देश
तेलंगाना में मोदी बोले- परिवारवादियों ने देश को बर्बाद किया,उन्होंने जमीन-आसमान बेचकर कोठियां बनवाईं, मैंने घर भी नहीं बनवाया
हैदराबाद/भुवनेश्वर, एजेंसी। प्रधानमंत्री मोदी 24 घंटे में दूसरी बार तेलंगाना पहुंचे। उन्होंने आज 7200 करोड़ रुपए की योजनाएं लॉन्च कीं। 4 मार्च को उन्होंने आदिलाबाद में 56 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का इनॉगरेशन किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 घंटे के अंदर एक बार फिर तेलंगाना पहुंचे। उन्होंने मंगलवार को सबसे पहले सिकंदराबाद के श्री उज्जयिनी महाकाली मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने संगारेड्डी में 7200 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का इनॉगरेशन किया। पीएम मोदी ने यहां रैली को संबोधित करते हुए एक बार फिर परिवारवाद को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। पीएम ने कहा- पता है ये लोग मुझे गाली क्यों दे रहे हैं? ये मोदी उनकी आंखों में चुभता क्यों है? उसका कारण है- मैं उनके सैकड़ों हजारों रुपए के घोटालों की पोल खोल रहा हूं। पीएम ने कहा- मैं इनके परिवार के खिलाफ परिवारवाद के खिलाफ बोल रहा हूं। व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया। वो लोग मेरी बातों का जवाब नहीं देते हैं, वो कहने लगते हैं कि मोदी का परिवार ही नहीं है। अगर आपके पास परिवार है तो आपको चोरी करने की छूट है, सत्ता पर कब्जा करने की छूट है? मोदी बोले- विपक्ष के लोगों ने सत्ता में रहते हुए भ्रष्टाचार के लिए जमीन-आसमान बेच दिए और अपनी कोठियां बनवाईं। मैंने आज तक अपना घर भी नहीं बनवाया। मैं गुजरात का मुख्यमंत्री और अब देश का प्रधानमंत्री रहते हुए अब तब 150 करोड़ के गिफ्ट नीलाम करवाकर जनता की सेवा में लगा दिए।
1. मोदी जो कहता है, वो करके दिखाता है प्रधानमंत्री ने कहा- कल भी मैं तेलंगाना में थ और आज भी आया हूं। इन दो दिनों में 63 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकापर्ण हुआ। आप भी जानते हैं कि मोदी जो कहता है, वो करके दिखाता है। मैनें कहा था- भारत को पूरे विश्व में एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। आज आप देख रहे हैं कि कैसे भारत पूरे विश्व में आशा की किरण बनकर नई ऊंचाई छू रहा है। मोदी ने कहा- हमने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 के अंत की बात कही थी। ये वादा बीजेपी ने पूरा करके दिखाया। हमने कहा था कि हम सब मिलकर अयोध्या के भव्य मंदिर में भगवान राम का स्वागत करेंगे। ये वादा पूरा हुआ। मोदी की गारंटी पूरी हुई। 2. विपक्ष मुझे और मेरे परिवार को गाली दे रहा है मोदी ने कहा- आज जब मोदी आपसे और आपके परिवार को दी गई गारंटी को पूरा करने में लगा है, तो कांग्रेस और उसके साथी मोदी को और मोदी के परिवार को गाली देने पर उतर आए हैं। इसका कारण है- क्योंकि मैं इनके सैंकडों हजारों रुपयों के घोटालों की पोल खोल रहा हूं। मैं इन लोगों के परिवारवाद के खिलाफ आवाज उठा रहा हूं। व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया। प्रधानमंत्री ने कहा- मैं सही कर रहा हूं या नहीं। आप जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक देखिए, जहां परिवारवादी पार्टियां राज कर रही हैं, वो परिवार मजबूत हो गए और वो राज्य बर्बाद हो गए। वो लोग मेरी बातों का जवाब नहीं देते हैं, वो कहने लगते हैं कि मोदी का परिवार ही नहीं है। अगर आपके पास परिवार है तो आपको चोरी करने की छूट है, सत्ता पर कब्जा करने की छूट है? 3. मेरे लिए देश का हर परिवार सब कुछ है मोदी ने कहा- मैंने एक ही परिवार के 50-50 लोग पदों पर विराजमान देखे हैं। ये कहते हैं कि मोदी के साथ हमारी विचारधारा की लड़ाई है। ये विचारधारा की लड़ाई है। वो कहते हैं फैमिली फस्र्ट, मोदी कहता है कि नेशन फस्र्ट। ये है विचारधारा की लड़ाई। प्रधानमंत्री ने कहा- उनके लिए उनका परिवार ही सब कुछ है। मेरे लिए देश का हर परिवार सब कुछ है। इन्होंने अपने परिवार के हितों के लिए देशहित को बलि चढ़ा दिया। मोदी ने देशहित के लिए खुद को खपा दिया है। ये परिवारवादी इतने असुरक्षित हैं कि इन्होंने देश के हजारों युवाओं को राजनीति में आगे बढऩे ही नहीं दिया। 4. मैंने 150 करोड़ के गिफ्ट देश की सेवा में अर्पित किए पीएम ने कहा- कांग्रेस पहले परिवारवादी नहीं थी, लेकिन जबसे परिवारवादी बनी है, 50 साल से कम आयु वाले को आगे नहीं बढ़ाते। किसी को बैठाना पड़ा तो 80-85 साल वाले को बना देंगे। डरते हैं कि 50-55 साल वाला आया और ओवरटेक कर गया तो परिवार का क्या होगा। मोदी लगातार देश की राजनीति में ईमानदार युवाओं को आगे ला रहा है। इन परिवारवादियों ने देश को लूटा, अपनी तिजोरियां भरीं। मोदी ने खुद को जो तनख्वाह मिलती है, उसमें से भी जब मौका आया कुछ ना कुछ मैंने लोगों के लिए खर्च कर दिया है। इन्होंने महंगे-महंगे गिफ्ट लिए, उसके जरिए काले धन को सफेद बनाया। मोदी ने जो गिफ्ट लिए उसकी नीलामी होती है। अब तक करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपया इसी तरह लोगों की सेवा में लगा दिया है। 5. परिवारवादियों ने जमीन-आसमान बेचे, कोठियां-महल बनवाए पीएम ने कहा- उन्होंने काला धन ठिकाने लगाने के लिए विदेशी बैंकों में अपने खाते खोले। मोदी है, जिसने यहां करोड़ों गरीब भाई-बहनों के जनधन खाते खुलवाए। ये फर्क है। परिवारवादियों ने अपने परिवार के लिए कोठियां-महल-शीशमहल बनवाए। मोदी ने अपने लिए एक घर तक नहीं बनाया। मोदी देश के गरीबों के पक्के घर बनवा रहा है। अब तक 4 करोड़ घर बन चुके हैं। परिवारवादियों ने देश की खदानें, महंगी जमीनें और आकाश तक बेचा। मोदी देश बनाने के लिए, आपका भविष्य बनाने के लिए, आपके बच्चों का भविष्य बनाने के लिए जमीन-आकाश-पाताल दिन-रात एक कर रहा है। बौखलाए हुए ये लोग मेरा परिवार ना होने की बात कर रहे हैं। आज 140 करोड़ देशवासी एक सुर में कह रहे हैं, मैं हूं मोदी का परिवार। 6. तेलंगाना में कांग्रेस-बीआरएस एक-दूसरे को कवर फायर देते हैं पीएम ने कहा- तेलंगाना के लोगों ने बीआरएस और कांग्रेस मौका दे दिया। कांग्रेस ने तेलंगाना को अपना एटीएम बना दिया। दोनों पार्टियां एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। बीआरएस-कांग्रेस में गठबंधन है कि नहीं है, ये तेलंगाना वाले बताएंगे। दुनिया को ये पता है कि दोनों के बीच घोटाला बंधन बहुत मजबूत है। घोटाला बंधन सारी दुनिया जानती है। घोटालाबंधन यानी तेलंगाना की लूट में दोनों एक-दूसरे को कवर फायर देते हैं। बीआरस के लोगों ने कालेश्वरम घोटाला करके किसानों से करोड़ों रुपए लूटे। अब कांग्रेस क्या कर रही है। ये लोग बीआरएस के घोटालों की जांच तक नहीं करा रहे हैं। फाइलें दबा रहे हैं। इन्हें लगता है कि इनके भी कई लोग बीआरएस के साथ घोटाले में शामिल हैं।
कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

देश
देश में प्रति उपयोगकर्ता मासिक मोबाइल डेटा खपत 31GB से अधिक: रिपोर्ट
नई दिल्ली,एजेंसी। भारत में प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक मोबाइल डेटा की खपत वर्ष 2025 में 31जीबी के आंकड़े को पार कर गई है जबकि वर्ष 2024 में यह खपत 27.5 जीबी थी। एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी नोकिया के वार्षिक मोबाइल ब्रॉडबैंड सूचकांक (एमबीइटी) के 13वें संस्करण में कहा गया है कि वर्ष 2025 में अखिल भारतीय स्तर पर 5जी नेटवर्क पर डेटा का कुल मासिक उपयोग एक साल पहले की तुलना में 70 प्रतिशत बढ़कर 12.9 एक्साबाइट (ईबी) तक पहुंच गया है। इसके साथ ही, देश के कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक में 5जी की हिस्सेदारी अब लगभग 47 प्रतिशत हो गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत में हुई यह वृद्धि पिछले पांच वर्षों में 18 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि दर को दर्शाती है। यह बढ़ोत्तरी उन्नत मोबाइल ब्रॉडबैंड के तीव्र विस्तार और कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित अनुप्रयोगों, उच्च गुणवत्ता वाले 4के वीडियो देखने और क्लाउड गेमिंग जैसी अधिक डेटा खपत वाली सेवाओं की बढ़ती मांग का परिणाम है। भारत में कुल डेटा उपयोग वर्ष 2025 में 27 एक्साबाइट प्रति माह को पार कर गया है। एक एक्साबाइट का मतलब एक अरब जीबी से थोड़ा अधिक होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5जी उपभोक्ता आधार वाला देश बन गया है।
साथ ही, 5जी डेटा खपत और ‘फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस’ उपयोगकर्ताओं की संख्या के मामले में भी भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है। फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) प्रौद्योगिकी की मदद से घरों या कार्यालयों में केबल के बगैर उच्च गति का इंटरनेट मुहैया कराया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल 5जी डेटा में एफडब्ल्यूए की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत को पार कर गई है और इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या में पिछले साल की तुलना में दोगुनी वृद्धि देखी गई है।
नोकिया इंडिया की नामित कंट्री मैनेजर विभा मेहरा ने कहा, “नेटवर्क उपयोग के नए तरीकों और स्मार्ट सेवाओं के अनुरूप बदलने के समय नोकिया दूरसंचार कंपनियों के साथ मिलकर एक ऐसा भविष्य-उन्मुख और उच्च प्रदर्शन वाला बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका विस्तार आसानी से किया जा सके।” इस रिपोर्ट के मुताबिक, महानगरों में 5जी का उपयोग सबसे अधिक है, जहां कुल मोबाइल डेटा खपत में 5जी की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत है। पिछले साल सक्रिय 4जी उपकरणों की संख्या 89.2 करोड़ तक पहुंच गई, जिनमें से 38.3 करोड़ से अधिक उपकरण पहले से ही 5जी-सक्षम हैं।

देश
NBFC के वित्तपोषण के लिए वाणिज्यिक पत्र बना हुआ है प्रमुख जरिया: इंडिया रेटिंग्स
मुंबई, एजेंसी। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) वित्तपोषण के लिए मार्च महीने में वाणिज्यिक पत्र जारी करने के मामले में आगे रही हैं जबकि कंपनियों ने अल्पकालिक कर्ज लागत में वृद्धि के कारण सतर्कता बरती है। रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने एक रिपोर्ट में यह बात कही है। ‘कमर्शियल पेपर’ यानी वाणिज्यिक पत्र एक बिना गारंटी वाले, अल्पकालिक कर्ज जुटाने का साधन हैं। कंपनियां अल्पकालिक देनदारियों के वित्तपोषण के लिए इसके जरिये पैसा जुटाती हैं। रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि उधार लेने के प्रतिरूप में यह अंतर बना रहेगा।

इसका कारण एनबीएफसी विशेष रूप से वित्त वर्ष के अंत में अपनी वित्तपोषण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वाणिज्यिक पत्र बाजार का सक्रियता से उपयोग करना जारी रखेंगी जबकि कंपनियां उच्च वित्तपोषण लागत और पर्याप्त आंतरिक नकदी के कारण चयनात्मक रुख अपनाएंगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि आमतौर पर एनबीएफसी के लिए वित्तपोषण के लिहाज से मार्च का महीना महत्वपूर्ण समय होता है और प्रतिफल में वृद्धि के बावजूद उनकी मांग मजबूत बनी हुई है। इस रुख को दर्शाते हुए, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा जारी किए गए वाणिज्यिक पत्र (सीपी) मार्च, 2026 में बढ़कर 70,300 करोड़ रुपए का हो गया, जो फरवरी, 2026 में 45,500 करोड़ रुपए का था। इसके विपरीत, कंपनियों का वाणिज्यिक पत्र के जरिये वित्तपोषण जुटाने में इसी अवधि में भारी गिरावट आई और यह घटकर 26,600 करोड़ रुपए रहा जो एक महीने पहले 40,700 करोड़ रुपए था।
रेटिंग एजेंसी ने कहा, ”वर्तमान स्थिति से संकेत मिलता है कि एनबीएफसी तिमाही के अंत के दायित्वों को पूरा करने के लिए अल्पकालिक बाजारों का सहारा लेना जारी रखेंगी, जबकि लागत संबंधी चिंताओं और आंतरिक नकदी के कारण कंपनियां सतर्क रुख अपना सकती हैं।” इस बीच, बैंकों द्वारा जारी जमा प्रमाणपत्र (सीडी) आने वाले महीनों में अधिक संतुलित रहने की संभावना है। इसका कारण जमा की स्थिति स्थिर हो रही है और नए वित्त वर्ष की शुरुआत में कर्ज की मांग आमतौर पर हल्का रहता है।
रिपोर्ट के अनुसार, 24 मार्च, 2026 तक, लगभग दो लाख करोड़ रुपए के जमा प्रमाणपत्र जारी किये गए थे। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का हिस्सा 1.32 लाख करोड़ रुपए था, जबकि निजी क्षेत्र के बैंकों ने 67,800 करोड़ रुपए के जमा प्रमाणपत्र जारी किये थे। मासिक आधार पर यह राशि लगभग अपरिवर्तित रही। इंडिया रेटिंग्स के अनुसार, जमा प्रमाणत्र जारी करने में आई यह नरमी बैंकों में अल्पकालिक वित्तपोषण दबाव में कुछ कमी का संकेत देती है और नकदी की स्थिति में अपेक्षित सुधार के साथ कर्ज लेने की गति में और कमी आने की संभावना है।

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