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छत्तीसगढ़

रायगढ़ जिला भाजपा कार्यालय में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई अंबेडकर जयंती

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“संविधान निर्माता को नमन” भाजपा ने कहा- ‘पंचतीर्थ’ और ‘संविधान दिवस’ बाबा साहेब को मोदी सरकार का वास्तविक सम्मान

रायगढ़ । जिला भाजपा कार्यालय में आज संविधान निर्माता, ‘भारत रत्न’ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर जीवर्धन चौहान और वरिष्ठ भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ भीमराव अंबेडकर साहेब के सामाजिक न्याय, समानता और राष्ट्र निर्माण के विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा बाबा अंबेडकर साहेब केवल एक संविधान निर्माता नहीं, बल्कि एक युगदृष्टा थे। उनके विचार और उनके द्वारा दिखाया गया मार्ग हमें सदैव ‘राष्ट्र प्रथम’ की सेवा करने की प्रेरणा देता रहता है। उन्होंने जिस समरस समाज की कल्पना की थी, उसे साकार करना ही हम सबका पुनीत कर्तव्य है। बाबा साहेब ने हमें वह संवैधानिक शक्ति दी है जिससे आज भारत विश्व पटल पर एक मजबूत लोकतंत्र के रूप में खड़ा है। उनके द्वारा स्थापित समानता के मूल्य ही हमारे संगठन की कार्यप्रणाली का मूल आधार हैं।

उन्होंने कहा भाजपा का हर संकल्प बाबा साहेब के अंत्योदय के सपने से जुड़ा है।उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि भारतीय जनता पार्टी का हर संकल्प बाबा साहेब के ‘अंत्योदय’ के सपने से जुड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाएं सीधे तौर पर बाबा साहेब के सामाजिक न्याय के मिशन को आगे बढ़ा रही हैं।

महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा की बाबा साहेब ने ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ का जो मंत्र दिया, वह आज भी प्रासंगिक है। नगर विकास से लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान तक उनके संवैधानिक मूल्य हमारे मार्गदर्शक हैं। हम बाबा साहेब के बताए न्याय और समानता के पथ पर चलने हेतु प्रतिबद्ध हैं।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति कार्यसमिति सदस्य श्रीकांत सोमावार ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर साहेब ने समाज के वंचित और शोषित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।प्रदेश स्थाई आमंत्रित सदस्य सुभाष पाण्डेय ने संविधान निर्माण के संदर्भ में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अतुलनीय योगदान पर विस्तार से चर्चा की। सुभाष पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब केवल संविधान के निर्माता ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के ‘शिल्पकार’ थे। संविधान निर्माण के दौरान बाबा साहेब का सबसे बड़ा योगदान समाज के वंचित, शोषित और दलित वर्गों को मुख्यधारा में लाना था। उन्होंने सुनिश्चित किया कि संविधान के माध्यम से छुआछूत जैसी कुरीतियों का अंत हो और हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का कानूनी अधिकार मिले। बाबा साहेब ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाया। उनके द्वारा दिए गए ‘मौलिक अधिकार’ आज हर भारतीय की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा की डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कठिन परिस्थितियों और विरोध के बावजूद एक ऐसा संविधान देश को दिया, जो आज भी भारत की एकता और अखंडता का आधार है। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र को वह ढांचा प्रदान किया जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति को भी सत्ता में समान भागीदारी और न्याय की गारंटी मिलती है। उनका योगदान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि हर भारतीय के संवैधानिक अधिकारों में जीवित है।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं अनुसूचित जाति मोर्चा जिला अध्यक्ष डॉ वाय. के.शिन्दे ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति पार्टी की गहरी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जहाँ कांग्रेस के शासनकाल में बाबा साहेब को लगातार उपेक्षा और राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा, वहीं भाजपा ने उनके विचारों को धरातल पर उतारकर उन्हें वास्तविक सम्मान दिया है।
उन्होंने विशेष रूप से 1951 के हिंदू कोड बिल का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कांग्रेस ने इस प्रगतिशील बिल का समर्थन करने से इनकार कर दिया, तो बाबा साहेब ने महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए देश के पहले कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा कांग्रेस की रूढ़िवादी और भेदभावपूर्ण मानसिकता के खिलाफ बाबा साहेब के कड़े विरोध का ऐतिहासिक प्रतीक है। डॉ शिंदे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने न केवल बाबा साहेब के विचारों को अपनाया है, बल्कि उन्हें देश की मुख्यधारा की राजनीति का केंद्र बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जीवन से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थानों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित करना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा उनके प्रति कितनी गंभीर है । बाबा साहेब के योगदान को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने के लिए सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए मोदी सरकार ने 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ घोषित किया एवं डिजिटल सशक्तिकरण के लिए “भीम एप” लांच किया।

डॉ शिंदे ने की कहा कि भाजपा के लिए बाबासाहेब केवल एक नाम नहीं, बल्कि ‘समानता और सशक्तिकरण’ का मंत्र हैं। पंचतीर्थ के निर्माण से लेकर वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ने तक, हमारी यात्रा बाबासाहेब के समावेशी भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में निरंतर जारी है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी ने बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को विकसित किया, जिन्हें पंचतीर्थ कहा गया: जन्म भूमि- महू( मध्यप्रदेश) , चैत्य भूमि – मुंबई , जहां उनका अंतिम संस्कार हुआ, शिक्षा भूमि – लंदन में वह स्थान जहां वे शिक्षा के दौरान रहे, दीक्षा भूमि – नागपुर, जहां उन्होंने बौद्ध धर्म स्वीकार किया तथा महापरिनिर्वाण भूमि – दिल्ली में उनका निधन स्थल ।

दलित , आदिवासी और पिछड़े वर्गों की अत्याचारों से सुरक्षा के लिए अधिनियम 1989 में2016 में संशोधन किया। वंचित वर्गों के लिए “सी ए ए 2019”, “नारी शक्ति वंदन 2023” , “अनुच्छेद 370 की समाप्ति” बहुत बड़ी उपलब्धि है।
हमारी यात्रा बाबा साहेब के समावेशी भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में निरंतर जारी है। डॉ भीमराव अंबेडकर के जन्म दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम का मंच संचालन जिला भाजपा मंत्री पावन अग्रवाल ने किया एवं कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य मोहन कुर्रे ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति कार्यसमिति सदस्य एवं प्रदेश विशेष आमंत्रित सदस्य श्रीकांत सोमवार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गुरुपाल भल्ला, विवेक सिन्हा,प्रदेश स्थाई आमंत्रित सदस्य सुभाष पाण्डेय, अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष डॉ वाय. के. शिन्दे ,अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य मोहन कुर्रे , जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो,अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष रमेश चौहान, अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला सह कोषाध्यक्ष बाल्मीकि सिंह चौहान, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष असलम हुसैन,चक्रधर जूटमिल मंडल के अध्यक्ष शैलेश माली, अल्पसंख्यक मोर्चा के नगर महामंत्री नियाज़ खान, अनुसूचित जाति मोर्चा के शहर मंडल अध्यक्ष सचिन सारथी, जुटमिल अनुसूचित जाति मोर्चा के मंडल अध्यक्ष रोशन कुर्रे,उपाध्यक्ष संतोष चौहान , अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला महामंत्री सुरेन्द्र कुमार बघेल, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमति मधुलता पटेल ,अनुसूचित जाति मोर्चा के मंत्री श्रीमति विजय लक्ष्मी चौहान , सोशल मीडिया के लक्की देवांगन सहित जिला पदाधिकारीगण,अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारीगण, मंडल के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में देवतुल्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

रायगढ़ में 35 हाथियों के महादल :7 बेबी एलीफेंट भी शामिल, छाल रेंज में बढ़ा मूवमेंट, गांवों में अलर्ट जारी

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रायगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में जिले में कुल 123 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इसी बीच छाल रेंज में 35 हाथियों का बड़ा दल देखा गया है, जिसका वीडियो भी सामने आया है। हाथियों का यह दल जंगल और गांव के आसपास विचरण करता नजर आया।

सोमवार शाम छाल वन परिक्षेत्र के बोजिया परिसर स्थित पेलमबांध के पास इस दल को देखा गया। इसमें 3 नर, 25 मादा और 7 शावक शामिल हैं। ग्रामीणों ने भी इस दल को देखा और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जो अब वायरल हो रहा है।

हाथी को जंगल जाने की आवाज लगाने पर हाथी जंगल की ओर चले गए।

हाथी को जंगल जाने की आवाज लगाने पर हाथी जंगल की ओर चले गए।

जिले में 123 हाथियों की मौजूदगी।

जिले में 123 हाथियों की मौजूदगी।

हाथी मित्र दल अलर्ट, गांवों में मुनादी

हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए हाथी मित्र दल लगातार निगरानी कर रहा है। बोजिया से औरानारा मार्ग सहित गड़ाईनबहरी और सिंघीझाप क्षेत्र में लोगों को सतर्क रहने के लिए मुनादी कराई गई है। बताया जा रहा है कि यह दल घरघोड़ा क्षेत्र से छाल रेंज में पहुंचा है।

आवाज देने पर जंगल की ओर लौटे हाथी

छाल रेंज से एक वीडियो में देखा गया कि, सड़क पर आए हाथियों को हाथी मित्र दल के सदस्य ने आवाज देकर जंगल की ओर लौटा दिया। इससे पहले भी इसी तरह की घटना सामने आ चुकी है, जब हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर भेजा गया था।

जिले में 123 हाथियों की मौजूदगी

वन विभाग के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल में 120 और रायगढ़ रेंज में 3 हाथी हैं। छाल रेंज में सबसे अधिक 59 हाथी, धरमजयगढ़ रेंज में 48 और लैलूंगा रेंज में 13 हाथियों की मौजूदगी है। कुल मिलाकर इनमें 36 नर, 62 मादा और 26 शावक शामिल हैं।

ड्रोन से निगरानी, विभाग सतर्क

वन विभाग द्वारा हाथियों की निगरानी ड्रोन और जमीनी टीम के माध्यम से की जा रही है। छाल रेंज अधिकारी राजेश चौहान ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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छत्तीसगढ़

रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाणपत्र मामले में हाईकोर्ट सख्त:90 दिनों में फैसला देने के निर्देश, याचिकाकर्ता बोला- प्रशासन जानबूझकर सुनवाई टाल रहा था

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सरगुजा, एजेंसी। सरगुजा के सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फौरन सुनवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने रायगढ़ कलेक्टर और जिला स्तरीय सत्यापन समिति को 90 दिनों के भीतर इस मामले में फैसला लेने को कहा है।

याचिकाकर्ता बिहारी लाल तिर्की का आरोप है कि जिला प्रशासन जानबूझकर इस मामले की सुनवाई टाल रहा था, जिसके चलते उन्हें हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने साल 2023 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

उन्होंने विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाणपत्र पर आपत्ति दर्ज कराई थी, जो 19 सितंबर 2023 को रायगढ़ से जारी हुआ था। इस मामले में उन्होंने जिला स्तरीय छानबीन समिति के सामने भी शिकायत पेश की थी।

लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण मामले में आगे कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने न्याय के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिस पर अब कोर्ट ने सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की तस्वीर।

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की तस्वीर।

2 साल से अधिक समय से लंबित जांच

बिहारी लाल तिर्की की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पहले ही रायगढ़ की जिला स्तरीय छानबीन समिति को जाति प्रमाणपत्र की जांच के निर्देश दिए थे। हालांकि दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समिति की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया।

इस पर बिहारी लाल तिर्की ने एक बार फिर हाईकोर्ट की शरण ली, जहां उनकी याचिका पर दोबारा सुनवाई की गई। न्यायाधीश नरेश कुमार चंद्रवंशी की अदालत ने निर्देश दिया कि मामले की जल्द से जल्द सुनवाई की जाए और 90 दिनों के भीतर अंतिम फैसला दिया जाए।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि जिला प्रशासन की ओर से जानबूझकर इस मामले को लंबित रखा जा रहा था, जिसके चलते उन्हें दोबारा कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

बगैर सेटलमेंट बना जाति प्रमाणपत्र

याचिकाकर्ता बिहारीलाल तिर्की ने विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह प्रमाण पत्र बिना सेटलमेंट के तैयार किया गया है, जबकि जाति प्रमाण पत्र सरलीकरण के नियमों के तहत बनाए जाते हैं, लेकिन विधायक के मामले में इन सभी नियमों की अनदेखी की गई है।

बिहारीलाल तिर्की के अनुसार रामकुमार टोप्पो के पिता गणेश राम साल 1980 में झारखंड से यहां आकर बसे थे और उनके नाम पर छत्तीसगढ़ में कोई जमीन दर्ज नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरलीकरण के नियमों का पालन नहीं किया गया है और जिला प्रशासन इस गड़बड़ी को छिपाने के लिए जानबूझकर जांच में विलंब कर रहा है।

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छत्तीसगढ़

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के ड्रेसर का 5000 रिश्वत लेते वीडियो वायरल: सस्पेंड

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जशपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला अस्पताल के ड्रेसर किशोर कुमार चौहान के रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वो 5 हजार रुपए लेकर गिनते नजर आ रहा है। 2 हजार और देने की बात कह रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ड्रेसर को सस्पेंड कर दिया गया है।

सरकारी कर्मचारी ने इलाज के बाद पैसा रिम्बर्समेंट के लिए आवेदन दिया था। जिसे पास करने के एवज में रिश्वत मांगी गई। वीडियो में दोनों 45 हजार रुपए इलाज में खर्च और IVF के बारे में बातचीत करते नजर आ रहे हैं।

ड्रेसर यह भी कह रहा कि, जिसके साइन से पैसा निकल रहा है, उसको पैसा नहीं देना चाह रहे हो तुम। हम चाहते तो बिल को रायपुर भेज देते। लेकिन रायपुर से पास नहीं होता, क्योंकि IVF का पैसा नहीं मिलता है। हालांकि, पैसे देने वाला शख्स सामने नहीं आया है, न ही कोई शिकायत दर्ज कराई है।

ड्रेसर किशोर कुमार चौहान के रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा।

ड्रेसर किशोर कुमार चौहान के रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा।

पैसे लेने के बाद ड्रेसर ने सामने खड़े व्यक्ति को दस्तावेज दिया।

पैसे लेने के बाद ड्रेसर ने सामने खड़े व्यक्ति को दस्तावेज दिया।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, 9 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था। इसमें ड्रेसर किशोर कुमार चौहान को मेडिकल रिम्बर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) पास कराने के बदले पैसे लेते हुए देखा गया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, जिसके बाद जांच कर कार्रवाई की गई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने इस मामले को अनुचित आचरण माना है। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी हरकत छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है। सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत ड्रेसर को सस्पेंड किया गया है।

सस्पेंशन के दौरान किशोर कुमार चौहान का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव निर्धारित किया गया है। नियमानुसार, उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। इस कार्रवाई के बाद जिला चिकित्सालय सहित स्वास्थ्य विभाग में चर्चा है।

इसी व्यक्ति ने काम के एवज में रिश्वत दी है।

इसी व्यक्ति ने काम के एवज में रिश्वत दी है।

CMHO बोले- विभागीय जांच भी कराई जाएगी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने कहा कि, सोशल मीडिया में वायरल वीडियो के आधार पर पहली नजर में मामला गंभीर पाया गया। शासकीय सेवक की तरफ से इस प्रकार की अवैध वसूली न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि विभाग की छवि को भी धूमिल करता है।

इसलिए तत्काल प्रभाव से उन्हें सस्पेंड किया गया है। आगे विभागीय जांच भी कराई जाएगी और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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