देश
केवल हिंदू-बौद्ध-सिख ही अनुसूचित जाति का दावा कर सकते हैं:सुप्रीम कोर्ट का फैसला- धर्म बदला तो अनुसूचित जाति का दर्जा भी खत्म हो जाता है
नई दिल्ली,एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म से जुड़े लोग ही अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं। अगर कोई ईसाई या किसी और धर्म में धर्मांतरण करता है तो वह अनुसूचित जाति का दर्जा खो देगा।
जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ईसाई धर्म अपनाने वाला दलित व्यक्ति अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मिलने वाले किसी भी संरक्षण का दावा नहीं कर सकता है।

यह फैसला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मई 2025 के फैसले के खिलाफ लगाई गई चिंथदा की याचिका पर सुनाया गया। धर्म परिवर्तन के बाद पादरी बने चिंथदा आनंद ने याचिका लगाई थी कि उन्हें अक्काला रामिरेड्डी समेत कुछ लोगों से जातिगत भेदभाव और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट पहले भी कह चुका- आरक्षण का लाभ लेने धर्म बदलना, संविधान से धोखा
1985 के सूसाई बनाम भारत सरकार से जुड़े एक केस में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यदि कोई व्यक्ति ईसाई धर्म अपनाने के बाद दोबारा हिंदू धर्म में लौटता है, तो उसे एससी दर्जा प्राप्त करने के लिए विश्वसनीय प्रमाण और समुदाय की स्वीकृति की जरूरत होगी। केवल लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से धर्म परिवर्तन करने को सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के साथ धोखा करार दिया।
चिंथदा का आरोप था- उसे जातिसूचक गालियां दी गईं
यह मामला विशाखापट्टनम जिले के अनाकापल्ली का है, जहां मूल रूप से एससी (माला समुदाय) के चिंथदा ने ईसाई धर्म अपना लिया और पादरी बन गया। कुछ दिन बाद गुंटूर जिले के कोथापलेम में रहने वाले अक्कला रामी रेड्डी नाम के शख्स पर चिंथदा ने आरोप लगाया कि अक्कला ने उसे जातिसूचक गालियां दी हैं।
चिंथदा ने SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया था। मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर इस पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। इसके बाद चिंथदा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
केस की जांच के दौरान पता चला था कि ईसाई धर्म अपनाने के कारण चिंथदा का अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया था। चिंथदा एक चर्च में करीब 10 साल से पादरी के तौर पर काम कर रहा है।
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने क्या कहा था…
- जब पीड़ित ने खुद कहा कि वह पिछले 10 साल से ईसाई धर्म का पालन कर रहा है, तो पुलिस को आरोपियों पर एससी/एसटी अधिनियम नहीं लगाना चाहिए था।
- एससी/एसटी अधिनियम का उद्देश्य उन समूहों (अनुसूचित जातियों) से जुड़े लोगों की रक्षा करना है, न कि उन लोगों की जो दूसरे धर्मों में परिवर्तित हो गए हैं।
- केवल इस आधार पर एससी/एसटी अधिनियम लागू करना कि उसका जाति प्रमाण पत्र रद्द नहीं किया गया है, वैध आधार नहीं हो सकता।
संविधान में क्या प्रावधान है
संविधान (अनुसूचित जातियों) आदेश, 1950 के अनुसार केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अनुसूचित जाति समुदायों को एससी का दर्जा प्राप्त है। अगर कोई ईसाई या मुस्लिम धर्म अपना लेता है तो उनका यह दर्जा समाप्त हो जाता है।
आंध्र प्रदेश विधानसभा ने भी मार्च 2023 में एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया कि ईसाई धर्म अपना चुके दलितों को भी एससी दर्जा प्रदान किया जाए।
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गिरावट के बाद शेयर बाजार ने दिखाई ताकत, सेंसेक्स 1000+ और निफ्टी 300+ अंक उछला
मुंबई, एजेंसी। बीते सत्र की भारी गिरावट से सहमे निवेशकों को आज सुबह राहत की सांस मिली, जब भारतीय शेयर बाजार ने खुलते ही दमदार वापसी का संकेत दिया। कारोबारी हफ्ते की शुरुआत उत्साह के साथ हुई और शुरुआती घंटों में ही बाजार ने मजबूती का रुख अपना लिया।
आज ट्रेडिंग की शुरुआत में BSE Sensex करीब 1000 अंकों से ज्यादा उछलकर 73,700 के पार पहुंच गया, जबकि Nifty 50 भी तेज बढ़त के साथ 22,800 के आसपास कारोबार करता दिखा। इस मजबूत शुरुआत ने साफ कर दिया कि बाजार ने पिछले दिन के दबाव को पीछे छोड़ते हुए नई ऊर्जा के साथ कदम रखा है।

सुबह से ही संकेत सकारात्मक थे, क्योंकि गिफ्ट निफ्टी में तेजी ने पहले ही घरेलू बाजार के लिए मजबूत ओपनिंग का माहौल बना दिया था। जैसे ही बाजार खुला, खरीदारी का जोर दिखा और निवेशकों का भरोसा लौटता नजर आया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेजी के पीछे कई कारण हो सकते हैं- वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, निवेशकों द्वारा निचले स्तर पर खरीदारी (बायिंग ऑन डिप्स) और कुछ सेक्टरों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद। इसके अलावा, हाल की गिरावट के बाद बाजार का तकनीकी तौर पर उछाल लेना भी इस तेजी का एक अहम कारण माना जा रहा है।
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सोने-चांदी के दाम में फिर भारी गिरावट, महानगरों में 24K, 22K और 18K गोल्ड के नए रेट
मुंबई, एजेंसी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते बारूदी तनाव और कूटनीतिक दांव-पेंच ने कमोडिटी बाजार को हिलाकर रख दिया है। मंगलवार की सुबह सोने और चांदी के निवेशकों के लिए किसी झटके से कम नहीं रही, जब मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर इन कीमती धातुओं की कीमतों में भारी सेंधमारी देखने को मिली। कल तक आसमान छू रहे भाव आज अचानक जमीन की तरफ कदम बढ़ाते दिखे।

बाजार का ताजा हाल: MCX पर मची खलबली
मंगलवार सुबह 11:05 बजे के करीब सोने के वायदा बाजार में जबरदस्त हलचल रही। अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना करीब -1.66% फीसदी टूटकर 1,36,945 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से -2,315.00 रुपये कम है। लेकिन असली गिरावट चांदी में दिखी, जिसने निवेशकों को ज्यादा हैरान किया। चांदी के मई अनुबंध की कीमतों में -4.25% प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई, जिससे यह -9,569.00 रुपये फिसलकर 2,15,765 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करने लगी।
देश के प्रमुख शहरों में आज सोने की कीमतों में मामूली फर्क देखने को मिला है। शुद्धता के आधार पर 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के रेट अलग-अलग शहरों में थोड़ा बदलते नजर आए।
Delhi में 24 कैरेट सोना रू.14,050 प्रति ग्राम, 22 कैरेट रू.12,880 और 18 कैरेट रू.10,541 प्रति ग्राम पर रहा।
Mumbai में 24 कैरेट सोने का भाव रू.14,035, 22 कैरेट रू.12,865 और 18 कैरेट रू.10,526 प्रति ग्राम दर्ज किया गया।
Kolkata में भी कीमतें मुंबई के समान रहीं, जहां 24 कैरेट रू.14,035, 22 कैरेट रू.12,865 और 18 कैरेट रू.10,526 प्रति ग्राम पर कारोबार हुआ।
Chennai में सोने के दाम सबसे ज्यादा रहे। यहां 24 कैरेट सोना रू.14,182, 22 कैरेट रू.13,000 और 18 कैरेट रू.10,820 प्रति ग्राम रहा।
Bengaluru में 24 कैरेट सोना रू.14,035, 22 कैरेट रू.12,865 और 18 कैरेट रू.10,526 प्रति ग्राम दर्ज किया गया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर ‘ट्रंप कार्ड’ और युद्ध का असर
वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें 4,300 डॉलर प्रति औंस के करीब संघर्ष कर रही हैं। इसकी बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जुबानी और जमीनी जंग है। तेहरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें बातचीत की बात कही गई थी। ईरान ने इसे बाजार को गुमराह करने की साजिश बताते हुए अमेरिकी ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं, वहीं इजरायल के तेवर भी नरम नहीं पड़ रहे।
रोचक बात यह है कि सोमवार को जब ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला टालने और बातचीत का संकेत दिया था, तब कीमतें उछली थीं। लेकिन अब अनिश्चितता और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंकाओं ने महंगाई का डर बढ़ा दिया है। मार्च के महीने में सोना अपने शिखर से करीब 25 प्रतिशत नीचे आ चुका है, क्योंकि ऊर्जा की बढ़ती कीमतें अब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की ओर इशारा कर रही हैं।
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ट्रंप के बयान से Stock Market में आई बहार, सेंसेक्स 1600 अंक चढ़ा
मुंबई, एजेंसी। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में सोमवार की भारी गिरावट के बाद शानदार रिकवरी देखने को मिली। दोपहर 1 बजे तक सेंसेक्स 1,617.99 अंक (2.23%) उछलकर 74,314.38 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 496.80 अंक (2.21%) बढ़कर 23,009.45 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

बाजार में इस तेजी के पीछे वैश्विक संकेतों का बड़ा योगदान रहा। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत का दावा करने और तनाव कम होने के संकेत मिलने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और इंडिया VIX में गिरावट ने भी बाजार को सपोर्ट दिया।
मुद्रा बाजार में भी राहत दिखी, जहां रुपया 34 पैसे मजबूत होकर 93.63 प्रति डॉलर पर खुला, जबकि सोमवार को यह 93.97 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, इस बीच गोल्डमैन सैक्स ने भारत की जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 6.5% से घटाकर 5.9% कर दिया है, जो आगे बाजार की दिशा पर असर डाल सकता है।
बाजार में तेजी के मुख्य कारण:
- वैल्यू बायिंग
- मजबूत ग्लोबल संकेत
- इंडिया VIX में गिरावट
- भू-राजनीतिक तनाव में कमी
- कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
कुल मिलाकर, मंगलवार को बाजार में निवेशकों का सेंटीमेंट सकारात्मक नजर आया और प्रमुख सूचकांक दिन के उच्च स्तर के करीब कारोबार करते दिखे।07
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