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आरक्षण पर गरमाई सियासत, कांग्रेस बोली- जातिगत गणना को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है सरकार

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नई दिल्ली,एजेंसी। कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि सरकार जातिगत गणना को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को ‘गुमराह’ करने और ‘बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी’ करने के एजेंडे के साथ महिला आरक्षण कानून में संशोधन करना चाहते हैं।

जातिगत गणना के परिणाम कुछ वर्षों तक उपलब्ध नहीं होंगे 
कांग्रेस महासचिव (प्रभारी संचार)जयराम रमेश ने दावा किया कि मोदी सरकार यह कहकर अनुच्छेद 334-ए में संशोधन करना चाहती है कि जातिगत गणना के परिणाम कुछ वर्षों तक उपलब्ध नहीं होंगे,लेकिन वह इस तथ्य को नजरअंदाज कर रही है कि बिहार और तेलंगाना दोनों राज्यों ने छह महीने से भी कम समय में व्यापक जाति सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। अनुच्छेद 334-ए में यह प्रावधान किया गया है कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया के बाद महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में आरक्षण प्रभावी होगा।

जातिगत गणना न कराने का नीतिगत निर्णय
रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”यह स्पष्ट है कि मोदी सरकार जातिगत गणना को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है।” कांग्रेस के दावों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। रमेश ने कहा कि 20 जुलाई, 2021 को सरकार ने लोकसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा था कि उसने जनगणना में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य जातियों की गणना न करने का नीतिगत निर्णय लिया है। कांग्रेस महासचिव के मुताबिक, 21 सितंबर, 2021 को मोदी सरकार ने उच्चतम न्यायालय में एक हलफनामा दाखिल कर कहा कि उसने जातिगत गणना न कराने का नीतिगत निर्णय लिया है। 

डिजिटल रूप से की जा रही है जनगणना 
उन्होंने बताया , ”28 अप्रैल, 2024 को एक टेलीविजन साक्षात्कार में, प्रधानमंत्री ने जातिगत गणना के मुद्दे को उठाने के लिए कांग्रेस पर शहरी नक्सली मानसिकता रखने का आरोप लगाया।” रमेश ने कहा कि 30 अप्रैल, 2025 को, जब देश कुछ दिन पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले के सदमे से उबर ही रहा था, तब मोदी सरकार ने अचानक घोषणा की कि आगामी जनगणना के दौरान जातिगत गणना की जाएगी। रमेश ने रेखांकित किया कि 30 मार्च, 2026 को व्यापक रूप से चर्चित संवाददाता सम्मेलन में महापंजीयक और जनगणना आयुक्त ने कहा कि जनगणना 2027 के अधिकांश परिणाम 2027 में ही उपलब्ध हो जाएंगे, क्योंकि पूरी जनगणना डिजिटल रूप से आयोजित की जा रही है। 

देश को ‘गुमराह’ कर रही सरकार 
उन्होंने कहा,”लेकिन अब मोदी सरकार अनुच्छेद 334-ए में संशोधन करना चाहती है और इस तथ्य को नजरअंदाज करते हुए कि बिहार और तेलंगाना दोनों ने छह महीने से भी कम समय में व्यापक जाति सर्वेक्षण पूरा कर लिया था, कह रही है कि जातिगत गणना के परिणाम कुछ वर्षों तक उपलब्ध नहीं होंगे।” रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री हमेशा की तरह देश को ‘गुमराह’ कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी कर रहे हैं। कांग्रेस महासचिव ने कहा, ”लेकिन अब मोदी सरकार अनुच्छेद 334-ए में संशोधन करना चाहती है और यह कह रही है कि जातिगत गणना के परिणाम कुछ वर्षों तक उपलब्ध नहीं होंगे—वे इस तथ्य की अनदेखी कर रहे हैं कि बिहार और तेलंगाना दोनों ने छह महीने से भी कम समय में व्यापक जाति सर्वेक्षण पूरा कर लिया था।

महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी सीटें 
कांग्रेस ने सरकार पर यह हमला संसद के तीन दिवसीय सत्र से कुछ दिन पहले किया है। सरकार अगले सप्ताह बजट सत्र की विस्तारित बैठक में 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने के लिए विधेयक लाने वाली है, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

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कोरबा

बचपन की टिकट:अशोक वाटिका में 10,000 से अधिक महिलाएं बचपन की यादों में खोईं

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भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय की अनुपम और अनोखी पहल से खेलों के माध्यम से महिलाओं को गुदगुदाया, घंटों तक रोमांच की दुनिया का कराया सफर
सरोज पाण्डेय ने कहा-धन्यवाद कोरबा, अपेक्षा से अधिक कार्यक्रम को बनाया सफल

कोरबा। 12 अप्रैल का दिन कोरबा के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। भाजपा के दो धु्रवों के बीच एक तरह से शक्ति प्रदर्शन था। एक तरफ मंत्री लखनलाल देवांगन के जन्मदिन पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित था, तो दूसरी ओर कोरबा लोकसभा की भाजपा प्रत्याशी, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय का अशोक वाटिका में बपचन की टिकट का अद्भूत कार्यक्रम आयोजित था।

बचपन की टिकट कोरबा की महिलाओं के लिए एक अद्भूत अनुभव साबित हुआ। कोरबा के लिए ऐसा प्रथम बार कार्यक्रम महिलाओं के लिए आयोजित था, जिसमें 10,000 से अधिक महिलाओं ने अपनी भागीदारी निभाई।
सबसे अद्भूत और रोमांच का दृश्य उस समय देखने को मिला जब कोरबा की महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत और उनकी टीम वर्सेस बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी और उनकी टीम के बीच कबड्डी खेली गई। रोमांच चरम पर था और तालियों की गड़गड़ाहट और हौसला के बीच कोरबा महापौर बिलासपुर की टीम को समेटने के लिए मैदान में उतरीं और कबड्डी…कबड्डी बोलते-बोलते बिलासपुर टीम के पाले में गई, लेकिन खुद पटकनी खा गईं।
बिलासपुर महापौर जब मैदान में कुदीं तो वे बैरंग लौट गईं। महिला पार्षदों ने दमखम दिखाया और दोनों टीम अपनी खेल प्रतिभा से एक-दूसरे पर भारी दिख रहे थे, लेकिन बाद में जजों ने दोनों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया, लेकिन बिलासपुर महापौर और उनकी टीम ने रोमांचक हंगामा किया और कहा-जीत हमारी हुई।
उपविजेता के रूप में नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा की टीम रही।

छत्तीसगढ़ी खेलों ने गुदगुदाया:बचपन की यादों में खोईं महिलाएं

सुश्री सरोज पाण्डेय की इस अद्भूत पहल से संध्या 5.00 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक अशोक वाटिका महिलाओं की भीड़ से आबाद रहा। ऐसा दृश्य कोरबा में पहली बार देखने को मिला। अलग-अलग खेलों के लिए जोन में बांटा गया था, जहां कबड्डी, खो-खो, जलेबी दौड़, फूगड़ी, बोरा दौड़, हौजी, सुआ नृत्य, रस्सी खींच, कुर्सी दौड़, गोटा, बिल्लस सहित कई रोमांचित छत्तीसगढ़ी खेलों में महिलाएं व्यस्त रहीं और अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर रही थीं। चारों तरफ उल्लास और उमंग का माहौल था। घर की जिम्मेदारियां, महिलाओं की व्यस्तता के बीच तीन घंटे सुकून के पल अशोक वाटिका में महिलाओं सहित युवतियां खेलों के माध्यम से बिताया और महिलाओं ने इसे रोमांच का अद्भूत उदाहरण बताया और सुश्री सरोज पाण्डेय को इस तरह के आयोजन के लिए हृदय से धन्यवाद दिया।

कई हस्तियां पहुंची थीं

कोरबा के लिए इस ऐतिहासिक और अनोखा कार्यक्रम -बपचन की टिकट को अनुभव करने, खेलने छत्तीसगढ़ की कई प्रतिभाएं यहां मौजूद थीं। सुश्री सरोज पाण्डेय के अलावा कोरबा महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, बिलासपुर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पाण्डेय सहित कई महिला प्रतिभाएं यहां रोमांच का अनुभव लिया और खुद बचपन में खो गईं।

पूजा विधानी ने कहा-महिलाओं के लिए सराहनीय कार्यक्रम

बिलासपुर महापौर ने कबड्डी में अपनी और टीम की प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरोज दीदी की सोच काफी प्रशंसनीय रहती है। बचपन की टिकट-कार्यक्रम का अनुभव वाकई में रोमांच पैदा कर गया। ऐसा आयोजन महिलाओं के लिए होते रहना चाहिए।

महिलाओं के बीच महिलाओं का प्रदर्शन नया अनुभव दे गया- कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत

कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत ने कबड्डी में टीम के साथ अपनी प्रतिभाएं दिखाईं। उन्होंने पत्रकारों से रू ब रू होकर कहा कि महिलाओं के बीच महिलाओं का खेल प्रदर्शन अद्भूत और अनोखा अनुभव दे गया। हमारी भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज दीदी का यह कार्यक्रम कोरबा के लिए ऐतिहासिक अनुभव दे गया। महिलाओं की अपार भीड़ के बीच खेलों ने हमें गुदगुदाया और सुकून दे गया। ऐसा कार्यक्रम महिलाओं के लिए होते रहना चाहिए। यह अनुभव महिलाओं के लिए खास रहा और घंटों तक हमारी महिलाएं जीवन की आपाधापी से दूर कुछ पल अपनों के साथ बीताया, बचपन की यादों में खोई रहीं।

अपेक्षा से कहीं अधिक सफल रहा कार्यक्रम, धन्यवाद कोरबा-सुश्री सरोज पाण्डेय

कार्यक्रम की संयोजिका सुश्री सरोज पाण्डेय ने बचपन की टिकट-कार्यक्रम में महिलाओं की इतनी बड़ी भागीदारी से काफी रोमांचित हुईं और मंच पर कहा- धन्यवाद कोरबा! इस कार्यक्रम को आपकी उपस्थिति ने अपेक्षा से अधिक सफल बनाया, हम कृतार्थ हैं।

बचपन की टिकट-एक कार्यक्रम ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, छत्तीसगढ़ी खेलों के प्रति पुनर्जागरण का संदेश था, महिलाओं के जीवन में आपाधापी के बीच सुकून के पल बिताने का अवसर था।
घर से निकलकर अपने लिए महिलाओं को जीने का सुअवसर प्रदान करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था, जिसमें हम सफल हुए। कोरबा ने बता दिया कि हम इस तरह के कार्यक्रम को और आगे बढ़ाते रहें। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सहयोगियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। सखी-सहेली महिला समूह छत्तीसगढ़ के बैनर तले सरोज पाण्डेय के इस कार्यक्रम को सभी ने सराहा…।

टीम के सदस्यों से रू ब रू होते सरोज पाण्डेय

टीम के सदस्यों से रू ब रू होते भाजपा नेता

मशाल जलाकर प्रतियोगिता का शुभारंभ

खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ मशाल जलाकर किया गया और मशाल रैली में मंत्री लखनलाल देवांगन, सुश्री सरोज पाण्डेय, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, व्यापारी प्रकोष्ठ के पूर्व जिला संयोजक विकास अग्रवाल, कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत, बिलासपुर महापौर पूजा विधानी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार सहित कई हस्तियां शामिल हुईं।

पुरूस्कारों से विजेता टीमों के खिले चेहरे

इस अनुपम और अनोखी खेल प्रतियोगिता के समापन के बाद अतिथियों ने सभी विजेता टीम, खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। विजेताओं के चेहरों पर मुस्कान बिखर रही थी। एक ओर बचपन की यादें और दूसरी ओर जीत की खुशी चेहरों पर झलक रही थीं।

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कोरबा

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल – सरोज पांडेय

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संसद के तीन दिवसीय 16, 17, 18 अप्रैल के विशेष सत्र में पेश होगा महिला आरक्षण बिल
विधानसभाओं एवं संसद में बढ़ेगा महिलाओं का दबदबा

कोरबा। महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पेश करने के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार ने 16, 17 एवं 18 अप्रैल को तीन दिवसीय विशेष संसद सत्र बुलाया है, जिसमें महिला आरक्षण बिल पास हो जाएगा और प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा-वह मुमकिन हो जाएगा। विशेष सत्र बुलाने के बाद भारत की नारी का सम्मान बढ़ेगा, मातृत्व का सम्मान बढ़ेगा और लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में नारी शक्ति लाभार्थी ही नहीं बल्कि नीति निर्माता भी बनेगी।
महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद मोदी सरकार का यह नारी शक्ति वंदन होगा और सशक्त नारी… सशक्त भारत की कहावत चरितार्थ होगी।
उक्ताशय का उद्गार आज प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय के हैं। उन्होंने होटल गणेशइन के सभागार में पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। 16 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश होने से पहले वे मोदी सरकार का जमकर महिमा मंडन किया और कहा कि मोदी सरकार ने जो कहा, उसे निभाया। मोदी सरकार के वादों में महिला आरक्षण बिल पास कराना भी सबसे अहम वादों में एक है। इस बिल के पास होने के बाद देश में और राज्यों में राजनीति में महिलाओं का 33 प्रतिशत स्थान सुनिश्चित हो सकेगा और राजनीति तथा देश एवं राज्य के नीति निर्धारक भी बनेंगे। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार, पूर्व जिला अध्यक्ष मीना शर्मा मंचस्थ थीं। भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, संजय शर्मा, नवदीप नंदा सहित बड़ी संख्या में भाजपा एवं महिला मोर्चा के सदस्य उपस्थित थे।

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पांडेय ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का क्रांतिकारी मोड़ बताते हुए कहा कि अब मातृशक्ति के भाग्य और भविष्य को नई दिशा देने का निर्णायक समय आ गया है। होटल गणेश इन में आयोजित एक प्रभावशाली पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों तक महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन उन्हें वास्तविक अधिकार देने का साहस किसी भी सरकार ने नहीं दिखाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह ऐतिहासिक कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में संभव हो पाया है, जिन्होंने महिलाओं को नीति-निर्माण में समान भागीदारी दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है।

“नारी शक्ति वंदन” बना बदलाव की आधारशिला – सरोज पांडेय

सरोज पाण्डेय ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम है, जो आने वाले समय में राजनीति और समाज दोनों में बड़ा परिवर्तन लाएगा। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा तथा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस पत्रकार वार्ता में स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब देश की मातृशक्ति केवल दर्शक नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली शक्ति बनेगी।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” से बदली तस्वीर

सरोज पांडेय ने यह भी कहा कि इससे पहले सरकार ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियान चलाकर समाज में जागरूकता बढ़ाने का काम किया। एक समय था जब बेटियों के जन्म पर उन्हें मार दिया जाता था, जिससे लिंगानुपात में भारी गिरावट आई थी। लेकिन इन अभियानों के कारण आज स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है और महिलाओं की भागीदारी समाज में बढ़ी है। अंत में सरोज पांडेय ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए माननीय प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम देश में महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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देश

आशा भोसले ने भारतीय संगीत पर अमिट छाप छोड़ी: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

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नई दिल्ली,एजेंसी। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रविवार को प्रख्यात गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें विभिन्न शैलियों में सहजता से गाने की क्षमता प्रदान की। भोसले का 92 वर्ष की उम्र में रविवार को मुंबई में निधन हो गया। उन्हें सीने में संक्रमण और कमजोरी के कारण शनिवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”आशा जी की आवाज में विविधता ने उन्हें विभिन्न शैलियों में सहजता से गाने की क्षमता प्रदान की, जिससे उन्होंने भावपूर्ण गजलों और पारंपरिक भजनों में महारत हासिल की।” राधाकृष्णन ने कहा कि आशा भोसले ने भारतीय संगीत पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उपराष्ट्रपति ने कहा, ”उनकी कालजयी आवाज और संगीत की विरासत लाखों लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।” 

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