देश
EPFO New Form: PF खाताधारकों के लिए नया नियम: इनकम टैक्स बचाने के लिए भरना होगा ये फॉर्म, वरना कट जाएगा मोटा पैसा
नई दिल्ली,एजेंसी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees’ Provident Fund Organisation) ने पीएफ खाताधारकों के लिए एक अहम बदलाव किया है। अब 1 अप्रैल 2026 से पुराने फॉर्म 15G और 15H की जगह नया फॉर्म 121 लागू कर दिया गया है। यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जिनकी आय टैक्स के दायरे में नहीं आती और जो टीडीएस (TDS) कटने से बचना चाहते हैं।

क्या है नया बदलाव?
EPFO के निर्देशों के अनुसार अब पीएफ से जुड़ी टैक्स छूट के लिए फॉर्म 15G और 15H की जगह केवल फॉर्म 121 ही मान्य होगा। हालांकि, यदि किसी ने 1 अप्रैल 2026 के बाद भी 15G या 15H जमा किया है, तो उसे तुरंत खारिज नहीं किया जाएगा। लेकिन बाद में नया फॉर्म 121 जमा करना अनिवार्य होगा।
कौन-कौन भर सकेंगे फॉर्म 121
बता दें कि नया फॉर्म 121 हर नौकरीपेशा शख्स के लिए नहीं है। बल्कि सिर्फ भारत में रहने वाले 60 साल से कम उम्र के नौकरीपेशा या इससे ज्यादा उम्र के बिजनेसमैन ही यह फॉर्म भर जाएंगे। HUF यानी हिंदू अविभाजित परिवार और अन्य पात्र लोग ही यह फॉर्म भर जाएंगे। बशर्ते उनकी कुल अनुमानित आय इनकम टैक्स के दायरे में न हो। इसके साथ ही जरूरी शर्त यह है कि आवेदक की कुल अनुमानित आय इनकम टैक्स की सीमा से कम हो।
फॉर्म 121 को कौन नहीं भर सकते
बता दें कि EPFO का फॉर्म 121 कंपनियों और फर्म NRI (गैर-निवासी) नहीं भर पाएंगे। आसान भाषा में कहें तो फॉर्म 121 सेल्फ-डिक्लेरेशन (स्व-घोषणा) फॉर्म है, जिसमें बताया जाता है कि कुल इनकम टैक्स लिमिट से कम है।
क्या है फॉर्म 121 की खासियत?
नए फॉर्म को पहले से अधिक आसान और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया गया है। हर फॉर्म के साथ एक यूनिक आईडी नंबर (UIN) दिया जाएगा, जिसमें सीरियल नंबर, टैक्स वर्ष और TAN जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी। इससे रिकॉर्ड रखना और ट्रैक करना भी आसान होगा।
क्यों है यह बदलाव महत्वपूर्ण?
यह नया सिस्टम प्रक्रिया को सरल बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया है। इससे टैक्स से जुड़े मामलों में भ्रम कम होगा और योग्य लोगों को बिना परेशानी के राहत मिल सकेगी।

देश
‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

थरुर ने अपने भाषण में कहा
शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”


थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ ब्लास्ट हादसा: धमाके में 20 श्रमिकों की मौत के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन, कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
सक्ती,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सक्ती जिले में वेदांता के विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत की घटना के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया, ”डाभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धमाका 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दाब वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए। ठाकुर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यदि जांच के दौरान और लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम भी प्राथमिकी में जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट सहित कई रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धमाके के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ”सभी रिपोर्ट मिलने के बाद, अगर जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी में और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।” इस घटना के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी।

देश
अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार मिलें: प्रधानमंत्री मोदी
नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को लोकसभा के सभी सदस्यों से महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में मतदान करने और ऐसा कुछ भी नहीं करने की अपील की जिससे देश की ‘नारी शक्ति’ की भावनाएं आहत हों। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पर मतदान से कुछ समय पहले मोदी ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है और अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें।


संसद के निचले सदन के सदस्य निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और प्रस्तावित महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लागू करने के लिए लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाकर 816 करने के लिए परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर भी मतदान करेंगे। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”अब से कुछ समय बाद लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं अपील करता हूं कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें।”

मोदी ने अपील की, ”मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारी शक्ति की भावनाएं आहत हों।” उन्होंने कहा कि देश की नारी शक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा, ”मैं सभी सांसदों से कहूंगा आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए। ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगी देश का लोकतंत्र और सशक्त होगा।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”आइए हम मिलकर आज इतिहास रचें। भारत की नारी को देश की आधी आबादी को उसका हक दें।”

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