ छोड़ा तब विधानसभा में इन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था। इसके बाद दो बार से लगातार ये भी डिप्टी सीएम के पद पर हैं। सख्त एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में अपनी छवि बना चुके हैं।

डिप्टी सीएम के अपने दूसरे टर्म में विजय सिन्हा काफी एक्टिव और आक्रामक हैं। अपने कामों को लेकर हमेशा सुर्खियों में बने हुए हैं।
नया नाम देकर चौंका सकती है बीजेपी
BJP हर राज्य में मुख्यमंत्री के चेहरे पर चौंकाती रही है। ऐसे में बीजेपी पहली बार जब बिहार में अपना सीएम बनाएगी तो यहां भी चौंका सकती है। किसी EBC चेहरे या यादव चेहरे पर भी दांव लगा सकती है। हालांकि, प्रदेश स्तर के कोई भी नेता इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
अब JDU के दावेदारों को जानिए
JDU के बारे में दो तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अगर नीतीश कुमार की चली तो JDU का अपना सीएम होगा। अगर BJP इस बात पर राजी नहीं होती है तो सरकार के मौजूदा फॉर्मूले की तरह JDU के दो डिप्टी सीएम होंगे।
नीतीश अपने हनुमान विजय चौधरी पर जता सकते हैं भरोसा
विजय चौधरी जदयू के भीतर और बाहर एक ऐसे नेता हैं, जिन्हें नीतीश कुमार का ‘नंबर 2’ माना जाता है। वे सरकार की पॉलिसियों और रणनीतियों को बनाने वाली ‘कोर कमेटी’ के अहम सदस्य हैं। नीतीश बिहार में कहीं जाएं विजय चौधरी हमेशा उनके साथ होते हैं। रणनीतिक मामलों में उन्होंने नीतीश कुमार का हनुमान माना जाता है।
विजय चौधरी एक ऐसे नेता हैं, जो विवादों से हमेशा दूर रहते हैं। अपनी मृदुभाषी शैली और प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं। वित्त, शिक्षा ग्रामीण कार्य, जल संसाधन, संसदीय कार्य जैसे कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा विधानसभा में स्पीकर भी रह चुके हैं।
कोरबा
कोरबा में भाजपा की प्रेस वार्ता: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस पर तीखा हमला
भाजपा का आरोप: कांग्रेस ने रोका महिलाओं का हक, उजागर हुई संकीर्ण मानसिकता
कोरबा। भाजपा जिला कार्यालय पं. दीनदयाल कुंज, टीपी नगर कोरबा में आज आयोजित प्रेस वार्ता में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जोरदार निशाना साधा। प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा प्रीति स्वर्णकार एवं प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा संतोषी दीवान मौजूद रहे।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर अपनी “संकीर्ण और महिला-विरोधी मानसिकता” उजागर की है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष ने इसे रोककर मातृशक्ति के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। भाजपा वक्ताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र प्रथम और राष्ट्र सेवा के भाव से कार्य करती है तथा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया था, लेकिन विपक्ष ने विकास की हर पहल में बाधा डालने की अपनी प्रवृत्ति के तहत इसका विरोध किया। भाजपा ने कांग्रेस पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि आम महिलाओं को राजनीतिक अवसर मिलें और प्रतिनिधित्व बढ़े। पार्टी नेताओं ने विपक्ष को लोकतंत्र के लिए “नासूर” बताते हुए कहा कि यह दल केवल कुछ परिवारों तक राजनीति सीमित रखना चाहते हैं।
भाजपा वक्ताओं ने कहा कि भले ही सदन में संख्या बल के अभाव में विधेयक पारित नहीं हो सका हो, लेकिन पार्टी जनता के बीच जाकर कांग्रेस की “कुत्सित सोच” को उजागर करती रहेगी और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
छत्तीसगढ़
रायपुर : आम जनता को शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल करें: मुख्य सचिव विकासशील
सूचना प्रौद्योगिकी पर सूचना विज्ञान अधिकारियों की कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन की सभी योजनाओं का अधिकतम फायदा लोगों को शीघ्र मिले इसके लिए सूचना प्रौद्योगिक की सभी जरूरी नई तकनीकियों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना और संचार संस्थानों को अपने कार्यक्रम मोबाइल ऐप, वेबसाइट आदि नागरिक केन्द्रित और आसानी से उपयोग करने लायक बनायें। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकियों का उपयोग नागरिक सेवाओं के लिए करने एवं शासन की फ्लैगशिप स्कीमों का फायदा हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में उभरती नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।

मुख्य सचिव ने कहा कि एनआईसी के अधिकारियों को नई आईटी से हमेशा अपडेट रहना चाहिए। नई सूचना तकनीक से शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को शीघ्रता से लाभान्वित किया जाना चाहिए। सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने राज्य स्तरीय सूचना केन्द्र एवं जिला सूचना विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों से उनके संस्थान में उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा जरूरतों के बारे में जानकारी ली।
कार्यालय के शुभारंभ सेशन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र मुख्यालय नई दिल्ली के डीडीजी दयानंद साहा ने कहा कि विभिन्न नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए हम नागरिकों को सेवायें प्रदान कर सकते है। कार्यशाला को विविध सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को जानकारी दी। कार्यशाला में ट्रिपल आईटी के संचालक तथा कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने एआई के उपयोग के संबंध में व्यापक जानकारी दी।
एनआईसी छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्रीकांत पाण्डे ने साईबर सुरक्षा, संयुक्त संचालक अभिजीत कौशिक, उपेन्द्र सिंह सहित अन्य आईटी विशेषज्ञों ने भी सम्बोधित किया। कार्यशाला में जिलों से आए जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों और राज्य स्तरीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के विभिन्न जिलों में कार्यरत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और एनआईसी के राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।
छत्तीसगढ़
रायपुर : भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
मंत्री के निर्देश पर आंगनबाड़ी के समय में बड़ा बदलाव
आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक होंगे संचालित
रायपुर। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है।

निर्देशानुसार 24 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 24 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।
इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।
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