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छत्तीसगढ़

बिलासपुर : ग्रीन एनेस्थीसिया: सिम्स में इलाज के साथ पर्यावरण संरक्षण की नई पहल

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देते हुए “ग्रीन एनेस्थीसिया” की पहल की जा रही है। इस पहल के तहत मरीजों को सुरक्षित उपचार प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण और चिकित्सकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ऑपरेशन थिएटर में उपयोग होने वाली एनेस्थीसिया गैसों के दुष्प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से सिम्स द्वारा आधुनिक और पर्यावरण हितैषी तकनीकों को अपनाया जा रहा है।

एनेस्थीसिया गैसें: पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा

सर्जरी के दौरान उपयोग की जाने वाली गैसें, जैसे डेसफ्लुरेन और नाइट्रस ऑक्साइड, ग्रीनहाउस गैसों के रूप में जानी जाती हैं। इनका प्रभाव कार्बन डाइऑक्साइड से कई गुना अधिक होता है और ये लंबे समय तक वातावरण में बनी रहती हैं।

हर वर्ष बड़ी संख्या में होने वाली सर्जरी से निकलने वाली ये गैसें ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

चिकित्सकों पर भी पड़ता है प्रभाव

एनेस्थीसिया का प्रभाव केवल मरीज तक सीमित नहीं रहता। जहां एक मरीज को ऑपरेशन के दौरान एक बार एनेस्थीसिया दिया जाता है, वहीं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चिकित्सक दिनभर में 10 से 12 घंटे तक लगातार कई मरीजों को एनेस्थीसिया प्रदान करते हैं।

इस दौरान वे बार-बार इन गैसों के संपर्क में आते हैं, जिससे लंबे समय में उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। ऐसे में ग्रीन एनेस्थीसिया चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

क्या है ग्रीन एनेस्थीसिया
ग्रीन एनेस्थीसिया एक ऐसी पद्धति है, जिसमें मरीज को सुरक्षित बेहोशी देने के साथ-साथ पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को कम किया जाता है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है।

सिम्स में अपनाए जा रहे प्रमुख उपाय

सिम्स में इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं—

टी.आई.वी.ए. (Total Intravenous Anesthesia)

इस तकनीक में प्रोपोफोल, मिडाज़ोलम आदि दवाओं को इंट्रावेनस (रक्त शिरा द्वारा) दिया जाता है, जो बेहद प्रभावी एवं सुरक्षित माना जाता है। इससे गैसों के उपयोग में कमी आती है और पर्यावरण पर दुष्प्रभाव भी कम होता है।

लो फ्लो एनेस्थीसिया तकनीक
कम मात्रा में गैस देकर भी सुरक्षित एनेस्थीसिया दिया जाता है, जिससे गैस की खपत और प्रदूषण दोनों में कमी आती है।

आधुनिक उपकरणों का उपयोग
नई तकनीकों के माध्यम से गैस लीकेज को नियंत्रित कर ऑपरेशन थिएटर के बाहर प्रदूषण को कम किया जा रहा है।

किफायती और प्रभावी प्रणाली
यह पद्धति पर्यावरण के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी लाभकारी (Cost Effective) साबित हो रही है।

निश्चेतना में उपयोग होने वाली गैसों का अत्यधिक प्रयोग ग्लोबल वार्मिंग और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ग्रीन एनेस्थीसिया के माध्यम से इन दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सिम्स इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

ग्रीन एनेस्थीसिया सिम्स की एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल है, जो यह दर्शाती है कि बेहतर इलाज के साथ पर्यावरण और मानव दोनों की सुरक्षा संभव है। यह प्रयास भविष्य में अन्य चिकित्सा संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।

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कोरबा

पुष्पलता उद्यान से आगे ब्लू बर्ड स्कूल रोड पर पौधरोपण

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कोरबा। एक पेड़ मां के नाम अभियान से सोमवार को कोसाबाड़ी जोन में पुष्पलता उद्यान से आगे ब्लू बर्ड स्कूल मुख्य मार्ग किनारे पौधारोपण किया गया। नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पौधे लगाए। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हरित कोरबा के संकल्प को आगे बढ़ाया। जिला प्रशासन और नगर निगम कोरबा इसे वन विभाग के सहयोग से करा रहे हैं। कार्यक्रम में उद्यान अधीक्षक आनंद राठौर, संतोष यादव, मनमोहन, गोपी, कार्तिक राम, पूरन, अमर सिंह, फिरतू, किरित राम यादव, सांताराम, गंगाराम, केसर समेत अन्य शामिल हुए।

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कोरबा

रोड, पीडीएस गोदाम, पुलिया निर्माण कार्य का लोकार्पण

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कोरबा/कटघोरा। कटघोरा की ग्राम पंचायत देवगांव में विधायक प्रेमचंद पटेल ने 68 लाख 76 हजार रुपए की लागत से बने विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 15 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसी रोड भी शामिल है।

लोकार्पित कार्यों में सीसी रोड निर्माण 10.40 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण 14 लाख रुपए, पीडीएस गोदाम निर्माण 12.68 लाख रुपए, पुलिया निर्माण 12 लाख रुपए, आंगनबाड़ी भवन क्रमांक-3 का निर्माण 11.68 लाख रुपए, मंच निर्माण विधायक निधि से 3 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण 4 लाख रुपए, भूमिपूजन राशि 15 लाख रुपए शामिल है। विधायक पटेल ने कहा कि इन कार्यों से गांव में आवाजाही होगी। जरूरी जनसुविधाओं का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में युवा आयोग के पूर्व सदस्य रघुराज सिंह उइके, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रवि रजक, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि गोविंद सिंह कंवर, विधायक प्रतिनिधि बैसाखू यादव, सरपंच हेमलता नेटी, उपसरपंच इंद्र सिंह राज मौजूद रहे।

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कोरबा

6 मेधावी छात्राओं को दी छात्रवृत्ति

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कोरबा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कन्या साडा की अजा और अजजा वर्ग की पात्र मेधावी छात्राओं को कैनरा बैंक की ट्रांसपोर्ट नगर कोरबा शाखा ने विंंद्या ज्योति छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति दी। योजना का मकसद छात्राओं को पढ़ाई में आगे बढ़ने के लिए आर्थिक मदद देना है।

योजना के तहत 6 छात्राओं को कुल 24 हजार रुपए की राशि उनके कैनरा बैंक खाते में मिली।कक्षा पांचवीं की अंशु लुहिया, छठवीं की तनुषी सागर, सातवीं की साधना बघेल को प्रति छात्रा 3-3 हजार रुपए दिए गए। कक्षा आठवीं की अदिति कुर्रे, नौवीं की दिव्या खूंटे, दसवीं की पलक सिदार को प्रति छात्रा 5-5 हजार रुपए की छात्रवृत्ति मिली। विद्यालय के प्राचार्य रणधीर सिंह ने ट्रांसपोर्ट नगर शाखा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बैंक का यह प्रयास जरूरतमंद और प्रतिभावान छात्राओं के लिए पढ़ाई जारी रखने में मदद करता है। चीफ ब्रांच मैनेजर परमेश्वर बेहरा ने छात्रवृत्ति पाने वाली छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षित बालिका अपने साथ परिवार, समाज, राष्ट्र के विकास में भूमिका निभाती है। उन्होंने छात्राओं को परिश्रम, अनुशासन, दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।विद्यालय परिवार ने बैंक अधिकारियों का आभार जताया।

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